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अनामिका (हिंदी कवयित्री)
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अनामिका हिंदी की कवयित्री हैं। उन्हें हिंदी कविता में अपने विशिष्ट योगदान के कारण साहित्य अकादमी पुरस्कार 2020 से सम्मानित भी किया गया, राजभाषा परिषद् पुरस्कार, साहित्य सम्मान, भारतभूषण अग्रवाल एवं केदार सम्मान पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। सन् 2021 में उनको उनके 'टोकरी में दिगन्त' नाामक काव्य संग्रह के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार भी प्रदान किया गया।
जन्म : 17 अगस्त 1961, मुजफ्फरपुर (बिहार) शिक्षा : दिल्ली विश्वविद्यालय से अँग्रेजी साहित्य में एम॰ए॰, पी॰एचडी॰। डी॰ लिट्। अध्यापन- अँग्रेजी विभाग,सत्यवती कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय।
आधुनिक समय में हिन्दी भाषा की प्रमुख कहानीकार और उपन्यासकार हैं। समकालीन हिन्दी कविता की चंद सर्वाधिक चर्चित कवयित्रियों में वे शामिल की जाती हैं। प्रख्यात आलोचक डॉ॰ मैनेजर पांडेय के अनुसार "भारतीय समाज एवं जनजीवन में जो घटित हो रहा है और घटित होने की प्रक्रिया में जो कुछ गुम हो रहा है, अनामिका की कविता में उसकी प्रभावी पहचान और अभिव्यक्ति देखने को मिलती है।" वहीं दिविक रमेश के कथनानुसार "अनामिका की बिंबधर्मिता पर पकड़ तो अच्छी है ही, दृश्य बंधों को सजीव करने की उनकी भाषा भी बेहद सशक्त है।"
कृति
कविता संग्रह : गलत पते की चिट्ठी, बीजाक्षर, अनुष्टुप, समय के शहर में, खुरदुरी हथेलियाँ, दूब धान .
आलोचना : पोस्ट -एलियट पोएट्री, स्त्रीत्व का मानचित्र , तिरियाचरित्रम, उत्तरकाण्ड, मन मांजने की जरूरत, पानी जो पत्थर पीता है।
शहरगाथा : एक ठो शहर, एक गो लड़की
कहानी संग्रह : प्रतिनायक
उपन्यास : अवांतरकथा, पर कौन सुनेगा, दस द्वारे का पिंजरा, तिनका तिनके पास
अनुवाद : नागमंडल (गिरीश कर्नाड), रिल्के की कवितायेँ , एफ्रो- इंग्लिश पोएम्स, अटलांट के आर-पार (समकालीन अंग्रेजी कविता), कहती हैं औरतें ( विश्व साहित्य की स्त्रीवादी कविताएँ ) जून 2020 InternetArchiveBot
सन्दर्भ
श्रेणी:हिन्दी साहित्यकार