Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

जमलोकी

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

Location in Uttarakhand, India 30.571805 N 79.044122 E dms inline,title Country India State District Uttarakhand Regional Garhwali IST +5:30 PIN 246471 Rudraprayag Brahmin जमलोकी उत्तराखंड की एक प्रमुख ब्राह्मण जाति है, जो राज्य के रुद्रप्रयाग जनपद की केदार घाटी में स्थित रविग्राम के निवासी हैं। यह समुदाय मुख्य रूप से प्राचीन धार्मिक परंपराओं, धार्मिक कर्तव्यों और मंदिरों की सेवा के लिए प्रसिद्ध है। thumb|center|440x440px|माँ नान्तोली देवी का मंदिर इतिहास और वंश यह मान्यता है कि गाँव में सर्वप्रथम रवि सागर नामक एक व्यक्ति आए थे जिनके वंशज जमलोकी कहलाए। यह वंश परंपरागत रूप से वेद शास्त्रों के ज्ञाता और कई महत्वपूर्ण मंदिरों में पूजा-अर्चना के अधिकारी माने जाते हैं। 100 - 150 वर्ष पहले तक जमलोकी ब्राह्मण केदारनाथ, गौरीकुंड और त्रियुगीनारायण के साथ 22 मठों के मठाधीश भी थे। जिनमें से एक चमोली में स्थित अनसुया माता का मंदिर भी है, और वहां आज भी जमलोकी लोगों की भूमि तथा उनके आवास के अवशेष (खंडहर) भी हैं। धार्मिक भूमिका त्रियुगी नारायण मंदिर के मुख्य पुजारी जमलोकी ब्राह्मण ही हैं। जमलोकी केदारनाथ मंदिर के लक्ष्मीनारायण के पुजारी तथा केदारनाथ नगर के यज्ञ पुरोहित भी हैं। संवत 1721 में टिहरी नरेश प्रदीप शाह ने तप्तकुंड की पूजा का अधिकार रविग्राम के जमलोकी ब्राह्मणों को दिया था। स्थानीय मंदिर और प्रकृति जमलोकी ब्राह्मणों के इष्टदेव भैरवनाथ हैं, जिनका मंदिर गाँव के मध्य में है। माँ नान्तोली क्षेत्र की आराध्य देवी हैं जिनका मंदिर रविग्राम से लगभग 1 किमी ऊपर स्थित है। वहाँ से केदारनाथ पर्वत, गंगोत्री हिल्स, चौखंबा और मंदार शिखर जैसे हिमाच्छादित पर्वत दृष्टिगोचर होते हैं। मंदिर के ऊपर नागताल नामक झील स्थित है। https://gaontaklive.com/nagtal-situated-in-the-lap-of-nature-kuldeep-rawat-has-immense-possibilities-of-tourism/ संग्रहीत प्रति 7 अक्तूबर 2025 11 अगस्त 2025 https://web.archive.org/web/20250811004432/https://gaontaklive.com/nagtal-situated-in-the-lap-of-nature-kuldeep-rawat-has-immense-possibilities-of-tourism/ dead प्रमुख योगदान व्रती बाबा (मायाराम जमलोकी) — कालीमठ के प्रसिद्ध संत और शिक्षण संस्थानों के संस्थापक। आचार्य धर्मानंद जमलोकी — गढ़वाली में मेघदूत का अनुवाद ('मेघदूत छान्दानुवाद', 1971)। श्रीधर जमलोकी — प्रसिद्ध गढ़वाली कवि और रचनाकार। नरेंद्र जमलोकी — केदारघाटी के समाजसेवी और पत्रकार। बाहरी कड़ियाँ काफलट्री - त्रियुगीनारायण मंदिर दिव्य हिमाचल - त्रियुगीनारायण मंदिर यूके न्यूज़ नेटवर्क - केदारघाटी स्रोत