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लुई द ब्रॉई
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लुई द ब्रॉय Broglie Big.jpg Louis de Broglie fr द्येप, फ़्रांस लुवस्यैन, फ़्रांस 15 अगस्त 1892 19 मार्च 1987 पैरिस विश्वविद्यालय पदार्थ तरंग, इलेक्ट्रॉनों की तरंग प्रकृति भौतिकी में नोबेल पुरस्कार कलिंग पुरस्कार भौतिकी
लुई द ब्रॉय (fr Louis de Broglie no, जन्म 15 अगस्त 1892 – 19 मार्च 1987) एक फ़्रांसीसी भौतिकी वैज्ञानिक और नोबेल पुरस्कार विजेता थे। उन्होंने १९२४ में सारे पदार्थों के तरंग-कण द्विरूप होने का दावा किया था और उसके लिए गणित विकसित किया था। यह भविष्यवाणी आगे चलकर प्रयोगों में सिद्ध हो गयी। वह कलिंग पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता थे।
परिचय
लूई विक्टर द ब्रॉय का जन्म फ्रांस के दिएप नगर में हुआ था। इन्होंने १९०१ ईo में पैरिस विश्वविद्यालय से इतिहास के स्नातक तथा १९१३ ईo में विज्ञान के स्नातक की उपाधि प्राप्त की।
सन् १९२४ में ब्रॉय ने डाक्टर की उपाधि के लिये अपना शोधप्रबंध उपस्थित किया, जिसका शीर्षक था 'क्वांटम सिद्धांत संबंधी गवेषणाएँ'। १९२९ ईo में ब्रॉय को नोबेल पुरस्कार मिला और उसी वर्ष फ्रांसीसी वैज्ञानिक अकादमी ने इन्हें प्वाँकरे पदक प्रधान किया। १९३३ ईo में ये उस अकादमी के सभासद भी निर्वाचित हो गए और १९४२ ईo में उसके स्थायी मंत्री भी नियुक्त हो गए। सन् १९२८ में प्वाँकरे इंस्टिट्यूट में सैद्धांतिक भौतिकी के प्रधानाध्यापक नियुक्त हुए। इन्हीं के प्रयास से यह संस्था समकालीन भौतिक सिद्धांतों के अध्ययन के लिये एक केंद्र बन गई। ब्रॉय ने परमाणविक कणिकाओं तथा प्रकाश-विज्ञान पर महत्वपूर्ण वैज्ञानिक पुस्तकें प्रकाशित की हैं। सन् १९४५ में फ्रांसीसी सरकार ने पारमाणिक ऊर्जा के उच्च आयोग की स्थापना की और ब्रॉय को उसका तकनीकी परामर्शदाता नियुक्त किया। साहित्यिक कार्य के कारण १९४५ ईo में ये फ्रांसीसी अकादमी के सदस्य निर्वाचित हुए। ये फ्रांसीसी लेखकसंघ के सम्मानित सभापति रहे और १९५२ ईo में इन्हें वैज्ञानिक लेखन की उत्कृष्टता के लिये कलिंग प्रतिष्ठान द्वारा प्रदत्त प्रथम पुरस्कार मिला था।
प्रत्येक गतिशील कण के साथ इन्होंने एक आनुषंगिक तरंग की कल्पना की। जिन कणों का द्रव्यमान प्रेक्षणग्राह्य परिणाम का होता है और जिनका अध्ययन चिरप्रतिष्ठित यांत्रिकी से किया जाता है उनमें से कणिकाओं के गुणों का ही लगभग पूर्ण प्राधान्य रहता है, किंतु परमाणुस्तरीय कणिकाओं में तरंगीय गुण प्रमुख हो जाते हैं। इन सिद्धांतों का प्रायोगिक सत्यापन बेल टेलिफोन की प्रयोगशालाओं में कुछ अमरीकी भौतिक वैज्ञानिकों ने किया। इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन के सदृश पारमाणविक कणिकाओं में उनकी आनुषंगिक तरंगों के कारण प्रकाश और एक्स किरणों के समान ही विवर्तन की घटनाओं का प्रायोगिक अध्ययन किया। बाद में इन्हीं विचारों का व्यावहारिक उपयोग चुंबकीय लेंसों के विकास में हुआ, जिनपर इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी आधारित है।
इन्हें भी देखें
तरंग-कण द्विरूप
नोबेल पुरस्कार विजेताओं की सूची
श्रेणी:फ़्रांसीसी वैज्ञानिक
श्रेणी:हिन्दी विकि डीवीडी परियोजना
श्रेणी:1892 में जन्मे लोग
श्रेणी:नोबेल पुरस्कार विजेता भौतिक विज्ञानी
श्रेणी:१९८७ में निधन