411 REFERENCE · Wikipedia
मुड़मा जतरा
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
मुड़मा जतरा झारखंड राज्य में आयोजित होने वाला वार्षिक आदिवासी मेला है, जिसका आयोजन दशहरा के दसवें दिन किया जाता है। यह राँची से लगभग 28 किलोमीटर दूर राँची-डलटेनगंज मार्ग पर स्थित मुड़मा गांव में आयोजित होता है।https://hi.unionpedia.org/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%AE%E0%A4%BE_%E0%A4%9C%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE मुड़मा जतरा, the Glossary hi.unionpedia.org hi 2023-02-14मई 2026 InternetArchiveBot
इतिहास
इस मेले के आरंभ की कोई लिखित प्रामाणिक जानकारी उपल्ब्ध नहीं है लेकिन लोकगीतों एवं किवदंतियों के अनुसार यह मेला उराँव आदिवासी जनजाति के पलायन से जोड़कर देखा जाता है,https://www.mekostudy.com/2020/11/What-is-the-jatra-What-happens-in-the-zatra%20.html जतरा क्या है? जतरा में क्या होता हैं? What is the Jatara ? What happens in the zatra? - Meko study notes 2020-11-12 web.archive.org 2023-02-14 12 नवंबर 2020 https://web.archive.org/web/20201112184033/https://www.mekostudy.com/2020/11/What-is-the-jatra-What-happens-in-the-zatra%20.html dead जतरा वह स्थान होता है जहां लोग किसी पर्व-त्यौहार के अवसर पर इकट्ठा होते हैं।
छोटनागपुर के इतिहास के अनुसार जब मुग़लों ने रोहतसगढ़ पर आक्रमण कर अधिकार कर लिया तो वहां रह रहे उराँव समुदाय के लोगों को गढ़ छोड़कर भागना पड़ा था और इसी क्रम में वे सोन नदी पार कर वर्तमान पलामू होते हुए वे राँची ज़िला में प्रवेश किए जहाँ मुड़मा में इनका सामना मुंडा जनजाति के मुड़ाओं (मुखिया) से हुआ। उराँव लोगों की व्यथा सुनकर मुड़ाओं ने उनको पश्चिम वन क्षेत्र की सफ़ाई करके वहां रहने की अनुमति प्रदान की थी। इसलिए उराँव जनजातीय समुदाय के 40 पाड़हा के लोग उस ऐतिहासिक समझौते के स्मृति में ‘मुड़मा जतरा’ को आयोजित करते हैं।https://www.awazlive.com/city/मुड़मा-जतरा-आज-से-झारखंड-ब/ मुड़मा जतरा आज से - झारखंड, बिहार समेत अन्य राज्यों से 5 लाख लोग आएंगे Live Awaz 2022-10-11 Awaz Live en-US 2023-02-14मई 2026 InternetArchiveBot
मेला
इस दिन सरना धर्मगुरु के अगुवाई में 40 पड़हा के पाहान अधिष्ठात्री शक्ति के प्रतीक जतरा खूंटे की परिक्रमा व जतरा खूंटा की पूजा-अर्चना की जाती है।https://www.prabhatkhabar.com/state/jharkhand/ranchi/mudma-jatra-from-october-11-union-minister-arjun-munda-inaugurate-monitored-by-drone-grj झारखंड में मुड़मा जतरा 11 अक्टूबर से, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा करेंगे उद्घाटन, सुरक्षा के कड़े इंतजाम Prabhat Khabar hi 2023-02-14https://www.jagran.com/jharkhand/ranchi-twoday-historical-mudma-jatra-started-worship-of-shakti-pegged-22137321.html दो दिवसीय ऐतिहासिक मुड़मा जतरा शुरू, शक्ति खूंटा की हुई पूजा Dainik Jagran hi 2023-02-14
पाड़हा झंडे के साथ मेला स्थल पहुंचे पाहन (पुजारी) ढोल, नगाड़ा, मांदर के थाप अन्य ग्रामीणों के साथ नाचते-गाते आते हैं और मेला स्थल पर पाहन पारम्परिक रूप से सरगुजा के फूल सहित अन्य पूजन सामग्रियों के साथ देवताओं का आहवाहन करते हुए ‘जतरा खूँटा’ का पूजन करता है एवं प्रतीक स्वरूप दीप भी जलाया जाता है। इस पूजन में सफ़ेद एवं काला मुर्ग़ा की बलि भी चढ़ाई जाती है। इस प्रकार मेला का आरम्भ किया जाता है।http://currentkhabar.org/60832/ राजकीय परंपरागत ऐतिहासिक मुड़मा जतरा (मेला) 2022 के समापन समारोह में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन। 2022-10-12 CURRENT KHABAR en-US 2023-02-14 14 फ़रवरी 2023 https://web.archive.org/web/20230214235807/http://currentkhabar.org/60832/ dead मेले मे शामिल लोग रल्पा चल्पा, बाघ, घोड़ा, हाथी, मगरमच्छ, नाव, शेर, मछली, तेंगरा, छाता सहित अन्य समुदायिक प्रतिक चिन्हों के साथ आते हैं और गाजे बाजे के साथ घंटों नाचते हैं। इसके बाद शक्ति स्थल की परिक्रमा भी किया जाता है।
सरना धर्मगुरु के अनुसार यह आदिवासियों का शक्ति पीठ है। मुड़मा गांव उरांव तथा मुंडा आदिवासी समुदायों का मिलन स्थल भी है। इस मेले सभी समुदाय के लोग आते हैं और सुख-समृद्धि व शांति की कामना करते हैं।
सन्दर्भ
श्रेणी:भारत में मेले
श्रेणी:भारत के मेले
श्रेणी:झारखंड