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जगद्गुरु रामभद्राचार्य ग्रंथसूची
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रामभद्राचार्य Ramabhadracharya Works - Collage.jpg 250px रामभद्राचार्य के कुछ ग्रन्थों के आवरण पृष्ठ रामभद्राचार्य द्वारा लिखित कुछ पुस्तकें २८ पद्य २ अभिनय ऑडियो और वीडियो ५ ऑडियो और वीडियो १९ टीकाएँ गद्य turquoise ६ समालोचनाएँ समालोचनाएँ orange ९ प्रवचन प्रवचन chartreuse Yes सन्दर्भ
जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य (जगद्गुरु रामभद्राचार्य अथवा स्वामी रामभद्राचार्य के रूप में अधिक प्रसिद्ध) चित्रकूट धाम, भारत के एक हिंदू धार्मिकनेता, शिक्षाविद्, संस्कृतविद्वान, बहुभाषाविद, कवि, लेखक, टीकाकार, दार्शनिक, संगीतकार, गायक, नाटककार और कथाकलाकार हैं। उनकी रचनाओं में कविताएँ, नाटक, शोध-निबंध, टीकाएँ, प्रवचन और अपने ग्रंथों पर स्वयं सृजित संगीतबद्ध प्रस्तुतियाँ सम्मिलित हैं। वे २५० से अधिक साहित्यिक कृतियों की रचना कर चुके हैं, जिनमें प्रकाशित पुस्तकें और अप्रकाशित पांडुलिपियां, चार महाकाव्य,संस्कृत और हिंदी में दो प्रत्येक। तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस पर एक हिंदी भाष्य,अष्टाध्यायी पर पद्यरूप में संस्कृत भाष्य और प्रस्थानत्रयी शास्त्रों पर संस्कृत टीकाएँ शामिल हैं।कांत प्रदीप कुमार अनिल Writ Petition No. 8023 (MB) of 2008: Shiv Asrey Asthana and others Vs Union of India and others इलाहाबाद उच्चन्यायालय (लखनऊ पीठ) http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1423192 १९ मई २०११ २९ सितम्बर २०११ लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारतदिनकर २००८, प्रप्र. ४०–४३.उनकी रचनाओं के अनेक ऑडियो और वीडियो भी जारी हो चुके हैं। वह संस्कृत, हिंदी, अवधी, मैथिली और कई अन्य भाषाओं में लिखते हैं। के. के. बिरला संस्थान वाचस्पति पुरस्कार २००७ http://www.kkbirlafoundation.com/downloads/pdf/vach-2007.pdf ८ मई २०११ https://web.archive.org/web/20110713154542/http://www.kkbirlafoundation.com/downloads/pdf/vach-2007.pdf 13 जुलाई 2011 dead दिनकर २००८, प्र. ३९.लोक सभा अध्यक्ष कार्यालय Speeches अंग्रेज़ी http://speakerloksabha.nic.in/Speech/SpeechDetails.asp?SpeechId=195 मार्च ८, २०११ Swami Rambhadracharya, ..., is a celebrated Sanskrit scholar and educationist of great merit and achievement. ... His academic accomplishments are many and several prestigious Universities have conferred their honorary degrees on him. A polyglot, he has composed poems in many Indian languages. He has also authored about 75 books on diverse themes having a bearing on our culture, heritage, traditions and philosophy which have received appreciation. A builder of several institutions, he started the Vikalanga Vishwavidyalaya at Chitrakoot, of which he is the lifelong Chancellor. (स्वामी रामभद्राचार्य, ...., बहुमुखी प्रतिभा और उपलब्धियों के धनी एक प्रतिष्ठित संस्कृत विद्वान् और शिक्षाविद् हैं। ... आपकी अनेक शैक्षणिक उपलब्धियाँ हैं और कई माननीय विश्वविद्यालयों ने आपको मानद उपाधियाँ प्रदान की हैं। आप एक बहुभाषाविद् हैं और आपने अनेक भारतीय भाषाओं में काव्य रचे हैं। आपने विविध विषयवस्तु वाली ७५ पुस्तकें रची हैं, जिन्होंने हमारी संस्कृति, धरोहर और परम्पराओं पर छाप छोड़ी है और जिन्हें सम्मान प्राप्त हुआ है। आपने कई संस्थानों के साथ चित्रकूट में विकलांग विश्वविद्यालय की स्थापना की है, जिसके आप आजीवन कुलाधिपति हैं।) https://web.archive.org/web/20110721174235/http://speakerloksabha.nic.in/Speech/SpeechDetails.asp?SpeechId=195 21 जुलाई 2011 live
श्रीभार्गवराघवीयम् उनकी अत्यन्त प्रसिद्ध रचना है, जिसके लिए उन्हें संस्कृत साहित्य अकादमी पुरस्कार समेत अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।[6]। Sahitya Akademi Awards 2005 २००५ भारतीय राष्ट्रीय पोर्टल http://india.gov.in/knowindia/sakademi_awards05.php २४ अप्रैल २०११ https://web.archive.org/web/20110409185243/http://india.gov.in/knowindia/sakademi_awards05.php 9 अप्रैल 2011 live प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया डीएनए इंडिया Kolatkar, Dalal among Sahitya Akademi winners http://www.dnaindia.com/india/report_kolatkar-dalal-among-sahitya-akademi-winners_1003524 २२ दिसम्बर २००५ २४ जून २०११ https://web.archive.org/web/20120324185345/http://www.dnaindia.com/india/report_kolatkar-dalal-among-sahitya-akademi-winners_1003524 24 मार्च 2012 live उन्हें महाकवि तथा कविकुलरत्न आदि अनेक साहित्यिक उपाधियों से भी अलंकृत किया जा चुका है।नागर २००२, प्र. १८३.चन्द्र २००८, प्र. २१.
उनकी प्रमुख साहित्यिक और संगीतमय रचनाएँ, शैलियों के आधार पर विभिन्न समूहों में, नीचे सूचीबद्ध हैं।नागर २००२, प्रप्र. ८९–९०.
पद्य
महाकाव्य
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वर्षशीर्षकभाषाप्रकाशक सारांश टिप्पणीयां१९९४अरुन्धतीहिन्दीश्री राघव साहित्य प्रकाशन निधि, हरिद्वारऋषिदम्पती अरुन्धती और वसिष्ठ के जीवन पर १५ सर्गों में विभक्त १२७९ पदों में रचित महाकाव्य।रामभद्राचार्य १९९४, प्रप्र. iii —vi.२००२श्रीभार्गवराघवीयम्संस्कृतजगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांगविश्वविद्यालय४० संस्कृत और प्राकृत छन्दों में २१२१ श्लोकों में रचित महाकाव्य, प्रत्येक १०१ श्लोकों के २१ सर्गों में विभक्त, कवि द्वारा ही रचित हिंदी टीका के साथ। संस्कृत साहित्य अकादमी पुरस्कार, रामकृष्ण जयदयाल डालमिया श्रीवाणी अलंकरण, बाणभट्ट पुरस्कार एवं वाचस्पति पुरस्कार से अलंकृत।विशेष संवाददाता द हिंदू Selected for Birla Foundation awards २० फ़रवरी २००८ २४ जून २०११ http://www.hindu.com/2008/02/20/stories/2008022051411300.htm https://web.archive.org/web/20120508162811/http://www.hindu.com/2008/02/20/stories/2008022051411300.htm 8 मई 2012 live विशेष संवाददाता द हिंदू K.K. Birla Foundation awards presented १९ अप्रैल २००८ http://www.hindu.com/2008/04/19/stories/2008041954260500.htm २४ जून २०११ https://web.archive.org/web/20120508141825/http://www.hindu.com/2008/04/19/stories/2008041954260500.htm 8 मई 2012 live २०१०अष्टावक्रहिंदीजगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांगविश्वविद्यालयप्रत्येक १०८ पद के ८ सर्गों में विभाजित ८६४ पदों में रचित महाकाव्य। रचना ऋषि अष्टावक्र को विकलांगों के ध्वजावाहक के रूप में प्रस्तुत करते हुए उनकी जीवन गाथा का वर्णन करती है। अष्टावक्र महाकाव्य जगद्गुरु रामभद्राचार्य जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांगविश्वविद्यालय चित्रकूट, उत्तर प्रदेश, भारत १४ जनवरी २०१०दैनिक भास्कर वक्ताओं ने कही अपनी बात http://bollywood2.bhaskar.com/article/MP-OTH-997126-1582386.html २५ नवम्बर २०१० ९ अप्रैल २०११ https://web.archive.org/web/20120402090650/http://bollywood2.bhaskar.com/article/MP-OTH-997126-1582386.html 2 अप्रैल 2012 dead २०११गीतरामायणम्संस्कृतजगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांगविश्वविद्यालयपारम्परिक लोक संगीत और शास्त्रीय संगीत की धुनों पर आधारित संस्कृत गीतपरक महाकाव्य, जो रामायण की कथा को १००८ संस्कृत गीतों में प्रस्तुत करता है। ३६ गीतों वाले २८ सर्गों में विभक्त। सुरेन्द्र शर्मा सुशील सुशील सुरेन्द्र शर्मा अभिराज राजेंद्र मिश्रा गीतरामायणप्रशस्तिः १४ ९ श्री तुलसी पीठ सौरभ श्री तुलसी पीठ सेवा न्यास गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश, भारत फ़रवरी २०११ १४
खण्डकाव्य
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वर्षशीर्षकभाषाप्रकाशक सारांश टिप्पणीयां१९८०काका विदुरहिन्दीश्री गीता ज्ञान मंदिर, राजकोटमहाभारत के पात्र विदुर पर रचित खण्डकाव्य।१९८०मुकुन्दस्मरणम्संस्कृतश्री गीता ज्ञान मंदिर, राजकोटभगवान श्रीकृष्ण की प्रशंसा में दो खंडों में रचित खण्डकाव्य।१९८२माँ शबरीहिन्दीगिरिधर कोशलेन्द्र चिन्तन समिति, दरभंगारामायण के पात्र शबरी पर रचित खण्डकाव्य।१९९६आजादचन्द्रशेखरचरितम्संस्कृतश्री तुलसी पीठ सेवा न्यासभारतीय स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आज़ाद के जीवनकाल और कृत्यों पर रचित संस्कृत खण्डकाव्य, डॉ॰ गीता देवी मिश्रा के हिन्दी भाष्य सहित।२०००सरयूलहरीसंस्कृतश्री तुलसी पीठ सेवा न्यासअयोध्या में प्रवाहमान सरयू नदी की प्रशंसा में रचित खण्डकाव्य।२००१लघुरघुवरम्संस्कृतश्री तुलसी पीठ सेवा न्याससंस्कृत के लघु वर्णों में रचित राम के शिशु रूप की झाँकियों को प्रस्तुत करने वाला खण्डकाव्य।२००४भृंगदूतम्संस्कृतजगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांगविश्वविद्यालयदो भागों में विभक्त और मन्दाक्रान्ता छन्द में बद्ध ५०१ श्लोकों में रचित संस्कृत दूतकाव्य। दूतकाव्यों में कालिदास का मेघदूतम्, वेदान्तदेशिक का हंससन्देशः और रूप गोस्वामी का हंसदूतम् सम्मिलित हैं। भृंगदूतम् में किष्किन्धा में प्रवर्षण पर्वत पर रह रहे राम का एक भँवरे के माध्यम से लंका में रावण द्वारा अपहृत सीता को भेजा गया सन्देश वर्णित है। भृंगदूतम् (संस्कृत खण्ढकाव्यम्) स्वामी रामभद्राचार्य जगद्गुरु रामभद्राचार्य जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांगविश्वविद्यालय चित्रकूट, उत्तर प्रदेश, भारत अगस्त ३०, २००४
पत्रकाव्य
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वर्षशीर्षकभाषाप्रकाशक सारांश टिप्पणीयां२००३कुब्जापत्रम्संस्कृतजगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांगविश्वविद्यालयपत्रकाव्य; कृष्ण को कुब्जा द्वारा प्रेषित पत्र जिसका प्रकरण भागवत पुराण में वर्णित है।
गीतकाव्य
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वर्षशीर्षकभाषाप्रकाशक सारांश टिप्पणीयां१९९१राघवगीतगुंजनहिन्दीश्री राघव साहित्य प्रकाशन निधि, हरिद्वारगीतपरक काव्य।१९९३भक्तिगीतसुधाहिन्दीश्री राघव साहित्य प्रकाशन निधि, हरिद्वारभगवान राम और कृष्ण पर रचित ४३८ गीतों का संग्रह।
रीतिकाव्य
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वर्षशीर्षकभाषाप्रकाशक सारांश टिप्पणीयां२००८श्रीसीतारामकेलिकौमुदीहिन्दी१०९ पदों के तीन भागों में विभक्त प्राकृत के छः छन्दों में बद्ध ३२७ पदों में विरचित हिन्दी (ब्रज, अवधी और मैथिली) रीतिकाव्य। काव्य का वर्ण्यविषय बालरूप राम और सीता की लीलाएँ हैं।१६ अगस्त २००८ श्रीसीतारामकेलिकौमुदी स्वामी रामभद्राचार्य जगद्गुरु रामभद्राचार्य जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांगविश्वविद्यालय चित्रकूट, उत्तर प्रदेश, भारत
शतककाव्य
‡अप्रकाशित पांडुलिपि। *अदिनांकित।
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वर्षशीर्षकभाषाप्रकाशक सारांश टिप्पणीयां१९९७श्रीरामभक्तिसर्वस्वम्संस्कृतश्री तुलसी पीठ सेवा न्यास १०० श्लोकों में रचित संस्कृत काव्य जिसमें रामभक्ति का सार वर्णित है।–आर्याशतकम् ‡*संस्कृत—आर्या छन्द में १०० श्लोकों में रचित संस्कृत काव्य।–चण्डीशतकम् ‡*संस्कृत—चण्डी को अर्पित १०० श्लोकों में रचित संस्कृत काव्य।–<div style="text-align: center;">राघवेन्द्रशतकम् ‡*संस्कृत—राम की स्तुति में १०० श्लोकों में रचित संस्कृत काव्य।–गणपतिशतकम् ‡*संस्कृत—गणेश पर १०० श्लोकों में रचित संस्कृत काव्य।–श्रीराघवचरणचिह्नशतकम् ‡*संस्कृत—राम के चरणचिह्नों की प्रशंसा में १०० श्लोकों में रचित संस्कृत काव्य।
स्तोत्रकाव्य
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वर्षशीर्षकभाषाप्रकाशक सारांश टिप्पणीयां१९८७श्रीजानकीकृपाकटाक्षस्तोत्रम्संस्कृतश्री तुलसी पीठ सेवा न्याससीता के कृपा कटाक्ष का वर्णन करता संस्कृत काव्य।१९९२श्रीरामवल्लभास्तोत्रम्संस्कृतश्री राघव साहित्य प्रकाशन निधि, हरिद्वारसीता की प्रशंसा में रचित संस्कृत काव्य।१९९४श्रीगंगामहिम्नस्तोत्रम्संस्कृतश्री राघव साहित्य प्रकाशन निधि, हरिद्वारगंगा नदी की महिमा को प्रस्तुत करने वाला संस्कृत काव्य।१९९५श्रीचित्रकूटविहार्यष्टकम्संस्कृतश्री राघव साहित्य प्रकाशन निधि, हरिद्वारआठ श्लोकों में श्रीराम की स्तुति करता संस्कृत काव्य।२००२श्रीराघवभावदर्शनम्संस्कृतश्री तुलसी पीठ सेवा न्यासआठ शिखरिणीयों में उत्प्रेक्षा अलंकार के माध्यम से राम की उपमा चन्द्रमा, मेघ, समुद्र, इन्द्रनील, तमालवृक्ष, कामदेव, नीलकमल और भ्रमर से प्रस्तुत करता संस्कृत काव्य। कवि द्वारा ही रचित अवधी कवित्त अनुवाद और खड़ीबोली गद्य अनुवाद सहित।
सुप्रभातकाव्य
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वर्षशीर्षकभाषाप्रकाशक सारांश टिप्पणीयां२००९श्रीसीतारामसुप्रभातम्संस्कृतजगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांगविश्वविद्यालयचालीस श्लोकों (८ शार्दूलविक्रीडित, २४ वसन्ततिलक, ४ स्रग्धरा और ४ मालिनी) में रचित संस्कृत सुप्रभात काव्य। कवि द्वारा रचित हिन्दी अनुवाद सहित।संस्कृत १४ जनवरी २००९ श्रीसीतारामसुप्रभातम् जगद्गुरु रामभद्राचार्य चित्रकूट, उत्तर प्रदेश, भारत जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांगविश्वविद्यालय
भाष्यकाव्य
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वर्षशीर्षकभाषाप्रकाशक सारांश टिप्पणीयां१९९७अष्टाध्याय्याः प्रतिसूत्रं शाब्दबोधसमीक्षणम्संस्कृतराष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, नई दिल्ली द्वारा प्रकाश्यमान।अष्टाध्यायी पर पद्यों में रचित संस्कृत भाष्य। विद्यावारिधि शोधकार्य।
अभिनय
नाटककाव्य
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वर्षशीर्षकभाषाप्रकाशक सारांश टिप्पणीयां१९९६श्रीराघवाभ्युदयम्संस्कृतश्री तुलसी पीठ सेवा न्यासराम के अभ्युदय पर संस्कृत में रचित एकांकी नाटक।
नाटक
*अदिनांकित।
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वर्षशीर्षकभाषाप्रकाशक टिप्पणीयां–उत्साह *हिन्दीश्री तुलसी पीठ सेवा न्यास
गद्य
thumb|right|alt=रामभद्राचार्य की कुछ पुस्तकें|रामभद्राचार्य द्वारा रचित कुछ पुस्तकें
प्रस्थानत्रयी पर संस्कृत टीकाएँ
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने प्रस्थानत्रयी (ब्रह्मसूत्र, भगवद्गीता और ११ उपनिषदों) पर श्रीराघवकृपाभाष्यम् नामक संस्कृत टीकाओं की रचना की है। इन टीकाओं का विमोचन १० वैशाखपूर्व १९९८ को भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री, अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा किया गया था।नागर २००२, प्र. ८८.इसके अतिरिक्त उन्होंने नारद भक्ति सूत्र पर १९९१ में श्रीराघवकृपाभाष्यम् टीका की रचना की। रामानंद सम्प्रदाय में प्रस्थानत्रयी पर संस्कृत टीका प्रस्तुत करने वाले रामभद्राचार्य द्वितीय आचार्य हैं, इनसे पूर्व स्वयं रामानंद ने आनन्दभाष्यम् नामक प्रथम टीका की रचना की थी। हज़ारी प्रसाद द्विवेदी ग्रन्थावली ३ द्विवेदी हजारी प्रसाद मुकुन्द द्विवेदी राजकमल प्रकाशन प्रा लि २००७ प्रोष्ठपद १९८१ तीसरा सुधारा और विस्तारित किया नई दिल्ली, भारत 8126713585, 9788126713585 ३१५–३१७इस प्रकार लगभग ६०० वर्षों की कालावधि में प्रस्थानत्रयी पर प्रथम बार संस्कृत टीकाओं को रामभद्राचार्य ने प्रस्तुत किया है।सम्पर्की चित्रकूट जागरण याहू श्री सीता राम विवाह के आनंदित क्षणों मे झूमे भक्त http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_7168843.html १२ जनवरी २०११ १२ जुलाई २०११ हरिद्वार से आये आचार्य चंद्र दत्त सुवेदी ने कहा कि प्रस्थानत्रयी पर सबसे पहले भाष्य आचार्य शंकर ने लिखा और अब वल्लभाचार्य के छह सौ [sic] साल बाद जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी ने लिखा। https://web.archive.org/web/20110922160437/http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_7168843.html 22 सितंबर 2011 dead
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वर्षशीर्षकविषयप्रकाशक टिप्पणीयां१९९८श्रीब्रह्मसूत्रेषु श्रीराघवकृपाभाष्यम्ब्रह्मसूत्रश्री तुलसी पीठ सेवा न्यास१९९८श्रीमद्भगवद्गीतासु श्रीराघवकृपाभाष्यम्भगवद गीताश्री तुलसी पीठ सेवा न्यास१९९८कठोपनिषदि श्रीराघवकृपाभाष्यम्कठ उपनिषद्श्री तुलसी पीठ सेवा न्यास१९९८केनोपनिषदि श्रीराघवकृपाभाष्यम्केनोपनिषदश्री तुलसी पीठ सेवा न्यास१९९८माण्डूक्योपनिषदि श्रीराघवकृपाभाष्यम्माण्डूक्योपनिषदश्री तुलसी पीठ सेवा न्यास१९९८ईशावास्योपनिषदि श्रीराघवकृपाभाष्यम्ईशावास्य उपनिषद्श्री तुलसी पीठ सेवा न्यास१९९८प्रश्नोपनिषदि श्रीराघवकृपाभाष्यम्प्रश्नोपनिषदश्री तुलसी पीठ सेवा न्यास१९९८तैत्तिरीयोपनिषदि श्रीराघवकृपाभाष्यम्तैत्तिरीयोपनिषदश्री तुलसी पीठ सेवा न्यास१९९८ऐतरेयोपनिषदि श्रीराघवकृपाभाष्यम्ऐतरेय उपनिषदश्री तुलसी पीठ सेवा न्यास१९९८श्वेताश्वतरोपनिषदि श्रीराघवकृपाभाष्यम्श्वेताश्वतरोपनिषदश्री तुलसी पीठ सेवा न्यास१९९८<div style="text-align: center;">छान्दोग्योपनिषदि श्रीराघवकृपाभाष्यम्छांदोग्य उपनिषदश्री तुलसी पीठ सेवा न्यास१९९८बृहदारण्यकोपनिषदि श्रीराघवकृपाभाष्यम्बृहदारण्यकोपनिषदश्री तुलसी पीठ सेवा न्यास१९९८मुण्डकोपनिषदि श्रीराघवकृपाभाष्यम्मुण्डकोपनिषद्श्री तुलसी पीठ सेवा न्यास
अन्य संस्कृत टीकाएँ
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वर्षशीर्षकविषयप्रकाशक टिप्पणीयां१९९१श्रीनारदभक्तिसूत्रेषु श्रीराघवकृपाभाष्यम्नारद भक्ति सूत्रश्री तुलसी पीठ सेवा न्यास२०११श्रीरामस्तवराजस्तोत्रे श्रीराघवकृपाभाष्यम्रामस्तवराजस्तोत्रश्री तुलसी पीठ सेवा न्यास
हिंदी टीकाएँ
#अर्धनिर्मित उत्पादन। *अदिनांकित।
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वर्षशीर्षकविषयप्रकाशक टिप्पणीयां१९८३महावीरीहनुमान चालीसा का समालोचनात्मक संस्करण, महावीरी टीका सहितश्री कृष्ण जन्म सेवा संस्थान, मथुरा१९८५श्रीगीतातात्पर्यभगवद्गीताश्री राघव साहित्य प्रकाशन निधि, हरिद्वार२००५भावार्थबोधिनीरामचरितमानसजगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांगविश्वविद्यालय–श्रीराघवकृपाभाष्य#*९ खंडों में रामचरितमानस पर टीका।—
समालोचनाएँ
अप्रकाशित पांडुलिपि।
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वर्षशीर्षकभाषाप्रकाशकसारांश टिप्पणीयां१९८१अध्यात्मरामायणे अपाणिनीयप्रयोगानां विमर्शः संस्कृत—अध्यात्म रामायण में अपाणिनीय प्रयोगों पर विवेचना। पीएचडी शोध - निबंध।१९८२मानस में तापस प्रसंगहिन्दीश्री गीता ज्ञान मंदिर, राजकोटरामचरितमानस के अयोध्या कांड में अज्ञात यति के प्रकरण पर विवेचना।१९८८सनातन धर्म की विग्रहस्वरूप गोमाताहिन्दीश्री राघव साहित्य प्रकाशन निधि, हरिद्वारहिंदू धर्म में गो की स्थिति पर विवेचना।१९८८श्रीतुलसीसाहित्य में कृष्णकथाहिन्दीश्री राघव साहित्य प्रकाशन निधि, हरिद्वारतुलसीदास के कार्यों में कृष्ण के वृत्तांत पर आनुसंधानिक शोध।१९९०सीता निर्वासन नहींहिन्दीश्री राघव साहित्य प्रकाशन निधि, हरिद्वारआलोचना जिसमें तर्क है कि सीता के निर्वासन का प्रकरण रामायण में वाल्मीकि के पश्चात् का प्रक्षेप है।२००७श्रीरासपंचाध्यायीविमर्शःहिन्दीजगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांगविश्वविद्यालयभागवत पुराण के रास पंचाध्यायी अनुभागमें गोपियों के साथ कृष्ण के दिव्य रास का वर्णन करने वाले पाँच अध्यायों पर विवेचना।
प्रवचन
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वर्षशीर्षकभाषासारांशप्रकाशक टिप्पणीयां१९८०भरत महिमाहिन्दीरामायण में भरत की महिमा पर एक ९–दिन का प्रवचन।श्री गीता ज्ञान मंदिर, राजकोट१९८५सुग्रीव का अघ और विभीषण की करतूतिहिन्दीरामायण के २ पात्र सुग्रीव व विभीषण पर एक ९–दिन का प्रवचन।श्री कृष्ण जन्म सेवा संस्थान, मथुरा१९८९मानस में सुमित्राहिन्दीरामचरितमानस के पात्र सुमित्रा पर एक ९–दिन का प्रवचन।श्री राघव साहित्य प्रकाशन निधि, हरिद्वार१९९२प्रभु करि कृपा पाँवरी दीन्हीहिन्दीचित्रकूट में राम द्वारा अपनी पादुकाएँ भरत को सौंपने के रामायण के प्रकरण पर एक ९–दिन का प्रवचन।श्री तुलसी पीठ सेवा न्यास१९९३परम बड़भागी जटायुहिन्दीरामायण के पात्र जटायु पर एक ९–दिन का प्रवचन।श्री राघव साहित्य प्रकाशन निधि, हरिद्वार२००१श्री सीताराम विवाह दर्शनहिन्दीरामचरितमानस में वर्णित सीता और राम विवाह प्रकरण के अभिप्राय पर मार्च १९९९ में दिया गया एक आठ–दिन का प्रवचन।श्री तुलसी पीठ सेवा न्यास२००४तुम पावक मँह करहु निवासाहिन्दीरामचरितमानस में वर्णित अग्नि में सीता के प्रवास के प्रकरण पर सितंबर २००३ में दिया गया एक ९–दिन का प्रवचन।जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांगविश्वविद्यालय२००६अहल्योद्धारहिन्दीराम द्वारा अहल्या की मुक्ति के प्रकरण पर अप्रैल २००० में दिया गया एक ९–दिन का प्रवचन।जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांगविश्वविद्यालय२००८हर ते भे हनुमानहिन्दीहनुमान का शिव के अवतार होने पर अप्रैल २००७ में दिया गया एक ४–दिन का प्रवचन।जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांगविश्वविद्यालय
रामचरितमानस का समालोचनात्मक संस्करण
रामभद्राचार्य का सबसे विवादास्पद कार्य रामचरितमानस का समालोचनात्मक संस्करण था, जो तुलसी पीठ संस्करण के रूप में प्रकाशित किया गया था।Fury in Ayodhya over Ramcharitmanas http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2009-11-01/india/28068936_1_seers-editions-disciples २५ अप्रैल २०११ १ नवम्बर २००९ द टाइम्स ऑफ इंडिया मंजरी मिश्रा वी. एन. अरोरा https://archive.today/20121216080047/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2009-11-01/india/28068936_1_seers-editions-disciples 16 दिसंबर 2012 live उन पर महाकाव्य को विकृत करने का आरोप लगाया गया था,३ नवम्बर २००९ http://hindi.webdunia.com/news/news/regional/0911/03/1091103099_1.htm रामचरित मानस से जुड़ा विवाद गहराया वेबदुनिया २५ अप्रैल २०११ https://web.archive.org/web/20110924103211/http://hindi.webdunia.com/news/news/regional/0911/03/1091103099_1.htm 24 सितंबर 2011 dead लेकिन रामभद्राचार्य द्वारा इस संस्करण के प्रकाशन से किसी को कष्ट पहुँचने पर खेद जताने पर यह विवाद शांत हो गया।९ नवम्बर २००९ http://hindi.webdunia.com/news/news/regional/0911/09/1091109004_1.htm रामभद्राचार्य के खेद जताने से संत पड़े ठंडे वेबदुनिया २५ अप्रैल २०११ https://web.archive.org/web/20110924103313/http://hindi.webdunia.com/news/news/regional/0911/09/1091109004_1.htm 24 सितंबर 2011 dead उनके खिलाफ एक याचिका भी दायर की गई थी, लेकिन उसे अदालत ने खारिज कर दिया था। यह संस्करण २००५ में श्री तुलसी पीठ सेवा न्यास द्वारा प्रकाशित किया गया था।
ऑडियो और वीडियो
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वर्षशीर्षकभाषाप्रकाशक सारांश टिप्पणीयां२००१भजन सरयूहिन्दीयूकी कैसेट्स, दिल्लीराम को समर्पित आठ भजनों की ऑडियो सीडी। रामभद्राचार्य द्वारा रचित, सुर-बद्ध और गायी गई है।रामभद्राचार्य, स्वामी (गीतकार, संगीतकार और गायक) २००१ YCD-११९ भजन सरयू सीडी यूकी कैसेट्स दिल्ली, भारत२००१भजन यमुनाहिन्दीयूकी कैसेट्स, दिल्लीकृष्ण को समर्पित सात भजनों की ऑडियो सीडी। रामभद्राचार्य द्वारा रचित, सुर-बद्ध और गायी गई है।रामभद्राचार्य, स्वामी (गीतकार, संगीतकार और गायक) २००१ YCD-120 भजन यमुना सीडी यूकी कैसेट्स दिल्ली, भारत२००९श्री हनुमत् भक्तिहिन्दीकुबेर म्यूजिक, नव दिल्लीहनुमान को समर्पित और तुलसीदास द्वारा रचित छह भजनों की ऑडियो सीडी। रामभद्राचार्य द्वारा सुर-बद्ध और गायी गई है।रामभद्राचार्य, स्वामी (संगीतकार और गायक) २००९ KMCN-१३ श्री हनुमत् भक्ति सीडी कुबेर म्यूजिक नव दिल्ली, भारत२००९श्रीसीतारामसुप्रभातम्संस्कृतयूकी कैसेट्स, दिल्लीसुप्रभात काव्य की ऑडियो सीडी। रामभद्राचार्य द्वारा रचित, सुर-बद्ध और वैरागी राग में गाया गया।रामभद्राचार्य, स्वामी (गीतकार, संगीतकार और गायक) २००९ YCD-१५५ श्रीसीतारामसुप्रभातम् CD संस्कृत सीता तथा राम का सुंदर सवेरा यूकी कैसेट्स दिल्ली, भारत२००९सुन्दर काण्डहिन्दीयूकी कैसेट्स, दिल्लीरामचरितमानस के सुन्दर काण्ड पर टीका की संगीतमय प्रस्तुति पर डीवीडी। रामभद्राचार्य द्वारा वाचित, सुर-बद्ध एवं गायित।रामभद्राचार्य, स्वामी (गीतकार, संगीतकार और गायक) २००९ DVD-२०२० सुन्दर काण्ड डीवीडी हिन्दी यूकी कैसेट्स दिल्ली, भारत
पादटीका
टीका
सन्दर्भ
टिप्पणियाँ
4
सन्दर्भग्रंथ सूची
दिनकर
डॉ॰ वागीश
श्रीभार्गवराघवीयम् मीमांसा
देशभरती प्रकाशन
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The Holy Journey of a Divine Saint: Being the English Rendering of Swarnayatra Abhinandan Granth
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बाहरी कड़ियाँ
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