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411 समाचार
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लू लगना

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लू_लगना The British Army in the Middle East 1943 E26027.jpg हीट स्ट्रोक वाले व्यक्ति को पानी से ठंडा किया जाता है आपातकालीन दवा और प्राथमिक चिकित्सा लू लगना, आतप ज्वर, ऊष्मा-मूर्छा मार्च से जुलाई तक ( इस महीने तक गर्मी अपनी चरम सीमा पर होती) (हीट स्ट्रोक या सन स्ट्रोक) शरीर की वह रुग्ण अवस्था है जिसमें गरमी के कारण शरीर का तापमान 40.0 डिग्री सेल्सियस (104.0 डिग्री फारेनहाइट) के पास पहुँच जाता है और मन में उलझन की स्थ्ति रहती है। यह स्थिति एकाएक आ सकती है या धीरे-धीरे। इस समस्या की जटिल अवस्था होने पर वृक्क तक काम करना बन्द कर सकता है। गर्मी और गर्म हवाएं शरीर में अक्सर ऐसा असर डालती हैं, जिस वजह से जानलेवा स्थिति उत्पन्न हो जाती है। लू लगना भी इन्हीं स्थितियों में से एक है। धूप, गर्मी और गर्म हवा से शरीर को बचाकर ही हम इस स्थिति से बच सकते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि साल-दर-साल लू लगने से मरने वालों के आंकड़े में इजाफा होता ही जा रहा है। इसलिए, खुद को लू से बचाने के लिए लू लगना क्या होता है और इससे संबंधित अन्य सभी जानकारियों के बारे में पता होनी जरूरी है, क्योंकि, इलाज से बेहतर हमेशा बचाव होता है। यहां बता दें कि लू लगना वो स्थिति है, जो शरीर में गर्मी और बढ़ते तापमान की वजह से उत्पन्न होती है। इस दौरान हमारे शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है। बाहरी तापमान और गर्म हवा की वजह से शरीर ठंडा नहीं हो पाता और शरीर का तापमान 106 डिग्री फेरनहाइट या इससे भी ज्यादा हो जाता है। लू लगने पर अगर तुरंत उपचार न मिले, तो मृत्यु या स्थायी विकलांगता भी हो सकती है।https://www.cdc.gov/niosh/topics/heatstress/heatrelillness.html लू लगना 20 अक्तूबर 2019 https://web.archive.org/web/20191019104614/https://www.cdc.gov/niosh/topics/heatstress/heatrelillness.html 19 अक्तूबर 2019 live कारण तापमान के बढ़ने की वजह और गर्म हवाओं की वजह से तो लू लगती ही है, लेकिन इसके कई अन्य कारण भी होते हैं, जैसे चिलचिलाती धूप में निकलना (खासकर 11am से 3pm), शरीर में पानी की कमी, एयरफ्लो का अभाव यानी गर्म व ऐसी जगहों पर काम करना जहां हवा कम हो और भीषण आग के निकट रहना आदि।https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/healthyliving/heat-stress-and-heat-related-illness लू लगने के कारण 20 अक्तूबर 2019 https://web.archive.org/web/20191020174536/https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/healthyliving/heat-stress-and-heat-related-illness 20 अक्तूबर 2019 dead संकेत और लक्षण हमारे शरीर में किसी भी तरह की समस्या या परेशानी उत्पन्न होने पर तुरंत हमारी बॉडी संकेत देने लगती है। लू लगने पर शरीर कई तरह के लक्षण दिखाने लगता है, जैसे - बुखार, त्वचा का लाल पड़ना, रूखा होना, गर्म होना, नम होना, नाड़ी का तेज चलना, चक्कर आना, सिरदर्द होना, जी-मिचलाना, घबराहट होना, अधिक पसीना आना और बेहोश होना आदि। उपचार लू लगना के लिए उपचार: रोगी को सूरज के संपर्क से बाहर एक ठंडी जगह की छाया में ले जाया जाना चाहिए। ड्रेसिंग की अधिकता निकालें। किसी को आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए कॉल करना चाहिए। एक सचेत रोगी को ठंडा पानी पीने से हाइड्रेटेड किया जा सकता है। खोए हुए रक्त तत्वों (खनिज लवण के रूप में) के स्तर को पेय पदार्थों द्वारा फिर से भर दिया जा सकता है। रोगी के शरीर के तापमान को कम करने के लिए, कपड़े के टुकड़े जो ठंडे पानी से भिगोए जाते हैं, या बर्फ के टुकड़े, रोगी के शरीर में रखा जाएगा (मुख्य रूप से सिर, गर्दन और बगल में)। ताजा हवा की धाराओं का भी उपयोग किया जाता है। यदि पीड़ित बेहोश है, कोई सांस लेने या दिल की धड़कन के साथ, एक कार्डियोपल्मोनरी पुनर्जीवन प्रक्रिया का अभ्यास किया जाता है, पीड़ित की जांच करने और प्राथमिक चिकित्सा लागू करने के लिए। इसके अलावा, लू लगने वाले मरीज को आवश्यकतानुसार ड्रिप लगाई जाती है, ऑक्सीजन थेरेपी और थेरेपेटिक कूलिंग दी जाती है। बचाव लू लगने से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। आप लू से बचने के घरेलू उपायhttps://www.stylecraze.com/hindi/loo-lagne-ke-karan-lakshan-gharelu-ilaj-in-hindi/ लू लगने का उपचार 20 अक्तूबर 2019 https://web.archive.org/web/20191020174535/https://www.stylecraze.com/hindi/loo-lagne-ke-karan-lakshan-gharelu-ilaj-in-hindi/ 20 अक्तूबर 2019 dead भी कर सकते हैं, जैसे छाछ, चावल का पानी, नींबू या आम का रस, दाल का सूप का सेवन। इसके अलावा आप हल्के, ढीले और पूरी आस्तिन के कपड़े पहने, सिर को हमेशा टोपी या कपड़े से ढककर रखें, गर्म कमरों में बैठने से बचें और हवादार, छायादार या एयर कंडिशन कमरे में ही रहें। शिशुओं और अन्य लोगों को बेहद गर्म स्थानों पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। शरीर के बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने के लिए ठंडे पानी से स्नान करें। इस दौरान शराब और कार्बोनेटेड पेय और सूरज की किरणों से बचें। सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ लू लगना (उष्माघात) लू लगना : इन बातों का रखें ध्यान लू लगना क्या है? लक्षण, कारण और उपचार लू लगना क्या है और यह क्यों खतरनाक है? श्रेणी:रोग