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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

काइजू

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thumb|right| काइजू (怪獣, kaiju) जापानी शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ “अजीब/रहस्यमय जीव” या “राक्षसी प्राणी” होता है। यह शब्द आमतौर पर उन विशालकाय, काल्पनिक जीवों के लिए प्रयुक्त होता है जो मानव सभ्यता, प्रकृति या तकनीक के साथ टकराव में दिखाई देते हैं। काइजू न केवल एक प्रकार के प्राणी को दर्शाता है, बल्कि यह एक विशिष्ट फिल्म, साहित्य और लोकप्रिय संस्कृति की शैली (genre) का भी प्रतिनिधित्व करता है, जिसे विशेष रूप से जापान में विकसित किया गया। जापानी लोकप्रिय संस्कृति में विशालकाय राक्षसी प्राणियों के लिए प्रारंभिक रूप से “दाइकाइजू” (大怪獣) शब्द का उपयोग किया जाता था, जिसका अर्थ है “विशाल राक्षस”। समय के साथ, यह विशिष्ट शब्द धीरे-धीरे अधिक व्यापक और प्रचलित शब्द “काइजू” (怪獣) द्वारा प्रतिस्थापित हो गया। आज “काइजू” न केवल इन काल्पनिक दैत्याकार जीवों को संदर्भित करता है, बल्कि उस संपूर्ण फिल्मी और कथात्मक शैली को भी दर्शाता है जिसमें ये प्राणी प्रमुख भूमिका निभाते हैं। हालाँकि “विशाल राक्षस” (giant movie monster) जैसे सामान्य शब्द किसी भी संस्कृति के बड़े काल्पनिक जीवों पर लागू हो सकते हैं, “काइजू” शब्द विशेष रूप से जापानी परंपरा और उसके विशिष्ट सौंदर्यशास्त्र से जुड़ा हुआ है। इस शैली की एक प्रमुख विशेषता इसका तोकुसात्सु (特撮)—अर्थात विशेष प्रभावों—पर आधारित होना है, जिसमें प्रायः अभिनेताओं द्वारा राक्षसों के परिधान (monster suits) पहनकर अभिनय किया जाता है और लघु मॉडल (miniature sets) के माध्यम से शहरों और परिवेश का निर्माण किया जाता है। काइजू फिल्मों की लोकप्रियता और वैश्विक पहचान के प्रसार में दो प्रमुख व्यक्तित्वों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है: Eiji Tsuburaya और Ishirō Honda। त्सुबुराया, जो विशेष प्रभावों के क्षेत्र में अग्रणी थे, और होंडा, जिन्होंने निर्देशन के माध्यम से इन कथाओं को जीवंत बनाया, दोनों ने मिलकर काइजू सिनेमा को एक विशिष्ट पहचान प्रदान की। इनकी रचनात्मक साझेदारी का सबसे उल्लेखनीय परिणाम Godzilla फ्रेंचाइज़ का निर्माण था, जिसने न केवल जापान में बल्कि विश्वभर में काइजू शैली को लोकप्रिय बनाया। इस प्रकार, “काइजू” शब्द और उससे जुड़ी शैली केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जापानी सिनेमा की तकनीकी नवाचार, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और ऐतिहासिक अनुभवों का भी एक महत्वपूर्ण प्रतीक बन चुकी है।Ryfle Steve https://archive.org/details/ishiro-honda-a-life-in-film-from-godzilla-to-kurosawa Ishiro Honda: A Life in Film, from Godzilla to Kurosawa Godziszewski Ed Wesleyan University Press 2017 9780819570871 xiii–xiv शब्द-व्युत्पत्ति और परिभाषा “काइजू” शब्द दो कानजी अक्षरों से बना है—“怪” (काई), जिसका अर्थ “अजीब” या “रहस्यमय” है, और “獣” (जू), जिसका अर्थ “जानवर” या “पशु” है। इस प्रकार, काइजू उन प्राणियों को संदर्भित करता है जो प्राकृतिक नियमों से परे, विशाल आकार और असामान्य क्षमताओं के साथ चित्रित किए जाते हैं। काइजू प्राणी अक्सर निम्नलिखित विशेषताओं के साथ दर्शाए जाते हैं: अत्यधिक विशाल आकार (अक्सर गगनचुंबी इमारतों जितने बड़े) असाधारण शक्तियाँ (जैसे ऊर्जा विकिरण, उड़ान, पुनर्जनन आदि) मानव या प्रकृति के साथ विनाशकारी संपर्क प्रतीकात्मक या रूपकात्मक महत्व ऐतिहासिक पृष्ठभूमि 150 The World Before The Creation Of Man - 1886 02.jpg Swamp Thing from The World Before The Creation Of Man.jpg मानवजाति के जन्म से पहले की दुनिया (कैमील फ्लैमेरियॉन, १८८६) काइजू शैली का उदय 20वीं शताब्दी के मध्य में जापान में हुआ। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, विशेष रूप से परमाणु बम विस्फोटों के अनुभव ने इस शैली को गहराई से प्रभावित किया। काइजू को अक्सर परमाणु शक्ति, पर्यावरणीय विनाश, और मानव वैज्ञानिक अहंकार के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया। 1950 और 1960 के दशक में काइजू फिल्मों ने लोकप्रियता प्राप्त की, जिनमें विशाल राक्षस शहरों को नष्ट करते हुए और सैन्य बलों से लड़ते हुए दिखाए जाते थे। यह शैली धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फैल गई। काइजू शैली (Genre) काइजू केवल एक प्राणी-प्रकार नहीं है, बल्कि यह एक विशिष्ट कथा-शैली भी है। इस शैली में आमतौर पर निम्नलिखित तत्व पाए जाते हैं: 1. विशाल प्राणियों का संघर्ष कहानी में एक या एक से अधिक काइजू प्राणी होते हैं, जो या तो मनुष्यों के खिलाफ होते हैं या आपस में लड़ते हैं। 2. मानव बनाम प्रकृति/तकनीक काइजू अक्सर मानव द्वारा उत्पन्न संकटों का प्रतीक होते हैं—जैसे वैज्ञानिक प्रयोग, परमाणु ऊर्जा, या पर्यावरणीय असंतुलन। 3. विनाश और तमाशा शहरों का विनाश, सैन्य कार्रवाई, और बड़े पैमाने पर तबाही इस शैली की पहचान हैं। 4. रूपकात्मक अर्थ काइजू कहानियाँ अक्सर गहरे सामाजिक, राजनीतिक या दार्शनिक संदेश देती हैं, जैसे: परमाणु युद्ध का भय पर्यावरणीय चेतावनी मानव अहंकार और उसके परिणाम सन्दर्भ