Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

गौड़ीय मठ

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

दिसम्बर 2024 श्री गौड़ीय मठ গৌড়ীয় মঠ Gaudiya Math Bagh Bazaar.jpg ''श्री गौड़ीय मठ, बागबाजार, कोलकाता गौडीय मिशन और श्री चैतन्य मठ 1920 9 6 yes y स्वामी भक्तिसिद्धान्त सरस्वती कोलकाता धार्मिक संगठन शिक्षा, परोपकार, धार्मिक शिक्षा, अध्यात्म कोलकाता 64 केन्द्र बांग्ला, अंग्रेजी गौड़ीय वैष्णव धर्म अंगूठाकार|गौड़ीय मठ के संस्थापक स्वामी भक्तिसिद्धान्त सरस्वती गौड़ीय मठ, गौड़ीय वैष्णव सम्प्रदाय का प्रसिद्ध मठ है जिसके प्रथम मठ की स्थापना ६ सितम्बर १९२० को मायापुर में हुई थी। इसके लगभग ३० माह पूर्व भक्तिसिद्धान्त सरस्वती ने संन्यास लिया था। ७ मार्च १९१८ को जब उन्होने संन्यास लिया था, उसी दिन पश्चिम बंगाल के मायापुर में श्री चैतन्य मठ की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य गौड़ीय वैष्णव धर्म का प्रचार-प्रसार करना है। right|thumb|300px|जगन्नाथपुरी का गौड़ीय-मठ-मन्दिर, जो गौड़ीय-मठ की एक शाखा है। इतिहास १९२० में अपनी स्थापना के बाद गौड़ीय मठ ने भारत, बर्मा, इंग्लैण्ड, जर्मनी आदि में अनेक शाखायें स्थापित की। १९३७ तक इसके कोई ६४ मठ थे। 1 जनवरी 1937 को श्रील भक्तिसिद्धांत सरस्वती की मृत्यु के तुरंत बाद इसमें विवाद शुरू हुआ और 1948 में न्यायालय द्वारा मूल गौड़ीय मठ मिशन को दो प्रशासनिक निकायों में विभाजित कर दिया गया, जो आज तक अपने-अपने ढंग से प्रचार करते रहे। एक समझौते के तहत, उन्होंने 64 गौड़ीय मठ केंद्रों को दो समूहों में विभाजित कर दिया। श्री चैतन्य मठ शाखा का नेतृत्व श्रील भक्ति विलास तीर्थ महाराज करते थे। गौड़ीय मिशन का नेतृत्व अनंत वासुदेव प्रभु करते थे, जो थोड़े समय के लिए संन्यास ग्रहण करने के बाद श्रील भक्ति प्रसाद पुरी महाराज के नाम से प्रसिद्ध हुए। सन्दर्भ श्रेणी:नदिया ज़िला श्रेणी:भारत में स्थित हिन्दू संगठन श्रेणी:भारत में हिन्दू मठ श्रेणी:हिन्दू संगठन