Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

नागभट्ट द्वितीय

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

परमभट्टारक, महाराजाधिराज, परमेश्वर चौथे गुर्जर राजवंश राजा गुर्जर प्रतिहार राजवंश]] राजा 805 ई०– 833 ई० वत्सराज रामभद्र वत्सराज सुन्दरी-देवी नागभट्ट द्वितीय (805-833), अपने पिता वत्सराज से गद्दी प्राप्त करके चौथे राजा बने।Panchānana Rāya Panchānana Rāya 1939 A historical review of Hindu India: 300 B. C. to 1200 A. D. https://books.google.com/books?id=kHEBAAAAMAAJ&q=Gurjar+parihar&dq=Gurjar+parihar&cd=1 125 I. M. H. Press 10 जनवरी 2018 https://web.archive.org/web/20170507233826/https://books.google.com/books?id=kHEBAAAAMAAJ&q=Gurjar+parihar&dq=Gurjar+parihar&cd=1 7 मई 2017 live उनकी माता का नाम सुन्दरीदेवी था। नागभट्ट द्वितीय को परमभट्टारक, महाराजाधिराज और कन्नौज विजय के बाद 'परमेश्वर' की उपाधि दी गई थी।Rama Shankar Tripathi 1964 233 बडोदा ताम्रपत्र ( 811 ई.) के अनुसारशाकम्भरी के चाहमानों ने प्रतिहारों की आधीनता स्वीकार कर ली और उस समय के चाहमान प्रमुख गुवक ने अपनी बहन कलावती का विवाह नागभट्ट से करा दिया।वही० जिल्द २, पृ० १२१-१२६ निस्संदेह नागभट्ट द्वितीय गुर्जर प्रतिहार वंश का एक शक्तिशाली शासक था। चन्द्रप्रभासुरि कृत प्रभावकचरित के अन्तर्गत बप्पभट्टिचरित में नागभट्ट के ग्वालियर के भव्य दरबार का वर्णन मिलता हैं।प्रभावकचरित के अन्तर्गत बप्पभट्टि प्रबंध पृ० १७७ उसके दरबार के नवरत्नों मे से एक जैन आचार्य बप्पभट्टिसुरि के कहने से नागभट्ट ने ग्वालियर में जैन प्रतिमाएं स्थापित करवायी थी। पं० गौरीशंकर हीराचन्द्र ओझाराजपुताने का इतिहास, पृ० १६१ के अनुसार जिस नाहड़राव प्रतिहार ने पुष्कर सरोवर (अजमेर) का निर्माण कराया था, वो असल में नागभट्ट द्वितीय ही था। राज नागभट्ट द्वितीय का ग्वालियर प्रशस्ति में उसके सैनिक उपलब्धियों का उल्लेख है। उसने आंध्र, विदर्भ, कलिंग, मत्स्य, वत्स और तुर्क शासकों को हराया था। आगे उसने सेंधवा के शासक राणका प्रथम पर विजय प्राप्त कर पश्चिमी सौराष्ट्र (अब गुजरात) पर अपना अधिकार जमा लिया।Sailendra Nath Sen Sailendra Nath Sen 1 January 1999 Ancient Indian History and Civilization https://books.google.com/books?id=Wk4_ICH_g1EC&pg=PA343 343 New Age International 978-81-224-1198-0 978-81-224-1198-0 10 जनवरी 2018 https://web.archive.org/web/20170307010812/https://books.google.com/books?id=Wk4_ICH_g1EC 7 मार्च 2017 live नागभट्ट ने चक्रायुध को भी पराजित कर कन्नौज पर कब्जा कर लिया।Sen, S.N., 2013, A Textbook of Medieval Indian History, Delhi: Primus Books, 9789380607344:20 हलांकि उसे राष्ट्रकूट सम्राट गोविंदा तृतीय (793-814) से हार का सामना करना पड़ा और और उसे मालवा और गुजरात खोना पड़ा। हालांकि, उसने राष्ट्रकूटों से पुनः मालवा जीतने मे सफल रहा, और कन्नौज पर अपना अधिकार जमा दिया। उसने गुर्जर -प्रतिहार साम्राज्य को गंगा के मैदान में दूर तक शासन पहुँचा दिया। साथ ही उसने फिर पश्चिम में मुसलमानों के हमलें को विफल कर दिया। कन्नौज,गुर्जर प्रतिहार साम्राज्य का केंद्र बन गया था।Rama Shankar Tripathi 1964 233 इन्हें भी देखें गोविन्द तृतीय सन्दर्भ श्रेणी:गुर्जर-प्रतिहार राजवंश