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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

बिस्मिल्लाह

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thumb|सादा अक्षरांकन रूप "बसमला" या "बिस्मिल्लाह"। thumb| thumb|फल "बेरी" के रूप में लिखा "बिस्मिल्लाह"। thumb| thumb|सुलुस शैली। thumb|upright|मुगल दौर का अक्षरांकन। बिस्मिल्लाह Bismillah (بِسْمِ ٱللَّٰهِ इसका मतलब है "अल्लाह के नाम से" या "ईश्वर के नाम से" ("In the name of God")http://wahiduddin.net/words/bismillah.htm Bismillah al rahman al rahim Shelquist Richard 2008-01-03 Living from the Heart Wahiduddin 2009-06-21 https://web.archive.org/web/20151205164937/http://wahiduddin.net/words/bismillah.htm 5 दिसंबर 2015 live , इस्लाम धर्म में कोई भी काम शुरू करते समय "बिस्मिल्लाह-हिर्रहमा-निर्रहीम" ar b-ismi-llāhi r-raḥmāni r-raḥīmi ar بِسْمِ ٱللَّٰهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ पढते हैं, जिस का शाब्दिक अर्थ है, "परम कृपामय अपार दयालु अल्लाह के नाम से"। कुछ लोग "बिस्मिल्लाह-हिर्रहमा-निर्रहीम" का मतलब "शुरु करता हूँ अल्लाह के नाम से दयालु और कृपाशील है" इस तरह कहते हैं जो गलत है। क्योंकी (शुरु करता हूँ)यह अरबी سوف تبدأ "सौफ तब्द्उ" कहा जाता है, जो "बिस्मिल्लाह-हिर्रहमा-निर्रहीम" में नही है। क़ुरान पढते समय भी, हर सूरा से पहले इसको पढते है। सिर्फ सूरह अत-तौबा में यह नहीं है। See, however, the discussion of the eighth and ninth suras at Al-Anfal (the eighth sura).Ali Kecia Islam: the key concepts https://archive.org/details/islamkeyconcepts0000alik 2008 Routledge London 0-415-39638-7 Repr. Leaman, Oliver हर काम के शुरू करते समय भी इस को पढा जाता है। यूनीकोड में "बसमला" का कोड codepoint U+FDFD Arab ﷽ है। हिंदुओं मे जिस प्रकार शुभ है या शुभारम्भ! नाम Hasbuddin बिस्मिल्लाह या बसमला, बिस्मिल्ला-हिर्रहमा-निर्रहीम के प्ररंभिक शब्द को लेकर बनाया गया है। A New Arabic Grammar of the Written Language by J.A. Haywood and H.M. Nahmad (London: Lund Humphries, 1965), ISBN 0-85331-585-X, p. 263. ब-स-म-ल इन चार अक्षररों का शब्द है। जैसे "अल्लाहु अक्बर" "अल्हम्दुलिल्लाह" "अऊदुबिल्लाह" शब्द बने हैं, उसी तरह यह "बसमला" या "बिस्मिल्लाह" बना है। बिस्मिल्लाह या बसमला पढने को "तस्मिया" (ar تسمية) भी कहते हैं। उपयोगिता और आवश्यकता अरबी ग्रान्धिक रूप अनुसार, इस शब्द का अर्थ बहुत दयालु है, वे चाहे विश्वासी (मुसलिम) हों कि अविश्वासी (गैर मुस्ल्लिम) क़ुरान में इस का प्रयोग हर सूरे में हुवा है। सूरा अलहम्द (पहला सूरा) में प्रारंभिक आयत (श्लोक) के रूप में प्रयोग हुवा है। मगर नवें सूरे अत-तौबा में उपयोग ही नहीं हुवा है। २७ वां सूर अन-नमल में ३० वीं आयत के बाद भी इस का प्रयोग हुवा है। जिस में सुलेमान और शेबा की रानी बिल्क़ीस का ज़िक्र है। मुसलमान अपने दैनंदिन जीवन में "बिस्मिल्लाह" का प्रयोग अकसर करता है। हर काम के शुरू करने से पहले अल्लाह की प्रशंशा करता है और अल्लाह का अनुग्रह प्राप्त करने की कोशिश करता है।Islamic-Dictionary.com Definition http://www.islamic-dictionary.com/index.php?word=bismillah 21 नवंबर 2015 https://web.archive.org/web/20151208061528/http://www.islamic-dictionary.com/index.php?word=bismillah 8 दिसंबर 2015 dead जब ज़बीहा करके जंतुओं के मांस को हलाल करने की प्रक्रिया में बिस्मिल्लाह ज़रूरी माना जाता है। बिस्मिल्लाह ख़्वानी एक ऐसी रस्म है, जिस मे इसलामी आचार के अनुसार बच्चे को विद्या बुद्धी प्रदान करने की शुरुआत करने का आचार हो। इस रस्म पर भी बिस्मिल्लाह बहुत अहम माना जाता है। "बिस्मिल्ला-हिर्रहमा-निर्रहीम" वाक्य में उपयोगित तीन नामवाचक "अल्लाह", "अर-रहमान" और "अर-रहीम", अल्लाह के ९९ नामों में से तीन हैं। इस का अर्थ है, अल्लाह "दयालु" और "कृपाशील" है। . तौहीद या शहादा पढने से पहले "बिस्मिल्लाह" पढना अति आवश्यक माना जाता है। हदीस कई हदीसों से यह साबित है कि, खाने और पीने से पहले "बिस्मिल्लाह" पढा करें। उदाहरण के तौर पर: जाबिर की रिवायत (उल्लेख) : मैं ने अल्लाह के रसूल (प्रेशित) यह कहते सुना : अगर कोई व्यक्ती घर में प्रवेश करते समय बिस्मिल्लाह पढेगा, तो शैतान अपने अनुयाइयों से कहेगा कि "आज तुमहारे लिये न खाना है न रहने के लिये जगह मिलेगे"। अगर कोई व्यक्ती बिस्मिल्लाह कहे बिना घर में प्रवेश करता है तो शैतान अपने अनुयाइयों से कहता है "अब तुम्हें खाना भी मिला और सोने के लिये जगह भी। - हदीस मुसलिम से। आइशा का उल्लेख : "पैगंबर ने कहा, “जब आप में से कोई खाना खाना चाहता है तो उसे चाहिये कि खाने से पहले "बिस्मिल्लाह" पढ कर खाना शुरू करें। अगर किसी वजह से भूल गया हो, तो दरमियान में "बिस्मिल्लाह अव्वलहू व आखिरहू" पढ लिया करें। — तिर्मिजी और अबू दाऊद उमय्या बिन मक़्शी का उल्लेख : "एक आदमी खाना खारहा था, पैगंबर बाज़ू ही बैठे थे। वह आदमी खाना खाने से पहले बिस्मिल्लाह नहीं पढा, खाने का एक ही निवाला बच गया था, उस आदमी ने कहा "बिस्मिल्लाह अव्वलुहू व आखिरहू"। तो पैगंबर ने कहा "जब तू बगैर बिस्मिल्लाह पढे के खाना खारहा था, शैतान भी तेरे साथ खारहा था, जैसे ही तूने "बिस्मिल्लाह" पढा, शैतान तेरे साथ खा न सका, जो खाना उसने खाया था सब का सब उसने उल्टी कर डाली। - अबू दाऊद और अन-नसाई वाशी बिन हर्ब का उल्लेख : "चंद सहाबी (अनुयाई) ने कहा "हम ने खाना तो खाया मगर संतुश्ट नहीं हुवे", तो पैगंबर ने जवाब दिया "ऐसा लगता है तुम लोगों ने अलग अलग होकर खाना खाया", तो सहाबा ने कहा बी "जी हां"। तो पैगंबर ने कहा "मिल कर खाइये, और बिस्मिल्लाह पढ कर खाइये, इस में बरकत है"। — अबू दाऊद एक परंपरा के अनुसार मुहम्मद ने कहा:Titus Burckhardt (2008) [1959]. An Introduction to Sufi Doctrine World Wisdom Inc., Bloomington IN, USA. ISBN 1933316500. pp.36. "जो आसमानी किताबें हैं, उनमें लिखी सभी तालीम क़ुरान में मौजूद है, और जो क़ुरान में मौजूद है उसका निचोड सूरा ए-फ़ातिहा में है। और इस सूरत का निचोड "बिस्मिल्ला-हिर्रहमा-निर्रहीम" में मौजूद है।" इमाम अली से सम्बंधित उल्लेख के अनुसार : बिस्मिल्लाह के तात्पर्य में पहला अक्षर, ब, जो कि एकत्व के प्रतीक रूप को ज़ाहिर करता है। तफ़्सीर क़ुरान की तफ़सीर करते हुवे अल-तबरी लिखते हैं।: अल्लाह के प्रेषित (मुहम्मद) कहते हैं कि ईसा की मां मरियम (मेरी) अपने बेटे (ईसा) को एक पाठशाला में दाखिल कराते हैं कि उनकी पढाई हो। गुरू उनसे कहते हैं 'लिखो "बिस्म (के नाम से)"' और ईसा कहते हैं कि '"बिस्म" क्या है"? तब गुरू जवाब देते हैं मुझे मालूम नहीं, तो ईसा ने कहा: 'ब' का मतलब "अल्लाह की बढाई" "सिन" का मतलब है "स्तोत्र" और "मीम" है उसकी ममलक (साम्राज्य/समस्त ब्रह्मांड) Islam and the Bahá'í Faith Momen M. George Ronald 2000 0-85398-446-8 Oxford, UK 242 In note 330 on page 274 of the same book Dr. Momen states the following: "At-Tabarí, Jámi’-al-Bayán, vol. 1, p.40. Some of the abbreviated editions of this work (such as the Mu’assasah ar-Risálah, Beirut, 1994 edition) omit this passage as does the translation by J. Cooper (Oxford University Press, 1987). Ibn kathír records this tradition, Tafsír, vol. 1, p. 17. As-Suyútí in ad-Durr al-Manthúr, vol. 1, p. 8, also records this tradition and gives a list of other scholars who have cited it including Abú Na’ím al-Isfahání in Hilyat al-Awliya’ and Ibn ‘Asákir in Taríkh Dimashq." न्यूमरालजी यह भी देख गया कि "बिस्मिल्ला-हिर्रहमा-निर्रहीम" को अंकशास्त्र जो अरबी इलाक़ों में व्यावहारिक है, कुछ लोगों का कहना है कि यह प्रमाणित है, इनके अनुसार, 786 से भी प्रकट करते हैं। कुछ लोग यह भी विश्वास (प्रामाणिक नहीं) रखते हैं कि, बिस्मिल्लाह को 786 बार पढ कर पानी पर फूंक कर पीने से कुछ बीमारियां दूर होजाती हैं। यह श्रद्धा सिरिया में देखी जासक्ती है। Katja Sündermann, Spirituelle Heiler im modernen Syrien: Berufsbild und Selbstverständnis - Wissen und Praxis, Hans Schiler, 2006, p. 371 https://web.archive.org/web/20151125073508/https://books.google.ch/books?id=qNE3N6vbBPsC&pg=PA371&lpg=PA371 25 नवंबर 2015 . ऐसा विश्वास दक्षिण एशियाई देशों के मुस्लिम समूह में भी देखा जाता है, जो इसलामी धर्म अनुसार प्रामाणित नहीं है। ईसाइयों के अनुसार अरबी भाषा बोलने वाले ईसाई भी कभी कभी बसमला शब्द का प्रयोग करते हैं, जो "ट्रिनिटी" के अर्थ में उपयोग होता है, यानी "पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम से" (ar باسم الآب والابن والروح القدس) मेथ्यू के गोस्पेल 28:19 के अनुसार। Dictionary of Modern Written Arabic by Hans Wehr, edited by J.M. Cowan, 4th edition 1979 (ISBN 0-87950-003-4), p. 73. C.f. Matthew 28:19 (Arabic) https://web.archive.org/web/20060212051234/http://www.arabicbible.com/bible/nt/mat/28.htm 12 फ़रवरी 2006 Retrieved 2011-07-25. इन्हें भी देखें इस्लामी शब्दावली अल-फ़ातिहा इन्शा अल्लाह इसलाम में अल्लाह के नाम शहादा छह कलीमे नोट्स "Notes" सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ Arabic calligraphy/Basmalas Bismillah Samples, a collection of bismillah art-forms. Bismallah in Tadabbur-i-Qur'an. Meaning of Bismillah Beyond Probability, God's Message in Mathematics. Series 1: The Opening Statement of the Quran (The Basmalah). श्रेणी:इस्लामी शब्दावली श्रेणी:अरबी शब्द श्रेणी:सूरा श्रेणी:आयत श्रेणी:क़ुरआन की आयतें