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शिवराज सिंह चौहान
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शिवराज सिंह चौहान Shivraj Singh Chauhan.jpg 1959 3 5 y सीहोर, मध्य प्रदेश भोपाल 19वें मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश 23 मार्च 2020 कमल नाथ लालजी टंडन २३ मार्च २०२० सतत शिवराज सिंह चौहान कमल नाथ विधायक, मध्यप्रदेश बुधनी 2006 राजेंद्र सिंह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा 11 जनवरी 2019 भारतीय जनता पार्टी हिन्दू साधना सिंह चौहान 2 पुत्र http://www.shivrajsinghchouhan.in/
शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी है और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित कार्यकर्ता हैं।वे २३ मार्च २०२० को कमल नाथ के स्थान पर राज्य के चौथी बार मुख्यमंत्री बने।Team Amar Ujala Digital शिवराज सिंह चौहान चौथी बार बने मुख्यमंत्री, अब तक ऐसा रहा राजनीतिक सफर Amar Ujala २३ मार्च २०२० https://www.amarujala.com/madhya-pradesh/shivraj-singh-chouhan-profile-chief-minister-bjp-fourth-time-political-journey हिन्दी भाषा ०६ अप्रैल २०२० https://web.archive.org/web/20200329074424/https://www.amarujala.com/madhya-pradesh/shivraj-singh-chouhan-profile-chief-minister-bjp-fourth-time-political-journey 29 मार्च 2020 live
जीवन परिचय
शिवराज सिंह चौहान का जन्म ५ मार्च १९५९ को हुआ। उनके पिता का नाम श्री प्रेमसिंह चौहान और माता श्रीमती सुंदरबाई चौहान हैं। उन्होंने भोपाल के बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर (दर्शनशास्त्र) तक स्वर्ण पदक के साथ शिक्षा प्राप्त की। सन् १९७५ में आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भोपाल (मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल) के छात्रसंघ अध्यक्ष बनें।मुख्यमंत्री बनते ही शिवराज चौहान ने रचा इतिहास, जानें MP के इस कॉमन मैन के बारे में सबकुछ https://www.jagran.com/politics/national-shivraj-singh-chauhan-profile-madhya-pradesh-new-chief-minister-shivraj-singh-chauhan-profile-20134598.html 6 अप्रैल 2020 दैनिक जागरण hi आपातकाल का विरोध किया और १९७६-७७ में भोपाल जेल में निरूद्ध रहे। अनेक जन समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन किए और कई बार जेल गए। सन् १९७७ से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक हैं। वर्ष १९९२ में उनका श्रीमती साधना सिंह के साथ विवाह हुआ। उनके दो पुत्र हैं।
राजनीतिक करियर
सन् १९७७-७८ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री बने। सन् १९७५ से १९८० तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मध्य प्रदेश के संयुक्त मंत्री रहे। सन् १९८० से १९८२ तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश महासचिव, १९८२-८३ में परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य, १९८४-८५ में भारतीय जनता युवा मोर्चा, मध्य प्रदेश के संयुक्त सचिव, १९८५ से १९८८ तक महासचिव तथा १९८८ से १९९१ तक युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे।
जनप्रतिनिधि के रूप में
शिवराज सिंह चौहान १९९० में पहली बार बुधनी,(जहां के हथनौरा ग्राम में छः लाख वर्ष पुराना मानव का सिर मिला) विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने। इसके बाद १९९१ में विदिशा संसदीय क्षेत्र से पहली बार सांसद बने। शिवराज सिंह चौहान १९९१-९२ में अखिल भारतीय केशरिया वाहिनी के संयोजक तथा १९९२ में अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा के महासचिव बने। सन् १९९२ से १९९४ तक भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महासचिव नियुक्त। सन् १९९२ से १९९६ तक मानव संसाधन विकास मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति, १९९३ से १९९६ तक श्रम और कल्याण समिति तथा १९९४ से १९९६ तक हिन्दी सलाहकार समिति के सदस्य रहे।
ये ११ वीं लोक सभा में वर्ष १९९६ में विदिशा संसदीय क्षेत्र से पुन: सांसद चुने गये। सांसद के रूप में १९९६-९७ में नगरीय एवं ग्रामीण विकास समिति, मानव संसाधन विकास विभाग की परामर्शदात्री समिति तथा नगरीय एवं ग्रामीण विकास समिति के सदस्य रहे। चौहान वर्ष १९९८ में विदिशा संसदीय क्षेत्र से ही तीसरी बार १२ वीं लोक सभा के लिए सांसद चुने गये। वह १९९८-९९ में प्राक्कलन समिति के सदस्य रहे। ये वर्ष १९९९ में विदिशा से चौथी बार १३ वीं लोक सभा के लिये सांसद निर्वाचित हुए। वे १९९९-२००० में कृषि समिति के सदस्य तथा वर्ष १९९९-२००१ में सार्वजनिक उपक्रम समिति के सदस्य रहे।
सन् २००० से २००३ तक भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। इस दौरान वे सदन समिति (लोक सभा) के अध्यक्ष तथा भाजपा के राष्ट्रीय सचिव रहे। चौहान २००० से २००४ तक संचार मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति के सदस्य रहे। शिवराज सिंह चौहान पॉचवी बार विदिशा से १४वीं लोक सभा के सदस्य निर्वाचित हुये। वह वर्ष २००४ में कृषि समिति, लाभ के पदों के विषय में गठित संयुक्त समिति के सदस्य, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव, भाजपा संसदीय बोर्ड के सचिव, केन्द्रीय चुनाव समिति के सचिव तथा नैतिकता विषय पर गठित समिति के सदस्य और लोकसभा की आवास समिति के अध्यक्ष रहे।
मुख्यमंत्री के रूप में
चौहान वर्ष २००५ में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किये गये। चौहान को २९ नवम्बर २००५ को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। प्रदेश की तेरहवीं विधानसभा के निर्वाचन में चौहान ने भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारक की भूमिका का बखूबी निर्वहन कर विजयश्री प्राप्त की। चौहान को १० दिसम्बर २००८ को भारतीय जनता पार्टी के १४३ सदस्यीय विधायक दल ने सर्वसम्मति से नेता चुना। चौहान ने १२ दिसम्बर २००८ को भोपाल के जंबूरी मैदान में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की।
शिवराज सिंह मुख्यमंत्री के रूप मे रिकार्ड
शिवराज सिंह जी मध्यप्रदेश मे सबसे लम्बे समय तक मुख्यमंत्री के रूप मे कार्यभार संभालने वाले पहले मुख्यमंत्री है, शिवराज जी ने 13 वर्ष 17 दिन का मुख्यमंत्री का कार्यभारत सम्भाला है, और वर्तमान मे भी वह 15 महिने के बाद फिर मे मुख्यमंत्री के पद का दुबारा निर्वाह कर रहे है। इसके अलावा मध्य प्रदेश मे सबसे ज्यादा बार मुख्यमंत्री बनने का रिकार्ड भी उन्होने अपने नाम कर लिया है। 23 मार्च को शिवराज जी ने चौथी बार मुख्यमंत्री पद की सपथ ली। इसके पहले ये रिकार्ड अर्जुन सिंह और श्यामाचरण शुक्ल जी के पास था। ये मध्य प्रदेश के तीन तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके है।24 मार्च 2020 शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट के विधायकों के समर्थन से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ चौथी बार ली।
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
हिंदी पट्टी के नेतृत्व में शिवराज आगे
आम को खास बनाने के प्रणेता है श्री शिवराजसिंह चौहान
शिवराज सिंह चौहान : प्रोफाइल वेबदुनिया)
मध्य प्रदेश में भाजपा के शिवराज सिंह चौहान चौथी बार राज्य के मुख्यमंत्री https://web.archive.org/web/20200324192012/http://news365.4ji.in/2020/03/24/shivraaj-singh-chauhan-new-cm-of-mp/ 24 मार्च 2020
शिवराज सिंह चौहान ने ली CM पद की शपथ, चौथी बार बने MP के मुख्यमंत्री
बाबूलाल गौर मध्य प्रदेश के (मुख्यमंत्री २९ नवम्बर २००५ - वर्तमान पदस्थ
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