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अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय
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International Criminal Courthi अन्तरराष्ट्रीय अपराध-न्यायालय hi</sub> Official logo International Criminal Court logo.svg 150px ICCmemberstatesworldmap102007.png 300px Membership (as of August 2010), नारङ्गी उन राज्यों/देशों को दर्शाता है जहाँ सदस्यता सन्धि पर हस्ताक्षर किये गये हैं किन्तु अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की गयी है। Membership 111 states Seat Maanweg 174, The Hague, नेदरलैण्ड52.068333 4.353611 region:NL_type:landmark inline व्यवहार-भाषाएँ अँग्रेजी तथा फ्रांसीसी अध्यक्ष Song Sang-Hyun प्रथम-उपाध्यक्ष Fatoumata Dembélé Diarra द्वितीय-उपाध्यक्ष Hans-Peter Kaul न्यायाधीश Elizabeth Odio BenitoAkua KuenyehiaErkki KourulaAnita UšackaAdrian FulfordSylvia SteinerEkaterina TrendafilovaDaniel David Ntanda NserekoBruno CotteJoyce AluochSanji Mmasenono MonagengChristine Van Den WyngaertCuno TarfusserRené Blattmann Prosecutor Luis Moreno Ocampo Deputy Prosecutor Fatou Bensouda Head of Jurisdiction, Complementarity and Cooperation Béatrice Le Fraper du Hellen Head of Investigations Michel de Smedt पञ्जीयक Silvana Arbia Rome Statute adopted 17 जुलाई 1998 Entered into force 1 जुलाई 2002 www.icc-cpi.int
अन्तरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (फ्रांसीसी : Cour Pénale Internationale, कूर पिनल ऎंतरनास्योनाल ; प्रायः आई॰सी॰सी॰ )कई अन्य संगठनों से जिनका संक्षिप्त रूप आईसीसी है, अलग करने के लिए अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय को कभी-कभी ICCt के रूप में संक्षिप्त किया जाता है। हालांकि सबसे अधिक संक्षिप्त रूप आईसीसी का इस्तेमाल इस लेख में किया गया है। एक स्थायी न्यायाधिकरण है जिसमें नरसंहार, मानवता के विरुद्ध अपराध, युद्ध-अपराध और आक्रमण का अपराध (हालाँकि वर्तमान में यह आक्रमण के अपराध पर अपने न्यायाधिकार क्षेत्र का प्रयोग नहीं कर सकता है) के लिए अपराधियों के विरुद्ध मुकदमा चलाया जाता है।
ICC का निर्माण, 1945 के बाद से अन्तरराष्ट्रीय विधियों का शायद सबसे महत्त्वपूर्ण सुधार रहा है।
यह न्यायालय 1 जुलाई 2002 को अस्तित्व में आयी - वह तिथि जब इसकी स्थापना सन्धि, अन्तरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की रोम संविधि को लागू किया गया,- और यह केवल उस तिथि या उसके बाद के दिनों में किये गये अपराधों पर मुकदमा चला सकती है। अदालत की आधिकारिक बैठक द हेग, नीदरलैंड, में होती है, लेकिन इसकी कार्यवाही कहीं भी हो सकती है।
2010 10 तक, 114 देश इस न्यायालय के सदस्य हैं। मोल्डोवा, जिसने 11 अक्टूबर 2010 को ICC संविधि को स्वीकृति दी थी, 1 जनवरी 2011 को 114वाँ सदस्य देश बन जायेगा।देखें आईसीसी की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति रिलीज़जून 2020 InternetArchiveBot . इसके अलावा 34 अन्य देशों ने, जिसमें रूस और अमेरिका भी शामिल हैं हस्ताक्षर तो किए हैं लेकिन रोम संविधि का अनुसमर्थन नहीं किया है। चीन और भारत समेत ऐसे कई देश हैं जिन्होंने न्यायालय की आलोचना की है और रोम संविधि पर हस्ताक्षर नहीं किया है।
आमतौर पर आईसीसी अपने न्यायाधिकार का प्रयोग केवल उन्हीं मुकदमों के लिए कर सकता है जहाँ अभियुक्त, सदस्य देश का नागरिक हो, कथित अपराध सदस्य देश के क्षेत्र में हुआ हो, या संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा भेजा गया कोई मामला हो। न्यायालय का गठन वर्तमान राष्ट्रीय न्यायिक प्रणाली के पूरक के रूप में किया गया है: यह अपने अधिकार-क्षेत्र का प्रयोग तभी कर सकता है जब राष्ट्रीय अदालत ऐसे मामलों की जाँच करने या मुकदमा चलाने में असमर्थ या अनिच्छुक हों।रोम संविधि https://web.archive.org/web/20130910040634/http://untreaty.un.org/cod/icc/statute/99_corr/cstatute.htm 10 सितंबर 2013 का 17 अनुच्छेद. 20 मार्च 2008 को अभिगम.रोम संविधि https://web.archive.org/web/20130910040634/http://untreaty.un.org/cod/icc/statute/99_corr/cstatute.htm 10 सितंबर 2013 का 20 अनुच्छेद. 20 मार्च 2008 को अभिगम. जाँच और दण्ड देने के लिए प्राथमिक जिम्मेदारी सदस्य देश पर छोड़ दी जाती है।
वर्तमान में यह न्यायालय पाँच स्थानों में जाँच करती है: उत्तरी युगांडा, लोकतांत्रिक गणराज्य, कांगो, मध्य अफ्रीकी गणराज्य, दारफुर (सूडान) और केन्या गणराज्य.जून 2020 InternetArchiveBot न्यायालय ने सोलह लोगों को दोषी पाया, जिसमें से सात भगोड़ें थे, दो मारे गये थे (या न्यायालय को उनके मर जाने का विश्वास था), चार हिरासत में थे और तीन न्यायालय में स्वेच्छा से उपस्थित हुए।
आईसीसी की पहली जाँच कांगोलीज मिलीशिया नेता थॉमस लुबङ्गा के विरुद्ध 26 जनवरी 2009 को शुरू हुई थी। 24 नवम्बर 2009 को कोंगोलीज मिलीशिया नेता जर्मेन काटंगा और मथेउ गुडजोलो चूई के विरुद्ध दूसरी जाँच शुरू हुई।
फिलीपींस ने अपना नाम वापस लिया ।
इतिहास
1919 में पेरिस पीस कंफ्रेंस के दौरान कमीशन ऑफ रेसपोंसिबिलिटीज के द्वारा युद्ध अपराध के आरोपी राजनीतिक नेताओं पर मुकदमा चलाने के लिए पहली बार अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण की स्थापना की गई। 1-16 नवम्बर 1937 को लीग ऑफ नेशंस के तत्वावधान में जेनेवा में आयोजित सम्मेलन में इस मुद्दे को एक बार फिर उठाया गया, लेकिन कोई व्यावहारिक परिणाम हासिल नहीं हुआ। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि नुरेमबर्ग और टोक्यो न्यायाधिकरण के बाद 1948 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुए इस प्रकार के अत्याचार को निपटने के लिए महासभा ने पहली बार स्थायी अंतरराष्ट्रीय अदालत की होने की आवश्यकता को पहचाना है। महासभा के अनुरोध पर, 1950 के दशक के प्रारम्भ में अंतर्राष्ट्रीय विधि आयोग ने दो विधियों को तैयार किया लेकिन इन्हें एक शीत युद्ध की तरह स्थगित कर दिया गया और एक राजनीतिक रूप से अवास्तविक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत का निर्माण किया गया।गैरी टी. डेम्प्सेय, 16 जुलाई 1998. रीज़नेबल डाउट: द केस अगेन्स्ट द प्रोटोज्ड इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट https://web.archive.org/web/20061228072538/http://www.cato.org/pubs/pas/pa-311es.html 28 दिसंबर 2006 . द काटो संस्थान. 31 दिसम्बर 2006 को अधिगम किया गया।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नाज़ी युद्ध अपराधियों के जांचकर्ता और अमेरिकी अधिकारियों द्वारा नुरेमबर्ग पर आयोजित 12 सैन्य जांचों में से एक आइनसाट्ज़ग्रूपेन मुकदमे पर संयुक्त राष्ट्र सेना के लिए एक मुख्य अभियोजक, बेंजामिन बी फेरेंच्ज़ बाद में एक अंतर्राष्ट्रीय कानून के शासन के स्थापना के साथ ही उसके एक मुखर पैरोकार बन गए। 1975 में उनकी पहली पुस्तक प्रकाशित हुई जिसका नाम डिफाइनिंग इंटरनेशनल अग्रेशन-द सर्च फॉर वर्ल्ड पीस था, इसमें उन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय अदालत की स्थापना के लिए तर्क दिया है।http://www.benferencz.org/bio.html बेंजामिन बी फेरेंज़, जीवनी 18 नवंबर 2010 https://web.archive.org/web/20080109011136/http://www.benferencz.org/bio.html 9 जनवरी 2008 dead
1989 में यह विचार पुनर्जीवित हुआ जब तत्कालीन त्रिनिदाद और टोबैगो के प्रधानमंत्री ए॰एन॰आर॰ रॉबिन्सन ने अवैध दवा व्यापार से निपटने के लिए एक स्थायी अंतर्राष्ट्रीय अदालत के निर्माण का प्रस्ताव किया।अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 20 जून 2006. इलेक्शन ऑफ मिस्टर अर्थर एन.आर. रॉबिन्सन टू बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ऑफ द विकटिम ट्रस्ट फंड https://web.archive.org/web/20070927003646/http://www.icc-cpi.int/pressrelease_details%26id%3D152%26l%3Den.html 27 सितंबर 2007 . 3 मई 2007 को एक्सेस. जबकि प्रारूप अधिनियम पर काम शुरू किया गया, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने पूर्व यूगोस्लावियाद इंटरनेशनल क्रिमिनल ट्रिब्यूनल फॉर द फोर्मर युगोस्लाविया 1993 में स्थापना. और रवांडाद इंटरनेशनल क्रिमिनल ट्रिब्यूनल फॉर रवांडा 1994 में स्थापना. में युद्ध अपराधियों पर मुकदमा चलाने के लिए तदर्थ अधिकरणों की स्थापना की और एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की आवश्यकता को उजागर किया।कोलिशन फॉर द इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट. आईसीसी का इतिहास https://web.archive.org/web/20070307195635/http://www.iccnow.org/?mod=icchistory 7 मार्च 2007 . 31 दिसम्बर 2006 एक्सेस.
अगले वर्षों की बातचीत के बाद, महासभा ने संधि को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से जून 1998 में रोम में एक सम्मेलन बुलाया। 17 जुलाई 1998 को अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय की रोम संविधि को 120 समर्थन वोट और 7 विरोधी वोट द्वारा अपनाया गया जिसमें 21 देशों ने भाग नहीं लिया था। वे सात देश जिन्होंने संधि के खिलाफ अपना वोट दिया था वे थे - चीन, इराक, इजरायल, लीबिया, कतर, संयुक्त राज्य अमेरिका और यमन.माइकल पी. शार्फ, अगस्त 1998. रीजल्ट ऑफ द रोम कंफ्रेस फॉर एन इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट https://web.archive.org/web/20180630082312/https://www.asil.org/insights/insigh23.htm 30 जून 2018 . अंतर्राष्ट्रीय कानून की अमेरिकन सोसायटी. 4 दिसम्बर 2006 को अधिगम
11 अप्रैल 2002 को रोम संविधि एक बाध्यकारी संधि बनी, जब 60 देशों ने इसे मंजूरी दी। एमनेस्टी इंटरनेशनल, 11 अप्रैल 2002. द इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट--ए हिस्टोरिक डेवलपमेंट इन द फाइट फॉर जस्टिस https://web.archive.org/web/20090307122057/http://www.amnesty.org/en/library/info/IOR40/008/2002 7 मार्च 2009 . 20 मार्च 2008 को अभिगम. कानूनी तौर पर 1 जुलाई 2002 को संविधि को लागू किया गया, और आईसीसी केवल उस तिथि के बाद हुए अपराधों पर ही मुकदमा चला सकती है। फरवरी 2003 में सदस्य देशों की सभा द्वारा 18 न्यायाधीशों के पहले बेंच का चुनाव किया गया। 1 मार्च 2003 को अदालत के उद्घाटन सत्र में उन्होंने शपथ ग्रहण की। कोलिशन फॉर द इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट न्यायाधीश और प्रेसीडेंसी https://web.archive.org/web/20101124175252/http://iccnow.org/?mod=judgespresidency 24 नवंबर 2010 . 5 दिसम्बर 2006 को अधिगम अदालत ने अपना पहला गिरफ्तारी वारंट 8 जुलाई 2005 को जारी किया,अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 14 अक्टूबर 2005. वारंट ऑफ अरेस्ट अनसिल्ड अगेन्स्ट फाइव एलआऱए कमांडर्स https://web.archive.org/web/20151018155015/http://www.icc-cpi.int/pressrelease_details%26id%3D114%26l%3Den.html 18 अक्तूबर 2015 . 5 दिसम्बर 2006 को अधिगम और पहली पूर्व-जांच की सुनवाई 2006 में आयोजित की गई।अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 9 नवम्बर 2006. प्रोसीक्यूटर प्रेजेंट्स एवीडेंस दैट कुड लीड टू फर्स्ट ट्रायल . 5 दिसम्बर 2006 को अधिगम
सदस्यता
States Parties to the Rome Statute of the International Criminal Court
United States and the International Criminal Court
अगस्त 2010 तक 113 देशों ने इस अदालत में भाग लिया, जिसमें यूरोप और दक्षिण अमेरिका के लगभग सभी देश और अफ्रीका के लगभग आधे देश इसमें शामिल हुए.संयुक्त राष्ट्र संधि संग्रह. अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय का रोम संविधि https://web.archive.org/web/20101203075407/http://treaties.un.org/Pages/ViewDetails.aspx?src=TREATY&mtdsg_no=XVIII-10&chapter=18&lang=en 3 दिसंबर 2010 30 जून 2008 को अभिगमअंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 2010. द स्टेट्स पार्टिज टू द रोम स्टेट्यूट . 14 अगस्त 2006 को एक्सेस.अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय आपराधिक के लिए गठबंधन, 18 अगस्त 2010. स्टेट्स पार्टिज टू द रोम स्टेट्यूट ऑफ द आईसीसी https://web.archive.org/web/20131004231948/http://www.coalitionfortheicc.org/documents/RATIFICATIONSbyRegion_18_August2010_eng.pdf 4 अक्तूबर 2013 21 अगस्त 2010 को एक्सेस. 1 नवम्बर 2010 को सेशेल्स और सेंट लूसिया इसके 112 वें और 113 वें संख्या की सदस्य देश बने; 10 अगस्त 2010 में सेशेल्स ने संविधि की पुष्टि की,आईसीसी द्वारा एक लेख देखें. और 18 अगस्त 2010, को सेंट लूसिया ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव को रोम संविधि के अनुसमर्थन के अपने दस्तावेज दिए।
इसके अलावा अन्य 35 देशों ने हस्ताक्षर तो किया लेकिन रोम संविधि का अनुसमर्थन नहीं किया, संधि का कानून इन देशों को "उन अधिनियमों से जो संधि के उद्देश्य और प्रयोजनों को विफल करते हैं" दूर रहने पर बाध्य करता है।द 1969 वियना कंवेंशन ऑन द लॉ ऑफ ट्रटिज लेख 18. 23 नवम्बर 2006 में एक्सेस. इन तीन देशों- इजरायल, सूडान और संयुक्त राज्य- ने रोम संविधि को त्याग दिया है, जो उनके सदस्य देशों में शामिल न होने के इरादे को दर्शाता है और वैसे भी संविधि में उनके हस्ताक्षर से उनके ऊपर कोई क़ानूनी दायित्व नहीं आता है।जॉन आर. बोल्टन, 6 मई 2002. अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय: संयुक्त राष्ट्र महासचिव अन्नान कोफी को पत्र. यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट. 23 नवम्बर 2006 को एक्सेस.
न्यायाधिकार
न्यायालय के अधिकार क्षेत्र के भीतर अपराध
International criminal law
रोम संविधि का अनुच्छेद 5 अपराध के चार समूहों के बारे में अदालती अधिकारों की अनुमति देता है, जिसे यह "सम्पूर्ण रूप में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए सबसे गंभीर अपराध" के रूप में संदर्भित करता है: नरसंहार का अपराध, मानवता के खिलाफ अपराध, युद्ध अपराध और आक्रामकता का अपराध. आक्रमण के अलावा संविधि इन अपराधों में से प्रत्येक को परिभाषित करती है: इसमें प्रावधान है कि अदालत आक्रमण के अपराध के लिए अपने क्षेत्राधिकार का प्रयोग तब तक नहीं करेगा जब तक सदस्य देश अपराध की परिभाषा पर सहमति नहीं जताते और उन आधारों को जब तक वे स्थापित नहीं करते जिन पर मुकदमा चलाया जा सकता है।रोम संविधि https://web.archive.org/web/20130910040634/http://untreaty.un.org/cod/icc/statute/99_corr/cstatute.htm 10 सितंबर 2013 का अनुच्छेद 5. 20 मार्च 2008 को अभिगम.
जून 2010 में आईसीसी की पहली समीक्षा सम्मेलन कंपाला, युगांडा में की गई जिसमें "आक्रमण के अपराधों" की परिभाषा को बताया गया और उन पर आईसीसी के अधिकार क्षेत्रों का विस्तार किया गया। कम से कम 2017 तक आईसीसी को इस अपराध के लिए मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
कई देश आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी को रोम संविधि की अपराध सूची में जोड़ना चाहते थे; हालांकि आतंकवाद की परिभाषा पर सदस्य देश सहमति बनाने में असमर्थ थे और यह फैसला किया गया कि मादक पदार्थों की तस्करी को शामिल नहीं किया जाएगा क्योंकि हो सकता है इससे अदालत के सीमित संसाधन समाप्त हो जाएं.दिसम्बर 2002, संयुक्त राष्ट्र का लोक सूचना विभाग. अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय https://web.archive.org/web/20061205220343/http://www.un.org/News/facts/iccfact.htm 5 दिसंबर 2006 . 5 दिसम्बर 2006 को अभिगम. भारत ने परमाणु हथियारों और जन विनाश के अन्य हथियारों के प्रयोग को युद्ध अपराध में शामिल करने की पैरवी की, लेकिन यह प्रयास भी असफल रहा। दिलीप लाहिड़ी, 17 जुलाई 1998. एक्सप्लेनेशन ऑफ वोट ऑन द एडाप्टेशन ऑफ द स्टेट्यूट ऑफ द इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट https://web.archive.org/web/20070128223746/http://www.indianembassy.org/policy/ICC/ICC_Adoption_July_17_1998.html 28 जनवरी 2007 . भारतीय दूतावास, वाशिंगटन डी.सी. 31 दिसम्बर 2006 से एक्सेस. भारत ने चिंता व्यक्त की है कि "आईसीसी की संविधि स्पष्ट रूप से यह सिद्ध करती है कि सामूहिक विनाश के हथियारों का प्रयोग एक युद्ध अपराध नहीं है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को भेजने के लिए यह एक असाधारण संदेश है।"
कुछ टिप्पणीकारों का तर्क है कि रोम संविधि, अपराधों को मोटे तौर पर या बहुत थोड़े रूप में परिभाषित करता है। उदाहरण के लिए, चीन ने तर्क दिया है कि 'अपराधों की परिभाषा' प्रथागत अंतरराष्ट्रीय कानून के परे है।लू जियनपिंग और वैंग हिक्सीएंग. जर्नल ऑफ इंटरनेशनल क्रिमिनल जस्टिस 5 जुलाई में "चाइना एट्ट्यूड टूवार्ड्स द आईसीसी"
इसी कारण 2010 की पहली छमाही में एक समीक्षा सम्मेलन आयोजित किया गया।सदस्य देशों की सभा, 14 दिसम्बर 2007. Resolution: Strengthening the International Criminal Court and the Assembly of States Parties 323 KB . 20 मार्च 2008 को अभिगम. अन्य बातों के अलावा, यह सम्मेलन अनुच्छेद 5 में निहित अपराधों की सूची की समीक्षा करेगा। रोम संविधि https://web.archive.org/web/20130910040634/http://untreaty.un.org/cod/icc/statute/99_corr/cstatute.htm 10 सितंबर 2013 का अनुच्छेद 123. 20 मार्च 2008 को अभिगम. (यह भी देखें, रॉल्फ इनर फिफे, 21 नवम्बर 2006, Review Conference: scenarios and options 69.4 KB. 5 दिसम्बर 2006 को अभिगम रोम संविधि को अपनाने पर अंतिम प्रस्ताव में विशेष रूप से सिफारिश की गई है कि आतंकवाद और नशीले पदार्थों की तस्करी पर इस सम्मेलन में फिर से विचार किया जाए.एमनेस्टी इंटरनेशनल, 2 नवम्बर 2006. इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट: कंसर्न्स एट द फिफ्थ सेसन ऑफ द एसेम्बली ऑफ स्टेट्स पार्टिज https://web.archive.org/web/20120110002522/http://www.amnesty.org/en/library/info/IOR40/037/2006 10 जनवरी 2012 . 20 मार्च 2008 को अभिगम.
प्रादेशिक क्षेत्राधिकार
रोम संविधि के लिए बातचीत के दौरान अधिकांश देशों ने तर्क दिया कि इस अदालत को सार्वभौमिक न्यायाधिकार प्रयोग करने की अनुमति दी जानी चाहिए। हालांकि, मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका के विरोध की वजह से इस प्रस्ताव को पारित नहीं किया जा सका। एलिजाबेथ विलंशुस्र्ट, 1999. 'ज्यूरिसडिक्शन ऑफ द कोर्ट' पृष्ठ 136. राय एस. ली (ed.) में द इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट: द मेकिंग ऑफ द रोम . द हेग: क्लुवर लॉ इंटरनेशनल. ISBN 90-411-1212-X. और अंततः एक समझौता किया गया, जिसमें अदालत को निम्नलिखित सीमित परिस्थितियों में ही अपने अधिकारिता का प्रयोग करने की अनुमति दी गई:
जहां अपराध करने वाला आरोपी, सदस्य देश का नागरिक हो (या जहां व्यक्ति का देश उसके अदालती क्षेत्राधिकार को स्वीकार किया हो);
जहां कथित अपराध एक सदस्य देश में घटित हुआ हो (या जहां देश जिसके क्षेत्र में अपराध घटित हो, वह देश उसके अदालती क्षेत्राधिकार को स्वीकार किया हो); या
जहां संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अदालत के लिए एक मामला सौंपा गया हो। रोम संविधि https://web.archive.org/web/20130910040634/http://untreaty.un.org/cod/icc/statute/99_corr/cstatute.htm 10 सितंबर 2013 का अनुच्छेद 12 और 13. 20 मार्च 2008 को अभिगम.
सामयिक क्षेत्राधिकार
अदालत का क्षेत्राधिकार पूर्वव्यापी रूप से लागू नहीं होता है: यह केवल 1 जुलाई 2002 या उसके बाद किए गए अपराधों पर ही मुकदमा चला सकता है (जिस तारीख को रोम संविधि को लागू किया गया था). जहां उस तारीख के बाद एक देश रोम संविधि का सदस्य बना, उस देश के संविधि के लागू होने के बाद अपराध के संबंध में स्वतः ही अदालत अपने क्षेत्राधिकार को लागू कर सकती थी।रोम संविधि https://web.archive.org/web/20130910040634/http://untreaty.un.org/cod/icc/statute/99_corr/cstatute.htm 10 सितंबर 2013 का 11 अनुच्छेद . 20 मार्च 2008 को अभिगम.
thumb|right|द हेग में आईसीसी का अस्थायी मुख्यालय
संपूरकता
जहां राष्ट्रीय अदालत नाकाम हो जाती है वहीं आईसीसी अंतिम उपाय के न्यायालय के रूप में जांच और अभियोग चलाती है। संविधि के अनुच्छेद 17 में यह प्रावधान है कि एक मामला तब अग्राह्य है अगर:
"(a) The case is being investigated or prosecuted by a State which has jurisdiction over it, unless the State is unwilling or unable genuinely to carry out the investigation or prosecution;
(b) The case has been investigated by a State which has jurisdiction over it and the State has decided not to prosecute the person concerned, unless the decision resulted from the unwillingness or inability of the State genuinely to prosecute;
(c) The person concerned has already been tried for conduct which is the subject of the complaint, and a trial by the Court is not permitted under article 20, paragraph 3;
(d) The case is not of sufficient gravity to justify further action by the Court."
अनुच्छेद 20, पैरा 3, निर्दिष्ट करता है कि, अगर एक व्यक्ति पहले से ही एक अन्य अदालत में कोशिश कर चुका है, आईसीसी फिर से समान चरित्र के लिए अदालती कार्यवाही नहीं करता जब तक अन्य अदालत में कार्यवाही जारी हो।
"(a) Were for the purpose of shielding the person concerned from criminal responsibility for crimes within the jurisdiction of the Court; or
(b) Otherwise were not conducted independently or impartially in accordance with the norms of due process recognized by international law and were conducted in a manner which, in the circumstances, was inconsistent with an intent to bring the person concerned to justice."
सरंचना
आईसीसी सदस्य देशों की एक सभा द्वारा शासित है।अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय. एसेम्बली ऑफ स्टेट पार्टिज . 2 जनवरी 2007 को एक्सेस. अदालत के चार अंग होते हैं: प्रेसीडेंसी, न्यायिक प्रभाग, अभियोजक का कार्यालय और रजिस्ट्री.अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय. अदालत की संरचना . 23 नवम्बर 2006 से एक्सेस
सदस्य देशों की सभा
अदालत का प्रबंधन निरीक्षण और विधायी निकाय, सदस्य देशों की सभा, प्रत्येक देश के एक प्रतिनिधि से बनी है।रोम संविधि https://web.archive.org/web/20130910040634/http://untreaty.un.org/cod/icc/statute/99_corr/cstatute.htm 10 सितंबर 2013 का 112 अनुच्छेद. 20 मार्च 2008 को अभिगम. प्रत्येक सदस्य देश के पास एक वोट होता है और आम सहमति द्वारा किसी फैसले पर पहुंचने का "हर प्रयास" किया जाना चाहिए। यदि आम सहमति से फैसला नहीं हो पाता है तब वोट के द्वारा फैसला किया जाता है। सभा की अध्यक्षता एक अध्यक्ष और दो उपाध्यक्ष द्वारा किया जाता है जिन्हें तीन-साल के कार्यकाल वाले सदस्यों द्वारा निर्वाचित किया जाता है।
साल में एक बार पूर्ण सत्र में सभा की बैठक न्यूयॉर्क या द हेग में होती है और आवश्यकता के समय में एक विशेष सत्र में भी बैठक का आयोजन किया जाता है। ये सत्र प्रेक्षक देशों और गैर-सरकारी संगठनों के लिए खुले होते है।एमनेस्टी इंटरनेशनल, 11 नवम्बर 2007. एसेम्बली ऑफ स्टेट्स पार्टिज ऑफ द इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट https://web.archive.org/web/20101124185043/http://www.amnesty.org/en/international-justice/issues/international-criminal-court/assembly-states-parties 24 नवंबर 2010 . 2 जनवरी 2007 से एक्सेस
यह सभा, न्यायाधीशों और अभियोजकों का चुनाव करती है, अदालत के बजट का फैसला करती है, महत्त्वपूर्ण ग्रंथों को अपनाती है (जैसे रूल्स ऑफ़ प्रोसीजर एंड एविडेंस) और अदालत के अन्य अंगों के परीक्षण के लिए प्रबंधन निगरानी प्रदान करती है। रोम संविधि के अनुच्छेद 46 के अन्तर्गत इस सभा को कार्यालय से किसी न्यायाधीश या वकील को बाहर करने की अनुमति है जो "गंभीर कदाचार या उसके कर्तव्यों की एक गंभीर उल्लंघन करते हुए पाया जाता है" या "संविधि द्वारा आवश्यक कार्यों का निष्पादन करने में असमर्थ हो."रोम संविधि https://web.archive.org/web/20130910040634/http://untreaty.un.org/cod/icc/statute/99_corr/cstatute.htm 10 सितंबर 2013 का 46 अनुच्छेद . 20 मार्च 2008 को अभिगम.
अदालत के न्यायिक कार्यों में सदस्य देश हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं।अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय आपराधिक के लिए गठबंधन. एसेम्बली ऑफ स्टेट पार्टिज https://web.archive.org/web/20071212164725/http://www.iccnow.org/?mod=asp 12 दिसंबर 2007 . 2 जनवरी 2007 से एक्सेस. व्यक्तिगत मामलों से संबंधित विवादों को न्यायिक प्रभागों द्वारा सुलझाया जाता है।
नवम्बर 2008 में सदस्य देशों की सभा के सातवें सत्र में इस सभा ने फैसला किया कि 2010 के पहले सत्र के दौरान रोम संविधि की समीक्षा सम्मेलन को कम्पाला, युगांडा में आयोजित किया जाएगा.रोम संविधि की समीक्षा सम्मेलन की मेजबानी युगांडा द्वारा https://web.archive.org/web/20120118064158/http://www.haguejusticeportal.net/eCache/DEF/10/054.TGFuZz1FTg.html 18 जनवरी 2012 , हेग न्याय पोर्टल https://web.archive.org/web/20101128092839/http://www.haguejusticeportal.net/eCache/DEF/2.html 28 नवंबर 2010
प्रेसीडेंसी
thumb|right|2003 से 2009 तक कोर्ट के राष्ट्रपति फिलिप किर्श
अदालत के समुचित प्रशासन के लिए प्रेसीडेंसी जिम्मेदार होता है (अभियोजक कार्यालय से अलग).अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय. द प्रेसीडेंसी . 21 जुलाई 2007 से एक्सेस. इसमें राष्ट्रपति और प्रथम और द्वितीय उप-राष्ट्रपति - अदालत के तीन न्यायाधीश, जो अपने सहयोगी न्यायाधीशों के द्वारा अध्यक्ष का चुनाव अधिकतम दो तीन-वर्ष के कार्यकाल के लिए करते हैं, शामिल होते हैं।रोम संविधि https://web.archive.org/web/20130910040634/http://untreaty.un.org/cod/icc/statute/99_corr/cstatute.htm 10 सितंबर 2013 का अनुच्छेद 38. 20 मार्च 2008 से अभिगम. मौजूदा राष्ट्रपति सैंग-ह्यून साँग हैं, जिन्हें 11 मार्च 2009 को चुना गया था।अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 11 मार्च 2009. जज साँग (रिपब्लिक ऑप कोरिया) इलेक्टेड प्रेसीडेंट ऑफ द इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट; जजेस डियरा (माली) एंड कौल (जर्मनी) इलेक्ट्ड फर्स्ट एंड सेकेंड वाइस-प्रेसीडेंट रेसपेक्टीवली जून 2020 InternetArchiveBot . 11 मार्च 2010 से एक्सेस
न्यायिक प्रभाग
Judges of the International Criminal Court
न्यायिक प्रभाग शाखा में अदालत के 18 न्यायाधीश शामिल हैं, जिसे तीन शाखाओं में विभाजित किया गया है - पूर्व परीक्षण शाखा, परीक्षण शाखा और अपील शाखा - जो अदालत की न्यायिक कार्यों का वहन करते हैं।अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय. चैम्बर्स. 21 जुलाई 2007 से उपलब्ध. सदस्य देशों की सभा द्वारा अदालत के लिए न्यायाधीशों का चुनाव किया जाता है। उनकी सेवा नौ वर्षों की होती है और आमतौर पर पुनः चुनाव के लिए वे अयोग्य होते हैं। सभी न्यायाधीशों को रोम संविधि के सदस्य देशों का नागरिक होना चाहिए और दो न्यायाधीश एक ही देश के नागरिक नहीं हो सकते हैं।रोम संविधि https://web.archive.org/web/20130910040634/http://untreaty.un.org/cod/icc/statute/99_corr/cstatute.htm 10 सितंबर 2013 का अनुच्छेद 36. 20 मार्च 2008 से एक्सेस. उन्हें "उच्च नैतिक चरित्र, निष्पक्षता और ईमानदारी से परिपूर्ण व्यक्ति होना चाहिए जो अपने देश के उच्चतम न्यायिक कार्यालयों में भर्ती होने की आवश्यक योग्यता रखते हैं।
अभियोजक या किसी भी व्यक्ति के किसी भी मामले में जांच या मुकदमा होने के बाद, जिसमें उसकी निष्पक्षता पर शक किया गया हो, उसे न्यायाधीश पद से अयोग्य हो जाने का अनुरोध किया जा सकता है।रोम संविधि https://web.archive.org/web/20130910040634/http://untreaty.un.org/cod/icc/statute/99_corr/cstatute.htm 10 सितंबर 2013 का अनुच्छेद 41 . 20 मार्च 2008 से एक्सेस. किसी विशेष मामले से किसी न्यायाधीश को अयोग्य साबित करने के लिए अन्य न्यायाधीशों के पूर्ण बहुमत द्वारा निर्णय लिया जाता है। एक जज को कार्यालय से हटाया जा सकता है अगर उसे "अपने कर्तव्यों का उल्लंघन करते या गंभीर कदाचार करते पाया गया" या अपने कार्यों को करने में उसे असमर्थ पाया गया। एक न्यायाधीश को हटाने के लिए अन्य न्यायधीशों की दो-तिहाई बहुमत और सदस्य देशों की दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है।
अभियोजक कार्यालय
अभियोजक कार्यालय, जांच और मुकदमों के आयोजन के लिए जिम्मदार होता है।अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय. अभियोजक का कार्यालय . 21 जुलाई 2007 को उपलब्ध. इसमें अभियोजक नेतृत्व करता है, जिसे दो उप अभियोजक सहायता करते हैं। रोम संविधि अभियोजक के कार्यालय को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अनुमति देती है,रोम संविधि https://web.archive.org/web/20130910040634/http://untreaty.un.org/cod/icc/statute/99_corr/cstatute.htm 10 सितंबर 2013 का अनुच्छेद 42. 20 मार्च 2008 को उपलब्ध. कार्यालय का कोई भी सदस्य किसी बाहरी स्त्रोत, जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठन, गैर सरकारी संगठन या किसी व्यक्ति के निर्देशन पर कार्य नहीं कर सकता है।
तीन परिस्थितियों के तहत अभियोजक जांच कार्य शुरू करता है:
जब एक सदस्य देश द्वारा किसी मामले को सौंपा जाता है;
जब उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा किसी मामले को सौंपा जाता है, अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के खतरे को समाप्त करने के लिए निर्दिष्ट करने के लिए उसके द्वारा, सुरक्षा अभिनय और पता करने के लिए एक खतरा है, या
जब प्री-ट्रायल चैंबर उसे अधिकृत व्यक्तियों या गैर सरकारी संगठनों के रूप में अन्य स्रोतों से सूचना प्राप्त करने के आधार पर एक जांच करने के लिए कहती है।
पूछ-ताछ या अभियोजन के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति एक अभियोजक को किसी भी मामले से अयोग्य ठहराने का अनुरोध कर सकता है "जिसमें किसी भी किसी भी आधार पर उनकी निष्पक्षता पर शक किया जा सके". अभियोजक की अयोग्यता के अनुरोध पर फैसला, अपील प्रभाग द्वारा किया जाता है। किसी अभियोजक को कार्यालय से सदस्य देशों के पूर्ण बहुमत के द्वारा हटाया जा सकता है, अगर उसे "अपने गंभीर कदाचार या कर्तव्यों का उल्लंघन करते पाया गया" या अपने कार्यों को करने में उसे असमर्थ पाया गया। हालांकि, अदालत के आलोचकों का तर्क है कि "आईसीसी के अभियोजक और न्यायाधीशों के अधिकारों पर अपर्याप्त नियंत्रण और संतुलन मौजूद है" और "राजनीतिक अभियोजन और अन्य दुर्व्यवहारों के खिलाफ अपर्याप्त सुरक्षा है".अमेरिकी विदेश विभाग, 30 जुलाई 2003. अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) के बारे में अमेरिकी सरकार की नीतियों के बारे में पूछे गए लगातार प्रश्न) . 31 दिसम्बर 2006 से एक्सेस हेनरी किसिंजर का कहना है कि नियंत्रण और संतुलन इतना कमजोर है कि अभियोजक के पास "वस्तुतः असीमित अधिकार होता है।"हेनरी ए. किसिंजर "यूनिवर्सल क्षेत्राधिकार का नुकसान". विदेश मामले जुलाई/अगस्त 2001, पी. 95. 31 दिसम्बर 2006 को उपलब्ध
अक्टूबर 2009 तक, अर्जेंटीना के अभियोजक लुईस मोरेनो ओकांपो थे जिनका चुनाव नौ वर्षों के कार्यकाल के लिए सदस्य देशों की सभा द्वारा 21 अप्रैल 2003अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 24 अप्रैल 2003. अभियोजक का चुनाव . 21 जुलाई 2007 को उपलब्ध. को किया गया था।
रजिस्ट्री
प्रशासन के गैर न्यायिक पहलुओं और अदालत की सर्विसिंग के लिए रजिस्ट्री जिम्मेदार होती है।अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय. द रजिस्ट्री https://web.archive.org/web/20110616151431/http://www.icc-cpi.int/menus/icc/structure%20of%20the%20court/registry/the%20registry?lan=en-GB.html 16 जून 2011 http://www.icc-cpi.int/menus/icc/structure%20of%20the%20court/registry/the%20registry?lan=en-GB.html संग्रहीत प्रति 13 जुलाई 2026 https://web.archive.org/web/20110616151431/http://www.icc-cpi.int/menus/icc/structure%20of%20the%20court/registry/the%20registry?lan=en-GB.html 16 जून 2011 dead . 21 जुलाई 2007 को उपलब्ध. इसमें अन्य चीजों के अलावा, "प्रशासन की कानूनी सहायता मामले, अदालत प्रबंधन, पीड़ित और गवाह मामले, वकील बचाव, निरोध इकाई और अंतरराष्ट्रीय संगठनों में प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई पारम्परिक सेवाएं जैसे वित्त, अनुवाद, प्रबंधन निर्माण, वसूली और कार्मिक शामिल हैं।" रजिस्ट्री का नेतृत्व रजिस्ट्रार द्वारा किया जाता है जिसका चुनाव 5 वर्षो के कार्यकाल के लिए न्यायाधीशों द्वारा किया जाता है। वर्तमान रजिस्ट्रार सिल्वाना अरबिया है, जिन्हें 28 फ़रवरी 2009 में चुना गया था।
मुख्यालय, कार्यालय और निरोध इकाई
अदालत का आधिकारिक कार्यालय द हेग, नीदरलैंड में है, लेकिन इसकी कार्यवाही कहीं भी हो सकती हैं।रोम संविधि https://web.archive.org/web/20130910040634/http://untreaty.un.org/cod/icc/statute/99_corr/cstatute.htm 10 सितंबर 2013 का अनुच्छेद 3. 20 मार्च 2008 को अभिगम.आईसीसी और नीदरलैंड के बीच कानूनी रिश्ते को मुख्यालय समझौते के द्वारा अधिचालित किया गया जो कि 1 मार्च 2008 को लागू हुआ। (देखें अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 2008: Headquarter Agreement between the International Criminal Court and the Host State 2.23 MB . 1 जून 2008 को अभिगम किया गया। वर्तमान में यह न्यायालय द हेग के पूर्वी छोर पर अंतरिम परिसर में स्थित है।अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के लिए गठबंधन, 2006. इमारत - आईसीसी परिसर https://web.archive.org/web/20101124154924/http://iccnow.org/?mod=premises 24 नवंबर 2010 . 8 जून 2008 को अभिगम किया गया। द हेग के उत्तर में, अलेक्जेंडरकेज़र्न में स्थायी रूप से अदालत का निर्माण करने का इरादा है।सदस्य देशों की सभा, 14 दिसम्बर 2007. Resolution: Permanent premises 323 KB . 20 मार्च 2008 को अभिगम किया गया।
आईसीसी, न्यूयॉर्क में संपर्क कार्यालय को बनाए रखा हैअंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, जनवरी 2007. सोकोर्रो फ्लोर्स लिएरा हेड ऑफ द लियसन ऑफिस टू द यूएन . 10 जून 2008 से एक्सेस. और क्षेत्रीय कार्यालयों जहां यह अपने गतिविधियों को आयोजित करता है, को भी बनाए हुए है। 18 अक्टूबर 2007 तक, अदालत का क्षेत्रीय कार्यालय कम्पाला, किनशासा, बुनिया, अबेचे और बंगुइ में था।अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 18 अक्टूबर 2007. रजिस्ट्रार ने बंगुइ में आईसीसी फील्ड कार्यालय का उद्घाटन किया . 10 जून 2008 को अभिगम किया गया।
आईसीसी का निरोध केंद्र द हेग के हागलैंडन पेनल इंस्टीट्यूशन के शेवेनिंगेन शाखा के परिसर में बारह कक्षों से बना है।एम्मा थोमसन, 28 फ़रवरी 2006. आईसीसी ने कहा युगांडा युद्ध संदिग्ध अपराध के लिए सेल्स तैयार है https://web.archive.org/web/20070928030946/http://www.publicinternationallaw.org/warcrimeswatch/archives/wcpw_vol01issue02.html#u2 28 सितंबर 2007 . रॉयटर्स 18 जून 2008 को अभिगम किया गया। पूर्व यूगोस्लाविया के लिए अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायाधिकरण द्वारा पकड़े गए संदिग्धों को उसी जेल में रखा गया है और वे समान सुविधा साझा करते हैं जैसे फिटनेस कमरा, लेकिन आईसीसी द्वारा पकड़े गए संदिग्धों के साथ उनका कोई संपर्क नहीं है। अलेक्जेडरकाजेर्न में आईसीसी के भावी मुख्यालय के लिए निरोध इकाई को बंद कर दिया गया है।अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 18 अक्टूबर 2005. Report on the future permanent premises of the International Criminal Court: Project Presentation 537 KB, पृ. 23. 18 जून 2008 को अभिगम किया गया।
अक्टूबर 2009 तक निरोध केंद्रों में पांच संदिग्धों को रखा गया था: थॉमस लुबंगा, जर्मेन कटंगा, मथेउ गुडजोलो चूई, जीन-पियरे बेम्बा और लाइबेरिया के पूर्व राष्ट्रपति चार्ल्स टेलर. टेलर पर सिएरा लियोन के लिए विशेष अदालत के अधिदेश और तत्वावधान के तहत मुकदमा चल रहा है, लेकिन उनके मुकदमे को फ़्रीटाउन में मुकदमे के आयोजन पर राजनीतिक और सुरक्षा चिंताओं के चलते द हेग में आईसीसी की सुविधा में आयोजित किया जा रहा है।बीबीसी समाचार, 20 जून 2006. Q&A: ट्राइंग चार्ल्स टेलर https://web.archive.org/web/20100710202448/http://news.bbc.co.uk/2/hi/africa/4848938.stm 10 जुलाई 2010 . 11 जनवरी 2007 को अभिगम किया गया।अलेक्जेंडर हडसन, 31 मई 2007. " वारलोर्ड टेलर्स होम इज लोनली डच प्रिजन https://web.archive.org/web/20090126013704/http://www.alertnet.org/thenews/newsdesk/L31697300.htm 26 जनवरी 2009 ". रॉयटर्स 27 जुलाई 2007 को उपलब्ध.
प्रक्रिया
अभियुक्त के अधिकार
रोम संविधि में प्रावधान है कि सभी व्यक्तियों को तब तक निर्दोष माना जाता है जब तक कि उन्हें उचित संदेह से परे दोषी नहीं सिद्ध किया जाता,रोम संविधि https://web.archive.org/web/20130910040634/http://untreaty.un.org/cod/icc/statute/99_corr/cstatute.htm 10 सितंबर 2013 का 66 अनुच्छेद . 20 मार्च 2008 को अभिगम किया गया। और जांच के दौरान आरोपियों और व्यक्तियों के लिए कुछ अधिकार स्थापित किये गए है।अनुच्छेद 55 में एक जांच के दौरान व्यक्तियों के अधिकारों को प्रदान की जाती है। भाग 6, खासकर अनुच्छेद 67 में अभियुक्त को अधिकार प्रदान की जाती है। इन्हें भी देखें एमनेस्टी इंटरनेशनल, 1 अगस्त 2000. अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय कोर्ट: तथ्य पत्र 9 - साफ जांच की गारंटी देता है https://web.archive.org/web/20110611092127/http://www.amnesty.org/en/library/info/IOR40/009/2000 11 जून 2011 . 20 मार्च 2008 को अभिगम किया गया। इसमें शामिल है अपने खिलाफ आरोपों के बारे में पूर्ण जानकारी पाने का अधिकार, नि:शुल्क रूप से एक वकील की नियुक्त का अधिकार; एक त्वरित परीक्षण करने का अधिकार; और उसके खिलाफ गवाहों की जांच करने का अधिकार और अपनी ओर से गवाहों की उपस्थिति और परीक्षण प्राप्त करने का अधिकार.
कुछ लोगों का तर्क है कि आईसीसी द्वारा पेशकश की गई सुरक्षा अपर्याप्त हैं। हैरीटेज फाउंडेशन के एक रूढ़िवादी विचारक के अनुसार "वे अमेरिकी जो अदालत में उपस्थित होते हैं उन्हें बुनियादी संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जाता है, जैसे जूरी के समकक्ष के द्वारा मुकदमा, दोहरे खतरे से सुरक्षा और दूसरे आरोपी से सामना करने का अंधिकार."ब्रेट शेफर डी., 9 जनवरी 2001. ओवरटर्निंग क्लिनटंस मिडनाइट एक्शन ऑन द इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट https://web.archive.org/web/20090820055306/http://www.heritage.org/Research/InternationalOrganizations/EM708.cfm 20 अगस्त 2009 . हेरिटेज फाउंडेशन. 23 नवम्बर 2006 में अभिगम किया गया। ह्यूमन राइट्स वॉच का तर्क है कि, आईसीसी का मानक पर्याप्त है, उन्होंने कहा कि "आईसीसी के पास आज तक की लिखी गई योग्य प्रक्रिया गारंटी की सबसे व्यापक सूची है", जिसमें बेकसूरी की प्रकल्पना; परामर्श का अधिकार; सबूतों को पेश करने और गवाहों का सामना करने का अधिकार; चुप्पी बनाए रखने का अधिकार; जांच पर उपस्थित होने का अधिकार; उचित संदेह से परे आरोप साबित करने और दोहरे खतरे के खिलाफ सुरक्षा प्राप्त करने का अधिकार शामिल है।"ह्यूमन राइट्स वॉच. मिथ्स एंड फैक्ट्स अबाउट द इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट. 31 दिसम्बर 2006 को अधिगम किया गया। डेविड शेफर जो रोम सम्मेलन के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हैं (और जिन्होंने संधि को धारण करने के खिलाफ वोट किया था), के अनुसार "जब हमलोग रोम संधि पर बातचीत कर रहे थे, हमलोग हमेशा इस बात पर नज़र रखते थे कि, 'क्या यह अमेरिकी संवैधानिक परीक्षण के साख आमने-सामने होगी, इस अदालत का गठन और कारण प्रक्रिया अधिकार बचाव पक्ष प्रदान करेगी?" और रोम के अंत में हम लोग काफी आश्वस्त थे कि वह योग्य प्रक्रिया अधिकार, वास्तव में सुरक्षित थे और वह संधि संवैधानिक जांच पर खरी है।"सीएनएन, 2 जनवरी 2000. ''बर्डेन ऑफ प्रूफ ट्रांसक्रिप्ट ] https://web.archive.org/web/20110522014103/http://transcripts.cnn.com/TRANSCRIPTS/0001/02/bp.00.html 22 मई 2011 . 31 दिसम्बर 2006 को अधिगम किया गया।</ref> श्री शेफर के इस बात पर विचार कि क्या यह संधि अमेरिकी संविधान की आवश्यकताओं को संतुष्ट कर पाएगी केवल एक राजनयिक का विचार था; किसी अमेरिकी अदालत ने मुद्दे को विवाद के लिए खुला छोड़ने की राय नहीं दी.
रक्षा और अभियोजन दलों के बीच "हथियार की समानता" को सुनिश्चित करने के लिए आईसीसी ने सैन्य सहायता, परामर्श और बचाव पक्ष और उनके सलाह प्रदान करने के लिए रक्षा के लिए लोक परामर्श (ओपीसीडी) के एक स्वतंत्र कार्यालय की स्थापना की। कैटी ग्लासबोरो, 21 अगस्त 2006. रक्षकों का बचाव https://web.archive.org/web/20070509025812/http://www.globalpolicy.org/intljustice/general/2006/0821defenders.htm 9 मई 2007 . वैश्विक नीति फोरम 3 मई 2007 को एक्सेस.अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय. रक्षा का अधिकार . 3 मई 2007 को एक्सेस. ओपीसीडी एक जांच के प्रारम्भिक चरणों के दौरान आरोपी के अधिकारों को बनाए रखने में मदद भी करता है।अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 2005. 2004 के लिए अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय की रिपोर्ट https://web.archive.org/web/20070927223337/http://www.derechos.org/nizkor/icc/iccreport.html 27 सितंबर 2007 . 3 मई 2007 को एक्सेस. हालांकि, थॉमस लुबंगा के बचाव दल का कहना है कि अभियोजकों की तुलना में उन्हें कम बजट दिया गया है और वे सबूत और गवाहों के बयान काफी धीमी गति से उनके पास पहुंचती है।स्टेफ़नी हंसन, 17 नवम्बर 2006. अफ्रीका और अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय https://web.archive.org/web/20080226010634/http://www.cfr.org/publication/12048/ 26 फ़रवरी 2008 . विदेशी संबंध परिषद 23 नवम्बर 2006 से एक्सेस.
पीड़ित भागीदारी और हानिपूर्ति
May 2009
अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के अधिनियम और प्रक्रिया और साक्ष्य के नियम का एक महान नवाचार है पीड़ित को दी गई अधिकारों की श्रृंखला.अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय. पीड़ित और गवाह . 22 जून 2008 को अभिगम किया गया।इलारिया बोट्टीग्लिएरो, अप्रैल 2003. "अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय - पीड़ितों के लिए आशा है https://web.archive.org/web/20070928031441/http://www.sgiquarterly.org/english/Features/quarterly/0304/perspective.htm 28 सितंबर 2007 ", 32 एसजीआई त्रैमासिक पीपी 13-15. 24 जुलाई 2007 को उपलब्ध. अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्याय के इतिहास में पहली बार, संविधि के तहत पीड़ित के न्यायालय के समक्ष अपने विचार और टिप्पणी रखने की संभावना होती है।
न्यायालय के समक्ष भागीदारी, कार्यवाही के विभिन्न चरणों में होती है और यह अलग-अलग रूपों में हो सकती है। हालांकि यह न्यायाधीशों पर आधारित होती है और वे समय और भागीदारी के तरीके के लिए निर्देश देते हैं।
ज्यादातर मामलों में कोर्ट की कार्यवाही में भाग लेना एक कानूनी प्रतिनिधि के माध्यम से होता है और "आरोपी के अधिकार और न्यायपूर्ण और निष्पक्ष जांच के साथ एक तरह से जो प्रतिकूल या असंगत का अधिकार नहीं है", में आयोजित किया जाता है।
रोम संविधि के अनतर्गत पीड़ित-आधारित प्रावधानों में पीड़ितों के पास यह अवसर होता है कि वे अपनी बात रख सकते हैं और जहां उपयुक्त हो अपने कष्ट के लिए क्षतिपूर्ति प्राप्त कर सकते हैं। यह दंड देनेवाला और दृढ न्याय के बीच संतुलन है जो कि आईसीसी को सक्षम बनाता है, न केवल न्याय के लिए अपराधियों को लाने बल्कि पीड़ितों को खुद न्याय प्राप्त करने में मदद करता है।
अनुच्छेद 43 (6) एक पीड़ित और साक्ष्य इकाई को स्थापित करता है जिसमें "सुरक्षात्मक उपाय और सुरक्षा व्यवस्था और गवाहों और पीड़ित के लिए परामर्श और अन्य उपयुक्त सहायता प्रदान करता है जो अदालत में उपस्थित होते हैं और गवाहों द्वारा दिए गए बयान के कारण जिन दूसरो लोगों को खतरा होती है उन्हें सुरक्षा प्रदान किया जाता है।"रोम संविधि https://web.archive.org/web/20130910040634/http://untreaty.un.org/cod/icc/statute/99_corr/cstatute.htm 10 सितंबर 2013 43(6) अनुच्छेद. 20 मार्च 2008 को अभिगम किया गया। अनुच्छेद 68 "पीड़ितों और गवाहों की सुरक्षा और कार्यवाही में उनकी भागीदारी" के लिए नियमों को स्थापित करता है।रोम संविधि https://web.archive.org/web/20130910040634/http://untreaty.un.org/cod/icc/statute/99_corr/cstatute.htm 10 सितंबर 2013 का 68 अनुच्छेद. 20 मार्च 2008 को अभिगम. अदालत ने पीड़ितों के लिए सार्वजनिक परामर्श के एक कार्यालय की भी स्थापना की है, जिसके तहत पीड़ितों और उनके कानूनी प्रतिनिधियों को सहायता प्रदान की जाती है।<ref name="2006report">अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 17 अक्टूबर 2006. {{PDFlink|[http://www.icc-cpi.int/library/asp/ICC-ASP-5-15_English.pdf Report on the activities of the Court|151 KB}}. 18 जून 2008 को अभिगम किया गया। रोम संविधि का अनुच्छेद 79 पीड़ितों और उनके परिवार वालों के लिए आर्थिक क्षतिपूर्ति के लिए एक ट्रस्ट फंड को स्थापित करती है।अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय. पीड़ितों के लिए कोष ट्रस्ट https://web.archive.org/web/20080119095812/http://www.icc-cpi.int/vtf.html 19 जनवरी 2008 '' . 22 जून 2008 को अभिगम किया गया।</ref>
कार्यवाही में पीड़ितों की भागीदारी
रोम संविधि प्रावधानों में न्यायालय की कार्यवाही के सभी चरणों में पीड़ितों के भाग लेने में सक्षम होना शामिल है।
इसलिए पीड़ित, प्री-ट्रायल चैम्बर के समक्ष निवेदन दाखिल कर सकते हैं जब अभियोजक इसके प्राधिकरण को जांच करने के लिए अनुरोध करता है। अदालत की क्षमता या मामलों की स्वीकार्यता से संबंधित सभी मामलों पर वे निवेदन दाखिल कर सकते हैं।
अतिसामान्य रूप से कार्यवाही या अपील चरण के दौरान पीड़ित, पूर्व परीक्षण चरण में न्यायालय कक्षों के सामने निवेदन दायर करने के हकदार होते हैं।
अदालत के सामने कार्यवाही में पीड़ित की भागीदारी के लिए कार्यवाही और सबूत के नियम में समय निर्धारित होता है। उन्हें कोर्ट के रजिस्ट्रार को एक लिखित आवेदन पत्र भेजना जरूरी होता है और विशेष रूप से पीड़ित भागीदारी और हानिपूर्ति विभाग को भी, जो उस आवेदन को सक्षम चैम्बर को प्रस्तुत करता है और यह चैंबर कार्यवाही में पीड़ित की भागीदारी के लिए व्यवस्था करने का फैसला करती है। यदि वह चैम्बर उस व्यक्ति को पीड़ित नहीं मानता है तो वह आवेदन को अस्वीकार कर सकता है। वे व्यक्ति जो अदालत की कार्यवाही में भाग लेने के लिए आवेदन पत्र देना चाहते हैं, उसके लिए उन्हें यह प्रमाण देना पड़ेगा कि वे उन अपराधों से पीड़ित हैं जो कि जारी कार्यवाही में न्यायालय की क्षमता के अंतर्गत आते हैं। कार्यवाही में भाग लेने के लिए पीड़ित को अपनी याचिका दायर करने में सरलता प्रदान करने के लिए यह धारा एक मानक प्रारूप और पुस्तिका तैयार करती है।
यह निर्धारित किया जाना चाहिए कि एक याचिका को पीड़ित की सहमति से कार्य करने वाले व्यक्ति द्वारा तैयार किया गया है या अगर पीड़ित बच्चा है तो उसके नाम पर किया जा सकता है या किसी विकलांगता के कारण ऐसा आवश्यक हो तो.
पीड़ितों को अपने कानूनी प्रतिनिधि चुनने की आजादी होती है, जिसे बचाव वकील के समान ही योग्यता रखना जरूरी होता है (यह एक वकील या एक न्यायाधीश या वकील के रूप में अनुभव के साथ एक व्यक्ति हो सकता है) और उसे न्यायालय के दो कार्यकारी भाषाओं में धाराप्रवाह होना चाहिए (अंग्रेजी या फ्रेंच).
कुशल कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए विशेष कर ऐसे मामलों में जिसमें कई पीड़ित होते हैं, सम्बंधित चैंबर, पीड़ितों से साझा कानूनी प्रतिनिधि चुनने के लिए मांग कर सकते हैं। यदि पीड़ित नियुक्ति करने में असमर्थ हैं, तो चैंबर, रजिस्ट्रार से एक या अधिक साझा कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करने की मांग कर सकता है। पीड़ितों की भागीदारी और हर्जाने की धारा उनके न्यायालय में कानूनी प्रतिनिधित्व के संगठन के साथ पीड़ितों की सहायता के लिए जिम्मेदार है। जब एक पीड़ित या पीड़ित लोगों के एक समूह के पास अदालत द्वारा नियुक्त किए गए साझा कानूनी प्रतिनिधि को भुगतान करने का साधन नहीं होता है तो वे अदालत से आर्थिक सहायता की विनती कर सकते हैं। निवेदन दाखिला करने और सुनवाई में भाग लेने के द्वारा वकील, न्यायालय की कार्यवाही में भाग ले सकते हैं।
रजिस्ट्री और इसके अंतर्गत पीड़ित भागीदारी और हानिपूर्ति प्रभाग का यह दायित्व होता है कि वे पीड़ितों को कार्यवाही की प्रगति के बारे में संपूर्ण रूप से जानकारी दे। इस प्रकार, यह निर्धारित किया जाता है कि प्रभाग, उन पीड़ितों को सूचित करे, जो किसी मामले या स्थिति में न्यायालय के संपर्क में होते हैं, अभियोजक द्वारा किसी भी फैसले को जांच के दौरान खुलासा नहीं किया जाता है या अभियोजन शुरू नहीं किया जाता, ताकि ये पीड़ित पूर्व जांच चैंबर के समक्ष निवेदन दाखिल कर सके जो कि संविधि के नियमों के तहत अभियोजक द्वारा लिए गए फैसले का निरीक्षण के लिए जिम्मेदार होता है। समान अधिसूचना की आवश्यकता प्री-ट्रायल चैंबर में सुनवाई की पुष्टि होने से पहले होती है ताकि पीड़ित को सभी आवश्यक निवेदन दाखिल करने की अनुमति दी जा सके। न्यायालय द्वारा लिए गए सभी निर्णय को कार्यवाही में भाग लेने वाले पीड़ितों या उनके वकील को सूचित किया जाता है। पीड़ित भागीदारी और हानिपूर्ति प्रभाग में अदालत के सामने कार्यवाही के सभी उचित प्रचार के प्रत्येक संभव प्रयोग के लिए विस्तृत विशेषाधिकार होता है (स्थानीय मीडिया, सहयोग के लिए सरकार को भेजे गए अनुरोध, गैर सरकारी संगठनों या अन्य साधनों से सहायता का अनुरोध).
पीड़ितों के लिए क्षतिपूर्ति
मानवता के इतिहास में पहली बार, एक अंतरराष्ट्रीय अदालत के पास एक व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति को क्षतिपूर्ति का भुगतान करने का आदेश देने की शक्ति है; साथ यह भी पहली बार है कि एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के पास ऐसी शक्ति है।
अनुच्छेद 75 के अनुसार अदालत पीड़ितों के क्षतिपूर्ति के लिए सिद्धांतों को निर्धारित कर सकती है, जिसमें बहाली, क्षतिपूर्ति और पुनर्वास शामिल हो सकते हैं। इस अर्थ में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय की रोम संविधि के किए गए सभी कार्यों से पीड़ितों को लाभ हुआ है विशेष कर संयुक्त राष्ट्र के भीतर.
पीड़ितों या उनके लाभार्थियों के लिए उचित हानिपूर्ति घोषित करते हुए न्यायालय को एक सजायाफ्ता व्यक्ति के खिलाफ आदेश देना होता है। यह हर्जाना भी बहाली, क्षतिपूर्ति, या पुनर्वास का रूप में हो सकता है। हो सकता है कोर्ट पीड़ितों के हानिपूर्ति के लिए ट्रस्ट फंड के माध्यम से भुगतान करने का आदेश दे सकता है, जिसकी स्थापना 2002 में सदस्य पार्टियों की सभा द्वारा किया गया था।
हानिपूर्ति की मांग के लिए रजिस्ट्री को पीड़ितों द्वारा एक लिखित आवेदन पत्र दायर करना होता है, जिसमें प्रक्रिया और साक्ष्य नियम के नियम 94 में निर्धारित सबूत होने चाहिए। पीड़ित भागीदारी और हर्जाना प्रभाग ने पीड़ितों के लिए इसे आसान करने के लिए मानक प्रारूप तैयार किए हैं।http://www.icc-cpi.int/Menus/ICC/Structure+of+the+Court/Victims/Reparation/Forms.htm संग्रहीत प्रति 18 नवंबर 2010 https://web.archive.org/web/20100503224752/http://www.icc-cpi.int/Menus/ICC/Structure+of+the+Court/Victims/Reparation/Forms.htm 3 मई 2010 dead वे अभियोजित व्यक्ति से जब्त संपत्ति को पाने के उद्देश्य से सुरक्षा उपायों के लिए भी आवेदन दे सकते हैं।
पीड़ित भागीदारी और हानिपूर्ति प्रभाग, पीड़ितों के अपने आवेदन को सक्षम बनाने के लिए हानिपूर्ति कार्यवाहियों को उचित प्रचार देने का जिम्मेदार होता है। ये कार्रवाइयां एक व्यक्ति पर मुकदमा चलाए जाने और कथित तथ्यों के लिए दोषी घोषित कर दिए जाने के बाद की जाती हैं।
न्यायालय के पास व्यक्तिगत या सामूहिक रूप से, पीड़ितों के समूचे समूह के रूप में, या एक समुदाय या दोनों के रूप में हानिपूर्ति करने का विकल्प होता है। अगर अदालत सामूहिक हर्जाना के लिए आदेश देने का फैसला करती है, हो सकता है इसके लिए अदालत विक्टिम फंड के माध्यम से करने का आदेश दे और उसके बाद एक-सरकारी, अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय संगठन को भी भुगतान कर सकती है।
रोम संविधि के गैर-सदस्य देशों का सहयोग
अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों में से एक है कि एक संधि तीसरे देशों के लिए उनकी सहमती के बिना न तो बाध्यकारी होती है और न ही कोई अधिकार निर्मित करती है (pacta tertiis nec nocent nec prosunt) और 1969 के वियना कंवेंशन ऑन द लॉ ऑफ ट्रिटिज में यही निहित है।1969 से वियना कन्वेंशन https://web.archive.org/web/20130112212843/http://untreaty.un.org/ilc/texts/instruments/english/conventions/1_1_1969.pdf 12 जनवरी 2013 का 34 अनुच्छेद. 30 अक्टूबर 2006 को उपलब्ध. अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की रोम संविधि द्वारा आईसीसी के साथ गैर सदस्यीय देशों की कल्पना एक स्वैच्छिक प्रकृति के रूप में की गई थी।रोम संविधि) का अनुच्छेद 85 (5)(a). 30 अक्टूबर 2006 को उपलब्ध. हालांकि, यहां तक कि कुछ देश जिन्होंने अभी तक रोम संविधि को स्वीकार नहीं किया है हो सकता है कुछ मामलों में आईसीसी के साथ सहयोग के लिए दायित्व का विषय अभी भी बनी रहेगा.झू, वेंकी. "अंतरराष्ट्रीय अपराध कोर्ट के लिए देशों द्वारा सहायता न कि पार्टी द्वारा https://web.archive.org/web/20081122050413/http://www.icrc.org/Web/eng/siteeng0.nsf/htmlall/review-861-p87/$File/irrc_861_Wenqi.pdf 22 नवंबर 2008 . " इंटरनेशनल रेव्यू ऑफ रेड क्रॉस न. 861 (2006), पी. 87-110. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा जब एक मामले को आईसीसी के पास भेजा जाता है तब सभी संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश सहयोग के लिए बाध्य होते हैं, जब से इसका फैसला सब के लिए बाध्य हुआ।संयुक्त राष्ट्र चार्टर https://web.archive.org/web/20090220011242/http://www.un.org/aboutun/charter/ 20 फ़रवरी 2009 का अनुच्छेद 25. 30 अक्टूबर 2006 को उपलब्ध इसके अलावा, अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के लिए सम्मान सुनिश्चित करने का दायित्व होता है, जो जिनेवा कन्वेंशन और अडिशनल प्रोटोकॉल I से उपजा है,1977 से अतिरिक्त प्रोटोकॉल I https://web.archive.org/web/20081210124556/http://www.icrc.org/ihl.nsf/7c4d08d9b287a42141256739003e636b/f6c8b9fee14a77fdc125641e0052b079 10 दिसंबर 2008 का 89 अनुच्छेद. 30 अक्टूबर 2008 से अभिगम. जो IHL की निरपेक्ष प्रकृति को दर्शाता है।मिलिटरी एंड पैरामिलिटरी एक्टीविटिज इन द अगेन्स्ट निकारागुआ (निकारागुआ v. द यूनाईटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका)'''' मेरिट्स, जजमेंट आईसीजे रिपोर्ट 1986, पृ. 114, पैरा. 220. हालांकि सम्मलेन के निर्णय में यह स्पष्ट नहीं भी हो सकता है कि कौन से कदम उठाए जाने हैं, यह तर्क दिया गया है कि उन सम्मेलनों के गंभीर उल्लंघन की प्रतिक्रिया में आईसीसी के कार्यवाही को न रोकने के प्रयासों के लिए कम से कम गैर-सदस्यीय देशों की आवश्यकता होती है। जांच और सबूत इकट्ठा करने में सहायता के संबंध में, रोम संविधि द्वारा यह गर्भित हैरोम संविधि का अनुच्छेद 99. 30 अक्टूबर 2008 को उपलब्ध. कि आईसीसी अभियोजक के अपने क्षेत्र के भीतर एक जांच के आयोजन के लिए गैर-सदस्यीय देशों की सहमति आवश्यक है और ऐसा लगता है कि उस देश द्वारा उठाए गए उचित शर्त उसके लिए और भी आवश्यक है, चूंकि संविधि के लिए ऐसे प्रतिबंध सदस्यीय देशों के लिए ही होते हैं। ICTY (जिसने संपूरकता के बजाय प्रधानता के सिद्धांत के साथ काम किया) के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए, सहयोग के संबंध में, कुछ विद्वानों ने आईसीसी के लिए गैर-सदस्य देशों से सहयोग प्राप्त करने की संभावनाओं पर अपने निराशावाद को व्यक्त किया है। जहां तक उस कार्यवाही का सवाल है जो आईसीसी सहायता ना करने वाले गैर सदस्यीय देशों के लिए ले सकती है, रोम संविधि यह निर्धारित करता है कि अदालत सदस्य देशों की सभा को या सुरक्षा परिषद को सूचित कर सकता है, जब इसके द्वारा मामले को भेजा जाता है, जब गैर सदस्य सहयोग करने से मना कर देते हैं उसके बाद यह तदर्थ व्यवस्था या अदालत के साथ एक व्यवस्था में प्रवेश करती है।रोम संविधि) का अनुच्छेद 87 (5). 30 अक्टूबर 2008 से अभिगम.
अपराध-क्षमा और राष्ट्रीय सुलह प्रक्रिया
यह स्पष्ट नहीं है कि संघर्ष को समाप्त करने के लिए समझौते के हिस्से के रूप में मानवाधिकारों का हनन करने वालों को माफी देने में आईसीसी सुलह प्रक्रिया में किस हद तक समर्थ है।एंथोनी डॉर्किन, दिसंबर 2003. द इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट: एन एंड टू इम्प्यूरिटी? में "परिचय https://web.archive.org/web/20070916165219/http://www.crimesofwar.org/icc_magazine/icc-intro.html 16 सितंबर 2007 " युद्ध परियोजना का अपराध. 18 सितम्बर 2007 को उपलब्ध. रोम संविधि का अनुच्छेद 16, सुरक्षा परिषद को एक मामले की जांच या अभियोग को रोकने की अनुमति देता है, और अनुच्छेद 53, अभियोजक को स्वनिर्णय द्वारा जांच न करने की अनुमति देता है यदि कोई व्यक्ति यह सोचता है कि "न्याय की हितों की रक्षा जांच से नहीं हो सकती है।"रोम संविधि https://web.archive.org/web/20130910040634/http://untreaty.un.org/cod/icc/statute/99_corr/cstatute.htm 10 सितंबर 2013 का अनुच्छेद 53. 20 मार्च 2008 को अभिगम. पूर्व आईसीसी अध्यक्ष फिलिप किर्श ने कहा है कि संविधि के तहत जांच या अभियोग के लिए देश के वास्तविक दायित्व के साथ "कुछ सीमित अपराध-क्षमा संगत हो सकता है"
कभी-कभी यह तर्क दिया जाता है कि अपमानजनक शासनों से सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण के लिए माफी की अनुमति आवश्यक है। मानव अधिकारों के गुनहगारों के लिए आम माफी की पेशकश के अधिकार को नकार कर अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, संघर्ष को समाप्त करने और लोकतंत्र स्थापित करने की बातचीत को और अधिक कठिन बना सकता है। उदाहरण के लिए, कुछ लोगों द्वारा लौर्ड्स रेसिसटेंस आर्मी के चार नेताओं की महत्त्वपूर्ण गिरफ्तारी युगांडा में बगावत को समाप्त करने के लिए एक बाधा के रूप में माना जाता है।टिम लंड, 30 मई 2007. "युगांडा अर्ज्स ट्रेडिशनल जस्टिस फॉर रिबेल क्राइम https://web.archive.org/web/20080221135043/http://africa.reuters.com/top/news/usnBAN056745.html 21 फ़रवरी 2008 ". रॉयटर्स 31 मई 2007 से अभिगम.अलसडैर पामर, 14 जनवरी 2007. "व्हेन विक्टिम्स वांट पीस, नॉट जस्टिस https://web.archive.org/web/20080219151919/http://www.telegraph.co.uk/opinion/main.jhtml?xml=%2Fopinion%2F2007%2F01%2F14%2Fdo1409.xml 19 फ़रवरी 2008 ". द संडे टेलीग्राफ . 15 जनवरी 2007 को एक्सेस. चेक राजनीतिज्ञ मारेक बेंडा का तर्क है कि "हमारे विचार से निवारक सत्ता के रूप में आईसीसी का अर्थ है कि केवल निकृष्टतम तानाशाह ही हर कीमत पर सत्ता को बनाए रखने की कोशिश करेंगे."एलेना स्कोडोवा, "चेक पार्लियामेंट अगेन्स्ट रेटिफाइंग इंटकनेशनल क्रिमिनल कोर्ट https://web.archive.org/web/20080220071329/http://www.radio.cz/en/article/26826 20 फ़रवरी 2008 ". रेडियो प्राग, 12 अप्रैल 2002. 15 जनवरी 2007 को उपलब्ध. हालांकि, संयुक्त राष्ट्रदेखें, उदाहरण के लिए, कोफी अन्नान, 4 अक्टूबर 2000. सिएरा लियोन के लिए एक विशेष न्यायालय की स्थापना पर महासचिव की रिपोर्ट https://web.archive.org/web/20060525023709/http://www.afrol.com/Countries/Sierra_Leone/documents/un_sil_court_041000.htm 25 मई 2006 , पैरा. 22. 22 दिसम्बर 2006 को अभिगम किया गया। और रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समितिजीन मारी हेंकक्रेट्स और लुईस डोस्वल्ड-बेक, 2005. कस्टमरी इंटरनेशनल हुमानिटिरियन लॉ वोल्यूम I: नियम, पीपी 613-614. केम्ब्रिज: केम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस. ISBN 0-521-00528-0. का कहना है कि युद्ध अपराध और अन्य गंभीर अपराधों के लिए अभियुक्तों को माफी देना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
संयुक्त राष्ट्र के साथ संबंध
thumb|left|संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने डारफुर के मामले को आईसीसी में भेजा
इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस के विपरीत, आईसीसी, संयुक्त राष्ट्र से कानूनी और कार्यात्मक रूप से स्वतंत्र है। हालांकि, रोम संविधि, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को कुछ विशेष शक्तियों का अधिकार देती है। अनुच्छेद 13 सुरक्षा परिषद को अदालती स्थितियों को भेजने की अनुमति देती है जो अन्यथा अदालत की अधिकार क्षेत्र के तहत नहीं आती (जैसा कि डारफुर की स्थिति के संबंध में इसने किया था, अन्यथा अदालत मुकदमा नहीं चलाती क्योंकि सुडान इसका सदस्य देश नहीं है). अनुच्छेद 16 सुरक्षा परिषद को एक मामले में 12 महीने के लिए जांच को टालने की अनुमति देता हैरोम संविधि https://web.archive.org/web/20130910040634/http://untreaty.un.org/cod/icc/statute/99_corr/cstatute.htm 10 सितंबर 2013 का अनुच्छेद 16. 20 मार्च 2008 को अभिगम. इस तरह के स्थगन सुरक्षा परिषद द्वारा नए सिरे से अनिश्चित काल के लिए हो सकते हैं।
कई अलग-अलग क्षेत्रों में यूएन के साथ अदालत समर्थन करता है जिसमें सूचना का आदान-प्रदान और सैन्य सहयोग शामिल है।अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 1 फ़रवरी 2007. संयुक्त राष्ट्र के सचिव जनरल की आईसीसी यात्रा https://web.archive.org/web/20070211053856/http://www.icc-cpi.int/press/pressreleases/222.html 11 फ़रवरी 2007 . 1 फ़रवरी 2007 को एक्सेस. यह अदालत प्रत्येक वर्ष की अपनी गतिविधियों की रिपोर्ट यूएन को देती है,<ref>अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, अगस्त 2006. {{PDFlink|Report of the International Criminal Court for 2005–2006|68.5 KB}}. 14 मई 2007 को एक्सेस. सदस्य देशों की सभा की कुछ बैठकों का आयोजन यूएन सुविधाओं के तहत किया जाता है। अदालत और संयुक्त राष्ट्र के बीच संबंध, "अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय और संयुक्त राष्ट्र के बीच एक सम्बन्ध समझौते" के द्वारा संचालित है।{{PDFlink|Negotiated Relationship Agreement between the International Criminal Court and the United Nations|130 KB}}. 23 नवम्बर 2006 को एक्सेस.</ref>अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय आपराधिक के लिए गठबंधन, 12 नवम्बर 2004. Q&A: The Relationship Agreement between the ICC and the UN 64.8 KB. 23 नवम्बर 2006 को एक्सेस.
वित्त-व्यवस्था
thumb|right|350px|आईसीसी बजट, 2008 के लिए योगदान
आईसीसी का वित्त पोषण सदस्य देशों के योगदान द्वारा होता है। प्रत्येक सदस्य देश द्वारा देय राशि, संयुक्त राष्ट्र पद्धति का उपयोग करके निर्धारित की जाती है:सदस्य पार्टियों की सभा, 14 दिसम्बर 2007. Resolution: Programme budget for 2008, the Working Capital Fund for 2008, scale of assessments for the apportionment of expenses of the International Criminal Court and financing appropriations for the year 2008 323 KB. 20 मार्च 2008 को अभिगम. प्रत्येक देश का योगदान देश की भुगतान क्षमता के आधार पर होता है, जो जनसंख्या और राष्ट्रीय आय के कारकों को दर्शाता है। एक देश द्वारा किसी भी वर्ष में अदालत के बजट का अधिकतम राशि भुगतान करने का 22% तक ही सीमित है, 2008 में जापान ने यह राशि का भुगतान किया था।
अदालत ने 2007 में € 80.5 खर्च किया,सदस्य पार्टियों की सभा, 26 मई 2008. Report on programme performance of the International Criminal Court for the year 2007 309 KB. 10 जुलाई 2008 को अभिगम. और सदस्यीय देशों की सभा ने वर्ष 2008 के लिए € 90382100,सदस्य पार्टियों की सभा, 14 दिसम्बर 2007. Resolution: Programme budget for 2008, the Working Capital Fund for 2008, scale of assessments, for the apportionment of expenses of the International Criminal Court and financing appropriations for the year 2008 323 KB. 20 मार्च 2008 को अभिगम. और 2009 के लिएसदस्य पार्टियों की सभा, 14 दिसम्बर 2007. Resolution: Programme budget for 2008, the Working Capital Fund for 2008, scale of assessments, for the apportionment of expenses of the International Criminal Court and financing appropriations for the year 2008 323 KB. 20 मार्च 2008 को अभिगम. € 101229900 की बजट को मंजूरी दी। सदस्य पार्टियों की सभा, 21 नवम्बर 2008. Resolution: Programme budget for 2009, the Contingency Fund, the Working Capital Fund for 2009, scale of assessments for the apportionment of expenses of the International Criminal Court and financing appropriations for the year 2009. 5 जनवरी 2007 को अभिगम. सितम्बर 2008 तक, आईसीसी में 83 देशों से 571 कर्मचारी शामिल हैं।<ref name="2008report">अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 29 अक्टूबर 2008. {{PDFlink|Report on the activities of the Court}}. 26 जनवरी 2007 को अभिगम.
जांच
International Criminal Court investigations
करीब 139 देशों से अदालत को कथित अपराधों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, लेकिन मार्च 2010 तक, अभियोजक ने केवल पांच स्थितियों के जांच करने का ही फैसला किया है: युगांडा, लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो, मध्य अफ्रीकी गणराज्य, डारफुर और केन्या.अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 2007. स्थितियां और मामले https://web.archive.org/web/20050207120015/http://www.icc-cpi.int/cases.html 7 फ़रवरी 2005 . 26 जनवरी 2007 को अभिगम.
युगांडा
दिसंबर 2003 में, एक सदस्य देश, युगांडा की सरकार, उत्तरी युगांडा में लौर्ड्स रेसिसटेंस आर्मी से संबंधित एक मामले को अभियोजक के पास भेजा था।अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 29 जनवरी 2004. युगांडा के राष्ट्रपति आईसीसी को लोर्ड्स के प्रतिरोध सेना (एलआरए) के विषय में उल्लेख किया https://web.archive.org/web/20160914000943/http://www.icc-cpi.int/pressrelease_details%26id%3D16%26l%3Den.html 14 सितंबर 2016 . 11 जनवरी 2007 को अभिगम. जुलाई 8, 2005 को अदालत ने लौर्ड्स रेसिसटेंस आर्मी के नेता जोसेफ कोनी, उनके सहायक विन्सेन्ट ओट्टी और एलआरए कमांडर रस्का लुक्विया, ओकोट ओडिंबो और डोमिनिक ओंग्वें के लिए पहली बाद गिरफ्तारी वारंट जारी किया। लुक्विया 12 अगस्त 2006 को युद्ध में मारा गयाअंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 11 जुलाई 2007. Decision to Terminate the Proceedings against Raska Lukwiya 2.73 MB. 24 जनवरी 2007 को अभिगम. और ओट्टी 2007 में जाहिरा तौर पर कोनी द्वारा मारा गया।बीबीसी समाचार, 23 जनवरी 2008. युगांडा का एलआरए ने ओट्टी की मौत की पुष्टि की https://web.archive.org/web/20160124053916/http://news.bbc.co.uk/2/hi/africa/7204278.stm 24 जनवरी 2016 . 24 जनवरी 2007 को अभिगम. एलआरए नेताओं ने विद्रोह को समाप्त करने के लिए आईसीसी अभियोजन पक्ष से बार-बार प्रतिरक्षा की मांग की। एसोसिएटेड प्रेस, 30 मई 2007. ह्यूमन राइट्स वॉच: युगांडा के विद्रोही को न्याय का सामना करना होगा, अंतरराष्ट्रीय अदालत के समक्ष नहीं तो भी https://web.archive.org/web/20080219024027/http://www.pr-inside.com/human-rights-watch-ugandan-rebels-must-r138877.htm 19 फ़रवरी 2008 . 24 जनवरी 2007 को अभिगम. युगांडा की सरकार ने कहा कि वह राष्ट्रीय आपराधिक न्यायाधिकरण की स्थापना पर विचार कर रही है जो कि अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करती है, इसीलिए आईसीसी वारंट के अलग निर्धारण की अनुमति देती है।एजेंस फ्रांस-प्रेस्से, 23 जनवरी 2008. युगांडा मेटो ओपुट रिचुएल: फोरगिवनेस फॉर ब्रुटल 20 इयर वार . 24 जनवरी 2007 को अभिगम.
डेमोक्रेटिक रीपब्लिक ऑफ द काँगो
मार्च 2004 में एक सदस्य देश, डेमोक्रेटिक रीपब्लिक ऑफ द काँगो की सरकार ने "डीआरसी के किसी क्षेत्र में कथित तौर पर हुए अदालत के अधिकार-क्षेत्र के भीतर के अपराध की स्थिति को अभियोजक को भेजा था जब से रोम संविधि 1 जुलाई 2002 में लागू हुई थी।"अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 19 अप्रैल 2004. कांगो के गणराज्य में डेमोक्रेटिक की स्थिति में अभियोजक रेफरल प्राप्त करता है https://web.archive.org/web/20160914000947/http://www.icc-cpi.int/pressrelease_details%26id%3D19%26l%3Den.html 14 सितंबर 2016 . 11 जनवरी 2007 को अभिगम.अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 23 जून 2004. अपराध न्यायालय इंटरनेशनल के अभियोजक कार्यालय अपनी पहली जांच को पेश करता है https://web.archive.org/web/20160914000951/http://www.icc-cpi.int/pressrelease_details%26id%3D26%26l%3Den.html 14 सितंबर 2016 . 11 जनवरी 2007 को अभिगम.
17 मार्च 2006 को इटुरी में कॉगोंलीज पेट्रियोट्स मिलिशिया संघ के पूर्व नेता थॉमस लुबंगा, अदालत द्वारा जारी किए गिरफ्तारी वारंट के तहत गिरफ्तार होने वाले पहले व्यक्ति बने, जिन पर कथित तौर पर "15 वर्ष से कम के बच्चों को सेना में जबरदस्ती भर्ती करने और उनका इस्तेमाल युद्ध में सक्रिय रूप से करने" का आरोप था।अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 17 मार्च 2006. अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय के लिए प्रथम गिरफ्तारी https://web.archive.org/web/20150924052022/http://www.icc-cpi.int/pressrelease_details%26id%3D132.html 24 सितंबर 2015 . 11 जनवरी 2007 को अभिगम. इस कारण उनका मुकदमा 23 जून 2008 को शुरू हुआ,अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 13 मार्च 2008. थॉमस लुबंगा ड्यिलो मामले की सुनवाई 23 जून 2008 को शुरू होगी https://web.archive.org/web/20080329194206/http://www.icc-cpi.int/press/pressreleases/348.html 29 मार्च 2008 . 14 अप्रैल 2008 को अभिगम. लेकिन 13 जून को इसे स्थगित कर दिया गया जब अदालत ने यह फैसला सुनाया कि अभियोजक ने संभावित दोषमुक्ति संबंधी सामग्री का खुलासा से इंकार करने से लुबंगा के एक उचित मुकदमा के प्रति अधिकारों का उल्लंघन किया था।अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 13 जून 2008. "2007report">अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 18 अक्टूबर 2007. {{PDFlink|Report on the activities of the Court 91.8 KB. 25 नवम्बर 2007 से एक्सेस. प्राप्त किए। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, 10 फ़रवरी 2006. Update on communications received by the Office of the Prosecutor of the ICC 236 KB. 22 जून 2008 को अभिगम किया गया। हालांकि आरंभिक जांच के बाद इनमें से अधिकांश मामले "अदालत के अधिकार-क्षेत्र से स्पष्ट रूप से बर्खास्त कर दिए गए".
10 फ़रवरी 2006 को अभियोजक ने 2003 में इराक के आक्रमण के विषय में प्राप्त शिकायतों के दिए गए एक जवाब को प्रकाशित किया।लुइस मोरेनो ओकाम्पो, 9 फ़रवरी 2006. Letter concerning the situation in Iraq 158 KB. 23 नवम्बर 2006 से एक्सेस. उन्होंने कहा कि "अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के पास संघर्ष के दौरान आचरण की जांच के अधिकार हैं, लेकिन इसके नहीं हैं कि सशस्त्र संघर्ष में शामिल होने का निर्णय कानूनी था या नहीं" और न्यायालय का अधिकार-क्षेत्र केवल सदस्य देशों के नागरिकों के आचरण तक सीमित है। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि विश्वास करने का उचित आधार यह है कि इराक में सीमित संख्या में युद्ध अपराध हुए हैं, लेकिन कथित तौर पर वह अपराध सदस्य देशों के नागरिकों द्वारा किया गया, आईसीसी के जांच के लिए एक भारी भरकम आवश्यक सीमा दिखाई नहीं देती.
नोट और संदर्भ
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अतिरिक्त पठन
ब्रूस ब्रूमहॉल, इंटरनेशनल जस्टिस एंड द इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट: बिटवीन सोवरनिटी एंड द रूल ऑफ लॉ ऑक्सफोर्ड: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, (2003). ISBN 0-19-927424-X.
ऐनी-मारी डे ब्रौवेर सुप्रानेशनल क्रिमिनल प्रोसिक्युसन ऑफ सेक्सुअल वायोलेंस: द आईसीसी एंड द प्रैक्टिस ऑफ द आसीटीवाय एंड द आईसीटीआर एंटवर्प - ऑक्सफोर्ड: इंटरसेंटिया (2005). ISBN 0-14-080698-9
एंटोनियो कास्सेसे, पोला गायटा और जॉन आर.डबल्यू.डी. जोन्स (सं.), द रोम स्टेट्यूट ऑफ द इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट: ए कमेंट्री ऑक्सफोर्ड: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, 35. ISBN 978-0-19-829862-5.
हंस कोचलेर, ग्लोबल जस्टिस और ग्लोबल रिवेंज? इंटरनेशनल क्रिमिनल एट द क्रॉसरोड्स . वियना/न्यू यॉर्क: स्प्रिन्जर, 2003, ISBN 3-211-00795-4.
हेल्मट क्रेकर: Immunität und IStGH: Zur Bedeutung völkerrechtlicher Exemtionen für den Internationalen Strafgerichtshof ; Zeitschrift für internationale Strafrechtsdogmatik (ZIS) 7/2009, पर उपलब्ध.
हेल्मट क्रेकर: Völkerrechtliche Exemtionen: Grundlagen und Grenzen völkerrechtlicher Immunitäten und ihre Wirkungen im Strafrecht खंड 2., 2007 बर्लिन, ISBN 978-3-86113-868-6. इन्हें भी देखें.
स्टीवन सी. रोच (ed.) गवर्नेंस, ऑर्डर, एंड द इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट:बिटवीन रिएलपोलिटिक एंड ए कोस्मोपोलिटन कोर्ट . ऑक्सफोर्ड: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, (2009). ISBN 978-0-19-954673-2
रॉय एस ली (ed.), द इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट: द मेकिंग ऑफ रोम सटेट्यूट द हेग: क्लुवर लॉ इंटरनेशनल (1999). ISBN 90-411-1212-X.
रॉय एस ली और हकान फ्रिमन (सं.), द इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट: एलिमेंट ऑफ क्राइम एंड रूल्स ऑफ प्रोसिड्यूर एंड एविडेंस आरेड्स्ले, एन.वाई: ट्रांसनेशनल पब्लिशर्स (2001). आईएसबीएन 1-59399-201-7
मेडलिन मॉरिस (ed.), "द यूनाइटेड स्टेट्स एंड द द इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट https://web.archive.org/web/20120207143925/http://www.law.duke.edu/journals/journaltoc?journal=lcp&toc=lcptoc64winter2001.htm 7 फ़रवरी 2012 " लॉ एंड कंटेमपोरारी प्रोबलेम्स, विंटर 2001, वोल्यूम. 64, न. 1. 2007/07/24 को लिया गया।
विलियम ए शेबस, एन इंट्रोडक्शन टू द इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (2 एड.). कैम्ब्रिज: कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस, (2004). ISBN 0-521-01149-3.
बेंजामीन एन शिफ्फ. विल्डिंग द इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट . कैम्ब्रिज: कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस (2008) ISBN 978-0-521-694472-8
निकोलोस स्ट्रैप्टसस, "यूनिवर्सल ज्यूरिसडिक्शन एंड द इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट", मनिटोबा लॉ जर्नल, 2002, वोल्यूम. 29, पृ. 2.
लयल एस. शुंगा "द क्राइम विदिन द ज्यूरिसजिक्शन ऑफ द इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट" (भाग II, आर्टिक्लस 5–10)", यूरोपियन जर्नल ऑफ क्राइम, क्रिमिनल लॉ एंड क्रिमिनल जस्टिस वोल्यूम. 6, न. 4, पीपी. 377-399 (अप्रैल 1998).
लयल एस शुंगा, "द एमर्जिंग सिस्टम ऑफ इंटरनैशनल क्रिमिनल लॉ: डेवलपमेंट इन कोडिफिकेशन एंड इंप्लीमेंटेशन" (ब्रिल) (1997).
बाहरी कड़ियाँ
Rome Statute of the International Criminal Court Rome Statute
ICC
आईसीसी की आधिकारिक वेबसाइट
रोम संविधि पर संयुक्त राष्ट्र की वेबसाइट
अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय, अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति.
अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के लिए गठबंधन
एमनेस्टी इंटरनेशनल संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय
'पीड़ितों अधिकार कार्यकारी समूह
"अंतर्राष्ट्रीय अपराध." ऑक्सफोर्ड संदर्भग्रंथ सूची ऑनलाइन: अपराधिकी
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