Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

संवर्धित वास्तविकता

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

thumb|वास्तविक दुनिया में फर्नीचर देखने के लिए संवर्धित वास्तविकता thumb|संवर्धित वास्तविकता का एक उदाहरण: एक व्यक्ति किसी इमारत के वास्तविक आकार के आभासी मॉडल को देख रहा है। thumb|एक संवर्धित वास्तविकता मानचित्रण अनुप्रयोग संवर्धित वास्तविकता, जिसे प्रायः एआर के नाम से जाना जाता है, मानव और संगणक के बीच होने वाली उन्नत त्रि-आयामी अंतःक्रिया का एक ऐसा स्वरूप है जो वास्तविक संसार और डिजिटल तत्वों के बीच की सीमाओं को सहज रूप से जोड़ देता है। इस तकनीक में संगणक द्वारा निर्मित त्रि-आयामी दृश्य, चित्र अथवा अन्य आभासी घटकों को वास्तविक वातावरण पर वास्तविक समय में इस प्रकार आरोपित किया जाता है कि वे उपयोगकर्ता को अपने आसपास की दुनिया का स्वाभाविक हिस्सा प्रतीत हों। यह अनुभव हाथ में धारण किए जाने वाले उपकरणों, विशेष चश्मों अथवा सिर पर पहने जाने वाले प्रदर्शन उपकरणों के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है, जिससे वास्तविक और आभासी जगत का अद्वितीय संगम निर्मित होता है। संवर्धित वास्तविकता का मूल उद्देश्य वास्तविक परिवेश को प्रतिस्थापित करना नहीं, बल्कि उसे अतिरिक्त डिजिटल जानकारी और दृश्य तत्वों के माध्यम से समृद्ध बनाना है। यही कारण है कि उपयोगकर्ता अपने वास्तविक वातावरण से जुड़े रहते हुए भी उसके भीतर नई सूचनाओं, वस्तुओं और अनुभवों को देख तथा उनसे अंतःक्रिया कर सकते हैं। इसके विपरीत, आभासी वास्तविकता उपयोगकर्ता को पूर्णतः एक कृत्रिम और संगणक-निर्मित परिवेश में ले जाती है, जहाँ वास्तविक संसार की प्रत्यक्ष उपस्थिति समाप्त हो जाती है।स्टीयर,https://filtermaker.fr/en/augmented-reality/ Defining virtual reality: Dimensions Determining Telepresence 27 नवंबर 2018 https://web.archive.org/web/20220717120913/https://filtermaker.fr/en/augmented-reality/ 17 जुलाई 2022 , संचार विभाग, स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय. 15 October 1993.Introducing Virtual Environments https://web.archive.org/web/20160421000159/http://archive.ncsa.illinois.edu/Cyberia/VETopLevels/VR.Overview.html 21 अप्रैल 2016 नेशनल सेंटर फॉर सुपरकंप्यूटिंग एप्लीकेशन्स, इलिनोइस विश्वविद्यालयनेशनल सेंटर फॉर सुपरकंप्यूटिंग एप्लीकेशन्स, इलिनोइस विश्वविद्यालय. यद्यपि संवर्धित वास्तविकता का सबसे सामान्य रूप दृश्य अनुभव पर आधारित है, इसकी संभावनाएँ केवल दृष्टि तक सीमित नहीं हैं। इसमें ध्वनि, स्पर्श तथा अन्य संवेदनात्मक माध्यमों को भी सम्मिलित किया जा सकता है, जिससे अनुभव अधिक जीवंत, सहभागितापूर्ण और यथार्थपरक बन जाता है।सिप्रेसो पिएत्रो गिग्लियोली इरेन एलिस चिक्की राया इज़ रीवा ग्यूसेप The Past, Present, and Future of Virtual and Augmented Reality Research: A Network and Cluster Analysis of the Literature मनोविज्ञान में सीमांत 9 2011-12-07 30459681 10.3389/fpsyg.2018.02086 2086 6232426 free इस प्रकार संवर्धित वास्तविकता आधुनिक प्रौद्योगिकी का एक ऐसा माध्यम बनकर उभरी है जो वास्तविक दुनिया की हमारी अनुभूति को विस्तारित करते हुए उसे नए आयाम प्रदान करती है। उपयोगकर्ताओं को गहन और सहभागितापूर्ण मिश्रित वास्तविकता का अनुभव प्रदान करने वाली प्रारम्भिक कार्यात्मक संवर्धित वास्तविकता प्रणालियों का विकास 1990 के दशक के आरम्भ में हुआ। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि 1992 में प्राप्त हुई, जब अमेरिकी वायु सेना की आर्मस्ट्रांग प्रयोगशाला में वर्चुअल फिक्स्चर प्रणाली विकसित की गई।10.1109/VRAIS.1993.380795 Virtual fixtures: Perceptual tools for telerobotic manipulation Proceedings of IEEE virtual reality Annual International Symposium 76–82 1993 रोसेनबर्ग एल.बी. 9856738 0-7803-1363-1 http://www.popularmechanics.com/technology/a22384/hololens-ar-breakthrough-awards/ I Saw the Future Through Microsoft's Hololens डुपज़िक केविन पॉपुलर मैकेनिक्स 6 सितंबर 2016 इस प्रणाली ने वास्तविक वातावरण के साथ संगणक-निर्मित आभासी तत्वों के प्रभावी समन्वय का मार्ग प्रशस्त किया और आधुनिक संवर्धित वास्तविकता प्रौद्योगिकी की आधारशिला रखी। प्रारम्भिक चरण में इस तकनीक का उपयोग मुख्यतः मनोरंजन और वीडियो गेम उद्योगों तक सीमित था, जहाँ इसे अधिक आकर्षक और सहभागितापूर्ण अनुभवों के निर्माण के लिए अपनाया गया।Augmented Reality: Reflections at Thirty Years https://link.springer.com/10.1007/978-3-030-89906-6_1 फ्यूचर टेक्नोलॉजीज कॉन्फ्रेंस (एफटीसी) 2021 की कार्यवाही, खंड 1 Lecture Notes in Networks and Systems 2022 358 1–11 अराई कोहेई Cham स्प्रिंगर इंटरनेशनल पब्लिशिंग en 10.1007/978-3-030-89906-6_1 978-3-030-89905-9 239881216 subscription समय के साथ संवर्धित वास्तविकता की क्षमताओं और उपयोगिताओं का व्यापक विस्तार हुआ। आज इसका प्रयोग शिक्षा, संचार, चिकित्सा, औद्योगिक प्रशिक्षण, अभियांत्रिकी, रक्षा, पर्यटन तथा मनोरंजन सहित अनेक क्षेत्रों में किया जा रहा है। जटिल अवधारणाओं को दृश्य रूप में समझाने, दूरस्थ सहयोग को सशक्त बनाने, चिकित्सकीय प्रक्रियाओं में सहायता प्रदान करने तथा वास्तविक वातावरण में डिजिटल सूचनाओं को एकीकृत करने की इसकी क्षमता ने इसे आधुनिक प्रौद्योगिकी के सबसे प्रभावशाली नवाचारों में स्थान दिलाया है। संवर्धित वास्तविकता अनुप्रयोगों के विकास के लिए अनेक सॉफ़्टवेयर रूपरेखाएँ उपलब्ध हैं, जिनमें एआरकिट और एआरकोर विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। ये मंच डेवलपरों को ऐसे अनुप्रयोग बनाने में सहायता प्रदान करते हैं जो वास्तविक दुनिया में आभासी वस्तुओं को सटीक रूप से स्थापित और प्रदर्शित कर सकें। हार्डवेयर के क्षेत्र में मैजिक लीप 1 तथा होलोलेंस जैसे उन्नत हेडसेट इस तकनीक के प्रमुख उदाहरण हैं, जो उपयोगकर्ताओं को वास्तविक और डिजिटल जगत के सम्मिलित अनुभव प्रदान करते हैं। इसके अतिरिक्त, अनेक प्रौद्योगिकी कंपनियाँ संवर्धित वास्तविकता-सक्षम बुद्धिमान चश्मों के विकास को बढ़ावा दे रही हैं, जिनसे भविष्य में दैनिक जीवन और डिजिटल अंतःक्रिया के स्वरूप में व्यापक परिवर्तन आने की संभावना है। संवर्धित वास्तविकता उन कृत्रिम अनुभवों को निरूपित करती है जो विद्यमान वास्तविकता में अतिरिक्त सूचनाएँ, दृश्य तत्व अथवा संवेदनात्मक अनुभव जोड़कर उसे अधिक समृद्ध और अर्थपूर्ण बनाते हैं।https://www.wired.com/2009/08/augmented-reality/ If You're Not Seeing Data, You're Not Seeing चेन ब्रायन 25 अगस्त 2009 वायर्ड 18 जून 2019http://www.augmentedrealityon.com/ Augmented Reality (AR) augmentedrealityon.com https://web.archive.org/web/20120405071414/http://www.augmentedrealityon.com/ 5 अप्रैल 2012 18 जून 2019अज़ुमा रोनाल्ड अगस्त 1997 A Survey of Augmented Reality http://www.cs.unc.edu/~azuma/ARpresence.pdf 2 जून 2021 Presence: Teleoperators and Virtual Environments MIT Press 6 4 355–385 10.1162/pres.1997.6.4.355 469744 इस तकनीक के माध्यम से उपयोगकर्ता के वास्तविक परिवेश पर उसके आसपास की वस्तुओं, स्थानों और घटनाओं से संबंधित विविध प्रकार की जानकारी आरोपित की जा सकती है। यह जानकारी पूर्णतः आभासी भी हो सकती है और वास्तविक स्रोतों से प्राप्त तथ्यों, मापों अथवा संकेतों पर आधारित भी। उदाहरणस्वरूप, विद्युतचुम्बकीय रेडियो तरंगों, सेंसरों द्वारा प्राप्त आँकड़ों अथवा अन्य वैज्ञानिक मापनों को उनके वास्तविक स्थानों के अनुरूप दृश्य रूप में प्रदर्शित किया जा सकता है, जिससे सामान्यतः अदृश्य रहने वाली सूचनाएँ भी प्रत्यक्ष अनुभव का हिस्सा बन जाती हैं।http://wearcam.org/PhenomenalAugmentedReality.pdf Phenomenal Augmented Reality, IEEE Consumer Electronics, Volume 4, No. 4, October 2015, cover+pp92-97Time-frequency perspectives, with applications, in Advances in Machine Vision, Strategies and Applications, World Scientific Series in Computer Science: Volume 32, C Archibald and Emil Petriu, Cover + pp 99–128, 1992.Mann Steve Feiner Steve Harner Soren Ali Mir Adnan Janzen Ryan Hansen Jayse Baldassi Stefano 12247969 15 January 2015 ACM 497–500 10.1145/2677199.2683590 978-1-4503-3305-4 Wearable Computing, 3D Aug* Reality, Photographic/Videographic Gesture Sensing, and Veillance Proceedings of the Ninth International Conference on Tangible, Embedded, and Embodied Interaction - TEI '14 संवर्धित वास्तविकता की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक यह है कि यह केवल दृश्य प्रस्तुति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि ज्ञान के संकलन, संगठन और आदान-प्रदान के लिए भी एक प्रभावशाली माध्यम प्रदान करती है। वास्तविक वातावरण के साथ डिजिटल जानकारी को जोड़कर यह जटिल तथ्यों और अवधारणाओं को अधिक सहज, संदर्भपूर्ण और समझने योग्य बनाती है। परिणामस्वरूप, उपयोगकर्ता न केवल अपने परिवेश को नए दृष्टिकोण से देख पाते हैं, बल्कि ज्ञान को अधिक प्रभावी ढंग से ग्रहण, साझा और उपयोग भी कर सकते हैं। यही क्षमता संवर्धित वास्तविकता को शिक्षा, अनुसंधान, उद्योग, चिकित्सा तथा अनेक अन्य क्षेत्रों में एक परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकी के रूप में स्थापित करती है। संवर्धित वास्तविकता को ऐसी प्रौद्योगिकीय प्रणाली के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसमें तीन मूलभूत विशेषताएँ निहित होती हैं—वास्तविक और आभासी संसार का समन्वित एकीकरण, वास्तविक समय में अंतःक्रिया की क्षमता, तथा आभासी और वास्तविक वस्तुओं का त्रि-आयामी अंतरिक्ष में सटीक संरेखण।Wu Hsin-Kai Lee Silvia Wen-Yu Chang Hsin-Yi Liang Jyh-Chong Current status, opportunities and challenges of augmented reality in education... Computers & Education March 2013 62 41–49 10.1016/j.compedu.2012.10.024 15218665 इन विशेषताओं के कारण उपयोगकर्ता डिजिटल तत्वों को अपने वास्तविक परिवेश का स्वाभाविक हिस्सा मानते हुए उनसे सहज रूप से जुड़ और संवाद कर सकते हैं। संवर्धित वास्तविकता का उद्देश्य केवल आभासी वस्तुओं को प्रदर्शित करना नहीं है, बल्कि उन्हें वास्तविक वातावरण के साथ इस प्रकार समेकित करना है कि दोनों के बीच का अंतर न्यूनतम प्रतीत हो।Rosenberg Louis B. The Use of Virtual Fixtures as Perceptual Overlays to Enhance Operator Performance in Remote Environments. DTIC 1992 https://apps.dtic.mil/docs/citations/ADA292450 https://web.archive.org/web/20190710211431/https://apps.dtic.mil/docs/citations/ADA292450 live 10 जुलाई 2019 इस प्रणाली द्वारा प्रस्तुत अतिरिक्त संवेदी जानकारी विभिन्न रूपों में हो सकती है। कभी यह वास्तविक वातावरण में नई सूचनाएँ, दृश्य संकेत अथवा आभासी वस्तुएँ जोड़कर अनुभव को अधिक समृद्ध और उपयोगी बनाती है, जिसे रचनात्मक अथवा योगात्मक प्रस्तुति कहा जा सकता है। दूसरी ओर, कुछ परिस्थितियों में यह वास्तविक परिवेश के कुछ भागों को आंशिक रूप से ढक या प्रतिस्थापित भी कर सकती है, जिससे उपयोगकर्ता का ध्यान विशेष तत्वों या सूचनाओं पर केंद्रित किया जा सके। इस प्रकार संवर्धित वास्तविकता वास्तविक और डिजिटल अनुभवों के बीच संतुलन स्थापित करते हुए उपयोगकर्ता की अनुभूति, समझ और सहभागिता को नए आयाम प्रदान करती है। सन्दर्भ 2 श्रेणी:यूज़र इंटरफ़ेस तकनीकें