411 REFERENCE · Wikipedia
प्रतिरूपण
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
यह लेख प्रतिरूपण के जीववैज्ञानिक अर्थ के बारे में है। प्रतिरूपण के अन्य अर्थों के लिए प्रतिमान वाला लेख देखें।
thumb|300px|प्रतिरूपण प्रक्रिया में सभुद्री ऐनिमो
thumb|300px|समुद्र एनेमोन, प्रतिरूपण की प्रक्रिया में अन्थोप्लयूरा एलेगंटिस्सिमा
जीव-विज्ञान में प्रतिरूपण, आनुवांशिक रूप से समान प्राणियों की जनसंख्या उत्पन्न करने की प्रक्रिया है, जो प्रकृति में विभिन्न जीवों, जैसे बैक्टीरिया, कीट या पौधों द्वारा अलैंगिक रूप से प्रजनन करने पर घटित होती है। जैव-प्रौद्योगिकी में, प्रतिरूपण डीएनए खण्डों (आण्विक प्रतिरूपण), कोशिकाओं (सेल क्लोनिंग) या जीवों की प्रतिरूप निर्मित करने की प्रक्रिया को कहा जाता है। यह शब्द किसी उत्पाद, जैसे डिजिटल माध्यम या सॉफ्टवेयर की अनेक प्रतियां निर्मित करने की प्रक्रिया को भी सूचित करता है।
क्लोन शब्द κλών से लिया गया है, "तना, शाखा" के लिये एक ग्रीक शब्द, जो उस प्रक्रिया को सूचित करता है, जिसके द्वारा एक टहनी से कोई नया पौधा निर्मित किया जा सकता है। उद्यानिकी में बीसवीं सदी तक clon वर्तनी का प्रयोग किया जाता था; अंतिम e का प्रयोग यह बताने के लिये शुरू हुआ कि यह स्वर एक "संक्षिप्त o" नहीं, वल्कि एक "दीर्घ o" है। फ़रवरी 2007 चूंकि इस शब्द ने लोकप्रिय शब्दकोश में एक अधिक सामान्य संदर्भ के साथ प्रवेश किया, अतः वर्तनी clone का प्रयोग विशिष्ट रूप से किया जाता है।
आण्विक प्रतिरूपण
आण्विक प्रतिरूपण
आण्विक प्रतिरूपण एक परिभाषित डीएनए क्रम की अनेक प्रतिलिपियां बनाने की प्रक्रिया को संदर्भित करता है। अक्सर प्रतिरूपण का प्रयोग संपूर्ण जीन युक्त डीएनए खण्डों के परिवर्धन के लिये किया जाता है, लेकिन इसका प्रयोग किसी भी डीएनए क्रम, जैसे प्रोत्साहक, गैर-कोडिंग क्रम तथा यादृच्छिक रूप से विखण्डित डीएनए, के परिवर्धन के लिये किया जा सकता है। जेनेटिक फ़िंगरप्रिंटिंग से लेकर बड़े पैमाने पर प्रोटीन के उत्पादन तक, जैविक प्रयोगों व व्यावहारिक अनुप्रयोगों की एक व्यापक श्रृंखला में इसका प्रयोग किया जाता है। कभी-कभी प्रतिरूपण शब्द का प्रयोग किसी विशिष्ट फेनोटाइप (Phenotype) से जुड़े किसी जीन की गुणसूत्र-संबंधी स्थिति बताने के लिये, जैसे स्थितीय प्रतिरूपण में, भ्रामक रूप से किया जाता है। व्यवहार में, एक गुणसूत्र या जीनोमिक क्षेत्र में किसी जीन का स्थानीयकरण करना आवश्यक रूप से किसी विशिष्ट प्रासंगिक जीनोमिक क्रम को अलग करने या इसे संवर्धित करने की क्षमता प्रदान नहीं करता. किसी सजीव प्राणी में किसी भी डीएनए क्रम को संवर्धित करने के लिये, वह क्रम अनिवार्य रूप से प्रतिकृति के मूल से जोड़ा जाना चाहिये, जो कि स्वयं को व इससे जुड़े किसी भी क्रम के संचरण को निर्देशित करने की क्षमता रखनेवाला एक डीएनए क्रम होता है। हालांकि, अन्य अनेक विशेषताओं की आवश्यकता होती है तथा विभिन्न प्रकार के विशेषीकृत प्रतिरूपण वेक्टर्स (डीएनए के छोटे टुकड़े, जिनमें एक बाहरी डीएनए खण्ड प्रविष्ट किया जा सकता है) उपलब्ध हैं, जो प्रोटीन अभिव्यक्ति, टैगिंग, एकल रेशों वाले RNA (single stranded RNA) और डीएनए उत्पादन तथा अन्य संशोधनों के पोषण की अनुमति देते हैं।
किसी डीएनए खण्ड के प्रतिरूपण में आवश्यक रूप से चार चरण सम्मिलित होते हैंiGenetics: A Molecular Approach https://archive.org/details/igeneticsmolecul0000russ Peter J. Russel 2005 0-8053-4665-1 San Francisco, California, United States of America Pearson Education
विखण्डन (Fragmentation)- डीएनए के एक रेशे को तोड़ना
बांधना (Ligation)- डीएनए के टुकड़ों को वांछित क्रम में एक साथ जोड़ना
ट्रांसफ़ेक्शन (Transfection) - डीएनए के नवगठित टुकड़े कोशिकाओं में प्रविष्ट कराना
स्क्रीनिंग/चयन (Screening/Selection)- नये डीएनए के साथ सफलतापूर्वक ट्रांसफ़ेक्ट की गई कोशिकाओं को चुनना
हालांकि ये चरण विभिन्न प्रतिरूपण विधियों में समान होते हैं, तथापि अनेक वैकल्पिक मार्गों का चयन किया जा सकता है, जिन्हें "प्रतिरूपण रणनीति" के रूप में संक्षेपित किया गया है।
प्रारंभ में, हमारी रुचि के डीएनए को अलग करने की आवश्यकता होती है, ताकि उपयुक्त आकार का डीएनए खण्ड प्रदान किया जा सके. इसके बाद, बांधने (Litigation) की विधि का प्रयोग किया जाता है, जिसमें इस प्रवर्धित खण्ड को एक वेक्टर (डीएनए का टुकड़ा) में प्रविष्ट किया जाता है। इस वेक्टर को (जो अक्सर वृत्ताकार होता है), प्रतिबंध एन्ज़ाइम का प्रयोग करके सीधा किया जाता है और उपयुक्त स्थितियों के अंतर्गत डीएनए लाइगेस (डीएनए Ligase) नामक एन्ज़ाइम के साथ हमारी रुचि के खण्ड के साथ इन्क्युबेट किया जाता है। बांधने (Ligation) के बाद, हमारी रुचि की प्रविष्टि से युक्त वेक्टर को कोशिकाओं में ट्रांसफ़ेक्ट किया जाता है। अनेक वैकल्पिक तकनीकें, जैसे कोशिकाओं का रासायनिक संवेदनशीलन (Chemical Sensitivation), इलेक्ट्रोपोरेशन, प्रकाशीय अंतःक्षेपण तथा बायोलिस्टिक्स, उपलब्ध हैं। अंत में, ट्रांस्फ़ेक्ट की गई इन कोशिकाओं को प्रवर्धित किया जाता है। चूंकि ऊपर वर्णित विधियों की दक्षता विशिष्ट रूप से कम होती है, अतः आवश्यक अभिविन्यास में वांछित प्रविष्टि क्रम से युक्त वेक्टर निर्माण के साथ सफलतापूर्वक ट्रांसफ़ेक्ट की जा चुकी कोशिकाओं की पहचान करने की आवश्यक होती है। आधुनिक प्रतिरूपण वेक्टर्स में चयन-योग्य प्रतिजैविक प्रतिरोध चिन्हक शामिल होते हैं, जो केवल उन कोशिकाओं के परिवर्धन की अनुमति देते हैं, जिनमें वेक्टर ट्रांसफ़ेक्ट किया जा चुका हो. इसके अतिरिक्त, प्रतिरूपण वेक्टर्स में रंग-चयन चिन्हक भी हो सकते हैं, जो X-gal माध्यम पर नीली/सफ़ेद स्क्रीनिंग (α-कारक संपूरण) प्रदान करते हैं। फिर भी, इन चरणों का चयन इस बात की पूरी गारंटी नहीं देता कि प्राप्त कोशिकाओं में डीएनए प्रविष्टि उपस्थित है। परिणामित बस्तियों का आगे और निरीक्षण करना अनिवार्य होता है, ताकि इस बात की पुष्टि की जा सके कि प्रतिरूपण सफल हुआ था। ऐसा PCR, प्रतिबंध खण्ड के विश्लेषण तथा/या डीएनए क्रमण के द्वारा किया जा सकता है।
कोशिकीय प्रतिरूपण
एककोशीय जीव
right|thumb|सेल फोन प्रतिरूपण के छल्ले कालोनियों का उपयोग कर प्रतिरूपण
एक कोशिका के प्रतिरूपण का अर्थ है किसी एकल कोशिका से कोशिकाओं की जनसंख्या प्राप्त करना. एककोशीय जीवों, जैसे बैक्टीरिया और खमीर में, यह प्रक्रिया लक्षणीय रूप से सरल होती है और तत्वतः इसमें केवल उपयुक्त माध्यम का संचारण आवश्यक होता है। हालांकि बहु-कोशीय जीवों से प्राप्त परिवर्धन की स्थिति में, कोशिकाओं का प्रतिरूपण एक कठिन कार्य होता है क्योंकि ये कोशिकाएं मानक माध्यम में सरलतापूर्वक विकसित नहीं होंगी.
कोशिका-पंक्तियों की एक भिन्न वंशावली के प्रतिरूपण के लिये प्रयुक्त एक उपयोगी ऊतक संवर्धन तकनीक में प्रतिरूपण चक्रों (सिलिण्डर) का प्रयोग शामिल होता है।McFarland Douglas Douglas McFarland 2000 Preparation of pure cell cultures by cloning https://archive.org/details/methods-in-cell-science_2000_22_1/page/63 Methods in Cell Science 22 1 63–66 10650336 10.1023/A:1009838416621 इस तकनीक के अनुसार, चयन को संचालित करने में प्रयुक्त किसी म्युटाजेनिक माध्यम या औषधि द्वारा अनावृत्त की गई कोशिकाओं के एकल-कोशिका विलंबन को पृथक बस्तियों का निर्माण करने के लिये उच्च तनुकरण पर रखा जाता है; जिनमें से प्रत्येक किसी एकल तथा संभावित रूप से क्लोन-रूप में भिन्न कोशिका से उत्पन्न होते हैं। एक प्रारंभिक विकास चरण में, जब बस्तियों में बहुत-थोड़ी कोशिकाएं होती हैं, ग्रीस में डुबोए गए रोगाणुहीन पॉलिस्टिरीन चक्रों (प्रतिरूपण चक्रों) को किसी एकल बस्ती पर रखा जाता है और इनमें थोड़ा ट्रिप्सिन (Tripsin) मिलाया जाता है। प्रतिरूपित की गई कोशिकाएं चक्र के भीतरी भाग से संग्रहित की जाती हैं और भावी विकास के लिये उन्हें एक नए बर्तन में स्थानांतरित किया जाता है।
मूल कोशिका अनुसंधान में प्रतिरूपण
दैहिक कोशिका परमाणु हस्तांतरण
दैहिक कोशिका परमाणु हस्तांतरण (Somatic cell nuclear transfer), जिसे SCNT के रूप में जाना जाता है, का प्रयोग भी शोध या चिकित्सकीय प्रयोजनों के लिए भ्रूण निर्मित करने के लिये किया जा सकता है। इसका सर्वाधिक संभावित उद्देश्य मूल कोशिका अनुसंधान में प्रयोग के लिये भ्रूण का उत्पादन करना है। इस प्रक्रिया को "अनुसंधान प्रतिरूपण" या "उपचारात्मक प्रतिरूपण" कहते हैं। इसका लक्ष्य प्रतिरूपित मानवों का निर्माण करना (जिसे "प्रजननीय प्रतिरूपण" कहा जाता है) नहीं है, बल्कि ऐसी मूल कोशिकाओं का निर्माण करना है, जिनका प्रयोग मानव विकास का अध्ययन करने और संभावित बीमारियों का उपचार करने के लिये किया जा सके. एक ओर जहां प्रतिरूप मानव ब्लास्टोसिस्ट का निर्माण किया जा चुका है, वहीं प्रतिरूप स्रोत से मूल कोशिका पंक्तियों को पृथक किया जाना अब भी शेष है।http://www.boston.com/news/health/blog/2008/01/california_biot.html California biotech says it cloned a human embryo, but no stem cells produced Gideon Gil Boston Globe 2008-01-17 18 जून 2010 https://web.archive.org/web/20090107234017/http://www.boston.com/news/health/blog/2008/01/california_biot.html 7 जनवरी 2009 live
जीव प्रतिरूपण
वनस्पती प्रजनन
जीव प्रतिरूप्रण (जिसे प्रजननीय प्रतिरूपण भी कहा जाता है) एक नए बहुकोशीय जीव के निर्माण की विधि को उल्लेखित करता है, जो जेनेटिक रूप से किसी अन्य जीव के समान होता है। संक्षेप में, प्रतिरूपण का यह रूप प्रजनन की एक अलैंगिक विधि है, जिसमें निषेचन या अंतःजननकोश संपर्क (Intergamete contact) नहीं होता. अलैंगिक प्रजनन प्राकृतिक रूप से अनेक प्रजातियों में पाई जाने वाली विधि है, जिनमें अधिकांश वनस्पतियां (वानस्पतिक प्रजनन देखें) और कुछ कीट शामिल हैं। वैज्ञानिकों ने प्रतिरूपण के साथ कुछ बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनमें भेड़ों और गायों का अलैंगिक प्रजनन शामिल है। इस बात पर बहुत नैतिक बहस जारी है कि प्रतिरूपण का प्रयोग किया जाना चाहिए या नहीं. हालांकि प्रतिरूपण, या अलैंगिक प्रजनन, उद्यानिकी विश्व में सैकड़ों वर्षों से प्रचलित रहा है।
उद्यानिकी
उद्यानिकी में प्रतिरूप (clone) शब्द का प्रयोग एक पौधे के उन सभी वंशजों का उल्लेख करने के लिये किया जाता है, जो वानस्पतिक प्रजनन या अपोमिक्सिस (apomixis) से उत्पन्न हुए हों. उद्यानिकी पौधों की अनेक प्रजातियां (cultivars) प्रतिरूप हैं, जो किसी एक पौधे से प्राप्त की गई थीं और लैंगिक प्रजनन के अलावा किसी अन्य प्रक्रिया के द्वारा उनकी संख्या में वृद्धि की गई है। एक उदाहरण के रूप में अंगूर की कुछ यूरोपीय प्रजातियां ऐसे प्रतिरूपों का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिनका उत्पादन दो सहस्त्राब्दियों से किया जा रहा है। अन्य उदाहरण आलू और केला हैं। कलम लगाने के कार्य को प्रतिरूपण माना जा सकता है क्योंकि कलम से आ रहे सभी अंकुर व शाखाएं सामान्यतः एक ही पौधे के प्रतिरूप होते हैं, परंतु विशिष्ट प्रकार का यह प्रतिरूपण नैतिक परीक्षण के अंतर्गत नहीं आया है और सामान्यतः इसके साथ एक पूर्णतः भिन्न कार्य के रूप में व्यवहार किया जाता है।
अनेक पेड़, झाड़ियां, अंगूर की लताएं, फ़र्न तथा अन्य शाकीय सदाबहार वनस्पतियां मिलकर प्रतिरूप बस्तियों का निर्माण करती हैं। एक बड़ी प्रतिरूप बस्ती के भाग अक्सर अपने अभिभावक से अलग होकर पृथक इकाई के रूप में विकसित होते हैं, जिसे विखण्डन कहा जाता है। कुछ पौधे, उदा. डैन्डेलियन (Dandelion), अलैंगिक रूप से बीजों का निर्माण भी करते हैं, जिसे अपोमिक्सिस कहा जाता है।
अनिषेकजनन (Parthenogenesis)
प्राकृतिक रूप से पशुओं की कुछ प्रजातियों में प्रतिरूपकीय व्युत्पत्ति उपस्थित होती है, जिसे अनिषेकजनन (Parthenogenesis) (प्राणी द्वारा किसी साथी के बिना स्वयं ही प्रजनन करना) कहा जाता है। यह एक अलैंगिक प्रकार का प्रजनन है, जो केवल कुछ मादा कीड़ों, कड़े कवच वाले प्राणियों (crustaceans) और छिपकलियों में पाया जाता है। वृद्धि और विकास नर पुरुष द्वारा निषेचन के बिना होता है। वनस्पतियों में, अनिषेकजनन का अर्थ है एक अनिषेचित अण्डे की कोशिका से एक भ्रूण का विकास और यह अपोमिक्सिस की एक घटक प्रक्रिया है। लिंग-निर्धारण की XY प्रणाली का प्रयोग करने वाली प्रजातियों में, संतान सदैव ही मादा होगी. इसका एक उदाहरण "छोटी लाल चींटी" (Wasmannia auropunctata) है, जो मूलतः मध्य व दक्षिणी अमरीका की निवासी है, लेकिन अधिकांश भूमध्यरेखीय वातावरणों में फ़ैल गई है।
जीवों का कृत्रिम प्रतिरूपण
जीवों के कृत्रिम प्रतिरूपण को प्रजननीय प्रतिरूपण भी कहा जा सकता है।
पद्धतियां
जेनेटिक तौर पर अभिन्न पशुओं के निर्माण के लिए प्रजननीय प्रतिरूपण आमतौर पर "दैहिक कोशिका परमाणु हस्तांतरण" (SCNT) का प्रयोग करता है। इस प्रक्रिया में एक दाता वयस्क कोशिका (दैहिक कोशिका) से किसी नाभिक-विहीन अण्डे में नाभिक (nucleus) का स्थानांतरण करना शामिल होता है। यदि अण्डा सामान्य रूप से विभाजित हो जाए, तो इसे प्रतिनिधि मां (surrogate mother) के गर्भाशय में स्थानांतरित कर दिया जाता है। इस प्रकार के प्रतिरूप पूर्णतः समरूप नहीं होते क्योंकि दैहिक कोशिका के नाभिक डीएनए में कुछ परिवर्तन हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त कोशिका-द्रव्य (cytoplasm) में स्थित माइटोकॉन्ड्रिया (mitochondria) में भी डीएनए हो सकता है और SCNT के दौरान यह डीएनए पूरी तरह दाता अण्डे से प्राप्त होता है, अतः इसका माइटोकॉन्ड्रियल जीनोम उस नाभिक दाता कोशिका के समान नहीं होता जिससे इसे उत्पन्न किया गया है। यह अंतःप्रजातीय नाभिक स्थानांतरण के लिये महत्वपूर्ण प्रभाव लागू कर सकता है, जिसमें नाभिक-माइटोकॉन्ड्रियल असंगतताओं के परिणामस्वरूप मौत हो सकती है।
कृत्रिम भ्रूण विभाजन (embryo spitting) या भ्रूण के जोड़े बनाने की विधि (embryo twinning) का प्रयोग भी प्रतिरूपण की एक पद्धति के रूप में किया जा सकता है, जिसमें भ्रूण स्थानांतरण से पहले परिपक्व भ्रूण को विभाजित किया जाता है। यह इष्टतम रूप से 6-से-8-कोशिका चरण में किया जाता है, जहां इसका प्रयोग उपलब्ध भ्रूणों की संख्या को बढ़ाने के लिये IVF के विस्तारण के रूप में किया जा सकता है।Illmensee K, Levanduski M, Vidali A, Husami N, Goudas VT Human embryo twinning with applications in reproductive medicine Fertil. Steril. 2009 February 19217091 10.1016/j.fertnstert.2008.12.098 यदि दोनों भ्रूण सफल रहे हों, तो यह मोनोज़ाइगोटिक (monozygotic) (समरूप) जुड़वां को जन्म देता है।
डॉली भेड़
डाॅली भेड़
thumb|250pxडॉली (05-07-1996 - 14-02-2003), एक फिन डोर्सेट (Dorsett) भेड़, एक वयस्क अंडे से सफलतापूर्वक प्रतिरूपित की गई पहली स्तनपायी थी, हालांकि प्रतिरूपित किया गया पहला मेरुदण्डीय प्राणी (vertebrate) एक मेंढक था, जिसे 1952 में प्रतिरूपित किया गया था। उसे स्कॉटलैंड स्थित रॉसलीन संस्थान (Roslin Institute) में प्रतिरूपित किया गया और वह छः वर्ष की आयु में हुई अपनी मृत्यु तक वहां रही. 2003-04-09 को उसके भरे हुए अवशेष एडिनबर्ग के शाही संग्रहालय, स्कॉटलैंड के राष्ट्रीय संग्रहालयों का एक भाग, में रखे गए।
डॉली सार्वजनिक रूप से महत्वपूर्ण थी क्योंकि इस प्रयास ने यह दिखा दिया कि किसी विशिष्ट वयस्क कोशिका से लिए गए जेनेटिक पदार्थ, जो कि अपने जीन्स के केवल एक विशिष्ट उप-समुच्चय को व्यक्त करने के लिये योजनाबद्ध रूप से विकसित किया गया हो, को एक संपूर्ण प्राणी के रूप में विकसित होने के लिए पुनः योजनाबद्ध किया जा सकता है। इस प्रदर्शन से पहले, व्यापक रूप से प्रचलित इस परिकल्पना के लिये कोई साक्ष्य नहीं था कि पृथक की गई कोई प्राणी-कोशिका एक संपूर्ण नए जीव को जन्म दे सकती है।
डॉली भेड़ के प्रतिरूपण में प्रति निषेचित अण्डे की सफलता दर कम थी; उसका जन्म 29 भ्रूणों के विकास के लिये 237 अण्डों के प्रयोग के बाद हुआ, जिन्होंने केवल तीन मेमनों को जन्म दिया और उनमें से केवल एक जीवित रहा. 9,000 प्रयासों से सत्तर बछड़ों का निर्माण किया गया है और उनमें से एक तिहाई की मौत कम आयु में हो गई; प्रोमिटी (Prometea) के लिए 328 बार प्रयास करने पड़े. विशेष रूप से, हालांकि सबसे पहले प्रतिरूपित जीव मेंढ़क थे, लेकिन अभी तक कोई भी मेंढ़क दैहिक वयस्क नाभिक दाता कोशिका से उत्पन्न नहीं किया गया है।
प्रारंभ में दावे किये गए थे कि डॉली भेड़ में तेज़ी से उम्र बढ़ने जैसे लक्षण थे। वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया कि 2003 में डॉली की मौत रेखीय गुणसूत्रों को समाप्ति से बचाने वाले डीएनए-प्रोटीन समूहों, टेलोमीर (telomeres) की कमी से संबंधित थी। हालांकि इयान विल्मट (Ian wilmut), जिन्होंने डॉली को सफ़लतापूर्वक प्रतिरूपित करने वाले दल का नेतृत्व किया, सहित अन्य अनुसंधानकर्ताओं का तर्क है कि श्वसन संक्रमण के कारण कम आयु में हुई डॉली की मौत का प्रतिरूपण प्रक्रिया की कमियों से कोई संबंध नहीं था।
प्रतिरूपित प्रजातियां
प्रतिरूपित प्रजातियों की सूची
नाभिक स्थानांतरण को शामिल करनेवाली आधुनिक प्रतिरूपण तकनीकों का प्रयोग विभिन्न प्रजातियों पर सफलतापूर्वक किया जा चुका है। कालानुक्रमिक क्रम में उल्लेखनीय प्रयोगAugust 2008 इस प्रकार हैं:
मेंढक: (1952) अनेक वैज्ञानिकों ने प्रश्न उठाया कि क्या प्रतिरूपण वास्तव में हुआ था और अन्य प्रयोगशालाओं द्वारा अप्रकाशित प्रयोग बताए गए परिणामों का पुनरुत्पादन कर पाने में विफल रहे.August 2008
मछली: (1963) चीन में, भ्रूण-विज्ञानी तौंग दिज़ू (Tong Dizhou) ने एक नर मछली की कोशिका को एक मादा मछली के अण्डे में प्रविष्ट करके विश्व की पहली प्रतिरूपित मछली का उत्पादन किया। उन्होंने अपने निष्कर्ष एक चीनी विज्ञान पत्रिका में प्रकाशित किये.http://www.pbs.org/bloodlines/timeline/text_timeline.html BLOODLINES. Timeline 18 जून 2010 https://web.archive.org/web/20100116090323/http://www.pbs.org/bloodlines/timeline/text_timeline.html 16 जनवरी 2010 live
चूहे: (1986) पहला सफलतापूर्वक प्रतिरूपित स्तनपायी एक चूहा था। सोवियत वैज्ञानिकों, चाएलाख्यान (Chaylakhyan), वेप्रेन्सेव (Veprencev), स्विरिदोवा (Sviridova) और निकितीन (Nikitin) ने "माशा" नामक चूहे को प्रतिरूपित किया था। यह शोध "बायोफ़िज़िका (Biofizika)" पत्रिका के 1987 के संस्करण XXXII, अंक 5 में प्रकाशित हुआ।August 2008Кто изобрел клонирование? https://web.archive.org/web/20041223221951/http://www.whoiswho.ru/russian/Curnom/22003/cl.htm 23 दिसंबर 2004 http://www.whoiswho.ru/russian/Curnom/22003/cl.htm 18 जून 2010 dead (रूसी)
भेड़: (1996) प्रारंभिक भ्रूण-कोशिका से स्टीन विलैड्सेन (Steen Willadsen) द्वारा. मेगन और मोरागAugust 2008 पृथक की गई कोशिका से जून 1995 में और डॉली भेड़ दैहिक कोशिका से 1997 में प्रतिरूपित की गई।McLaren A Cloning: pathways to a pluripotent future https://archive.org/details/sim_science_2000-06-09_288_5472/page/1774 Science 288 5472 1775–80 2000 10877698 10.1126/science.288.5472.1775
रीसस बंदर: टेट्रा (जनवरी 2000) भ्रूण विभाजन सेसीएनएन. रिसर्चर्स कोल्न मंकी बाई स्प्लिटिंग एम्ब्रयो https://web.archive.org/web/20060813173749/http://archives.cnn.com/2000/NATURE/01/13/monkey.cloning/ 13 अगस्त 2006 13/01/2000. 05-08-2008 को पुनःप्राप्त.August 2008
गौर: (2001) प्रतिरूपित की गई पहली लुप्तप्राय प्रजाति.http://archives.cnn.com/2001/NATURE/01/12/cloned.gaur/index.html संग्रहीत प्रति 18 जून 2010 https://web.archive.org/web/20090606014106/http://archives.cnn.com/2001/NATURE/01/12/cloned.gaur/index.html 6 जून 2009 live
पशु: अल्फा और बीटा (नर, 2001) और (2005) ब्राजील.कैमाको, किटे. Embrapa clona raça de boi ameaçada de extinção. https://web.archive.org/web/20090421002459/http://www.radiobras.gov.br/materia_i_2004.php?materia=226261&q=1&editoria= 21 अप्रैल 2009 एजेंसिया ब्रासील. 20/05/2005. (पुर्तगाली) 05-08-2008 को पुनःप्राप्त
बिल्ली: कॉपीकैट (CopyCat) "CC" (मादा, 2001 के अंत में), लिटिल निकी (Little Nicky), 2004, व्यावसायिक कारणों से प्रतिरूपित पहली बिल्ली थी।August 2008
खच्चर: इडाहो जेम (Idaho Gem), 4 मई 2003 को जन्मा एक जॉन खच्चर, घोड़ों के परिवार का पहला प्रतिरूप था।August 2008
घोड़ा: प्रोमिटी (Prometea), 28 मई 2003 को जन्मी एक हाफ्लिंगर (Haflinger) मादा, पहला प्रतिरूपित घोडा थी।August 2008
भैंस: समरुपा पहली प्रतिरूपित भैंस थी। इसका जन्म 6 फ़रवरी 2009 को भारत के करनाल राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान में हुआ, लेकिन फेफड़ों में संक्रमण के कारण पांच दिनों बाद उसकी मृत्यु हो गई।http://timesofindia.indiatimes.com/India-clones-worlds-first-buffalo/articleshow/4120044.cms संग्रहीत प्रति 18 जून 2010 https://web.archive.org/web/20090215193025/http://timesofindia.indiatimes.com/India-clones-worlds-first-buffalo/articleshow/4120044.cms 15 फ़रवरी 2009 live
ऊंट: (2009) इन्जाज़ (Injaz) पहला प्रतिरूपित ऊंट है। http://www.telegraph.co.uk/news/newstopics/howaboutthat/5153780/Worlds-first-cloned-camel-unveiled-in-Dubai.html World's first cloned camel unveiled in Dubai Richard Spencer Telegraph.co.uk April 14, 2009 April 15, 2009 https://web.archive.org/web/20100606233021/http://www.telegraph.co.uk/news/newstopics/howaboutthat/5153780/Worlds-first-cloned-camel-unveiled-in-Dubai.html 6 जून 2010 live
मानव प्रतिरूपण
मानव प्रतिरूपण
किसी जीवित अथवा पूर्व में जीवित मानव की जेनेटिक रूप से समान प्रतिलिपि का निर्माण करना मानव प्रतिरूपण कहलाता है। सामान्यतः इस शब्द का उल्लेख कृत्रिम मानव प्रतिरूपण के रूप में किया जाता है; समरूप जुड़वां (Identical Twins) के रूप में मानव प्रतिरूपण सामान्य रूप से पाए जाते हैं, जिनमें प्रतिरूपण प्रजनन की प्राकृतिक प्रक्रिया के दौरान होता है। मानव प्रतिरूपण के दो प्रकारों की अक्सर चर्चा की जाती है: उपचारात्मक प्रतिरूपण और प्रजननीय प्रतिरूपण. उपचारात्मक प्रतिरूपण में चिकित्सा में इस्तेमाल के लिए वयस्क कोशिकाओं का प्रतिरूपण करना शामिल है और यह अनुसंधान का एक सक्रिय क्षेत्र है। प्रजनन प्रतिरूपण में प्रतिरूपित मानवों का निर्माण शामिल होगा. एक तीसरे प्रकार का प्रतिरूपण, जिसे प्रतिस्थापन प्रतिरूपण (Replacement Cloning) कहते हैं, एक सैद्धांतिक संभावना है और यह उपचारात्मक व प्रजननीय प्रतिरूपण का एक संयोजन होगा. प्रतिस्थापन प्रतिरूपण में प्रतिरूपण के द्वारा किसी अत्यधिक क्षतिग्रस्त, विफल या कमजोर शरीर का प्रतिस्थापन शामिल होगा, जिसके बाद पूर्ण या आंशिक मस्तिष्क प्रत्यारोपण किया जाएगा.
मानव प्रतिरूपण के विभिन्न रूप विवादास्पद हैं।Pence Gregory E. Gregory E. Pence Who’s Afraid of Human Cloning? https://archive.org/details/whosafraidofhuma00penc Rowman & Littlefield 1998 paperback ISBN 0-8476-8782-1 and hardcover ISBN 0-8476-8781-3 मानव प्रतिरूपण के क्षेत्र में जारी सारी प्रगति को रोक देने की मांग अनेक बार उठती रही है। अधिकांश वैज्ञानिक, शासकीय व धार्मिक संगठन प्रजननीय प्रतिरूपण का विरोध करते हैं। अमेरिकन एसोसियेशन फॉर दी एडवांसमेंट ऑफ साइंस (AAAS) और अन्य वैज्ञानिक संगठनों ने सार्वजनिक वक्तव्यों के द्वारा सुझाव दिया है कि प्रजननीय प्रतिरूपणों को तब तक प्रतिबंधित कर देना चाहिए, जब तक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे न सुलझा लिए जाएं. http://www.aaas.org/spp/sfrl/docs/cloningstatement.shtml AAAS Statement on Human Cloning 18 जून 2010 https://web.archive.org/web/20120911093343/http://www.aaas.org/spp/sfrl/docs/cloningstatement.shtml 11 सितंबर 2012 dead प्रतिरूपणों से अंगों के उत्पादन की भावी संभावना को लेकर गंभीर नैतिक चिंताएं उपस्थित की जाती रही हैं।प्रशस्ति पत्र की जरुरत कुछ लोगों ने अंगों को मानव जीव से पृथक रखकर विकसित करने का विचार दिया है-ऐसा करने पर उन्हें मानवों से उत्पादित करने से जुड़ी नैतिक समस्याओं के बिना एक नई अंग आपूर्ति स्थापित की जा सकेगी. मनुष्य शरीर द्वारा स्वीकरणीय अंगों को अन्य जीवों, जैसे सूअर या गाय के शरीर में विकसित करने और फिर उन्हें मनुष्यों में प्रत्यारोपित करने के विचार पर भी अनुसंधान किया जा रहा है, जो कि अपर-प्रत्यारोपण (Xenotransplantation) का एक रूप है।
पहला मानव संकरित मानव प्रतिरूपण अमेरिकन सेल टेक्नोलॉजीज द्वारा नवम्बर 1998 में बनाया गया।http://news.bbc.co.uk/2/hi/science/nature/371378.stm BBC न्यूज़ SCI/TECH संकरित क्लोन का विवरण का पता चला 18 जून 2010 https://web.archive.org/web/20101114064034/http://news.bbc.co.uk/2/hi/science/nature/371378.stm 14 नवंबर 2010 live . यह एक पुरुष के पैर की कोशिका और एक गाय के अंडे से बनाया गया था, जिसका डीएनए हटा दिया गया था। इसे 12 दिनों बाद नष्ट कर दिया गया। चूंकि एक सामान्य भ्रूण 14 दिनों पर प्रत्यारोपित होता है, ACT के ऊतक इंजीनियरिंग के निदेशक डॉ रॉबर्ट लैंज़ा (Dr Robert Lanza) ने डेली मेल समाचार-पात्र को बताया कि 14 दिनों से पूर्व भ्रूण को एक व्यक्ति के रूप में नहीं देखा जा सकता. ACT के अनुसार ऐसे भ्रूण का विकास करते समय, जो आवश्यक अवधि तक बढ़ने की अनुमति दिए जाने पर, एक सम्पूर्ण मानव के रूप में विकसित हो सकता था: "[ACT का] लक्ष्य 'उपचारात्मक प्रतिरूपण' था, 'प्रजननीय प्रतिरूपण' नहीं."
जनवरी 2008 में, कैलिफोर्निया में स्टेमाजेन (Stemagen) के मुख्य वैज्ञानिक अधिकारियों, वुड और एंड्रयू ने घोषणा की कि भ्रूणीय मूल कोशिकाओं का एक जीवनक्षम स्रोत प्रदान करने के उद्देश्य से उन्होंने वयस्क त्वचा कोशिका से प्राप्त डीएनए का प्रयोग करके सफलतापूर्वक पहले 5 परिपक्व मानव भ्रूण विकसित कर लिए हैं। डॉ॰ सैम्युअल वुड और उनके एक सहयोगी ने त्वचा कोशिकाएं दान कीं और उन कोशिकाओं से प्राप्त डीएनए को मानव अण्डों में स्थानांतरित किया गया। यह स्पष्ट नहीं है कि क्या उत्पादित भ्रूण आगे विकास कर पाने में सक्षम हो सकता था, लेकिन डॉ॰ वुड ने कहा कि यदि यह संभव हुआ होता, तो प्रजनानीय प्रतिरूपण के लिए इस पौद्योगिकी का प्रयोग अनैतिक और अवैध, दोनों रहा होता. ला जोला (La Jolla) में, स्टेमाजेन कॉर्पोरेशन लैब (Stemagen Corporation Lab) में निर्मित 5 प्रतिरूपित भ्रूण नष्ट कर दिए गए।वयस्क त्वचा कोशिका से प्राप्त परिपक्व मानव भ्रूण https://web.archive.org/web/20121104045548/http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2008/01/17/AR2008011700324.html?hpid=topnews 4 नवंबर 2012
Washingtonpost.com
प्रतिरूपण के नैतिक मुद्दे
प्रतिरूपण नैतिकी
हालांकि, जीवों के प्रतिरूपण की पद्धति का प्रयोग उद्यानिकी प्रतिरूपण के रूप में हज़ारों वर्षों से प्रचलित रहा है, लेकिन पशुओं के (और संभवतः मनुष्यों के भी) प्रतिरूपण की अनुमति देने वाली नवीनतम प्रौद्योगिक उन्नतियां अत्यधिक विवादास्पद रही हैं। कैथोलिक चर्च और अनेक धार्मिक संगठन इस आधार पर सभी प्रकार के प्रतिरूपणों के खिलाफ़ हैं कि जीवन गर्भाधान से प्रारंभ होता है। इसके विपरीत यहूदी धर्म जीवन को गर्भाधान से नहीं जोड़ता और, हालांकि यह प्रतिरूपण की आवश्यकता पर प्रश्न-चिन्ह लगाता है, लेकिन रूढ़िवादी रब्बी सामान्यतः यहूदी नियमों और नैतिकता के अंतर्गत प्रतिरूपण का विरोध करने के लिये कोई दृढ़ कारण नहीं देखते.माइकल ब्रोडी. अव्रहम स्टाइनबर्ग. पारंपरिक उदारवाद के दृष्टिकोण से, व्यक्ति की पहचान की रक्षा और व्यक्ति की जेनेटिक पहचान की सुरक्षित रखने के अधिकार को लेकर भी चिंताएं व्यक्त की जाती हैं।
ग्रेगरी स्टॉक एक वैज्ञानिक और प्रतिरूपण अनुसंधान पर प्रतिबंधों के मुखर आलोचक हैं।नया पृष्ठ 0जून 2020 InternetArchiveBot
एक कृत्रिम मानव उत्पादन योजना में अंतर्निहित सामाजिक उलझावों को एल्डस हक्सले के प्रसिद्ध उपन्यास ब्रेव न्यू वर्ल्ड में उजागर किया गया था।
28 दिसम्बर 2006 को अमरीकी खाद्य व दवा प्रशासन (U.S. Food and Drug Administration (FDA)) ने प्रतिरूपित पशुओं से प्राप्त मांस व अन्य उत्पादों के सेवन की अनुमति दी.http://www.msnbc.msn.com/id/16372490 संग्रहीत प्रति 18 जून 2010 https://web.archive.org/web/20100613160159/http://www.msnbc.msn.com/id/16372490/ 13 जून 2010 live यह कहा गया कि प्रतिरूपित-पशु उत्पादों और गैर-प्रतिरूपित पशु उत्पादों में कोई अंतर नहीं पहचाना जा सकता. इसके अलावा, कंपनियों को उपभोक्ता को यह सूचित करने वाले लेबल प्रदान करने की आवश्यकता नहीं थी कि यह मांस किसी प्रतिरूपित पशु का है।http://www.infoniac.com/health-fitness/meat-of-cloned-food-is-safe-to-eat-fda-says.html FDA बताता है कि प्रतिरूप खाने का मांस खाने के लिए सुरक्षित है 18 जून 2010 https://web.archive.org/web/20100609033924/http://www.infoniac.com/health-fitness/meat-of-cloned-food-is-safe-to-eat-fda-says.html 9 जून 2010 dead
प्रतिरूपित-पशु उत्पादों की मानवीय खपत के लिये FDA द्वारा दी गई अनुमति पर आलोचकों ने यह कहते हुए आपत्तियां व्यक्त की हैं कि FDA का अनुसंधान अपर्याप्त व अनुपयुक्त रूप से सीमित था और इसकी वैज्ञानिक मान्यता संदिग्ध थी।http://www.hsus.org/farm/resources/research/practices/genetic_engineering_and_cloning_farm_animals.html संग्रहीत प्रति 18 जून 2010 https://web.archive.org/web/20090825182426/http://www.hsus.org/farm/resources/research/practices/genetic_engineering_and_cloning_farm_animals.html 25 अगस्त 2009 dead http://www.centerforfoodsafety.org/pubs/FINAL_FORMATTEDprime%20time.pdf https://web.archive.org/web/20070630225455/http://www.centerforfoodsafety.org/pubs/FINAL_FORMATTEDprime%20time.pdf 30 जून 2007 (PDF)http://www.consumersunion.org/pdf/FDA_clone_comments.pdf https://web.archive.org/web/20091211051535/http://www.consumersunion.org/pdf/FDA_clone_comments.pdf 11 दिसंबर 2009 (PDF) अनेक उपभोक्ता-समर्थक समूह एक निरीक्षण कार्यक्रम को प्रोत्साहित करने के लिये कार्य कर रहे हैं, जो उपभोक्ताओं को उनके भोजन में शामिल प्रतिरूपित-पशु उत्पादों के बारे में अधिक जागरुक बनाने में सहायक होगा.http://ga3.org/campaign/CloneTracking संग्रहीत प्रति 18 जून 2010 https://web.archive.org/web/20100416053210/http://ga3.org/campaign/CloneTracking 16 अप्रैल 2010 dead
खाद्य सुरक्षा केंद्र (Center for Food Safety) के कानूनी निदेशक जोसेफ़ मेंडेल्सन ने कहा है कि प्रतिरूपित खाद्य पदार्थों पर लेबल लगाया जाना चाहिए क्योंकि इनसे जुड़े सुरक्षा-संबंधी व नैतिक मुद्दे अभी भी संदेहास्पद बने हुए हैं।
अमरीकी उपभोक्ता अयोग (Consumer Federation of America) में खाद्य नीतियों की निदेशक, कैरोल टकर फ़ोरमैन ने कहा है कि FDA ने इस तथ्य पर विचार नहीं किया कि कुछ अध्ययनों के परिणामों से यह उजागर हुआ है कि प्रतिरूपित पशुओं में मृत्यु दर और जन्म-जात विकलांगता की दर उच्च होती है।
विलुप्त और लुप्तप्राय प्रजातियों का प्रतिरूपण
विलुप्त प्रजातियों का प्रतिरूपण, या अधिक स्पष्ट रूप से, कार्यात्मक डीएनए का पुनर्निर्माण करना अनेक दशकों से कुछ वैज्ञानिकों का स्वप्न रहा है। माइकल क्रिक्टन के लोकप्रिय उपन्यास और हॉलीवुड की महंगी रोमांचक फ़िल्म जुरासिक पार्क में इसके संभावित निहितार्थों का नाटकीय-चित्रण किया गया था. वास्तविक जीवन में, ऊनी मैमथ (Woolly Mammoth) किसी समय प्रतिरूपण के सर्वाधिक प्रत्याशित लक्ष्यों में से एक था, लेकिन जमे हुए मैमथ से डीएनए निकाल पाने के प्रयास विफल रहे हैं, हालांकि एक रूसी-जापानी दल संयुक्त रूप से इस लक्ष्य पर अभी कार्य कर रहा है।http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/3075381.stm Scientists 'to clone mammoth' बीबीसी न्यूज़ 2003-08-18 18 जून 2010 https://web.archive.org/web/20100808030457/http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/3075381.stm 8 अगस्त 2010 live
सन् 2001 में, बेसी (Bessie) नामन एक गाय ने एक प्रतिरूपित एशियाई गौर, एक लुप्तप्राय प्रजाति, को जन्म दिया, लेकिन दो दिन बाद ही उस बछड़े की मौत हो गई। 2003 में, एक बैन्टेंग (Banteng) को और जमे हुए भ्रूण को पिघलाकर उससे तीन अफ़्रीकी जंगली बिल्लियों को सफलतापूर्वक प्रतिरूपित किया गया। इन सफलताओं ने यह आशा प्रदान की है कि इसी प्रकार की तकनीकों (अन्य प्रजातियों की प्रतिनिधि मां का प्रयोग करके) का प्रयोग विलुप्त प्रजातियों के प्रतिरूपण के लिये किया जा सकता है। इसी संभावना की आशा से, अंतिम बुकार्डो (पाइरिनीयाई आइबेक्स) की मौत के तुरंत बाद उसके ऊतक के नमूनों को जमा दिया गया। शोध-कर्ता विलुप्तप्राय प्रजातियों, जैसे विशाल पाण्डा, ओसीलट और चीता, का प्रतिरूपण करने पर विचार कर रहे हैं। सैन डियागो चिड़ियाघर के "फ़्रोज़न ज़ू" में अब विश्व की सबसे दुर्लभ और सर्वाधिक लुप्तप्राय प्रजातियों के जमे हुए ऊतकों का भण्डारण करके रखा गया है।http://www.washingtonpost.com/wp-srv/aponline/20001008/aponline171938_000.htm Scientists Close on Extinct Cloning Heidi B. Perlman Associated Press 2000-10-08 18 जून 2010 https://web.archive.org/web/20100807200204/http://www.washingtonpost.com/wp-srv/aponline/20001008/aponline171938_000.htm 7 अगस्त 2010 liveCloning After Dolly: Who's Still Afraid? Gregory E. Pence Gregory E. Pence Rowman & Littlefield 2005 0-7425-3408-1 registration https://archive.org/details/cloningafterdoll00penc
2002 में, आस्ट्रेलियाई संग्रहालय के जेनेटिकविदों (Geneticists) ने यह घोषणा की कि उन्होंने, पॉलीमरेज़ श्रृंखला प्रतिक्रिया (Polymerase chain reaction) का प्रयोग करके, लगभग 65 वर्षों पूर्व विलुप्त हो चुके थाइलासाइन (तस्मानीयाई बाघ) के डीएनए की प्रतिकृति बना ली है।http://www.cnn.com/2002/WORLD/asiapcf/auspac/05/28/aust.thylacines/ Cloning to revive extinct species Grant Holloway CNN.com 2002-05-28 18 जून 2010 https://web.archive.org/web/20150402214627/http://www.cnn.com/2002/WORLD/asiapcf/auspac/05/28/aust.thylacines/ 2 अप्रैल 2015 live हालांकि 15 फ़रवरी 2005 को संग्रहालय ने घोषणा की कि वह इस परियोजना को रोक रहा है क्योंकि परीक्षणों ने दर्शाया है कि डीएनए के नमूनों को (इथेनॉल) परिरक्षकों द्वारा बुरी तरह खराब कर दिया गया है। हाल ही में, 15 मई 2005 को, इसने घोषणा की कि थाइलासाइन परियोजना पुनः प्रारंभ की जाएगी और इसमें न्यू साउथ वेल्स और विक्टोरिया के अनुसंधानकर्ता भी शामिल होंगे.
लगभग परिपूर्ण डीएनए की आवश्यकता लुप्त प्रजातियों को प्रतिरूपित करने के प्रयासों में लगातार आ रही बाधाओं में से एक है। इसके अतिरिक्त, यहां तक कि यदि पुरुषों व महिलाओं को प्रतिरूपित किया जाना हो, तो यह प्रश्न बना रहेगा कि क्या वे उन अभिभावकों की अनुपस्थिति में जीवन-क्षम हों सकेंगे, जो उन्हें सिखा सकते हैं या उन्हें उनका प्राकृतिक व्यवहार दिखा सकते हैं। यदि किसी विलुप्त प्रजाति का प्रतिरूपण सफल होता है- इस बात को अनिवार्य रूप से याद रखा जाना चाहिए कि प्रतिरूपण अभी भी एक प्रायोगिक प्रौद्योगिकी है, जो केवल संयोग से सफल होती है- तो इस बात की संभावना अधिक है कि परिणामस्वरूप उत्पन्न पशु, भले ही वे स्वस्थ हों, केवल उत्सुकता या संग्रहालय प्रदर्शन की वस्तुएं ही होंगे.
लुप्तप्राय प्रजातियों का प्रतिरूपण एक अत्यधिक वैचारिक मुद्दा है। अनेक जैविक संरक्षणविद और पर्यावरणविद लुप्तप्राय प्रजातियों के प्रतिरूपण का ज़ोरदार ढ़ंग से विरोध करते हैं- मुख्यतः इसलिये क्योंकि वे सोचते हैं कि इससे प्राकृतिक आवासों और जंगली पशुओं की जनसंख्या को बचाए रखने में सहायता करने रूप में मिलने वाले दान पर रोक लग सकती है। पशु-संरक्षण का "मुख्य-नियम (rule-of-thumb)" यह है कि जब तक जंगली पशुओं के आवास और जनसंख्या का संरक्षण करना व्यवहार्य हो, तब तक कैद में प्रजनन का कार्य पृथक्करण में नहीं किया जाना चाहिए.
2006 की एक समीक्षा में, डेविड एरेन्फ़ेल्ड (David Ehrenfeld) ने यह निष्कर्ष निकाला कि पशु संरक्षण में प्रतिरूपण एक प्रायोगिक प्रौद्योगिकी है जिससे, 2006 में इसकी अवस्था के अनुसार, केवल शुद्ध संयोग और एक पूर्णतः विफल लागत-लाभ विश्लेषण के बिना कार्य करने की उम्मीद नहीं की जा सकती.Ehrenfeld David David Ehrenfeld 2006 Transgenics and Vertebrate Cloning as Tools for Species Conservation https://archive.org/details/sim_conservation-biology_2006-06_20_3/page/723 Conservation Biology 20 3 723–732 16909565 10.1111/j.1523-1739.2006.00399.x उन्होंने आगे कहा कि स्थापित तथा कार्यरत परियोजनाओं से बेइमानी से धन लिया जाना और पशुओं की समाप्ति से जुड़े किसी भी मुद्दे (जैसे आवास का विनाश, शिकार या अन्य प्रकार का अति-शोषण और एक अनुपजाऊ जीन-संग्रह) को संबोधित न किया जाना संभावित है। चूंकि प्रतिरूपण प्रौद्योगिकियां वनस्पति-संरक्षण में सुस्थापित हैं और नियमित रूप से उनका प्रयोग किया जाता है, अतः जेनेटिक विविधता को सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य रूप से सतर्कता बरती जानी चाहिए. अंत में उन्होंने कहा:
Vertebrate cloning poses little risk to the environment, but it can consume scarce conservation resources, and its chances of success in preserving species seem poor. To date, the conservation benefits of transgenics and vertebrate cloning remain entirely theoretical, but many of the risks are known and documented. Conservation biologists should devote their research and energies to the established methods of conservation, none of which require transgenics or vertebrate cloning.
जीवनकाल
आठ वर्षीय अवधीमें चले एक परियोजना में, अग्रणी क्लोनिंग तकनीक के उपयोग से, जापानी शोधकर्ताओं ने सामान्य जीवन काल के साथ, चूहों की 25 पीढ़ियाँ बनाकर, यह प्रदर्षित किया था की कृत्रिम जैविक प्रतिरूप भी, प्राकृतिक रूप से जन्मे जीवों की भाँती सामान्य काल-अवधी का जीवन व्यतीत कर सकते हैं, और यह आवश्यक नहीं है की जैविक प्रतिरूपों की आयू हर अवसर पर प्राकृतिक-क्रितातः जन्मे जीवों से कम ही हो।Cell Stem Cell. 7 March 2013 12 3 293–7 Successful serial recloning in the mouse over multiple generations Wakayama S1, Kohda T, Obokata H, Tokoro M, Li C, Terashita Y, Mizutani E, Nguyen VT, Kishigami S, Ishino F, Wakayama T 23472871 10.1016/j.stem.2013.01.005http://www.sciencedaily.com/releases/2013/03/130307122958.htm Generations of Cloned Mice With Normal Lifespans Created: 25th Generation and Counting Science Daily 7 March 2013 8 March 2013 https://web.archive.org/web/20190426155353/https://www.sciencedaily.com/releases/2013/03/130307122958.htm 26 अप्रैल 2019 live
प्रचलित सन्कृती में
प्रतिरूपण, आधूनिक प्रचलित संस्कृती में, कई कल्पित-वैज्ञानिक कहानियों, फ़िल्में और आन्य साहित्यों में अक़सर दर्षाया जाता है। ऐसी कुछ नाम-चीन उदाहरणों में जुरैसिक फार्क श्रिंखला की फ़िल्में शामिल हैं।
सन्दर्भ
बाहरी लिंक और संदर्भ
मानव जीनोम परियोजना जानकारी वेबसाइट से क्लोनिंग फैक्ट शीट.
वेगा साइंस ट्रस्ट और BBC/OU द्वारा फ्रीवियु वीडियो 'क्लोनिंग'
विश्व में जानकारी रिसोर्स टू क्लोनिंग द्वारा क्लोनिंग न्यूज़ वेबसाईट - क्लोन गाइड
प्रजनन प्रतिरूपण नेटवर्क. प्रतिरूपण लेख, संसाधन और लिंक
उताह्स विश्वविद्यालय के शोध के आनुवंशिक विज्ञान अध्ययन केंद्र से प्रतिरूपण अन्वेषण अभिगम्य और बहुग्राही पर देखे क्लोनिंग इन फोकस
क्लिक और क्लोन. उताह्स विश्वविद्यालय के शोध के आनुवंशिक विज्ञान अध्ययन केंद्र से वर्चुअल माउस प्रतिरूपण प्रयोगशाला में खुद कोशिश करें
प्रतिरूपण समयरेखा: सीएनएन से
"प्रतिरूपण परिशिष्ट: बायोथिक्स पर राष्ट्रपति के परिषद पर राष्ट्रपति का क्लोनिंग रिपोर्ट मुद्दों पर एक बयान." द नैशनल रिवियु, 15 जुलाई 2002 8:45 ए एम्.
बयोथिक्स पर राष्ट्रपति का परिषद
प्रतिरूपण LiveScience.com से शैक्षिक संसाधनों और समाचार
लैन विल्मट प्रतिरूपण खेल को छोड़ने के लिए
श्रेणी:जीव विज्ञान
श्रेणी:शब्दावली
श्रेणी:सूक्ष्मजैविकी
श्रेणी:जैव प्रौद्योगिकी
श्रेणी:आण्विक जैविकी
श्रेणी:अनुवांशिकी
श्रेणी:प्रतिरूपण
श्रेणी:आण्विक जीव विज्ञान
श्रेणी:क्राईबायोलॉजी
श्रेणी:प्रयुक्त आनुवंशिक विज्ञान