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अनुच्छेद 25 (भारत का संविधान)
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भारत का संविधान भाग 3 अनुच्छेद 26 (भारत का संविधान) अनुच्छेद 24 (भारत का संविधान) भारतीय संविधान सभा भारत हिंदी :श्रेणी:संविधान 1949 प्रकाशित
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 25 धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार से संबंधित है। यह अनुच्छेद प्रत्येक व्यक्ति को अपने विवेक के अनुसार किसी भी धर्म को मानने, उसका पालन करने और उसका प्रचार करने की स्वतंत्रता देता है।
मूल पाठ
(१) सार्वजनिक व्यवस्था, सदाचार और स्वास्थ्य तथा इस भाग के दूसरे उपबन्धों के अधीन रहते हुए, सब व्यक्तियों की, अन्तःकरण की स्वतंत्रता का तथा धर्म के अबाध रूप से मानने, आचरण करने और प्रचार करने का समान हक्क होगा।
(२) इस अनुच्छेद की कोई बात किसी ऐसी वर्तमान विधि के प्रवर्तन पर प्रभाव, अथवा राज्य के लिये किसी ऐसी विधि के बनाने में रुकावट, न डालेगी जो—
(क) धार्मिक आचरण से सम्बद्ध किसी आर्थिक, वित्तीय, राजनैतिक अथवा अन्य किसी प्रकार की लौकिक क्रियाओं का विनियमन अथवा निर्बन्धन करती हो;
(ख) सामाजिक कल्याण और सुधार उपबन्धित करती हो, अथवा हिन्दुओं की सार्वजनिक प्रकार की धर्म-संस्थाओं को हिन्दुओं के सब वर्गों और विभागों के लिये खोलती हो।
व्याख्या १.—कृपाण धारण करना तथा लेकर चलना सिक्ख धर्म के मानने का अंग समझा जायेगा।
व्याख्या २.—खंड (२) के उपखंड (ख) में हिन्दुओं के प्रति निर्देश में सिक्ख, जैन या बौद्ध धर्म के मानने वाले व्यक्तियों का भी निर्देश अन्तर्गत है तथा हिन्दू धर्म-संस्थाओं के प्रति निर्देश का अर्थ भी तदनुकूल ही किया जायेगा।
।भारत का संविधान भारत का संविधान (संपा॰) प्रसाद राजेन्द्र लेखक:राजेन्द्र प्रसाद 1957 ११ पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/६५
मुख्य प्रावधान
1. अंतःकरण की स्वतंत्रता
किसी भी व्यक्ति को अपने ईश्वर या अपने विश्वास के साथ अपने संबंधों को अपनी इच्छानुसार ढालने की पूरी आंतरिक स्वतंत्रता है।
2. धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने का अधिकार
मानने का अधिकार:
मानने का अधिकार:सार्वजनिक रूप से अपने धार्मिक विश्वास और आस्था की घोषणा करना।
आचरण का अधिकार: धार्मिक पूजा, परंपराएं, समारोह और अनुष्ठान करने की स्वतंत्रता।
प्रचार का अधिकार: अपने धार्मिक सिद्धांतों को दूसरों को बताना। (नोट: इसमें जबरन धर्म परिवर्तन शामिल नहीं है।)
3. प्रमुख स्पष्टीकरण
संविधान ने इस अनुच्छेद में दो महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट की हैं:
कृपाण धारण करना: सिख धर्म के अनुयायियों द्वारा 'कृपाण' धारण करना और उसे लेकर चलना उनके धर्म का हिस्सा माना गया है।
'हिंदू' शब्द की व्याख्या: इस अनुच्छेद के संदर्भ में, 'हिंदू' शब्द के अंतर्गत सिख, जैन और बौद्ध धर्म को मानने वाले व्यक्ति भी शामिल हैं।
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
भारत का संविधान - आधिकारिक वेबसाइट
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