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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

देवी प्रिया

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मार्च 2026 देवी प्रिया शेख खाजा हसन 15 अगस्त 1951 गुंटूर, आंध्र प्रदेश, भारत 21 नवंबर 2020 (आयु 69 वर्ष) हैदराबाद, तेलंगाना, भारत कवि, पत्रकार, कार्टूनिस्ट गाली रंगु, अध्यक्षा़ मन्निचंडी, गरीबी गीतालु, अम्मा चेत्तु चेपा चिलुका साहित्य अकादमी पुरस्कार (2017) तेलुगु शेख खाजा हसन (15 अगस्त 1951 – 21 नवंबर 2020) भारतीय तेलुगु कवि और पत्रकार थे, जो अपने राजनीतिक व्यंग्य के लिए प्रसिद्ध थे। वो अपने पेन नाम देवी प्रिया से लोकप्रिय थे। उन्हें उनकी कृति गाली रंगु (हिन्दी अनुवाद: खिड़की के रंग) के लिए वर्ष 2017 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनकी अन्य प्रसिद्ध कृतियों में अध्यक्षा़ मन्निचंडी (हिन्दी: अध्यक्ष मुझे माफ़ करें), गरीबी गीतालु (अंग्रेज़ी: गरीबी के गीत) तथा अम्मा चेत्तु चेपा चिलुका (अंग्रेज़ी: माँ, पेड़ मछली और तोता) शामिल हैं। प्रारंभिक जीवन देवी प्रिया का जन्म 15 अगस्त 1951 को भारतीय राज्य आन्ध्र प्रदेश के गुन्टूर जिले के ताडिकोंडा में हुआ।22 November 2020 Sahitya Academy award winner Shaik Khaja Hussain, popular as Devi Priya, passes away https://www.deccanchronicle.com/nation/in-other-news/221120/sahitya-academy-award-winer-shaik-khaja-hussain-popular-as-devi-priya.html 21 November 2020 Deccan Chronicle en उन्होंने गुन्टूर के आंध्र क्रिश्चियन कॉलेज में तेलुगु और अंग्रेज़ी साहित्य का अध्ययन किया।21 November 2020 Noted writer Devipriya passes away at 69 en-IN The Hindu https://www.thehindu.com/news/cities/Hyderabad/noted-writer-devipriya-passes-away-at-69/article33150553.ece 22 November 2020 0971-751X करियर पत्रकार के रूप में देवी प्रिया अपनी राजनीतिक व्यंग्य शैली के लिए जाने जाते थे। तेलुगु समाचारपत्र उदयम् में उनका नियमित स्तंभ रनिंग कमेंट्री समकालीन राजनीतिक घटनाओं पर आधारित था। बाद में उन्होंने तेलुगु समाचार चैनलों पर भी ऐसी ही टिप्पणी दी। वे अपने व्यंग्यात्मक कार्टूनों के लिए भी प्रसिद्ध थे। उनके संपादकीय लेखों का संकलन अध्यक्षा़ मन्निचंडी नाम से प्रकाशित हुआ। द हिंदू के अनुसार यह पुस्तक क्षेत्रीय भाषा के पत्रकारों, लेखकों और राजनेताओं में अत्यंत लोकप्रिय मानी जाती है। उन्होंने उदयम्, आंध्र प्रभा, हैदराबाद मिरर और अंग्रेज़ी समाचारपत्र द हंस इंडिया में कार्य किया। कवि के रूप में उनकी रचनाओं में सीधे और अलंकारिक दोनों प्रकार की शैली का संतुलन दिखाई देता है। उन्होंने भारतीय पौराणिक कथाओं और महाकाव्यों से भी प्रेरणा ली। वे तेलुगु फिल्मों के लिए गीतकार भी रहे। उन्होंने माँ भूमि फिल्म के लिए “जम्बल भरी भरी” गीत लिखा तथा रागुलुथुन्ना भारतम् और पल्लकी जैसी फिल्मों में भी गीत लिखे। उनकी बहुआयामी प्रतिभा की तुलना प्रख्यात तेलुगु कवि श्री श्री (लेखक) से की गई। उन्होंने अंग्रेज़ी में पूर्ण लंबाई की वृत्तचित्र फिल्म म्यूज़िक ऑफ अ बैटल का निर्माण भी किया, जो लोकगायक और कार्यकर्ता गद्दर के जीवन पर आधारित थी। उन्हें वर्ष 2017 में गाली रंगु कविता-संग्रह के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्हें कन्या भ्रूण संरक्षण विषयक डॉक्यूमेंटरी पटकथा के लिए यूनीसेफ पुरस्कार भी मिला। व्यक्तिगत जीवन देवी प्रिया विवाहित थे और उनके एक पुत्र तथा एक पुत्री थी। उनका निधन 21 नवंबर 2020 को निज़ाम्स इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (हैदराबाद) में अल्पकालिक बीमारी के बाद हुआ। वे 69 वर्ष के थे। वे मधुमेह से पीड़ित थे तथा गैंग्रीन संक्रमण के कारण कुछ समय पूर्व उनका एक पैर काटना पड़ा था। कृतियाँ पुस्तकें गाली रंगु रनिंग कमेंट्री अरण्य पुराणम् पूर्णम्मा अध्यक्षा़ मन्निचंडी इंको अप्पुडु अम्मा चेत्तु चेपा चिलुका नीति पुट्टा चेपा चिलुका तूफानु तुम्मेदा गरीबु गीतालु समजानंद स्वामी फिल्में (गीतकार के रूप में) माँ भूमि रागुलुथुन्ना भारतम् रंगुला कला पल्लकी References श्रेणी:1951 में जन्मे लोग श्रेणी:२०२० में निधन श्रेणी:तेलुगु कवि श्रेणी:भारतीय पत्रकार