Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

ब्रिटिश राजसत्ता का अनुक्रम

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

thumb|right|350px|ब्रिटिश संसद के हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स में विद्यमान, ब्रिटिश संप्रभु का राजसिंघासन ब्रिटिश सिंहासन पर उत्तराधिकार का क्रम , ब्रिटिश समेत विश्व के १५ अन्य राष्ट्रमण्डल प्रदेशों की साँझा एकराट्तंत्र के राजगद्दी पर उत्तराधिकार के क्रम को परिभाषित करती है। यह उत्तराधिकार क्रम कई ऐतिहासिक संविधियाँ, संधियाँ, परंपराएँ, और अधिनियमों द्वारा निर्धारित की जाती है। साथ ही राष्ट्रमण्डल प्रजाभूमियों के साँझ राजतांत्रिक व्यवस्था के कारण, इस क्रम अथवा इससे संबंधित विधानों को समस्त राष्ट्रमण्डल प्रमंडलों की स्वीकृति द्वारा निर्धारत एवं परिवर्तित किया जाता है। वर्तमान में, राजपाट और सिंहासन के राजा चार्ल्स तृतीय हैं, जिनके उतराधिकारी उनके ज्येष्ठ पुत्र विलियम, वेल्स के राजकुमार हैं, तत्पश्चात् दूसरे स्थान पर विलियम के ज्येष्ठ पुत्र वेल्स के राजकुमार जॉर्ज है, फिर जॉर्ज की छोटी बहन वेल्स की राजकुमारी शार्लट और फिर जॉर्ज के सबसे छोटे भाई वेल्स के राजकुमार लुइस हैं। विरासत के मापदंड सिंघासन पर उत्तराधिकार, विभिन्न ऐतिहासिक संविधिओं द्वारा अनुशासित है, जिनमें बिल ऑफ़ राइट्स, १६८९, ऍक्ट ऑफ़ सेटलमेंट, १७०१ और ऍक्ट ऑफ़ यूनियन, १७०७ शामिल हैं। तथा, राष्ट्रमण्डल प्रदेशों के बीच का संबंध इस प्रकार का है कि उत्तराधिकार को अनुशासित करने वाले किसी भी विधान का सारे देशों की एकमत स्वीकृति आवश्यक है। उत्तराधिकार संबंधित नियम केवल संसदीय अधिनियम द्वारा परिवर्तित किये जा सकते हैं, सिंघासन का कोई उत्तराधिकारी, स्वेच्छा से अपना उत्तराधिकार त्याग नहीं कर सकता है। सिंघासन पर विराजमान होने के पश्चात एक व्यक्ति अपने निधन तक राज करता है। इतिहास में एकमात्र स्वैछिक पदत्याग, १९३६ में एडवर्ड अष्टम ने किया था, जिसे संसद के विशेष अधिनियम द्वारा वैध क़रारा गया था। अंतिम बार जब किसी शासक को अनैच्छिक रूप से निष्काषित किया गया था, वो था १६८८ में जेम्स सप्तम और द्वितीय जिन्हें ग्लोरियस रेवोल्यूशन(गौरवशाली क्रांति) के समय निष्काषित किया गया था। ऍक्ट ऑफ़ सेटलमेंट, १७०१, उत्तराधिकार को हॅनोवर की एलेक्ट्रेस, सोफ़िया(१६३०-१७१४), जो जेम्स प्रथम की एक पोती थी, के "वैध प्रोटेस्टेंट वंशजों" तक सीमित करता है। अतः राजपरिवार का कोई भी कैथलिक सदस्य कभी भी सिंघासन को उत्तरिधिकृत नहीं कर सकता है। एक शासी शासक के निधन पर स्वयमेव ही, राजपाठ, उसके आसन्न वारिस के पास चला जाता है, अतः सैद्धांतिक रूप से, सिंघासन एक क्षण के लिए भी खली नहीं रहता है। तथा उत्तराधिकार को सार्वजनिक रूप से उत्तराधिकार परिषद् द्वारा घोषित की जाती है। अतः अंग्रेजी परंपरा के अनुसार शासक के उत्तराधिकार को वैध होने के लिए राज्याभिषेक होना आवश्यक नहीं है। अतः आम तौर पर राज्याभिषेक उत्तराधिकार के कुछ महीने बाद होता है(ताकि आवश्यक तैयारी और शोक के लिए समय मिल सके)। नए शासक के राज्याभिषेक की परंपरा वेस्टमिंस्टर ऐबे में कैंटरबरी के आर्चबिशप द्वारा किया जाता है। उत्तराधिकारी के लिंग और घर्म संबंधित विधान ऐतिहासिक रूप से उत्तराधिकार को पुरुष-वरियति सजातीय ज्येष्ठाधिकार के सिद्धान्त द्वारा अनुशासित किया जाता रहा है, जिसमे पुत्रों को ज्येष्ठ पुत्रियों पर प्राथमिकता दी जाती रही है, तथा एक ही लिंग के ज्येष्ठ संतानों को पहली प्राथमिकता दी जाती है। अतः उत्तराधिकारी के लिंग तथा धर्म का उत्तराधिकार पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। २०११ में राष्ट्रमण्डल की बैठक में ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरून ने यह घोषणा की थी कि तमाम राष्ट्रमण्डल प्रदेश पुरुष प्राथमिकता की परंपरा को समाप्त करने के लिए राज़ी हो गए हैं, तथा भविष्य के शासकों पर कैथोलिक व्यक्तियों से विवाह करने पर रोक को भी रद्द करने पर सब की स्वीकृति ले ली गयी थी। परंतु क्योंकि ब्रिटिश अधिराट् चर्च ऑफ़ इंग्लैंड के प्रमुख भी होते हैं, अतः कैथोलिक व्यक्तियों को सिंघासन उत्तराधिकृत करने पर रोक लगाने वाले विधान को यथास्त रखा गया है। इस विधेयक को २३ अप्रैल २०१३ को शाही स्वीकृति मिली, तथा सारे राष्ट्रमण्डल प्रदेशों में सम्बंधित विथान पारित होने के पश्चात् मार्च २०१५ को यह लागू हुआ। विवाह और संतान की वैधता १७०१ के ऍक्ट ऑफ़ सेटलमेंट के विधानों के अनुसार, जेम्स प्रथम की पोती, हनोवर की एलेक्ट्रेस, सोफ़िया, के "वैध" प्रोटोस्टेंट वंशज ही सिंघासन को उत्तराधिकृत करने के लिए सक्षम हैं। अर्थात, शाही परिवार के वंश के केवल जायज़ संतान ही सिंघासन पर उत्तराधिकार का हक़ रखते हैं, और कोई भी अवैध संतान, तथा उनके वंशज, सिंघासन पर किसी भी प्रकार का अधिकार नहीं रखते हैं। इस सन्दर्भ में, रॉयल मैरेजेज़ ऍक्ट, १७७२ के प्रावधानों के अनुसार शाही परिवार के किसी भी सदस्य को विवाह करने हेतु संप्रभु की स्वीकृति लेना आवश्यक है, और संप्रभु के स्वीकृति के बिना किये गए किसी भी विवाह को "अवैध"(अर्थात असक्षम) क़रार दिया जाएगा, तथा वह व्यक्ति और उसके संतान सिंघासन पर अधिकार से वंचित हो जायेंगे। इस अधिनियम के प्रावधानों में २०१३ के सक्सेशन टू द क्राउन ऍक्ट द्वारा कुछ परिवर्तन लाये गए। इस अधिनियम के अनुसार, उत्तराधिकार क्रम के पहले छह सदस्यों को विवाह करने हेतु संप्रभि की इजाज़त लेना आवश्यक है, अन्यथा उस व्यक्ति तथा उस विवाह से हुए सरे संतान और उनके वंशजों को उत्तराधिकार क्रम से वंचित मान लिया जाएगा। परंतु ऐसी किसी भी विवाह को किसी भी प्रकार से गैर-कानूनी नहीं करार जा सकता है। उत्तराधिकार क्रम के पहले ६ सदस्य वर्तमान क्रम यह शाही परिवार के वर्तमान सदस्यों की एक सूची है।(सिंघासन पर उत्तराधिकार के क्रम में):https://www.royal.uk/succession Succession 18 अप्रैल 2023 en The UK Royal Family चार्ल्स तृतीय (वर्त्तमान शासक) १ विलियम, वेल्स के राजकुमार (राजा के पुत्र) २ वेल्स के राजकुमार जॉर्ज (राजा के पौत्र) ३ वेल्स की राजकुमारी शार्लट (राजा की पौत्री) ४ वेल्स के राजकुमार लुइस (राजा के पौत्र) ५ राजकुमार हैरी, ससेक्स के ड्यूक (राजा के पुत्र) ६ ससेक्स के राजकुमार आर्ची (राजा के पौत्र) ७ ससेक्स की राजकुमारी लिलिबेट (राजा की पौत्री) ८ एंड्रयू माउंटबेटन विंडसर (राजा के भाई) ९ यॉर्क की राजकुमारी बियैट्रिस १० सिएना मापेल्ली मोजी ११ यॉर्क की राजकुमारी यूजीनी १२ अगस्त ब्रुक्सबैंक १३ राजकुमार एडवर्ड, एडिनबर्ग के ड्यूक (राजा के भाई) १४ राजकुमार जेम्स, वेसेक्स के अर्ल १५ लेडी लुईस विंड्सर १६ ऐनी, प्रिंसेस रॉयल (राजा की बहन) १७ पीटर फिलिप्स १८ सवाना फिलिप्स १९ इसला फिलिप्स २० ज़ारा टिंडल २१ मिया टिंडल २२ लेना टिंडल २३ लुकास टिंडल प्रिंसेस मार्गरेट, स्नोडन के काउंटेस २४ डेविड आर्मस्ट्रांग-जोंस, वाइसकाउंट लिंले २५ चार्ल्स आर्मस्ट्रांग-जोंस २६ मार्गरीटा आर्मस्ट्रांग-जोंस २७ लेडी सारा शाटो २८ शमूएल शाटो २९ आर्थर शाटो शासन क्रम के अन्य शासी यूरोपीय शासक प्रतिशासन व्यवस्था 1937 और 1953 में रीजेंसी के अधिनियमों के मुताबिक, बिजली सम्राट के 18 साल हासिल नहीं किया है, या तो शारीरिक या मानसिक रूप से अक्षम, बाहर किया जाना चाहिए रीजेंट के रूप में। गिन्नी के पति या पत्नी,: विकलांगता निम्नलिखित व्यक्तियों के कम से कम तीन की पुष्टि करनी होगी लॉर्ड चांसलर , हाउस ऑफ कॉमन्स के स्पीकर , भगवान उच्च वकील (प्रभु मुख्य न्यायाधीश), और स्क्रॉल के रक्षक। रीजेंसी को पूरा करने के लिए, यह भी एक ही तीन व्यक्तियों की एक घोषणा की आवश्यकता है। जब आवश्यक हो रीजेंसी, उत्तराधिकार की उचित लाइन के बाद रीजेंट बन जाता है; संसदीय मतदान या कुछ और इलाज की जरूरत है। रीजेंट (के मामले में 18 से 21 साल से अधिक पुराना होना चाहिए एक प्रत्यक्ष उत्तराधिकारी या, अन्यथा), ब्रिटिश नागरिकता है, और ब्रिटेन का निवासी होना। इन नियमों के अनुसार, केवल रीजेंट भविष्य था जॉर्ज चतुर्थ , जो राज्य करता रहा जब उनके पिता जॉर्ज III पागल हो गया था (1811-1820)। हालांकि, 1953 में रीजेंसी के अधिनियम कहता है कि अगर रानी के उत्तराधिकारी रीजेंसी की जरूरत है, राजकुमार फिलिप, एडिनबर्ग के ड्यूक (रानी का पति) रीजेंट है। रीजेंसी रानी की आवश्यकता होगी, तो रीजेंट बोर्ड की लाइन में अगले हो जाएगा (- रीजेंट होगा तो प्रिंस फिलिप बच्चों और रानी के पोते को छोड़कर)। अस्थायी शारीरिक विकलांगता या राज्य से अनुपस्थिति के दौरान गिन्नी के अपने कार्यों प्रतिनिधि सकता सलाहकार राज्य , पति या सबसे अच्छा चार उत्तराधिकार की लाइन पर पहले। राज्य की आवश्यकताओं के सलाहकार रीजेंट के रूप में वही कर रहे हैं। वर्तमान में, पांच राज्यों के पार्षदों: प्रिंस फिलिप, एडिनबर्ग के ड्यूक, चार्ल्स, प्रिंस ऑफ वेल्स, वेल्स के प्रिंस विलियम प्रिंस हैरी प्रिंस एंड्रयू, ड्यूक ऑफ यॉर्क राज्याभिषेक thumb|right|250px|सेंट जेम्स पैलेस, जहाँ उत्तराधिकार परिषद्, नए उत्तराधिकारी पर स्वीकृति और उत्तराधिकार के सार्वजनिक घोषणापत्र को तैयार करने हेतु एकत्रित होती है। एक शासी शासक के निधन पर स्वयमेव ही, राजपाठ, उसके आसन्न वारिस के पास चला जाता है, अतः सैद्धांतिक रूप से, सिंघासन एक क्षण के लिए भी खली नहीं रहता है। तथा उत्तराधिकार को सार्वजनिक रूप से उत्तराधिकार परिषद् द्वारा घोषित की जाती है, जो पारंपरिक तौर पर सेंट जेम्स पैलेस में शासक के निधन के बाद मिलती है, और नए शासक के राजतिलक की घोषणा पर निर्णय लेती है। इस परिषद में, राजनीतिज्ञों, पादरियों, इत्यादि समेत, राष्ट्रमंडल देशों के प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं। यह परिषद्, नए शासक के राज्याभिषेक का घोषणापत्र तैयार करती है, जिसके बाद लंदन, एडिनबर्ग, यॉर्क समेत देश के सारे छोटे-बड़े नगरों में, इस घोषणा को सार्वजनिक तौर पर पढ़ा जाता है, और नए शासक के राजतिलक का ऐलान किया जाता है। इस घोषणा के दिन को सम्बंधित शासक के शासनकाल के दौरान प्रतिवर्ष, ऍक्सेशन डे के रूप में मनाया जाता है। क्योंकि पूर्व शासक के निधन के साथ ही उनके उत्तराधिकारी नए शासक बन जाते हैं, अतः अंग्रेजी परंपरा के अनुसार शासक के उत्तराधिकार को वैध होने के लिए राज्याभिषेक होना आवश्यक नहीं है। इसीलिए, आम तौर पर राज्याभिषेक उत्तराधिकार के कुछ महीने बाद होता है(ताकि आवश्यक तैयारी और शोक के लिए समय मिल सके)। नए शासक के राज्याभिषेक की परंपरा वेस्टमिंस्टर ऐबे में कैंटरबरी के आर्चबिशप द्वारा किया जाता है। इन्हें भी देखें ब्रिटिश राजतंत्र राजमुकुट वेस्टमिंस्टर की संविधि, १९३१ तीसरा उत्तराधिकार अधिनियम सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ Full text of the Succession to the Crown Act 2013. रॉयल.uk-आधिकारिक वेबसाइट श्रेणी:ब्रिटिश राजतंत्र श्रेणी:ब्रिटिश राजपरिवार श्रेणी:यूनाइटेड किंगडम की राजनीति