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411 समाचार
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बैटरिंग रैम

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बैटरिंग रैम thumb प्राचीन निकट पूर्व घेराबंदी का हथियार लगभग 25वीं सदी ईसा पूर्व – 17वीं सदी असीरियन घेराबंदी, रोम-यहूदी युद्ध, मध्यकालीन घेराबंदी (जैसे क्रूसेड्स) भारी लकड़ी का लट्ठा, धातु का सिरा, निलंबन प्रणाली घेराबंदी मीनार, कैटापोल्ट बैटरिंग रैम (Battering ram) घेराबंदी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सबसे पुराना और सरल हथियार है, जिसे मुख्य रूप से किसी किले के द्वार, दीवार या अन्य किलाबंदी को तोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया था। यह एक विशाल, भारी और मजबूत लकड़ी के लट्ठे से बना होता है, जिसके सिरे पर अक्सर धातु का एक नुकीला या कठोर सिर लगा होता है। गतिज ऊर्जा का उपयोग करके, यह लट्ठा किले की संरचना पर बार-बार वार करता है, जिससे अंततः दीवार या द्वार ढह जाता है।Nicolle David Medieval Siege Weapons (1): Western Europe AD 585-1385 Osprey Publishing 2002 978-1841763620 15-22"Siege warfare in ancient Egypt" विकास और इतिहास बैटरिंग रैम का उपयोग हजारों वर्षों से किया जा रहा है। प्राचीन असीरियन साम्राज्य: 25वीं सदी ईसा पूर्व के आसपास, असीरियाई सेना ने इसका बड़े पैमाने पर उपयोग किया। उन्होंने पहियों पर लगे रैम विकसित किए, जिन्हें एक सुरक्षात्मक छत के नीचे रखा जाता था ताकि रक्षक ऊपर से उन पर तीर या जलती हुई वस्तुएं न फेंक सकें। रोमन युग: रोमन सेनाओं ने बैटरिंग रैम को और अधिक परिष्कृत किया। रोमन 'एरीज' अत्यधिक विशाल होते थे और अक्सर उन्हें 'टॉर्टोइज़' नामक ढकी हुई मीनारों में रखा जाता था, जो सैनिकों को सुरक्षित रखते हुए दीवारों के बिल्कुल पास तक पहुँचने की अनुमति देती थी।Campbell Duncan B. Greek and Roman Siege Machinery 399 BC-AD 363 https://archive.org/details/greekromansiegem0000dunc Osprey Publishing 2003 978-1841766058 25-35 तकनीकी डिज़ाइन और भौतिकी एक प्रभावी बैटरिंग रैम केवल लकड़ी का एक टुकड़ा नहीं होता था, बल्कि एक सटीक इंजीनियरिंग उपकरण था: निलंबन प्रणाली: सबसे उन्नत रैम में लट्ठे को सीधे जमीन पर नहीं रखा जाता था, बल्कि उसे रस्सियों या जंजीरों से एक मजबूत ढांचे से लटकाया जाता था। इससे सैनिकों के लिए भारी लट्ठे को आगे-पीछे करना बहुत आसान हो जाता था और लट्ठे की गति से उत्पन्न 'मोमेंटम' बहुत अधिक बढ़ जाता था। मेटल हेड: लट्ठे के सामने के हिस्से पर लोहे या पीतल का 'मेढ़े का सिर' लगाया जाता था (इसीलिए इसका नाम 'रैम' पड़ा)। यह हिस्सा दीवार के उस बिंदु पर बल को केंद्रित करता था जहाँ प्रहार किया जा रहा हो।Bradbury Jim The Medieval Siege Boydell Press 1992 978-0851153124 110-115 किले के रक्षकों के पास बैटरिंग रैम से बचने के लिए कई तकनीकें थीं: आग: क्योंकि रैम मुख्य रूप से लकड़ी के बने होते थे, रक्षक उनके ऊपर जलता हुआ तेल या गरम रेत फेंकते थे ताकि रैम की सुरक्षात्मक छत जल जाए। कुशन: दीवारों पर फटे हुए गद्दे, ऊन या चमड़े की थैलियां लटका दी जाती थीं ताकि वे रैम के प्रहार के प्रभाव को सोख लें और दीवार तक ऊर्जा पहुँचने न दें। ग्रैपलिंग हुक: रक्षक अक्सर रैम के सिर को फंसाने के लिए बड़े हुक का उपयोग करते थे ताकि उसे अपनी जगह पर रोका जा सके।Chevedden Paul E. The Trebuchet Scientific American 1995 66-72 ऐतिहासिक विरासत बैटरिंग रैम का अंत तब हुआ जब बारूद और तोपों का आगमन हुआ। 17वीं सदी तक आते-आते, भारी तोपों ने उन दीवारों को दूर से ही गिराना शुरू कर दिया जिन्हें तोड़ने के लिए पहले रैम को दीवार के बिल्कुल पास जाना पड़ता था। हालाँकि, आज भी पुलिस और सैन्य दस्तों द्वारा दरवाजों को तोड़ने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले छोटे, हस्तचालित 'रैम' इसी प्राचीन सैन्य तकनीक का आधुनिक रूपांतरण हैं।Rihll Tracey The Catapult: A History https://archive.org/details/catapulthistory0000rihl Westholme Publishing 2007 978-1594160356 145-150 सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ प्राचीन इतिहास विश्वकोश - घेराबंदी युद्ध श्रेणी:सैन्य प्रौद्योगिकी