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अनुच्छेद 16 (भारत का संविधान)
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भारत का संविधान भाग 3 अनुच्छेद 17 (भारत का संविधान) अनुच्छेद 15 (भारत का संविधान) भारतीय संविधान सभा भारत हिंदी :श्रेणी:संविधान 1949 प्रकाशित
अनुच्छेद 16 भारत के संविधान का एक अनुच्छेद है। यह संविधान के भाग 3 में शामिल है और लोक नियोजन में अवसर की समानता का वर्णन करता है। यह मौलिक अधिकारों के अंतर्गत आता है और यह सुनिश्चित करता है कि राज्य के अधीन किसी भी पद पर नियुक्ति या रोजगार के लिए सभी नागरिकों को समान अवसर प्राप्त हों।
मूल पाठ
इस अनुछेद के 6 भाग है
(१) राज्याधीन नौकरियों या पदों पर नियुक्ति के सम्बन्ध में सब नागरिकों के लिये अवसर की समता होगी।
(२) केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, उद्भव, जन्मस्थान, निवास अथवा इनमें से किसी के आधार पर किसी नागरिक के लिये राज्याधीन किसी नौकरी या पद के विषय में न अपात्रता होगी और न विभेद किया जायेगा।
(३) इस अनुच्छेद की किसी बात से संसद् को कोई ऐसी विधि बनाने में बाधा न होगी जो [४][किसी राज्य या संघ राज्य-क्षेत्र की सरकार के या उसमें के किसी स्थानीय या अन्य प्राधिकारी के अधीन किसी प्रकार की नौकरी या पद पर नियुक्ति के विषय में वैसी नौकरी या नियुक्ति के पूर्व उस राज्य या संघ राज्य क्षेत्र के अंदर निवास विषयक कोई अपेक्षा विहित करती हो।]
(४) इस अनुच्छेद की किसी बात से राज्य के पिछड़े हुये किसी नागरिक वर्ग के पक्ष में, जिन का प्रतिनिधित्व राज्य की राय में राज्याधीन सेवाओं में पर्याप्त नहीं है, नियुक्तियों या पदों के रक्षण के लिये उपबन्ध करने में कोई बाधा न होगी।
(५) इस अनुच्छेद की किसी बात का किसी ऐसी विधि के प्रवर्तन पर कोई प्रभाव न होगा जो उपबन्ध करती हो कि किसी धार्मिक या साम्प्रदायिक संस्था के कार्य से सम्बद्ध कोई पदधारी अथवा उसके शासी निकाय का कोई सदस्य किसी विशिष्ट धर्म का अनुयायी अथवा किसी विशिष्ट सम्प्रदाय का ही हो।भारत का संविधान भारत का संविधान (संपा॰) प्रसाद राजेन्द्र लेखक:राजेन्द्र प्रसाद 1957 ७ पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/५७
मुख्य प्रावधान
अनुच्छेद 16 के मुख्य प्रावधान निम्नलिखित हैं:
समान अवसर: राज्य के अधीन किसी भी कार्यालय में रोजगार या नियुक्ति से संबंधित विषयों में सभी नागरिकों के लिए अवसर की समानता होगी।
भेदभाव का निषेध: किसी भी नागरिक के साथ केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, उद्भव, जन्मस्थान, निवास या इनमें से किसी के आधार पर राज्य के तहत किसी भी रोजगार के लिए अपात्र नहीं माना जाएगा और न ही उसके साथ भेदभाव किया जाएगा।
अपवाद (आरक्षण): इसमें पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण का प्रावधान भी शामिल है। यदि राज्य की राय में किसी पिछड़े वर्ग का राज्य की सेवाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है, तो उनके लिए नियुक्तियों या पदों के आरक्षण का प्रावधान किया जा सकता है।
पदोन्नति में आरक्षण: अनुच्छेद 16(4A) के तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए पदोन्नति में भी आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
संदर्भ
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श्रेणी:भारतीय संविधान के अनुच्छेद
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