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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

उमरु पुलवर

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उमरु पुलवर 1642 12 04 y नागलपुरम, एट्टयपुरम्,मदुरै नायक साम्राज्य (अब थूथुकुडी जिला, तमिलनाडु, भारत) 1703 07 28 1642 12 04 y एट्टयपुरम्, कर्नाटक सल्तनत (अब थूथुकुडी जिला,तमिलनाडु, भारत) कविता उमरु पुलवर (4 दिसंबर 1642 – 28 जुलाई 1703) तमिलनाडु, भारत के एक तमिल मुस्लिम रावत कवि थे। उमरु पुलवर का जन्म 1642 में थूथुकुडी जिले के एट्टयपुरम् शहर में हुआ था। उन्हें भारत के महानतम इस्लामी कवियों में से एक माना जाता है।http://www.thoothukudi.tn.nic.in/umaru.html उमरु पुलवर Thoothukudi.tn.nic.in 2012-11-16 2 जून 2018 https://web.archive.org/web/20180602123220/http://www.thoothukudi.tn.nic.in/umaru.html dead प्रारंभिक जीवन और परिवार उमरु पुलवर के पूर्वज नागलपुरम के रहने वाले थे, जिसके बाद वे एट्टयपुरम् चले गए जहाँ कवि का जन्म हुआ। उमरु पुलवर की साहित्यिक प्रतिभा एट्टयपुरम् ज़मीन के दरबारी कवि, कडिकाई मुथु पुलवर (ta கடிகை முத்து புலவர்) के मार्गदर्शन में विकसित हुई। मात्र 16 वर्ष की आयु में, उमरु पुलवर ने उत्तर भारत के एक प्रसिद्ध कवि वल्लै वरुन्धी के साथ साहित्यिक बहस जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की। इसके बाद उन्हें एट्टयपुरम् ज़मीन का दरबारी कवि बनाया गया। हालांकि, वे अरबी व्याकरण सीखने में सक्षम नहीं थे क्योंकि अरबी भाषा सीखने के दौरान उनके गुरु जीविकोपार्जन के आवश्यक कार्यों के लिए चले गए थे। उनके परिवार और उत्तराधिकारियों को तमिलनाडु सरकार द्वारा 'पुलवर' की उपाधि से सम्मानित किया गया था। पुलवर का निधन 28 जुलाई 1703 को हुआ।Narayanan Vasudha India's Islamic Traditions, 711-1750 Oxford University Press 2003 0-19-568334-X Eaton Richard M. New Delhi 393–408 Religious Vocabulary and Regional Identity: A Study of the Tamil Cirappuranam ('Life of the Prophet') उनके अंतिम उत्तराधिकारियों में से एक, पीएफ नज़ीर का हाल ही में कैंसर से निधन हो गया। उनके परिवार ने उनकी पुण्यतिथि पर गरीबों के लिए शिक्षा और सामाजिक सुधार हेतु एक ट्रस्ट की स्थापना की है। साहित्यिक रचनाएँ सीताकाथी के अनुरोध पर उन्होंने 'सीरापुराणम्' की रचना की, जिसे आज तक तमिल मुस्लिम साहित्य की सर्वश्रेष्ठ कृतियों में से एक माना जाता है। यह कृति नबी की जीवनी का वर्णन करती है। इसमें तीन 'काण्डों' (हिस्सों) में 5,027 कविताएँ शामिल हैं, जो विलाथथु काण्डम्, नूबुवथु काण्डम् और हिजुरथु काण्डम् हैं। प्रत्येक 'काण्ड' नबी के जीवन के विभिन्न चरणों का वर्णन करता है। 'मुथु मोझिल मालई' और 'सीताकाथी विवाह कविताएँ' उनकी अन्य साहित्यिक कृतियों में शामिल हैं। विरासत थूथुकुडी जिले के एट्टयपुरम् में उनके स्मारक का तमिलनाडु सरकार द्वारा नवीनीकरण किया गया था और विधानसभा अध्यक्ष तथा मंत्रियों द्वारा इसका उद्घाटन किया गया था। सिंगापुर में उनके नाम पर स्थित उमर पुलवर तमिल भाषा केंद्र सिंगापुर में तमिल भाषा की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। एट्टयपुरम् के दोनों महान कवियों के सम्मान में प्रोफेसर मोहम्मद सथिक राजा द्वारा 14 अगस्त 2014 को तिरुपुवनम पुदुर में "उमर - भारती शैक्षिक ट्रस्ट" नामक एक सामाजिक कल्याण ट्रस्ट का गठन किया गया है। इस्लामिया इलक्किया कज़गम हर साल उमरु पुलवर के नाम पर प्रतिष्ठित तमिल विद्वानों को पुरस्कार प्रदान करता है।http://www.oneindia.com/2007/05/23/umaru-pulavar-award-for-karunanidhi-1179929762.html करुणानिधि के लिए 'उमरु पुलवर' पुरस्कार Oneindia 2007-05-23 सन्दर्भ श्रेणी:तमिल भाषा के लेखक श्रेणी:थूथुकुडी श्रेणी:द्रविड़विज्ञानी श्रेणी:तमिल मुस्लिम श्रेणी:मुस्लिम कवि श्रेणी:भारतीय मुस्लिम श्रेणी:1642 में जन्मे लोग श्रेणी:1703 में निधन श्रेणी:मदुरै नायक राजवंश के लोग