Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

लग्रांज बिन्दु

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

thumb|330px|The five Lagrangian points (marked in green) at two objects orbiting each other (here a yellow sun and blue earth) कल्पना किजिए यदि सूर्य के केंद्र से शुरू कर पृथ्वी के केंद्र तक एक सीधी सरल रेखा खींच दी जाए और इस सरल रेखा के ठीक बीच में किसी वस्तु को रख दिया जाए तो क्या होगा? स्वाभाविक है सूर्य का शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण बल जो कि पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल से कहीं अधिक है, इस वस्तु को अपनी ओर खींच लेगा।अब यदि सरल रेखा के बीच रखी इस वस्तु को धीरे धीरे पृथ्वी की ओर ले जाया जाए, तो क्या होगा? जैसे-जैसे यह वस्तु पृथ्वी के करीब होती चली जायेगी इस पर पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल का प्रभाव बढ़ता जाएगा और सूर्य का प्रभाव उसी अनुपात में घटता जाएगा और एक स्थिति ऐसी आएगी जब इस वस्तु पर सूर्य और पृथ्वी दोनों का प्रभाव बराबर हो जाएगा अर्थात इस स्थिति में इस वस्तु को ना तो सूर्य अपनी ओर खींच पायेगा और ना ही पृथ्वी इसे अपनी ओर खींच सकेगी, बल्कि वस्तु अधर में लटकी रहेगी। अतः ऐसे संतुलन बिंदु जहां सूर्य और पृथ्वी के गुरुत्वीय बल बराबर होते है लग्रांज बिन्दु कहलाते हैं। यह तो एक उदाहरण है किन्तु वास्तव में सूर्य और पृथ्वी के बीच केवल गुरुत्वीय बलों की खीचतान नहीं होती, बल्कि इसके अतिरिक्त भी कई ऐसे बल हैं जो अपना प्रभाव डालते हैं, जैसे कि पृथ्वी के घूर्णन गति से उत्पन्न बल और पृथ्वी के कक्षीय गति से उत्पन्न केंद्रीय अपसारी बल। इन सभी बलों के आपसी खींचतान के फलस्वरूप सूर्य और पृथ्वी के प्रभाव क्षेत्र में पांच संतुलन बिंदु या लग्रांज बिंदु बनते हैं जिसे क्रमशः L1, L2, L3, L4 और L5 चिह्न से प्रदर्शित किया जाता है। श्रेणी:भौतिकी