Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

जॉन रॉबर्ट श्रीफर

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

जुलाई 2026 जॉन रॉबर्ट श्रीफर John Robert Schrieffer 1972.jpg वर्ष 1972 में जॉन रॉबर्ट श्रीफर 31 मई 1931 ओक पार्क, इलिनोइस, संयुक्त राज्य अमेरिका 27 जुलाई 2019 तल्हासी, फ्लोरिडा, संयुक्त राज्य अमेरिका संयुक्त राज्य अमेरिका सैद्धांतिक भौतिकी, संघनित पदार्थ भौतिकी इलिनोइस विश्वविद्यालय, पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (सांता बारबरा), फ्लोरिडा स्टेट विश्वविद्यालय मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान, इलिनोइस विश्वविद्यालय (विद्यावाचस्पति) जॉन बर्दीन बी.सी.एस. सिद्धांत, एस.एस.एच. मॉडल, श्राइफर-वोल्फ परिवर्तन भौतिकी में नोबेल पुरस्कार (1972), राष्ट्रीय विज्ञान पदक (1983), कॉमस्टॉक पुरस्कार (1968) जॉन रॉबर्ट श्रीफर (31 मई 1931 – 27 जुलाई 2019) आधुनिक विज्ञान जगत के एक मूर्धन्य अमेरिकी सैद्धांतिक भौतिकशास्त्री और अप्रतिम वैज्ञानिक अन्वेषक थे।https://www.britannica.com/biography/John-Robert-Schrieffer John Robert Schrieffer - American physicist Encyclopedia Britannica 1 जून 2026 उन्होंने संघनित पदार्थ भौतिकी (कंडेंस्ड मैटर फिजिक्स) के परिदृश्य को अपनी तीक्ष्ण मेधा से सर्वदा के लिए परिवर्तित कर दिया। उनकी विश्वव्यापी ख्याति मुख्य रूप से 'अतिचालकता' (सुपरकंडक्टिविटी) के क्षेत्र में किए गए उनके युगांतरकारी शोध के कारण है।https://www.nytimes.com/2019/07/27/science/j-robert-schrieffer-dead.html J. Robert Schrieffer, 88, Dies; Won Nobel for Superconductivity The New York Times 27 जुलाई 2019 1 जून 2026 वे महान वैज्ञानिक जॉन बर्दीन और लियोन कूपर के साथ मिलकर अतिचालकता के प्रथम सफल क्वांटम विवरण, जिसे विज्ञान जगत में 'बी.सी.एस. सिद्धांत' (BCS Theory) के नाम से जाना जाता है, के सह-संस्थापक थे।Tinkham Michael Introduction to Superconductivity https://archive.org/details/introductiontosu0000tink_d8g1_2ed 2004 Dover Publications इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व वैज्ञानिक योगदान के लिए इन तीनों भौतिकशास्त्रियों को वर्ष 1972 में संयुक्त रूप से भौतिकी में नोबेल पुरस्कार से अलंकृत किया गया था।https://www.nobelprize.org/prizes/physics/1972/schrieffer/facts/ The Nobel Prize in Physics 1972: J. Robert Schrieffer Nobel Prize Outreach AB 1 जून 2026 श्रीफर की गणितीय अंतर्दृष्टि ने क्वांटम यांत्रिकी के मूलभूत सिद्धांतों को एक नवीन आयाम प्रदान किया। प्रारंभिक जीवन एवं विद्यार्जन जॉन रॉबर्ट श्रीफर का जन्म 31 मई 1931 को संयुक्त राज्य अमेरिका के इलिनोइस राज्य में स्थित ओक पार्क नामक नगर में हुआ था। उनके पिता का नाम जॉन हेनरी श्रीफर और माता का नाम लुईस एंडरसन था।https://www.nobelprize.org/prizes/physics/1972/schrieffer/biographical/ J. Robert Schrieffer - Biographical Nobel Prize Outreach AB 1 जून 2026 वर्ष 1940 में उनका परिवार न्यूयॉर्क चला गया और तत्पश्चात 1947 में यूस्टिस, फ्लोरिडा में स्थायी रूप से बस गया। बाल्यकाल से ही उनके भीतर प्रकृति और यंत्रों के रहस्यों को जानने की उत्कट पिपासा विद्यमान थी। विद्यालयी दिनों में वे हस्तनिर्मित रॉकेट बनाने और 'हैम रेडियो' के संचालन में गहरी अभिरुचि रखते थे, जिसने उन्हें विद्युत अभियांत्रिकी (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) की ओर आकर्षित किया।Langer J. S. John Robert Schrieffer (1931–2019) Nature 2019 572 584 वर्ष 1949 में उच्च विद्यालय की शिक्षा पूर्ण करने के उपरांत, उन्होंने विश्व-प्रसिद्ध 'मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान' (एम.आई.टी.) में प्रवेश लिया। प्रारंभ में उन्होंने दो वर्षों तक विद्युत अभियांत्रिकी का अध्ययन किया, परंतु अपने कनिष्ठ वर्ष (जूनियर ईयर) में उन्होंने भौतिकी को अपने मुख्य विषय के रूप में चुन लिया।https://physics.mit.edu/alumni/ Notable MIT Physics Alumni MIT Department of Physics 1 जून 2026अगस्त 2026 InternetArchiveBot वर्ष 1953 में उन्होंने प्रख्यात वैज्ञानिक जॉन सी. स्लेटर के प्रखर मार्गदर्शन में भारी परमाणुओं के विषय पर अपना शोध प्रबंध प्रस्तुत करते हुए स्नातक की उपाधि प्राप्त की। ठोस अवस्था भौतिकी (सॉलिड-स्टेट फिजिक्स) में अपनी गहन रुचि के कारण, श्रीफर ने इलिनोइस विश्वविद्यालय (अर्बाना-शैंपेन) से अपनी स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट की शिक्षा आरंभ की। वहाँ उनकी विलक्षण प्रतिभा को देखते हुए उन्हें तुरंत ही महान भौतिकशास्त्री जॉन बर्दीन के शोध सहायक के रूप में नियुक्त कर लिया गया।https://physics.illinois.edu/about/history/schrieffer J. Robert Schrieffer and the BCS Theory University of Illinois 1 जून 2026अगस्त 2026 InternetArchiveBot बी.सी.एस. सिद्धांत का युगांतरकारी अन्वेषण thumb|right|'कूपर पेयर' का चित्रात्मक निरूपण, जिसके सामूहिक व्यवहार की सफल गणितीय व्याख्या जॉन रॉबर्ट श्रीफर ने की थी। श्रीफर की वैज्ञानिक यात्रा का सबसे स्वर्णिम अध्याय उनके शोध के तीसरे वर्ष में उद्घाटित हुआ, जब वे जॉन बर्दीन और लियोन कूपर के साथ अतिचालकता की रहस्यमयी प्रकृति को सुलझाने के कार्य में संलग्न हुए। अतिचालकता वह अवस्था है जिसमें कोई पदार्थ अत्यंत निम्न तापमान पर विद्युत धारा का बिना किसी प्रतिरोध के प्रवाह करता है।Schrieffer J. R. Theory of Superconductivity https://archive.org/details/theoryofsupercon0000schr 1964 W. A. Benjamin जनवरी 1957 की एक घटना विज्ञान के इतिहास में अत्यंत प्रसिद्ध है। श्रीफर न्यूयॉर्क नगर की भूमिगत रेल (सबवे) में यात्रा कर रहे थे, तभी उनके मस्तिष्क में अतिचालक इलेक्ट्रॉनों की आधारभूत अवस्था (ग्राउंड स्टेट) का गणितीय वर्णन करने का एक अद्भुत विचार आया।https://www.washingtonpost.com/local/obituaries/j-robert-schrieffer-nobel-laureate-in-physics-dies-at-88/2019/07/28/90d402b4-b148-11e9-8f6c-7828e68cb15f_story.html J. Robert Schrieffer, Nobel laureate in physics, dies at 88 The Washington Post 28 जुलाई 2019 1 जून 2026 उनके सहयोगी लियोन कूपर ने यह खोज की थी कि अतिचालक पदार्थ के भीतर इलेक्ट्रॉन जोड़े (जिन्हें 'कूपर पेयर' कहा जाता है) बनाकर चलते हैं। श्रीफर की सबसे महान उपलब्धि यह थी कि उन्होंने सांख्यिकीय यांत्रिकी का उपयोग करते हुए किसी एक जोड़े के बजाय, एक ही समय में सभी 'कूपर पेयर्स' के सामूहिक व्यवहार का वर्णन करने वाले अत्यंत जटिल समीकरणों की रचना की।Bardeen J. Cooper, L. N. Schrieffer, J. R. Theory of Superconductivity Physical Review 1957 108 5 1175–1204 इलिनोइस लौटने के अगले ही दिन उन्होंने अपने ये समीकरण जॉन बर्दीन को दिखाए, जिन्होंने तुरंत पहचान लिया कि यह अतिचालकता की समस्या का अंतिम और अकाट्य समाधान है। इसी को आज विज्ञान जगत में 'बी.सी.एस. सिद्धांत' के नाम से जाना जाता है, जिसने भौतिकी के तीस वर्ष पुराने रहस्य को सदा के लिए सुलझा दिया।https://www.aps.org/publications/apsnews/200707/history.cfm July 1957: BCS Theory of Superconductivity Published American Physical Society 1 जून 2026 अकादमिक वृत्ति और अन्य वैज्ञानिक योगदान अपनी 'विद्यावाचस्पति' (पीएच.डी.) पूर्ण करने के पश्चात, उन्होंने इंग्लैंड के बर्मिंघम विश्वविद्यालय और डेनमार्क के नील्स बोहर संस्थान में अपने शोध कार्य को निरंतर रखा। वर्ष 1962 में वे पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में भौतिकी के प्राध्यापक नियुक्त हुए, जहाँ उन्होंने कई वर्षों तक अपनी बहुमूल्य सेवाएँ प्रदान कीं।https://live.physics.upenn.edu/about/history History of Penn Physics University of Pennsylvania 1 जून 2026अगस्त 2026 InternetArchiveBot वर्ष 1980 में वे कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सांता बारबरा चले गए और वहाँ 'कावली सैद्धांतिक भौतिकी संस्थान' के निदेशक के रूप में कार्य किया। वर्ष 1992 में फ्लोरिडा स्टेट विश्वविद्यालय ने उन्हें 'राष्ट्रीय उच्च चुंबकीय क्षेत्र प्रयोगशाला' (NHMFL) का मुख्य वैज्ञानिक नियुक्त किया।https://nationalmaglab.org/about/history/ History of the National MagLab National High Magnetic Field Laboratory 1 जून 2026 बी.सी.एस. सिद्धांत के अतिरिक्त, उन्होंने बहु-पिंड भौतिकी (मैनी-बॉडी फिजिक्स) में 'श्राइफर-वोल्फ परिवर्तन' और सुचालक बहुलकों (कंडक्टिंग पॉलीमर्स) को समझाने के लिए 'एस.एस.एच. मॉडल' (SSH model) का भी प्रतिपादन किया, जो आज भी अत्यंत प्रासंगिक है।Su W. P. Schrieffer, J. R. Heeger, A. J. Solitons in Polyacetylene Physical Review Letters 1979 42 25 1698–1701 व्यक्तिगत जीवन एवं देहावसान thumb|left|नोबेल पुरस्कार का पदक, जिससे जॉन रॉबर्ट श्रीफर को भौतिकी के क्षेत्र में उनके अप्रतिम योगदान के लिए 1972 में सम्मानित किया गया। अपने अकादमिक उत्कर्ष के साथ-साथ श्रीफर के जीवन के उत्तरार्ध में एक अत्यंत दुखद घटना घटी। 24 सितंबर 2004 को, निलंबित अनुमति पत्र (ड्राइविंग लाइसेंस) के साथ वाहन चलाते समय, वे कैलिफोर्निया में एक भयानक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए, जिसमें एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई और सात अन्य घायल हो गए।https://www.latimes.com/archives/la-xpm-2005-nov-08-me-nobel8-story.html Nobel Laureate Sentenced to 2 Years in Deadly Crash Los Angeles Times 8 नवंबर 2005 1 जून 2026 ऐसा माना जाता है कि वाहन चलाते समय उन्हें नींद आ गई थी। इस दुर्घटना के लिए उन्हें 2005 में न्यायालय द्वारा दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई, जिसे उन्होंने सैन डिएगो स्थित रिचर्ड जे. डोनोवन सुधार गृह में व्यतीत किया।https://www.nature.com/articles/438016a Nobel laureate gets two years for fatal car crash Nature 9 नवंबर 2005 1 जून 2026 जुलाई 2019 के अंत में (27 जुलाई), 88 वर्ष की आयु में फ्लोरिडा के तल्हासी स्थित एक देखभाल केंद्र में नींद के दौरान ही इस महान अन्वेषक का शांतिपूर्ण देहावसान हो गया।https://www.aps.org/publications/apsnews/201910/schrieffer.cfm Nobel Laureate John Robert Schrieffer Dies at 88 APS News अक्टूबर 2019 1 जून 2026 उनके निधन से विज्ञान जगत ने अपने एक अत्यंत मेधावी और दूरदर्शी सिद्धांतकार को खो दिया। प्रमुख सम्मान और पुरस्कार विज्ञान के क्षेत्र में उनके अप्रतिम और दूरगामी योगदान के लिए उन्हें अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से अलंकृत किया गया: कॉमस्टॉक पुरस्कार (1968) - राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी द्वारा लियोन कूपर के साथ संयुक्त रूप से।http://www.nasonline.org/programs/awards/comstock-prize-in-physics.html Comstock Prize in Physics National Academy of Sciences 1 जून 2026 https://web.archive.org/web/20120920040643/http://www.nasonline.org/programs/awards/comstock-prize-in-physics.html 20 सितंबर 2012 dead ओलिवर ई. बकले पुरस्कार (1968) - अमेरिकन फिजिकल सोसाइटी द्वारा।https://www.aps.org/programs/honors/prizes/buckley.cfm Oliver E. Buckley Condensed Matter Physics Prize American Physical Society 1 जून 2026 भौतिकी में नोबेल पुरस्कार (1972) - जॉन बर्दीन और लियोन कूपर के साथ संयुक्त रूप से। राष्ट्रीय विज्ञान पदक (1983) - तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन द्वारा।https://nationalmedals.org/laureate/j-robert-schrieffer/ J. Robert Schrieffer - National Medal of Science National Science and Technology Medals Foundation 1 जून 2026 इन्हें भी देखें भौतिकी में नोबेल पुरस्कार अतिचालकता क्वांटम यांत्रिकी जॉन बर्दीन सन्दर्भ 2 बाहरी कड़ियाँ नोबेलप्राइज़.ऑर्ग पर जॉन रॉबर्ट श्रीफर की आधिकारिक जीवनी श्रेणी:1931 में जन्मे लोग श्रेणी:अमेरिकी भौतिक विज्ञानी