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अश्विनी कुमार पंकज
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अश्विनी कुमार पंकज अश्विनी कुमार 1965 08 09 y सोनी, ओबरा, औरंगाबाद, बिहार, भारत शिक्षा, लेखक और राजनीति भारतीय नाट्य, कविता, दर्शन, इतिहास, कथा, भाषा-संस्कृति, जीवनी और कविता साहित्य झारखंड आंदोलन वंदना टेटे आयुध पंकज और अटूट संतोष रोज केरकेट्टा, प्यारा केरकेट्टा http://rangvarta.com
अश्विनी कुमार पंकज (जन्मः 9 अगस्त 1965) एक भारतीय कवि, कथाकार, उपन्यासकार, पत्रकार, नाटककार, रंगकर्मी और आंदोलनकारी संस्कृतिकर्मी हैं। वे हिन्दी और झारखंड की देशज भाषा नागपुरी में लिखते हैं और रंगमंच एवं प्रदर्श्यकारी कलाओं की त्रैमासिक पत्रिका ‘रंगवार्ता’ और नागपुरी मासिक पत्रिका ‘जोहार सहिया’ का संपादन तथा बहुभाषिक आदिवासी-देशज समाचार पत्र पाक्षिक ‘जोहार दिसुम खबर’ के प्रकाशक-संपादक हैं।
मूलतः बिहार के रहने वाले पंकज बचपन से रांची में रहते हैं और आरंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा रांची में प्राप्त की है तथा रांची विश्वविद्यालय, रांची से ही हिन्दी में स्नातकोत्तर किया है।
डॉ॰ एम. एस. ‘अवधेश’ और दिवंगत कमला देवी के सात संतानों में से एक। आदिवासी जीवन, समाज, भाषा-संस्कृति, इतिहास और पर्यावरण पर थियेटर, फिल्म और साहित्यिक माध्यमों में विशेष कार्य। नब्बे के शुरुआती दशक में जन संस्कृति मंच एवं उलगुलान संगीत नाट्य दल, राँची के संस्थापक संगठक सदस्य। 1987 में ‘विदेसिया’ का संपादन-प्रकाशन। 90 के दशक में आदिवासी भाषाओं में रंग-आंदोलन की पहल। 28 पूर्णकालिक और 126 मुक्ताकाशी नाटकों का लेखन-निर्देशन। देश भर में सात हजार से अधिक रंगप्रस्तुतियां। मीडिया और थियेटर के लगभग 60 से अधिक कार्यशालाओं का निर्देशन। देश के पहले दलित-आदिवासी नाट्य समारोह 2012 के परिकल्पक एवं निर्देशक।
प्रकाशित कृतियां
कथा संग्रह
पेनाल्टी कॉर्नर
इसी सदी के असुर
सालो
अथ दुड़गम असुर हत्या कथा
कविता संग्रह
जो मिट्टी की नमी जानते हैं
खामोशी का अर्थ पराजय नहीं होता
युद्ध और प्रेमसितंबर 2021 InternetArchiveBot (लंबी कविता)
भाषा कर रही है दावा (लंबी कविता)
उपन्यास
माटी माटी अरकाटी
खाँटी किकटिया (मगही उपन्यास)
नाटक
रिक्शावाला@विकास.कॉम
आलोचना/विचार
एक अराष्ट्रीय वक्तव्य (वैचारिक लेखों का संग्रह)
जीवनी
मरङ गोमके जयपाल सिंह मुंडा
संपादित पुस्तकें
रंग-बिदेसिया (भिखारी ठाकुर पर केन्द्रित)
उपनिवेशवाद और आदिवासी संघर्ष (हेरॉल्ड एस. तोपनो के लेखों का संग्रह)
शून्यकाल में आदिवासी
आदिवासियत (जयपाल सिंह मुंडा के लेखों का संग्रह)
भाषानुवाद
नागपुरी साहित कर इतिहास
अब हामर हक बनेला (हिंदी कविताओं का नागपुरी अनुवाद)
छाँइह में रउद (दुष्यंत की गजलों का नागपुरी अनुवाद)
अंग्रेजी पुस्तक
ADIVASIDOM : Selected Writings & Speeches Of Jaipal Singh Munda (Edited)
सहलेखन
झारखंड: एक अंतहीन समरगाथा (वंदना टेटे के साथ)
आदिवासी दर्शन कथाएं (वंदना टेटे के साथ)
शीघ्र प्रकाश्य
आदिवासी प्रेम कहानियां
आदिवासी सौंदर्यविश्व (दर्शन)
झारखंडी साहित्य का इतिहास (वंदना टेटे के साथ सहलेखन)
जोहार जयपाल (नाटक)
पहला गुरिल्ला : जंगल संताल की कहानी (उपन्यास)
सन्दर्भ
अपनी कहानी अपनी जबानी
गुरिल्ला स्त्रियों का छापामार थिएटर
समूचा झारखंड बुधनी है, पर वह कहां है किसी को पता नहीं!- अश्विनी कुमार पंकज
“हूल” ज्ञापन नहीं, जीने का नैसर्गिक अधिकार पत्र है!
Articles by AK Pankaj
आदिवासियों ने बसाया था वह किताबों का शहर टिम्बकटू
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