Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

एकाधिकार प्रतियोगिता

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

thumb|300px|एकाधिकार प्रतियोगिता में किसी कंपनी का अल्पकालीन संतुलन। कंपनी इसमें अपने लाभ और उत्पादों को अधिकतम सीमा तक पहुँचाती है जहाँ उसका सीमांत आगम (MR) और सीमांत लागत (MC) समान हो जाते हैं। कंपनी औसत राजस्व (AR) पर आधारित मूल्य प्राप्त करने में सक्षम होती है। कंपनी के औसत आगम और औसत लागत के अंतर को विक्रय मात्रा (Qs) से गुणा करके कंपनी का कुल लाभ मिलता है। अल्पकालीक एकाधिकार प्रतियोगिता आरेख के गुणधर्म एकाधिकार संतुलन आरेख के समान होते हैं। thumb|300px|एकाधिकार प्रतियोगीता के दौरान किसी कंपनी का दीर्घावधि संतुलन। कंपनी अभी भी उत्पाद तैयार कर रही है जहाँ उसका सीमांत आगम और सीमांत लागत समान हैं; हालांकि अन्य कंपनियों के बाज़ार में आने और बढ़ी हुई प्रतियोगिता के कारण मांग वक्र (MR और AR) बदल चुके हैं। कंपनी अपने सामान को औसत लागत से उपर कीमत पर नहीं बेचती है और आर्थिक लाभ नहीं दिखा सकती। एकाधिकार प्रतियोगिता (monopolistic competition) अपूर्ण प्रतिस्पर्धा/प्रतियोगिता है जिसमें उत्पादक बाजार में एक दूसरे के साथ ऐसे उत्पादों को बेचने की प्रतियोगिता रखते हैं जिनमें उत्पाद विभेदन किया जा सके। ये विभेद उनकी ब्रांडिंग, गुणवता और अपूर्ण स्थानापन्न के आधार पर किया जा सकता है। एकाधिकार प्रतियोगिता में एक कंपनी अपने स्पर्धि द्वारा दी गयी कीमतें वसूलती है और अन्य कंपनियों एवं अपनी स्वयं की कीमतों पर इसके प्रभाव को अनदेखा करती है।पॉल क्रूगमैन पॉल क्रूगमैन मौरिस ओब्स्टफेल्ड International Economics: Theory and Policy एडिसन-वेस्ले अंतर्राष्ट्रीय अर्थशास्त्र: सिद्धांत और नीति 2008 978-0-321-55398-0 enThe Free Market Illusion Psychological Limitations of Consumer Choice मुक्त बाज़ार का भ्रम उपभोक्ता की पसंद की मनोवैज्ञानिक सीमाएँ थीयो बी.सी. पोइज़्ज़ 2004 ताइड्सरिफ्ट वूर इकोनोमी एन मैनेजमेंट 49 2 309–338 https://www.academia.edu/2178520/Constructivism_in_Advertising_Exposing_Ideological_Potentialities_of_Marketing en यदि ऐसा दमनकारी सरकार की उपस्थिति में होता है तो ये स्पर्धा सरकार-प्रदत्त एकाधिकार में आती है। पूर्ण प्रतियोगिता के विपरीत कंपनी अतिरिक्त क्षमता बनाये रखती है। एकाधिकार प्रतियोगिता के मॉडल अक्सर उद्योगों के मॉडल बनाने में काम आते हैं। इसके कुछ मोटे उदाहरणों में कुछ समानार्थी उदाहरण रेस्तरां, खाद्यान्न, वस्त्र उद्योग, जूता निर्माण और बड़े शहरों में सेवा आदि हैं। एकाधिकार प्रतियोगिता सिद्धान्त के संस्थापक एडवर्ड चेम्बरलिन थे जिन्होंने इस विषय पर सन् 1933 में थियोरी ऑफ़ मोनोपोलिस्टिक कंपीटिशन नाम से पहली पुस्तक लिखी।Monopolistic Competition (एकाधिकार प्रतियोगिता) एनसाइकलोपीडिया ब्रिटनिका 30 अप्रैल 2024 http://www.britannica.com/EBchecked/topic/390037/monopolistic-competition en ब्रितानी अर्थशास्त्री जोन रॉबिन्सन की पुस्तक द इकोनॉमिक्स ऑफ़ इम्पर्फेक्ट कम्पीटीशन में अपूर्ण प्रतियोगिता और पूर्ण प्रतियोगिता में अन्तर को स्पष्ट किया गया है। एकाधिकार प्रतियोगिता पर आगे का काम दीक्षित और स्टिग्लिट्ज़ ने किया और दीक्षित-स्टिग्लिट्ज़ मॉडल दिया। इस मॉडल से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार सिद्धांत, समष्टि अर्थशास्त्र और आर्थिक भूगोल में काम में लिया जाता है। एकाधिकारिक प्रतियोगी बाज़ारों के निम्नलिखित गुणधर्म होते हैं: बाजार में कई उत्पादक और कई उपभोक्ता हैं, और किसी भी व्यवसाय का बाजार मूल्य पर पूर्ण नियंत्रण नहीं है। उपभोक्ताओं को लगता है कि प्रतिस्पर्धियों के उत्पादों में गैर-मूल्य अंतर है। कंपनियां इस सोच के साथ काम करती हैं कि उनके कार्यों से अन्य कंपनियों के कार्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। नई कंपनियों के प्रवेश और निकास में कुछ बाधाएं हैं।जोशुआ गन्स स्टीफन किंग रॉबिन स्टोनकैश एन. ग्रेगरी मैन्क्यू Principles of Economics अर्थशास्त्र के सिद्धांत थॉमसन लर्निंग 2003 0-17-011441-4 en उत्पादकों का मूल्य पर कुछ हद तक नियंत्रण होता है। कंपनी का मुख्य लक्ष्य अपने लाभ को अधिकतम करना है। कारक मूल्य और प्रौद्योगिकी दी गई है। यह माना जाता है कि एक कंपनी इस प्रकार व्यवहार करती है मानो उसे अपनी मांग और लागत वक्रों के बारे में निश्चित रूप से जानकारी हो। कीमत और उत्पाद के बारे में किसी एक कंपनी का निर्णय समूह की अन्य कंपनियों के व्यवहार को प्रभावित नहीं करता, उदाहरण के लिए किसी एक कंपनी द्वारा लिया गया निर्णय पूरे समूह में समान रूप से फैलता है। अतः कंपनी की कोई सक्रिय प्रतिस्पर्धा नहीं होती। प्रत्येक कंपनी दीर्घकाल में केवल सामान्य लाभ ही अर्जित करती है। प्रत्येक कंपनी विज्ञापन पर काफी राशि खर्च करती है। प्रचार और विज्ञापन लागत को विक्रय लागत के रूप में जाना जाता है। एकाधिकार प्रतियोगी बाज़ार के दीर्घकालिक गुणधर्म लगभग पूर्ण प्रतियोगी बाज़ार के समान ही होते हैं। उदाहरण दन्तमंजन, साबुन, वातानुकूलन, स्मार्टफ़ोन, टिसू पेपर जैसे विभिन्न बाज़ारों में उत्पादों को अलग दिखाने के लिए कुछ समान्य परिवर्तन करते हैं जैसे उत्पाद के भौतिक घटकों में बदलाव, विशेष पैकेजिंग या केवल ब्रांड के नाम को आधार बनाकर अपने उत्पाद को सर्वश्रेष्ठ बताना अथवा प्रचार करने से के इस्तेमाल करना आदि।https://www.britannica.com/topic/monopoly-economics#ref243883 Monopoly and Competition एकाधिकार और प्रतियोगिता बैन जौ एस॰ 1 सितम्बर 2021 ब्रिटनिका एन्साइक्लोपीडिया ब्रिटनिका 18 जुलाई 2024 en सन्दर्भ श्रेणी:अपूर्ण स्पर्धा