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411 समाचार
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धर्म (पंथ)

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यह लेख धर्म (पन्थ) के विषय में है। भारतीय दर्शन धर्म के लिए धर्म देखें। thumb|right|Thumb|300px|अनेक धर्म का चिह्न thumb|450px|संसार के विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख धर्म. right|Thumb|300px|प्रमुख धर्मों के अनुयायीयों का प्रतिशत धर्म या पन्थ एक ऐसा सामाजिक-सांस्कृतिक ढाँचा है जिसमें कुछ खास व्यवहार और प्रथाएँ, नैतिकताएँ, मान्यताएँ, विश्वदृष्टिकोण, ग्रंथ, पवित्र स्थान, भविष्यवाणियाँ, आचार-विचार और संगठन शामिल होते हैं। यह आमतौर पर मनुष्य को अलौकिक, दिव्य और आध्यात्मिक तत्वों से जोड़ता है। सनातन धर्म करोड़ो वर्षों से है धर्म एक ही है वो भी सनातन बाकी सब बाद में बनाए गए पंथ मजहब है पर सनातन अन्नत काल से है और रहेगा ... हालाँकि, इस बात पर विद्वानों में कोई एक राय नहीं है कि धर्म वास्तव में क्या है। यह एक ऐसा विचार है जिस पर हमेशा विवाद रहा है। अलग-अलग धर्मों में ईश्वर, पवित्रता, आस्था और अलौकिक शक्तियों जैसे विभिन्न तत्व हो सकते हैं या नहीं भी हो सकते हैं। धर्म की अवधारणा हिन्दू धर्म हिन्दू धर्म हिन्दू धर्म समूह का मानना है कि सारे संसार में धर्म केवल एक ही है, शाश्वत सनातन धर्म। ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति से जो धर्म चला आ रहा है, उसी का नाम सनातन धर्म है। इसके अतिरिक्त सब पन्थ, मजहब, रिलीजन मात्र है।हिन्दुओं की धार्मिक पुस्तक वेद,अरण्यक,उपनिषद,श्रीमदभगवत गीता, अष्टावक्र गीता, रामायण,पुराण, महाभारत आदि हैं।https://www.bhaskar.com/mp/mandsour/news/mp-news-ramayana-the-mahabharata-is-the-main-religious-texts-of-history-veda-purana-and-shrimad-bhagwat-geeta-are-educative-texts-034028-3695186.html जैन धर्म जैन धर्म इस्लाम पंथ इस्लाम धर्म ईसाई पन्थ ईसाई धर्म सिख पन्थ सिख बौद्ध धर्म पन्थ और संप्रदाय पन्थ और सम्प्रदाय में अन्तर करते हुए आचार्य विश्वनाथ प्रसाद मिश्र मानते हैं कि पन्थ वह है जिसमें विचार भले ही प्राचीन हों किन्तु आचार नया हो। भक्तिकालीन सन्तों की शिक्षाओं को आचार से जोड़ते हुए पन्थ निर्माण की आरम्भिक अवस्था का वर्णन करते हुए वे लिखते हैं कि, "ये सन्त बातें तो वे ही कहते थे जो प्राचीन शास्त्रों में पहले ही कही जा चुकीं हैं, किन्तु पद्धति अवश्य विलक्षण थी। केवल आचार की नूतनता के कारण ही ये पन्थ कहलाते हैं, सम्प्रदाय नहीं।"वाङ्मय विमर्श, विश्वनाथ प्रसाद मिश्र, वाणी प्रकाशन, संवत २0३५, पृष्ठ- २४२-४३ पंथ की स्थापना के लिए कुछ नियम उपनियम बनाये जाने भी आवश्यक होते हैं।कबीर और कबीर पंथ, डॉ॰ केदार नाथ द्विवेदी, हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग, प्रथम संस्करण, १९६५, पृष्ठ- १६१ इन्हें भी देखें भारतीय धर्म सम्प्रदाय सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ Religion Religion धर्म के आंकड़े यूसीबी ग्रंधालय से. Society/Religion_and_Spirituality Major Religions of the World Ranked by Number of Adherents by Adherents.com August 2005 IACSR - International Association for the Cognitive Science of Religion श्रेणी:धर्म