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411 समाचार
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उमाकान्त केशव आपटे

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उमाकान्त केशव आपटे उपाख्य बाबा साहेब आपटे (28 अगस्त सन् 1903 - 26 जुलाई 1972) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रथम प्रचारक एवं उसके अखिल भारतीय प्रचारक-प्रमुख थे। वह एक मौलिक चिन्तक एवं विचारक थे। वे संस्कृत, मराठी, हिंदी एवं इतिहास के विद्वान्, भारतीय-संस्कृति के मनीषी, भारतीय जीवन-मूल्यों, आदर्शों एवं सांस्कृतिक विशिष्टताओं के वह जीवन्त प्रतीक थे। वे भारत के गौरवशाली इतिहास के प्रसार हेतु निरंतर प्रयत्नशील रहे। परिचय श्री उमाकान्त केशव आपटे का जन्म महाराष्ट्र के यवतमाल में हुआ था। बचपन से ही उनमें असीम देशभक्ति भरी हुई थी, परंतु शरीर कुछ दुर्बल था। वाचन में उनका विशेष रुचि थी। धर्म और संस्कृति तथा देश का गौरवशाली अतीत उनके अध्ययन तथा चिंतन के प्रमुख विषय थे। १९२० में दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वे धामणगांव (जिला वर्धा) में एक विद्यालय में अध्यापक बने। वे छात्रों को विद्यालयीन पढ़ाई के साथ-साथ गौरवशाली इतिहास, देशभक्तों के प्रेरक चरित्र, स्वातंत्र योद्धाओं का तेजस्वी बलिदान आदि की कथाएं भी सुनाते थे। परिणामस्वरूप बाबासाहब विद्यार्थियों में प्रिय परंतु विद्यालय के संचालकों में अप्रिय हुए। एक बार उन्होंने विद्यालय में लोकमान्य तिलक की स्मृति में एक कार्यक्रम किया। उसके लिए व्यवस्थापकों ने उनसे घोर नाराजगी जताई। श्री आपटे ने तत्काल नौकरी से त्यागपत्र दे दिया। सितम्बर, 1924 ई. में वह नागपुर आ गए और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने। 1927 ई. में वह प्रथम संघशिक्षा वर्ग में बौद्धिक विभाग के प्रमुख रहे। http://itihassankalan.org/main/prerana1.htm " श्री उमाकान्त केशव (बाबा साहेब) आपटे" 9 सितंबर 2014 https://web.archive.org/web/20131213164923/http://www.itihassankalan.org/main/prerana1.htm 13 दिसंबर 2013 dead सन् 1930 ई॰ में सत्याग्रह आन्दोलन में संघ-संस्थापक डा॰ केशवराव बळिराम हेडगेवार की अनुपस्थिति में उन्होने संघ-शाखाओं में सुचारू रूप से चलाने का दायित्व भली-भाँति पूरा किया। सन् 1931 में वह संघ के प्रथम प्रचारक होकर निकले। अगले दो वर्ष तक नागपुर और विदर्भ में प्रवास के बाद अन्य प्रांतों में भी जाने लगे। गाँव-गाँव पैदल घूमकर उन्होंने संघ-कार्य का विस्तार किया। इसी दौरान उद्यम मुद्रणालय, देव मुद्रणालय और आईडियल डेमोक्रेटिक कम्पनी के टाइपिस्ट रहे और ‘उद्यम’ (मासिक) में पत्र भी लिखने लगे। 1932 ई॰ में सभी नौकरियों से त्यागपत्र दे दिया और संघ के प्रति पूर्ण समर्पित हो गये। सन 1937-१९40 ई॰ तक उन्होने सम्पूर्ण भारत में प्रवास किया। अगस्त, 1942 ई॰ में ‘भारत छोड़ो आन्दोलन’ के दौरान बिहार का दौरा किया। 33 श्लोकों वाले ‘भारतभक्तिस्तोत्र’ की रचना की। चीन के क्रांतिकारी-इतिहास का गहन अध्ययन करके आधुनिक चीन के राष्ट्रपिता डा॰ सनयात सेन पर भी एक पुस्तक लिखी। 26 जुलाई 1972 ई. को उनका निधन हो गया। उनकी मृत्यु के बाद उन्हीं के नाम से बनी हुई बाबासाहब आपटे समिति ने इतिहास पुनर्लेखन का व्यापक कार्य हाथ में लेकर बाबासाहब आपटे को सही अर्थों में श्रद्धांजलि अर्पित की है। वे वेद, पुराणों, रामायण, महाभारत आदि भारतीय-इतिहास के गम्भीर अध्येता थे। उनकी मान्यता थी कि जबतक हम अपने स्वत्व को नहीं समझेंगे, तबतक इतिहास-बोध और राष्ट्र-बोध से वंचित रहेंगे। उनकी यह भी धारणा थी कि जबतक विदेशियों द्वारा विकृत इतिहास का समूलोच्छेद करके सही इतिहास का लेखन प्रारम्भ नहीं होता, तबतक राष्ट्रीय अस्मिता को सदा ख़तरा बना रहेगा। इसलिए उनकी तीव्र अभिलाषा थी कि आदिकाल से लेकर वर्तमान तक का देश का सच्चा इतिहास लिखा जाए जिससे भारत की गौरवशाली परम्परा और जीवन का वास्तविक परिचय हो सके और विलुप्त सही तथ्य खोजे जाएँ। अतएव उन्होने संघ-कार्य के लिए देश के अपने लगभग 42-वर्षीय सतत और विस्तृत प्रवास में विदेशियों द्वारा विकृत किए गए भारतीय-इतिहास को शुद्धकर उसका पुनर्लेखन करने के लिए इतिहास के अनेक विद्वानों को प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त वह संस्कृत के पण्डितों से भी सम्पर्क करके उनसे विचार-विमर्शकर निवेदन करते थे कि संस्कृत को आमजन की बोलचाल की भाषा बनाने के लिए व्याकरण पर अधिक बल न देते हुए संस्कृत सिखाने के लिए एक नयी और सरल पद्धति का निर्माण करना चाहिये। कृतियाँ बाबा साहेब आपटे ने अनेक पुस्तकों की रचना की, जिसमें प्रमुख हैं- 1. अपनी प्रार्थना (1973) 2. महाराष्ट्राचा स्मृतिकार (मराठी, 1997) 3. 'आमच्या राष्ट्रजीवनाची परंपरा : दशावतार कथेंतील राष्ट्रीयत्वाच्या परंपरेचा सुसूत्र इतिहास’ (मराठी में ; हिंदी में ‘हमारे राष्ट्रजीवन की परम्परा) 4. परमपूजनीय डाक्टर हेडगेवार : संक्षिप्त चरित्र व विचारदर्शन 5. डॉ॰ हेडगेवार 6. पंजाबकेसरी दे.भ. लाला लाजपतराय सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ मृत्युंजयी प्रचारक बाबा साहब आपटे (पाञ्चजन्य) प्रथम प्रचारक: बाबासाहब आप्टे (विश्व संवाद केन्द्र) मृत्य्ंजय भारत (गूगल पुस्तक ; लेखक : बाबा साहब आपटे) श्रेणी:संघ परिवार के नेता श्रेणी:सामाजिक कार्यकर्ता श्रेणी:1903 में जन्मे लोग श्रेणी:१९७२ में निधन श्रेणी:महाराष्ट्र के लोग