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सहजीविता उत्पत्ति
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width: 26em; background-color: #f8f9fa; border: 1px solid #a2a9b1; box-shadow: 2px 2px 4px rgba(0,0,0,0.1); background-color: #d9e6f2; font-size: 130%; font-weight: bold; text-align: center; padding: 5px; सहजीविता उत्पत्ति 260px|center
सिम्बायोजेनेसिस: सहजीवन द्वारा यूकेरियोटिक अंगकों के विकास के 'दो विलय'
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आधुनिक सिद्धांत की मुख्य प्रस्तावक: लिन मार्गुलिस background-color: #cce0ff; padding: 4px; सिद्धांत का वैज्ञानिक विवरण सिद्धांत का प्रकार वैज्ञानिक सिद्धांत अन्य नाम एंडोसिम्बायोटिक सिद्धांत, सीरियल एंडोसिम्बायोटिक सिद्धांत (SET) किसका उपवर्ग है सहजीवन मुख्य कारण अंतःसहजीविता मुख्य अवधारणा यूकेरियोटिक अंगकों का विकास प्रोकैरियोटिक जीवों के साथ स्थायी सहजीवन से हुआ है। विषय क्षेत्र विकासवादी जीव विज्ञान, कोशिका विज्ञान शब्द की व्युत्पत्ति ग्रीक शब्द: 'सिम्बायोसिस' (साथ रहना) + 'जेनेसिस' (उत्पत्ति) ऐतिहासिक एवं विकासवादी तथ्य मुख्य प्रस्तावक लिन मार्गुलिस (1967) प्रारंभिक विचारक कोन्स्टेंटिन मेरेसकोव्स्की (1905), इवान वालिन (1920) घटना का कालखंड लगभग 1.5 से 2 अरब वर्ष पूर्व मेज़बान कोशिका अवायवीय आर्किया उत्पन्न मुख्य अंगक माइटोकॉन्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट (हरितलवक) पूर्वज जीव अल्फा-प्रोटियोबैक्टीरिया (माइटोकॉन्ड्रिया), सायनोबैक्टीरिया (क्लोरोप्लास्ट) प्रमुख साक्ष्य वृत्ताकार डीएनए, 70S राइबोसोम, दोहरी झिल्ली, बाइनरी विखंडन जैविक प्रक्रिया फैगोसाइटोसिस और एंडोसिम्बायोटिक जीन स्थानांतरण (EGT)
सहजीविता उत्पत्ति (Symbiogenesis) या एंडोसिम्बायोटिक सिद्धांत (Endosymbiotic theory) विकासवादी जीव विज्ञान का एक बुनियादी सिद्धांत है। विकिडाटा के अनुसार, यह सिद्धांत यह स्पष्ट करता है कि यूकेरियोटिक कोशिकाओं के अंगकों (जैसे माइटोकॉन्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट) का विकास प्रोकैरियोटिक जीवों के साथ सहजीवन के परिणामस्वरूप हुआ है। अर्थात्, ये अंगक कभी स्वतंत्र प्रोकैरियोटिक जीवाणु थे, जिन्होंने अरबों साल पहले एक बड़ी कोशिका के अंदर प्रवेश करके एक स्थायी सहजीवन स्थापित कर लिया।Latorre A. Durban A. Moya A. Pereto J. 2011 The role of symbiosis in eukaryotic evolution Gargaud M. Origins and Evolution of Life: An astrobiological perspective Cambridge University Press 326–339 978-0-521-76131-4
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
इस अवधारणा की शुरुआत 1905 में हुई जब रूसी वनस्पतिशास्त्री कोन्स्टेंटिन मेरेसकोव्स्की ने सुझाव दिया कि पौधों के क्लोरोप्लास्ट मूल रूप से सहजीवी सायनोबैक्टीरिया हैं।Mereschkowski Konstantin 15 September 1905 Über Natur und Ursprung der Chromatophoren im Pflanzenreiche On the nature and origin of chromatophores in the plant kingdom Biologisches Centralblatt German 25 18 593–604 1920 के दशक में इवान वालिन ने भी इसका समर्थन किया, लेकिन उस समय इसे वैज्ञानिक मान्यता नहीं मिल सकी। इसे मुख्यधारा की वैज्ञानिक मान्यता 1967 में अमेरिकी जीवविज्ञानी लिन मार्गुलिस के शोध-पत्र के प्रकाशन के बाद मिली।Sagan Lynn March 1967 On the origin of mitosing cells https://archive.org/details/journal-of-theoretical-biology_1967-03_14_3/page/255 Journal of Theoretical Biology 14 3 255–74 10.1016/0022-5193(67)90079-3 11541392 उन्होंने आनुवंशिकी के प्रमाण प्रस्तुत कर इसे 'सीरियल एंडोसिम्बायोटिक सिद्धांत' (SET) के रूप में स्थापित किया।Cornish-Bowden Athel 7 December 2017 Lynn Margulis and the origin of the eukaryotes Journal of Theoretical Biology 434 1 10.1016/j.jtbi.2017.09.027 28992902
विकास की प्रक्रिया और जीन स्थानांतरण
आधुनिक वैज्ञानिक शोध यह दर्शाते हैं कि यह घटना मुख्य रूप से दो चरणों में घटित हुई:
माइटोकॉन्ड्रिया का विकास: लगभग 1.5 से 2 अरब वर्ष पूर्व, एक अवायवीय मेज़बान कोशिका ने एक वायवीय 'अल्फा-प्रोटियोबैक्टीरियम' को निगल लिया। दोनों के बीच पाचन के बजाय एक स्थायी अंतःसहजीविता बन गई, जिससे कोशिका को श्वसन और ऊर्जा उत्पादन में मदद मिली।Zimorski Verena Ku Chuan Martin William F. Gould Sven B. 2014 Endosymbiotic theory for organelle origins Current Opinion in Microbiology 22 38–48 10.1016/j.mib.2014.09.008 25306530
क्लोरोप्लास्ट का विकास: इसके बाद, माइटोकॉन्ड्रिया युक्त कुछ कोशिकाओं ने प्रकाश-संश्लेषण करने में सक्षम 'सायनोबैक्टीरिया' को अपना लिया। इस दूसरी घटना से पृथ्वी पर प्रकाश-संश्लेषक जीवों की उत्पत्ति हुई।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान, इन जीवाणुओं के अधिकांश जीन मेज़बान कोशिका के केंद्रक में स्थानांतरित हो गए। इस प्रक्रिया को 'एंडोसिम्बायोटिक जीन स्थानांतरण' कहा जाता है।
प्रमुख अकादमिक साक्ष्य
इस सिद्धांत को प्रमाणित करने वाले मुख्य जैविक साक्ष्य निम्नलिखित हैं:
स्वतंत्र डीएनए: माइटोकॉन्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट का अपना अलग, वृत्ताकार डीएनए होता है, जो प्रोकैरियोटिक जीवाणुओं के समान होता है।Taanman J. W. February 1999 The mitochondrial genome: structure, transcription, translation and replication https://archive.org/details/sim_bioenergetics_1999-02-09_1410_2/page/103 Biochimica et Biophysica Acta (BBA) - Bioenergetics 1410 2 103–23 10.1016/S0005-2728(98)00161-3 10076021
राइबोसोम का आकार: जबकि यूकेरियोटिक मुख्य कोशिका में 80S राइबोसोम होते हैं, इन अंगकों के भीतर जीवाणुओं की ही तरह 70S राइबोसोम पाए जाते हैं।
द्विखंडन: ये अंगक कोशिका विभाजन से स्वतंत्र रूप से, बाइनरी विखंडन के माध्यम से स्वयं विभाजित होते हैं।Margolin William November 2005 FtsZ and the division of prokaryotic cells and organelles Nature Reviews Molecular Cell Biology 6 11 862–71 10.1038/nrm1745 16227976 4757588
दोहरी झिल्ली: इनकी आंतरिक झिल्ली की संरचना केवल जीवाणुओं की कोशिका झिल्ली में पाई जाती है।Mileykovskaya E. Dowhan W. October 2009 Cardiolipin membrane domains in prokaryotes and eukaryotes Biochimica et Biophysica Acta (BBA) - Biomembranes 1788 10 2084–91 10.1016/j.bbamem.2009.04.003 19371718 2757463
सन्दर्भ
श्रेणी:कोशिकाविज्ञान
श्रेणी:विकासवादी जीव विज्ञान