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ललिता गौरी मंदिर

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ललिता गौरी मंदिर जिसे ललिता माता मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, यह मंदिर प्राचीन पवित्र शहर वाराणसी के महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मंदिरों में से एक है। इस मंदिर का हिंदू धर्म में बड़ा धार्मिक महत्व है और यह देवी ललिता (देवी पार्वती का रूप ) को समर्पित है। मंदिर का निर्माण 19 वीं शताब्दी के प्रारंभ में हुआ था। मंदिर का निर्माण 1800-1804 के बीच राणा बहादुर शाह ने करवाया था। ललिता गौरी मंदिर ललिता घाट पर स्थित है और घाट का नाम इस मंदिर के नाम पर रखा गया था।ललिता गौरी मंदिर https://pawanpathvaranasi.in/hi/?page_id=429 पावन पथ (वाराणसी), पर्यटन विभाग, उत्तर प्रदेश 26 जून 2020 15 अगस्त 2021 https://web.archive.org/web/20210815012758/https://pawanpathvaranasi.in/hi/?page_id=429 dead ललिता गौरी मंदिर LALITA DEVI.jpg India Uttar Pradesh Varanasi Temple location on Varanasi district map 25.310013 83.013276 type:landmark inline,title ललिता गौरी मंदिर லலிதா க ri ரி கோயில் ಲಲಿತಾ ಗೌರಿ ದೇವಸ್ಥಾನ India उत्तर प्रदेश बनारस ललिता घाट, बनारस 73.941 ललिता गौरी (पार्वती) नवरात्र नागर 19वीं सदी इतिहास नेपाल के राजा, राणा बहादुर शाह ने वाराणसी में 1800 से 1804 में वनवास लिया और खुद को "स्वामी निर्गुण" कहा। अपने निर्वासन के दौरान, उन्होंने वाराणसी में पशुपतिनाथ मंदिर की घर प्रतिकृति के लिए एक घाट बनाने का फैसला किया। चुना गया स्थान ललित घाट था, जिसका नाम ललिता गौरी मंदिर रखा गया था। शाह ने घाट के साथ एक नेपाली मंदिर का निर्माण किया।LALITA GHAT http://uttarpradesh.gov.in/en/details/lalita-ghat/310032003300 Department of Tourism, Government of Uttar Pradesh 26 जून 2020 https://web.archive.org/web/20180509172129/http://uttarpradesh.gov.in/en/details/lalita-ghat/310032003300 9 मई 2018 live महत्व ऐसा माना जाता है माँ के दर्शन पूजन से सुख-समृद्धि के साथ पुत्र रत्न की प्राप्ति व कुंवारियों का शीघ्र विवाह की मनोकामना पूर्ण होती है। चैत मास में माता ललिता गौरी के दर्शन का विधान है। इन्हें माता पार्वती का तीसरा रूप माना जाता है । सन्दर्भ श्रेणी:मन्दिर श्रेणी:वाराणसी के मन्दिर श्रेणी:देवियाँ