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अल्मोड़ा जिला
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अल्मोड़ा ज़िला Almora district उत्तराखण्ड का ज़िला 250 Temple Cluster at Jageshwar.jpg 1 Almora Uttarakhand India.jpg Surya Temple2.jpg Kumoan village(binsar wild life sanctury).jpg Nanda Devi Peak from Ranikhet.jpg ऊपर-बाएँ से दक्षिणावर्त: जागेश्वर, अल्मोड़ा नगर, बिनसर वन्य अभयारण्य, रानीखेत से नन्दा देवी दृश्य, कटारमल सूर्य मन्दिर Almora in Uttarakhand (India).svg उत्तराखण्ड में स्थिति India Uttarakhand उत्तराखण्ड में स्थिति देश राज्य उत्तराखण्ड मण्डल कुमाऊँ मण्डल स्थापना मुख्यालय अल्मोड़ा तहसील para 9 3082 2011 622506 auto भाषा प्रचलित हिन्दी, कुमाऊँनी भारतीय मानक समय +5:30 पिनकोड 263601 दूरभाष कोड +91-5962 UK-01 जनसांख्यिकी साक्षरता 80.47% लिंगानुपात 1139 https://almora.nic.in/
अल्मोड़ा ज़िला (Almora district) भारत के उत्तराखण्ड राज्य के कुमाऊँ मण्डल का एक ज़िला है। इसका मुख्यालय अल्मोड़ा है। अल्मोड़ा अपनी सांस्कृतिक विरासत, हस्तकला, खानपान और ठेठ पहाड़ी सभ्यता व संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है।"Uttarakhand: Land and People," Sharad Singh Negi, MD Publications, 1995"Development of Uttarakhand: Issues and Perspectives," GS Mehta, APH Publishing, 1999, ISBN 9788176480994
पृष्ठभूमि
अल्मोड़ा जिले का विवरण :
कुल जनसँख्या - ६,२२,५०६
कुल विकासखण्ड - ११ (हवालबाग, सल्ट, लमगडा, ताकुला, धौलादेवी, भैंसियाछाना, स्याल्दे, चौखुटिया, ताड़ीखेत, द्वाराहाट, भिकियासैण)
विधानसभा क्षेत्र - द्वाराहाट, सल्ट, रानीखेत, सोमेश्वर, अल्मोड़ा, जागेश्वर
विधानसभा चुनाव 2022 के अनुसार विधानसभा क्षेत्रों के विधायक- अल्मोड़ा (बारामण्डल) - मनोज तिवारी(कांग्रेस) सोमेश्वर - रेखा आर्या (भाजपा) सल्ट - महेश जीना (भाजपा) रानीखेत - प्रमोद नैनवाल भाजपा) जागेश्वर - मोहन सिंह मेहरा भाजपा) द्वाराहाट - मदन बिष्ट (कांग्रेस)
इतिहास
१८१४ के आंग्ल गोरखा युद्ध में विजय के पश्चात १८१६ की सुगौली की संधि के तहत ईस्ट इंडिया कंपनी ने कुमाऊँ, देहरादून और पूर्व गढ़वाल को ब्रिटिश साम्राज्य में मिला दिया और पश्चिम गढ़वाल राजा सुदर्शन शाह को दे दिया जिसमें उन्होंने टिहरी रियासत की स्थापना की। कुमाऊँ मण्डल तब केवल २ जिलों में विभाजित था, कुमाऊँ तथा तराई, जिनके मुख्यालय क्रमशः अल्मोड़ा तथा काशीपुर नगरों में स्थित थे।Martin Robert Montgomery History of the Possessions of the Honourable East India Company, Volume 1 107 कुमाऊँ जिले के अंतर्गत वर्तमान उत्तराखण्ड राज्य के अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़, पौड़ी गढ़वाल, चमोली तथा रुद्रप्रयाग जिले के कुछ भाग आते थे, और तराई जिला वर्तमान उधम सिंह नगर जिले के समकक्ष था।
१८३७ में पूर्वी गढ़वाल क्षेत्र को कुमाऊँ जिले से निकालकर अलग जिला घोषित कर दिया गया, और इसका मुख्यालय पौड़ी नगर में रखा गया। नैनीताल तहसील को १८९१ में कुमाऊं जिले से स्थानांतरित कर तराई के साथ मिला दिया गया, और फिर इसके मुख्यालय को काशीपुर से नैनीताल में लाया गया था। १८९१ में ही कुमाऊँ और तराई जिलों का नाम उनके मुख्यालयों के नाम पर क्रमशः अल्मोड़ा तथा नैनीताल रख दिया गया था।
१९६० के दशक में बागेश्वर और चम्पावत जिले नहीं बनें थे और तब ये अल्मोड़ा जिले के ही भाग थे।Times World Atlas, 1967 Edition, Plate 30. पिथौरागढ़ जिला २४ फरवरी १९६० को,कत्यूरी और चंद राजवंश का भी केंद्र रहा पिथौरागढ़ https://www.jagran.com/uttarakhand/pithoragarh-12767721.html २१ जनवरी २०१८ २१ अगस्त २०१५ दैनिक जागरण पिथौरागढ़ https://web.archive.org/web/20180121184532/https://www.jagran.com/uttarakhand/pithoragarh-12767721.html 21 जनवरी 2018 live और बागेश्वर जिला १५ अगस्त १९९७ को अल्मोड़ा जिले से अलग कर बनाया गया था।बेहतर भविष्य की शुभकामनाएं, जन्मदिन मुबारक बागेश्वर http://www.amarujala.com/uttarakhand/bageshwar/happy-future-wishes-happy-birthday-bageshwar 27 सितम्बर 2017 १४ सितम्बर २०१७ अमर उजाला बागेश्वर https://web.archive.org/web/20170928005623/http://www.amarujala.com/uttarakhand/bageshwar/happy-future-wishes-happy-birthday-bageshwar 28 सितंबर 2017 live २०११ में रानीखेत जिले को भी अल्मोड़ा जिले से बनाने की घोषणा हुई थी, परन्तु उस घोषणा को अमल में नहीं लाया गया।सिर्फ घोषणा बनकर रह गया रानीखेत जिला https://www.amarujala.com/uttarakhand/almora/ranikhet-district-remained-just-declare २१ जनवरी २०१८ २ जून २०१६ अमर उजाला रानीखेत https://web.archive.org/web/20180122071911/https://www.amarujala.com/uttarakhand/almora/ranikhet-district-remained-just-declare 22 जनवरी 2018 live
भूगोल
thumb|280px|१८६० में अल्मोड़ा कस्बा
अल्मोड़ा कस्बा पहाड़ पर घोड़े की काठीनुमा आकार के रिज पर बसा हुआ है। रिज के पूर्वी भाग को तालिफत और पश्चिमी भाग को सेलिफत के नाम से जाना जाता है। यहाँ का स्थानीय बाज़ार रिज की चोटी पर स्थित है जहाँ पर तालिफत और सेलिफत संयुक्त रूप से समाप्त होते हैं। बाज़ार २.०१ किमी लम्बा है और पत्थर की पटियों से से ढका हुआ है। जहाँ पर अभी छावनी है, वह स्थान पहले लालमंडी नाम से जाना जाता था। वर्तमान में जहाँ पर कलक्टरी स्थित है, वहाँ पर चंद राजाओं का 'मल्ला महल' स्थित था। वर्तमान में जहाँ पर जिला अस्पताल है, वहाँ पर चंद राजाओं का 'तल्ला महल' हुआ करता था। सिमलखेत नामक एक ग्राम अल्मोड़ा और चमोली की सीमा पर स्थित है। इस ग्राम के लोग कुमाँऊनी और गढ़वाली दोनो भाषाएँ बोल सकते हैं। पहाड़ की चोटी पर एक मंदिर है, भैरव गढ़ी। गोरी नदी अल्मोड़ा जिले से होकर बहती है।
अल्मोड़ा में एक प्रसिद्ध नृत्य अकादमी है, डांसीउस - जहाँ बहुत से भारतीय और फ्रांसीसी नर्तकों को प्रक्षिक्षण दिया गया था। इसकी स्थापना उदय शंकर द्वारा १९३८ में की गई थी। अल्मोड़ा नृत्य अकादमी को कस्बे के बाहर रानीधार नामक स्थान पर गृहीत किया गया। इस स्थान पर से हिमालय और पूरे अल्मोड़ा कस्बे का शानदार दृश्य दिखाई देता है।
"इन पहाड़ों पर, प्रकृति के आतिथ्य के आगे मनुष्य द्वारा कुछ भी किया जाना बहुत छोटा हो जाता है। यहाँ हिमालय की मनमोहक सुंदरता, प्राणपोषक मौसम और आरामदायक हरियाली जो आपके चारों ओर होती है, के बाद किसी और चीज़ की इच्छा नहीं रह जाती। मैं बड़े
आश्चर्य के साथ ये सोचता हूँ की क्या विश्व में कोई और ऐसा स्थान है जो यहाँ की दृश्यावली और मौसम की बराबरी भी कर सकता है, इसे पछाड़ना तो दूर की बात है। यहाँ अल्मोड़ा में तीन सप्ताह रहने के बात मैं पहले से अधिक आश्चर्यचकित हूँ की हमारे देश के लोग स्वास्थ्य लाभ के लिए यूरोप क्यों जाते है।" - महात्मा गांधी
प्रशासन
जिले के प्रशासनिक मुख्यालय अल्मोड़ा नगर में स्थित हैं। प्रशासनिक कार्यों से जिले को ६ उपखण्डों में बांटा गया है, जो आगे १२ तहसीलों और २ उप-तहसीलों में विभाजित हैं। ये हैं: अल्मोड़ा उपखण्ड (अल्मोड़ा, सोमेश्वर); जैंती उपखण्ड (जैंती, भनोली, लमगड़ा [उप-तहसील]); द्वाराहाट उपखण्ड (द्वाराहाट, चौखुटिया, जालली, बग्वालीपोखर), रानीखेत उपखण्ड (रानीखेत); भिकियासैण उपखण्ड (भिकियासैण, स्याल्दे) और सल्ट उपखण्ड (सल्ट, मछोर [उप-तहसील])। इसके अतिरिक्त, जिले को ११ विकासखंडों में भी बांटा गया है: हवालबाग, चौखुटिया, भैंसियाछाना, द्वाराहाट, सल्ट, भिक्यासैंण, ताड़ीखेत, ताकुला, स्याल्दे, लमगड़ा और धौला देवी। जिले में एक संसदीय क्षेत्र, और ६ उत्तराखण्ड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं, जिनमें द्वाराहाट, सल्ट, रानीखेत, सोमेश्वर, अल्मोड़ा और जागेश्वर शामिल हैं।
यातायात
वायु
यहाँ से निकटतम विमानतल पंतनगर (नैनीताल) में है, जिसकी दूरी है, १२७ किमी।
रेल
सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन में काठगोदाम है, जो यहाँ से ९० किमी दूर स्थित है, औए वहाँ से दिल्ली, लखनऊ और आगरा के लिए ट्रेनें उपलब्ध हैं। काठगोदाम का स्टेशन भी वहाँ से कुछ दूरी पर स्थित है। काठगोदाम से कुछ मुख्य रेलें हैं:
शताब्दी ऐक्स्प्रैस
हावड़ा ऐक्स्प्रैस (३०१९/३०२०)
रानीखेत ऐक्स्प्रैस (५०१३/५०१४)
रामपुर पैसेंजर (१/२ आर॰के॰ पैसेंजर और ३/४ आर॰के॰ पैसेंजर)
नैनीताल ऐक्स्प्रैस (५३०८/५३०७)
सड़क
अल्मोड़ा सड़क मार्ग द्वारा इस क्षेत्र के प्रमुख केन्द्रों से जुड़ा है। विभिन्न केन्द्रों की दूरियाँ:
दिल्ली ३७८ किमी
लखनऊ ४६० किमी
नैनीताल ६६ किमी (रानीखेत के रास्ते १०३ किमी)
काठगोदाम ९० किमी
इन्हें भी देखें
अल्मोड़ा
उत्तराखण्ड के ज़िले
कुमाऊँ मण्डल
बाहरी कड़ियाँ
आधिकारिक जालस्थल
सन्दर्भ
श्रेणी:उत्तराखण्ड के जिले
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