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नाथाजी और यामाजी
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नाथाजी पटेल और यामाजी पटले भारत मे ब्रिटिश राज के दौरान चन्दप गांव 'जिसे चांडप भी बोला/लिखा जाता है' के कोली पटेल थे। यह गांव उनके अधीन था। नाथाजी और यामाजी ने १८५७ के भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन मे अंग्रेजों के खिलाफ हथियार उठाए थे।https://play.google.com/books/reader?id=--hcDwAAQBAJ&printsec=frontcover&pg=GBS.PA83 Maaron Firangee ko: 1857 Ki Deshvyapi Goonj Sharma Dr Bansihar 2015-01-01 Suruchi Prakashan 978-81-89622-37-4 hihttps://books.google.co.in/books?id=U2aFCgAAQBAJ&pg=PT122&dq=%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80+%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%AA&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwjntZXWsPvoAhVLQH0KHRDtBtUQ6AEIHTAA#v=onepage&q=%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80%20%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%AA&f=false 1857 Chya Veer Mahila / Nachiket Prakashan: 1857 च्या वीर महिला देशपांडे स्व हरिहर 2015-07-18 Nachiket Prakashan mr
नाथाजी पटेल और यामाजी पटेल चांडप भारतीय गोली लगना चांडप १८५७ कोली चांडप के पटेल (जागीरदार) बड़ौदा के महाराजा गायकवाड़ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन मे नायक हिन्दू
नाथाजी और यामाजी हर वर्ष बड़ौदा रियासत को हर वर्ष कुछ कर अदा करते थे यानीकी चन्दप जागीर के रुप में बड़ौदा रियासत के अधीन थी।https://books.google.co.in/books?id=wps5AQAAIAAJ Gujarat in 1857 Dharaiya Ramanlal Kakalbhai 1970 Gujarat University en
क्रांतिकारी गतिविधियों
१८५७ की क्रांती के दौरान चन्दप गांव के कोलीयों मे भी विद्रोह की महक उठ रही थी इसी को मद्देनजर रखते हुए अंग्रेजों की मित्र रियासत बड़ौदा के महाराजा को इस बात की खबर मिली तो महाराजा गायकवाड़ ने चन्दप मे विद्रोह ना हो इसके लिए घुड़सवार तैनात कर दिए जिसका विरोध नाथाजी और यामाजी ने किया।
चन्दप गाव के कोलीयों ने घुड़सवारों को मार डाला और थाने पर भी हमला कर दिया।https://books.google.co.in/books?id=BExuAAAAMAAJ Gazetteers: Sabarkantha District Gujarat (India) 1974 Directorate of Government Print., Stationery and Publications en जिसके बाद इडर रियासत, बड़ोदा रियासत और ब्रिटिश सरकार ने सेना भेजी लेकिन विद्रोह किये हुए कोली पास की पहाड़ियों में चले गए और विद्रोह जारी रखा। १४ अक्टूबर १८५७ को अंग्रेजों ने चारों तरफ घेराबंदी कर दी और सभी संचार माध्यम काट दिए।
इस विद्रोह मे सभी छोटे-छोटे और महीलाओं ने भी हथियार उठाए थे
अक्टूबर मे बड़ौदा रियासत, इडर रियासत और ब्रिटिश सेना ने मिलकर विद्रोह को दफ़न करने के लिए जला कर राख कर दिया जिसका असर अनेकों जगहों पर देखने को मिला। जैसे ही चंडप गांव को उड़ा दिया गया उसके बाद गुजरात के विजापुर, वड़नगर और खेरालु मे विद्रोह भड़क उठा।https://books.google.co.in/books?id=HbphAAAAIAAJ Gujarat State Gazetteers: Mehsana Gujarat (India) 1975 Directorate of Government Print., Stationery and Publications, Gujarat State en
संदर्भ