411 REFERENCE · Wikipedia
कृत्तिवास रामायण
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
300px|right|thumb|अकाल-बंधन : राम द्वारा शक्ति-पूजा का सर्वप्रथम चित्रण कृतिवास रामायण में ही आता है।
कृत्तिवास रामायण (बांग्ला : কৃত্তিবাসি রামায়ণ / कृतिबासी रामायण) या 'श्रीराम पाँचाली' (बांग्ला : শ্রীরাম পাঁচালী), की रचना पन्द्रहवीं शती के बांग्ला कवि कृत्तिवास ओझा ने की थी। यह संस्कृत के अतिरिक्त अन्य उत्तर-भारतीय भाषाओं का पहला रामायण है। गोस्वामी तुलसीदास के रामचरित मानस के रचनाकाल से लगभग सौ वर्ष पूर्व कृत्तिवास रामायण का आविर्भाव हुआ था। इसके रचयिता संत कृत्तिवास बंग-भाषा के आदिकवि माने जाते हैं। वह छंद, व्याकरण, ज्योतिष, धर्म और नीतिशास्त्र के प्रकाण्ड पण्डित थे। और राम-नाम में उनकी परम आस्था थी।
यह ग्रंथ मूल रामायण का शब्दानुवाद नहीं है बल्कि इसमें मध्यकालीन बंगाली समाज और संस्कृति का विविध चित्रण भी है। बंग-भाषा के इस महाकाव्य में छः काण्ड (आदि काण्ड, अयोध्या काण्ड, अरण्य काण्ड, किष्किन्धा काण्ड, सुन्दर काण्ड और लंका काण्ड) हैं।
इन्हें भी देखें
विभिन्न भाषाओं में रामायण
रामचरितमानस
रामायण
बांग्ला साहित्य
बाहरी कड़ियाँ
Biography of Krittibas Ojha in Bengali
Banglapedia Biography of Krittibas Ojha
श्रेणी:रामायण
श्रेणी:बांग्ला साहित्य