411 REFERENCE · Wikipedia
सरिय्या अबू क़तादा बिन रबी अंसारी (ख़िज़रा)
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
सरिय्या हज़रत अबू क़तादा बिन रबी अंसारी रज़ि०(ख़िज़रा) नवंबर 629 ईस्वी, और
इस्लामी कैलेंडर के 8वें महीने 8 हिजरी :en:Khadirah * सफल छापेमारी, कुछ दुश्मन मारे गए
बड़ी मात्रा में झुंड पर कब्जा कर लियाThe sealed nectar, By S.R. Al-Mubarakpuri, Pg247 Author references Rahmat-ul-lil'alameen 2/233; Talqeeh Fuhoom Ahl Al-Athar p.33"Khadrah Campaign", Witness-Pioneer.comमार्च 2026 InternetArchiveBot अबू क़तादा बिन रबी अंसारी अनजान 15 अनजान 0 कुछ मारे गए, कुछ पकड़े गए
(अज्ञात नंबर)(unknown numbers)The sealed nectar, By S.R. Al-Mubarakpuri, Pg247 Author references Rahmat-ul-lil'alameen 2/233; Talqeeh Fuhoom Ahl Al-Athar p.33"Khadrah Campaign", Witness-Pioneer.comमार्च 2026 InternetArchiveBot मुहम्मद की सैन्य उपलब्धियाँ
सरिय्या हज़रत अबू क़तादा बिन रबी अंसारी रज़ि० (ख़िज़रा) या सरिय्या ख़िज़रा
झड़प सैन्य अभियान मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के आदेश पर नवंबर 629 ईस्वी, और
इस्लामी कैलेंडर के 8वें महीने 8 हिजरी में हुआ।
अभियान
इस्लाम के विद्वान सफिउर्रहमान मुबारकपुरी लिखते हैं कि
इस झड़प की वजह यह थी कि नज्द के अंदर क़बीला मुहारिब के इलाके में ख़िज़रा नामी एक जगह पर बनू गतफ़ान सेना जमा कर रहे थे, इसलिए उन का सर कुचलने के लिए अल्लाह रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने हज़रत अबू क़तादा बिन रबी अंसारी को पंद्रह आदमियों की टीम देकर रवाना किया। उन्होंने दुश्मन के कई आदमियों को कत्ल और क़ैद किया और ग़नीमत का माल भी हासिल किया। इस मुहिम में वह पंद्रह दिन मदीना से बाहर रहे।
सफिउर्रहमान मुबारकपुरी पुस्तक अर्रहीकुल मख़तूम (सीरत नबवी ) सरिय्या ख़िज़रा (शअबान सन् 08 हि०) https://archive.org/details/offlinedeeniapp_20210707_1905/Ar%20Raheequl%20Makhtoom%20Seerate%20Nabi/page/n775/mode/2up?view=theater 13 दिसम्बर 2022 801
रहमतुल- लिल आलमीन 2 / 233, तलकाहुल-फुहूम 33
इस अभियान के बाद, मुहम्मद की बढ़ती शक्ति के कारण, कई कबीलों ने अपनी निष्ठा को बदल दिया और इस्लाम में परिवर्तित हो गए। उनमें से थे: बानी दज़ोबियन, बानू फज़ारा, बानू मुर्रा के हाथ बनू एब्स। इब्न अबी अल-अवजा अल-सुलामी के अभियान में अपने अनुयायियों से लड़ने के बाद,बनू सुलेयम ने खुद को मुहम्मद को सौंप दिया, जहां अधिकांश मुसलमान और बनू सुलेयम जो एक दूसरे से लड़े थे, मारे गए थे। मदीना के आसपास के अधिकांश कबीलों ने भी मुहम्मद की सर्वोच्चता को मान्यता दी। https://books.google.com/books?id=Feo9AAAAYAAJ&pg=PA106 The Life of Mahomet and History of Islam to the Era of the Hegira 17 December 2014
सराया और ग़ज़वात
अंगूठाकार|
इस्लामी शब्दावली में अरबी शब्द ग़ज़वा Ghazwa https://en.wiktionary.org/wiki/ghazwa इस्लाम के पैग़ंबर के उन अभियानों को कहते हैं जिन मुहिम या लड़ाईयों में उन्होंने शरीक होकर नेतृत्व किया,इसका बहुवचन है गज़वात, जिन मुहिम में किसी सहाबा को ज़िम्मेदार बनाकर भेजा और स्वयं नेतृत्व करते रहे उन अभियानों को सरियाह(सरिय्या) या सिरया कहते हैं, इसका बहुवचन सराया है।siryah https://en.wiktionary.org/wiki/siryah#English
ग़ज़वात और सराया की तफसील, पुस्तक: मर्दाने अरब, पृष्ट ६२] https://archive.org/details/mardane-arab-hindi-volume-no.-1/page/n32/mode/1up
इन्हें भी देखें
सरिय्या अबू हदरद सलमी
सरिय्या अबू उबैदाह इब्न अल-जर्राह (ख़ब्त)
मुहम्मद की सैन्य उपलब्धियाँ
मुहम्मद के अभियानों की सूची
ग़ज़वा ए दूमतुल जन्दल
सन्दर्भ
श्रेणी:मुहम्मद
श्रेणी:इस्लाम
श्रेणी:इस्लाम का इतिहास
श्रेणी:अरब इतिहास
श्रेणी:मुस्लिम विजय
बाहरी कड़ियाँ
Ar-Raheeq Al-Makhtum|Ar Raheeq Al Makhtum– The Sealed Nectar (Biography Of The Noble Prophet) -First PRIZE WINNER BOOK Ar Raheeq Al Makhtum
अर्रहीकुल मख़तूम (सीरत नबवी), पैगंबर की जीवनी (प्रतियोगिता में प्रथम पुस्तक) अर्रहीकुल मख़तूम