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बेगम हज़रत महल
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बेगम हज़रत महल अवध की बेगम Begum hazrat mahal.jpg 210px बेगम हज़रत महल वाजिद अली शाह पती 1820 फ़ैज़ाबाद, अवध रियासत 7 अप्रैल 1879 (आयु 59) काठमांडू, नेपाल राज्य शिया इस्लामhttps://www.mapsofindia.com/who-is-who/history/begum-hazrat-mahal.html Begum Hazrat Mahal Biography, History and Facts 2018-02-03 31 August 2018 24 August 2018 https://web.archive.org/web/20180824065539/http://www.mapsofindia.com/who-is-who/history/begum-hazrat-mahal.html live मुहम्मदी ख़ानम
बेगम हज़रत महल (fa بیگم حضرت محل; 1820 – 7 अप्रैल 1879) अवध के नवाब वाजिद अली शाह की दूसरी पत्नी थीं। अंग्रेज़ों द्वारा कलकत्ते में अपने शौहर के निर्वासन के बाद उन्होंने लखनऊ पर कब्ज़ा कर लिया और अपनी अवध रियासत की हुकूमत को बरकरार रखा। अंग्रेज़ों के कब्ज़े से अपनी रियासत बचाने के लिए उन्होंने अपने बेटे नवाबज़ादे बिरजिस क़द्र को अवध का वली (शासक) नियुक्त करने की कोशिश की थी; मगर उनका शासन जल्द ही खत्म होने की वजह से उनकी यह कोशिश असफल रह गई। उन्होंने 1857 के भारतीय विद्रोह के दौरान ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ विद्रोह किया। अंततः उन्हें नेपाल में शरण मिली जहाँ उनकी मृत्यु 1879 में हुई थी।8 April 2014 A link to Indian freedom movement in Nepal http://www.thehindu.com/news/international/south-asia/a-link-to-indian-freedom-movement-in-nepal/article5884467.ece The Hindu 16 मई 2018 https://web.archive.org/web/20140410063351/http://www.thehindu.com/news/international/south-asia/a-link-to-indian-freedom-movement-in-nepal/article5884467.ece 10 अप्रैल 2014 live
जीवनी
बेगम हज़रत महल का नाम मुहम्मदी खानुम था, और उनका जन्म फ़ैज़ाबाद, अवध में हुआ था। वह पेशे से एक तवायफ़ थी और अपने माता-पिता द्वारा बेचे जाने के बाद में ख़्वासीन के रूप में शाही हरम में ले लिया गया था। तब उन्हें शाही अधिकारियों के पास बेचा गया था, और बाद में वे 'परी' के तौर पर पदोन्नत हुईं,Michael Edwardes (1975) Red Year. London: Sphere Books; p. 104 और उन्हें 'महक परी' के नाम से जाना जाता था।http://www.royalark.net/India4/oudh15.htm Oudh (Awadh) Genealogy Buyers Christopher The Royal Ark 16 मई 2018 https://web.archive.org/web/20180322171021/http://www.royalark.net/India4/oudh15.htm 22 मार्च 2018 dead अवध के नवाब की शाही रखैल के तौर पर स्वीकार किए जाने पर उन्हें "बेगम" का ख़िताब हासिल हुआ,Christopher Hibbert (1980) The Great Mutiny, Harmondsworth: Penguin; p. 371 और उनके बेटे बिरजिस क़द्र के जन्म के बाद उन्हें 'हज़रत महल' का ख़िताब दिया गया था।
वे आख़िरी ताजदार-ए-अवध, वाजिद अली शाह की छोटीSaul David (2002) The Indian Mutiny, Viking; p. 185 पत्नी थीं। 1856 में अंग्रेज़ों ने अवध पर क़ब्ज़ा कर लिया था और वाजिद अली शाह को कलकत्ते में निर्वासित कर दिया गया था। कलकत्ते में उनके पति के निर्वासित होने के बाद, बेगम हज़रत महल ने अवध रियासत के राजकीय मामलों को संभाला।http://www.mapsofindia.com/who-is-who/history/begum-hazrat-mahal.html Begum Hazrat Mahal Mapsofindia.com 18 October 2012 https://web.archive.org/web/20121030143737/http://www.mapsofindia.com/who-is-who/history/begum-hazrat-mahal.html 30 अक्तूबर 2012 live
1857 की भारतीय क्रांति
thumb|200px|left|1857 के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को समर्पित भारत का डाक टिकट जिसमें बेगम हज़रत महल का चित्र एवं उल्लेख है।|पाठ=
1857 से 1858 तक चले भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान, बेगम हज़रत महल ने अपने समर्थकों के साथ ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के ख़िलाफ़ बग़ावत की। उन्होंने लखनऊ पर दोबारा क़ब्ज़ा किया और अपने पुत्र बिरजिस क़द्र को अवध का वली (शासक) घोषित किया।Michael Edwardes (1975) Red Year. London: Sphere Books; p. 104
बेगम हज़रत महल की प्रमुख शिकायतों में से एक यह थी कि ईस्ट इंडिया कंपनी ने सड़कें बनाने के लिए मंदिरों और मस्जिदों को आकस्मिक रूप से ध्वस्त किया था। William Dalrymple The Last Mughal; the fall of a dynasty: Delhi, 1857, Viking Penguin, 2006, p. 69 विद्रोह के अंतिम दिनों में जारी की गई एक घोषणा में, उन्होंने अंग्रेज़ सरकार द्वारा धार्मिक आज़ादी देने के दावे का मज़ाक उड़ाया:
सूअर के मांस और मदिरा के उपभोग को प्रोत्साहित करना, सूअर की चर्बी से निर्मित कारतूसों का प्रयोग कराना, तथा सड़कों के निर्माण जैसे कार्यों के बहाने मंदिरों और मस्जिदों को क्षति पहुँचाना—ये सभी ऐसे कदम प्रतीत होते हैं जो स्थानीय धार्मिक आस्थाओं के प्रति संवेदनहीनता दर्शाते हैं। इसके अतिरिक्त, ईसाई धर्म के प्रचार हेतु पादरियों को भेजना, चर्चों की स्थापना करना, तथा अंग्रेज़ी शिक्षण संस्थानों के प्रसार के नाम पर हिंदू और मुसलमानों के पूजास्थलों को प्रभावित करना भी लोगों के मन में संदेह और असुरक्षा उत्पन्न करता है। यहाँ तक कि अंग्रेज़ी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन देना भी अनेक लोगों द्वारा सांस्कृतिक और धार्मिक हस्तक्षेप के रूप में देखा गया।
जब अंग्रेज़ों के आदेश के तहत सेना ने लखनऊ और अवध के अधिकांश इलाक़े को क़ब्ज़ा कर लिया, तो हज़रत महल को पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा। हज़रत महल नाना साहेब के साथ मिलकर काम करती थीं , लेकिन बाद में शाहजहांपुर पर हमले के बाद, वह फ़ैज़ाबाद के मौलवी से मिलीं।
लखनऊ में 1857 की क्रांति का नेतृत्व बेगम हज़रत महल ने किया था। अपने नाबालिग पुत्र बिरजिस क़द्र को गद्दी पर बिठाकर उन्होंने अंग्रेज़ी सेना का स्वयं मुक़ाबला किया। उनमें संगठन की अभूतपूर्व क्षमता थी और इसी कारण अवध के ज़मींदार, किसान और सैनिक उनके नेतृत्व में आगे बढ़ते रहे।
आलमबाग़ की लड़ाई के दौरान उन्होंने अपने जांबाज़ सिपाहियों की भरपूर हौसला आफ़ज़ाई की और हाथी पर सवार होकर अपने सैनिकों के साथ दिन-रात युद्ध करती रहीं।
लखनऊ में पराजय के बाद वह अवध के देहातों में चली गईं और वहाँ भी क्रांति की चिंगारी सुलगाई। बेगम हज़रत महल और रानी लक्ष्मीबाई के सैनिक दल में तमाम महिलायें शामिल थीं।
लखनऊ में बेगम हज़रत महल की महिला सैनिक दल का नेतृत्व रहीमी के हाथों में था, जिसने फ़ौजी भेष अपनाकर तमाम महिलाओं को तोप और बन्दूक चलाना सिखाया। रहीमी की अगुवाई में इन महिलाओं ने अंग्रेज़ों से जमकर मुकाबला किया।
लखनऊ की तवायफ़ हैदरीबाई के यहाँ तमाम अंग्रेज़ अफ़सर आते थे और कई बार क्रांतिकारियों के ख़िलाफ़ योजनाओं पर बात किया करते थे।
हैदरीबाई ने पेशे से परे अपनी देशभक्ति का परिचय देते हुये इन महत्त्वपूर्ण सूचनाओं को क्रांतिकारियों तक पहुँचाया और बाद में वह भी रहीमी के सैनिक दल में शामिल हो गयी।
बाद की जीवनी
आखिरकार, उन्हें नेपाल जाना पड़ा, जहाँ उन्हें पहले राणा के प्रधान मंत्री जंग बहादुर ने शरण देने से इंकार कर दिया था,Hibbert (1980); pp. 374–375 लेकिन बाद में उन्हें रहने की इजाज़त दी गयी थी। Hibbert (1980); pp. 386–387 1879 में उनकी मृत्यु हो गई और उन्हें काठमांडू के जामा मस्जिद के मैदानों में एक अज्ञात क़ब्र में दफ़नाया गया। Krishna Sharmila Far from the madding crowd she lies, forlorn & forgotten http://oudh.tripod.com/bhm/bhmfar.htm 3 September 2013 The Indian Express - LUCKNOW 11 June 2002 https://web.archive.org/web/20131203001546/http://oudh.tripod.com/bhm/bhmfar.htm 3 दिसंबर 2013 dead उनकी मृत्यु के बाद, रानी विक्टोरिया (1887) की जयंती के अवसर पर, ब्रिटिश सरकार ने बिरजिस क़द्र को माफ़ कर दिया और उन्हें घर लौटने की इजाज़त दे दी। Harcourt E.S Lucknow the Last Phase of an Oriental Culture 2012 Oxford University Press Delhi 0-19-563375-X 76 seventh
स्मारक
thumb|काठमाण्डू में बेगम हज़रत महल की समाधि
बेगम हज़रत महल का मक़बरा जामा मस्जिद, घंटाघर के पास काठमांडू के मध्य भाग में स्थित है, प्रसिद्ध दरबार मार्ग से ज़्यादा दूर नहीं है। इसकी देखभाल जामा मस्जिद केंद्रीय समिति ने की है।
thumb|right|बेगम हज़रत महल पार्क, लखनऊ में बेगम हज़रत महल का स्मारक
15 अगस्त 1962 को महल को महान विद्रोह में उनकी भूमिका के लिए लखनऊ के हज़रतगंज के पुराने विक्टोरिया पार्क में सम्मानित किया गया था।Little known, little remembered: Begum Hazrat Mahal http://www.milligazette.com/news/14143-little-known-little-remembered-begum-hazrat-mahal 14 September 2016 www.milligazette.com https://web.archive.org/web/20161012203038/http://www.milligazette.com/news/14143-little-known-little-remembered-begum-hazrat-mahal 12 अक्तूबर 2016 deadRuggles D. Fairchild D. Fairchild Ruggles Woman's Eye, Woman's Hand: Making Art and Architecture in Modern India Zubaan 9789383074785 https://books.google.co.in/books?id=kUqoDAAAQBAJ&pg=PT94&dq="Begum+Hazrat+Mahal+Park"&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwjUy762zI7PAhUW5GMKHRXMCOoQ6AEIHTAA#v=onepage&q=%22Begum%20Hazrat%20Mahal%20Park%22&f=false 14 September 2016 enYecurī Sītārāma The great revolt, a left appraisal People's Democracy 9788190621809 https://books.google.co.in/books?id=k30MAQAAMAAJ&dq=Begum+Hazrat+Mahal+Park&focus=searchwithinvolume&q=%22Begum+Hazrat+Mahal+Park%22 14 September 2016 en https://web.archive.org/web/20180924033746/https://books.google.co.in/books?id=k30MAQAAMAAJ 24 सितंबर 2018 live पार्क के नामकरण के साथ, एक संगमरमर स्मारक का निर्माण किया गया था, जिसमें अवध शाही परिवार के शस्त्रों के कोट को लेकर चार गोल पीतल के टुकड़े वाले संगमरमर के टैबलेट शामिल थे। पार्क का उपयोग रामशिला, दसहरा के दौरान, साथ ही लखनऊ महोत्सव (लखनऊ प्रदर्शनी) के दौरान किया जाता है। http://www.mapsofindia.com/my-india/travel/the-famous-memorial-of-begum-hazrat-mahal-in-lucknow Begum Hazrat Mahal in Lucknow | My India Mapsofindia.com 2016-09-14 https://web.archive.org/web/20140531045318/http://www.mapsofindia.com/my-india/travel/the-famous-memorial-of-begum-hazrat-mahal-in-lucknow 31 मई 2014 live
10 मई 1984 को, भारत सरकार ने महल के सम्मान में एक स्मारक डाक टिकट जारी किया। पहला दिन कवर सीआर पकराशी द्वारा डिजाइन किया गया था, और रद्दीकरण अल्का शर्मा द्वारा किया गया था। 15,00,000 टिकट जारी किए गए थे। http://www.indianpost.com/viewstamp.php/Currency/Paisa/Alpha/B/BEGUM%20HAZRAT%20MAHAL Begum Hazrat Mahal Indianpost.com 18 October 2012 https://web.archive.org/web/20120717074225/http://www.indianpost.com/viewstamp.php/Currency/Paisa/Alpha/B/BEGUM%20HAZRAT%20MAHAL 17 जुलाई 2012 dead
इन्हें भी देखें
अवध का इतिहास
नवाब वाजिद अली शाह
1857 की क्रांति
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
बेगम हज़रत महल की जीवनी।
1857 – India's Struggle for Freedom – Begum Hazrat Mahal
People took charge in Awadh
LUCKNOW IN 1857–58: THE EPIC SIEGE
The 1857 Uprising in the History of Freedom Struggle
Miserable condition of the grave of a warrior lady
Freedom fighters of India
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श्रेणी:भारतीय स्वतंत्रता सेनानी
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श्रेणी:क्रान्तिकारी महिलाएँ
Begum hazrat Mahal - Wikipedia
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