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निचला सुबनसिरी ज़िला

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निचला सुबनसिरी ज़िलाLower Subansiri district Lower Subansiri in Arunachal Pradesh (India).svg ज़िरो 3,452 82,839 2011 24 विधानसभा सीटें 2 हिन्दी, निशि, तानी भाषाएँ (अपतानी, अन्य) निचला सुबनसिरी भारतीय राज्य अरुणाचल प्रदेश का एक जिला है। जिले का मुख्यालय ज़िरो है। निचला सुबांसिरी अरूणाचल प्रदेश का बहुत ही खूबसूरत जिला है। अपनी प्राकृतिक सुन्दरता के लिए यह लोकप्रिय है। यहां पर अनेक जंगल, नदियां और घाटियां हैं। इनके खूबसूरत दृश्य देखना पर्यटकों को बहुत पसंद आता है। यह जंगल बहुत ही खूबसूरत हैं और इन जंगलों में पर्यटक वन्य जीवन के बेहतरीन दृश्य देख सकते हैं। इन जंगलों में पर्यटक चीता, तेंदुआ, बिल्ली, भालू, सुअर और हिरण देख सकते हैं। जंगलों के अलावा पर्यटक यहां पर अनेक खूबसूरत नदियों को भी देख सकते हैं। इन नदियों में पर्यटक वाटर स्पोर्टस का आनंद ले सकते हैं। यहां पर पर्यटक कई चोटियां भी देख सकते हैं। सलीन इसकी सबसे प्रमुख चोटी है। निचला सुबांसिरी का मुख्यालय जीरो में स्थित है। यह मुख्यालय भी बहुत खूबसूरत है। यहां पर मुख्यत: धान की खेती की जाती है। धान की खेती के अलावा यहां बडे पैमाने पर मछली पालन भी किया जाता है। स्थानीय निवासियों को अपातानी नाम से जाना जाता है। यह प्रकृति के देवता की पूजा करते हैं। इन लोगों का मुख्य काम-धंधा कृषि, हस्त निर्मित वस्तुएं और हथकरघा उद्योग है। इनकी संस्कृति भी काफी रंग-बिरंगी है। पर्यटकों को इनकी संस्कृति बहुत पसंद आती है। वर्ष में यहां पर अनेक उत्सव भी मनाए जाते हैं। इन उत्सवों में म्याको, मुरूंग और ड्री प्रमुख हैं। पर्यटक चाहें तो इन उत्सवों में भाग भी ले सकते हैं। प्रमुख आकर्षण किले पाखो किले पाखो यहां का लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यहां की सूबह बडी सूहावनी होती है और पर्यटक यहां पर अनेक खूबसूरत पक्षियों और सूर्योदय के खूबसूरत दृश्य देख सकते हैं। इन पक्षियों के अलावा पर्यटक यहां पर हिमालय की बर्फ से ढ़की खूबसूरत चोटियों को भी देख सकते हैं। इन चोटियों को नाईमे पेम्बू के नाम से जाना जाता है। किले पाखो जीरो से 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पाइन ग्रूव यह जीरो से 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर पर्यटक पाइन के वृक्षों के खूबसूरत दृश्य देख सकते हैं। इसकी स्थापना दिसम्बर 1961 ई. में की गई थी। मिडे मिडे में पर्यटक दैत्याकार सतनी पिशा को देख सकते हैं। यह पाइन का वृक्ष है और अपातानी घाटी में स्थित है। इसके तने का व्यास लगभग 7 मी. है। यह जीरो से 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जीरो पूटु यह एक पहाड़ी है और इसे जीरो पूटु के अलावा आर्मी पूटु के नाम से भी जाना जाता है। आजादी के बाद यहां पर अरूणाचल प्रदेश के पहले प्रशासनिक केन्द्र की स्थापना की गई थी। इसके बाद छठे दशक में यहां पर सेना के कैम्प का निर्माण भी किया गया। यहां से पूरे जिले के खूबसूरत दृश्य देखे जा सकते हैं। इस पहाड़ी की तराई में हवाई अड्डे का निर्माण भी किया गया है। डोलो मांडो हपोली से 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित डोलो-मांडो डोलो और मांडो के प्रेम-संबंध के लिए प्रसिद्ध है। यह बहुत खूबसूरत है। यहां से जीरो और हपोली शहर के खूबसूरत दृश्य देखे जा सकते हैं। डी.आई.सी. इसका पूरा नाम डिस्ट्रिकट इण्डस्ट्रीज सेन्टर है। यह जीरो से 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर पर्यटक स्थानीय निवासियों द्वारा तैयार की गई हस्तनिर्मित वस्तुएं और अन्य कई खूबसूरत वस्तुएं देख और खरीद सकते हैं। तारीन मछली फार्म यह मछली फार्म हपोली से 3.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और बहुत खूबसूरत है। पर्यटकों को यह फार्म बहुत पसंद आता है। यहां पर पर्यटक अनेक प्रजातियों की खूबसूरत मछिलयों को देख सकते हैं। टेली वन्य जीव अभ्यारण जीरो से 32 किलोमीटर की दूरी पर पर स्थित टेली वन्य जीव अभ्यारण बहुत खूबसूरत है। इस अभ्यारण में पर्यटक कई प्रजातियों के खूबसूरत पेड़-पौधे देख सकते हैं। यह अभ्यारण अपने सदाबहार और ऊष्ण कटिबंधीय वनों के लिए प्रसिद्ध है। इसके अलावा यहां पर बांस के झुण्ड भी देखे जा सकते हैं। सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ आधिकारिक जालस्थल ब्लॉग पर 27 48 N 93 36 E region:IN_type:adm2nd title श्रेणी:अरुणाचल प्रदेश के जिले *