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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

कस्तूरचंद डागा

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Sir, CIE, KCIE, Diwan Bahadur कस्तूरचंद डागा Statue of Kasturchand Daga, Nagpur - panoramio (cropped).jpg दिसंबर 1924 में नागपुर में कस्तूरचंद डागा की प्रतिमा, जिसका अनावरण तत्कालीन गवर्नर सर फ्रैंक स्ली ने किया था।Sir Kasturchand Daga’s statue at KP destroyed as tree falls on it https://www.thehitavada.com/Encyc/2020/4/20/Sir-Kasturchand-Daga-s-statue-at-KP-destroyed-as-tree-falls-on-it.html The Hitavada 20 April 2020 1855 जनवरी 21, 1917 व्यवसायी, परोपकारी और राय बहादुर बंसीलाल अबीरचंद (RBBA) कंपनी के मालिक अमृतबाई डागा राय बहादुर अबीरचंद बंसीलाल डागा सर सेठ कस्तूरचंद डागा, CIE, KCIE, दीवान बहादुर (1855-1917) एक उद्योगपति, जमींदार, परोपकारी, और एक अग्रणी व्यक्ति थे जिन्होंने व्यापार के हब-एंड-स्पोक मॉडल की अवधारणा रखी। वह नागपुर से थे। Deshpande Vivek 100th death anniversary: Nagpur recalls contributions of Sir Kasturchand Daga https://indianexpress.com/article/cities/mumbai/100th-death-anniversary-nagpur-recalls-contributions-of-sir-kasturchand-daga-4986242/ Indian Express December 17, 2017 25 अप्रैल 2020 https://web.archive.org/web/20190812231050/https://indianexpress.com/article/cities/mumbai/100th-death-anniversary-nagpur-recalls-contributions-of-sir-kasturchand-daga-4986242/ 12 अगस्त 2019 live उन्हें 1911 के दिल्ली दरबार ऑनर्स में किंग जॉर्ज पंचम द्वारा भारतीय ब्रिटिश साम्रराज्य के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान नाइट कमांडर से सम्मानित किया गया था। London Gazette, issue 28559, 8 December 1911, Page. 9355–9366 कस्तूरचंद ने नागपुर से अपनी उद्यमशीलता और बैंकिंग यात्रा शुरू की और लाहौर (अब पाकिस्तान में) से यांगून (तब बर्मा) तक अपने बैंकिंग व्यवसाय का विस्तार किया, जिसमें यूरोप तक का लेन-देन हुआ। वह तत्कालीन मध्य प्रांत में नागपुर के मॉडल मिल्स, और डांग मिल्स सहित हिंगनघाट और बडनेरा (अब महाराष्ट्र) में कई कपड़ा मिलों के संस्थापक थे। उनकी कंपनी, राय बहादुर बंसीलाल अबीरचंद (आरबीबीए) कंपनी, जिनकी विभिन्न क्षेत्रों में 22 से अधिक उद्यम थे, उन समय में कई सौ करोड़ रुपये के थे। उन्होंने बैंक ऑफ़ बंगाल में एक खज़ानची के रूप में और नागपुर इलेक्ट्रिक लाइट एंड पावर कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।The Indian Biographical Dictionary 1995 110, 111 https://en.wikisource.org/wiki/Page%3AThe_Indian_Biographical_Dictionary.djvu/150 25 अप्रैल 2020 https://web.archive.org/web/20190812230539/https://en.wikisource.org/wiki/Page:The_Indian_Biographical_Dictionary.djvu/150 12 अगस्त 2019 live 21 जनवरी, 1917 को सर कस्तूरचंद डागा का निधन हो गया।Arnold Wright Arnold Wright The Bombay Presidency, the United Provinces, the Punab, Etc: Their History, People, Commerce, and Natural Resources 1920 Foreign and Colonial Compiling and Publishing Company 537 https://books.google.com/books?id=LZ9AXZMGPpMC&q=Sir+Kasturchand+Daga+died+on+January+21,+1917.&dq=Sir+Kasturchand+Daga+died+on+January+21,+1917.&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwjKqOfayP7jAhXTZSsKHbvbB8sQ6AEIKjAA लोकोपकार नागपुर के कस्तूरचंद पार्क का नाम उनके नाम पर रखा गया है। उन्होंने 12 नवंबर, 1908 को 25,000 रुपये जमा करके पार्क में नागपुर की दूसरी औद्योगिक प्रदर्शनी का आयोजन किया था।Anparthi Anjaya Kasturchand Park goes commercial https://timesofindia.indiatimes.com/city/nagpur/Kasturchand-Park-goes-commercial/articleshow/11087645.cms The Times of India December 13, 2011 25 अप्रैल 2020 https://web.archive.org/web/20191129011735/https://timesofindia.indiatimes.com/city/nagpur/Kasturchand-Park-goes-commercial/articleshow/11087645.cms 29 नवंबर 2019 live डागा एक परोपकारी व्यक्ति थे और उन्होंने टैंकों, कुओं, स्कूलों, अस्पतालों, धर्मशालाओं और बाजारों जैसे सार्वजनिक उपयोगिता के कार्यों का निर्माण किया था। उन्होंने नागपुर में डागा अस्पताल की स्थापना की, जो अब नागपुर महानगर पालिका के अधीन है। कस्तूरचंद पार्क के लिए भूमि भी उनके द्वारा दान की गई थी। लेडी अमृतबाई डागा कॉलेज, नागपुर में स्थित एक महिला कॉलेज, जिसका नाम उनकी पत्नी अमृतबाई डागा के नाम पर रखा गया था, उस समय उनके योगदान में से एक था जब महिलाओं की शिक्षा समाज में अंतिम प्राथमिकता थी। कस्तूरचंद डागा ने 3.7 लाख रुपये का दान दिया था, जिससे बीकानेर में पहली रेलवे लाइन के निर्माण की सुविधा मिली।D.K. Takne The Marwari Heritage 2016 9781942322061 119 https://books.google.com/books?id=kXS2DAAAQBAJ&pg=PA128&dq=Kasturchand+Daga+rail&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwiSprCHt_7jAhXc6nMBHamTBRsQ6AEIKjAA#v=onepage&q=Kasturchand%20Daga%20rail&f=false सम्मान और खिताब उन्होंने 1880 में बीकानेर राज्य से राय बहादुर की उपाधि प्राप्त की; 1887 में ब्रिटिश सरकार से राय बहादुर; 1903 में दीवान बहादुर। उन्हें के.आई.एच. रजत पदक 1898 में प्राप्त हुआ। डागा को 1909 के न्यू ईयर ऑनर्स में केम्पेनियन ऑफ़ द मोस्ट एमिनेंट आर्डर ऑफ़ द इंडियन एम्पायर से सम्मानित किया गया और फिर 1911 के दिल्ली दरबार ऑनर्स में किंग जॉर्ज पंचम द्वारा भारतीय साम्राज्य के सबसे प्रतिष्ठित सम्कामान नाइट कमांडर से सम्मानित किया गया। सन्दर्भ श्रेणी:परोपकारी श्रेणी:1855 में जन्मे लोग श्रेणी:नागपुर के लोग श्रेणी:व्यवसायी श्रेणी:जमींदार श्रेणी:उद्योगपति श्रेणी:१९१७ में निधन