411 REFERENCE · Wikipedia
सहजपुरा गाँव, गभाना (अलीगढ़)
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
गाँव सहजपुरा उत्तर प्रदेश अलीगढ़ हिन्दी UP81 202141 27.89 78.06 right yes 940 सर्दी , गर्मी , बरसात 7 39 yes यूपी81 अलीगढ़ प्रधान मोमीन खां सदस्य श्रीपाल सिंह 202141 अलीगढ़ खैर जूडीशियल मजिस्ट्रेट Sourabh Mandioi - Civil Judge (Jr division) जिला व सत्र न्यायालय अलीगढ़ Chief Justice- Sanjiv Kumar
सहजपुरा गभाना, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश स्थित एक गाँव है।
सहजपुरा के बारे में
जनगणना 2011 की जानकारी के अनुसार सहजपुरा गाँव का राजस्व गाँव कोड 121908 है। सहजपुरा गाँव भारत के उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ जिले की गभाना तहसील में स्थित है। यह उप-जिला मुख्यालय गभाना (तहसीलदार कार्यालय) से 25 किमी दूर और जिला मुख्यालय अलीगढ़ से 45 किमी दूर स्थित है। सहजपुरा गाँव एक ग्राम पंचायत भी है जिसके वर्तमान प्रधान मोमीन खां है जो की 2021 के पंचायत चुनावों में 729 मत प्राप्त कर विजयी हुए व 543 मत प्राप्त कर उपविजेता श्री ऋषिओम चौहान रहे व बाकी सभी अन्य की जमानत धनराशि भी जप्त हुई आप यहाँ पर देख सकते हो
चुनें गए पद का नामांकन सम्बन्धी विवरण
जिलाविकास खंडग्राम पंचायत का नामपद की आरक्षण श्रेणीकुल नामांकनकुल रद्द नामांकनकुल वापसीकुल वैद्य उम्मीदवारपरिणाम प्रकारकुल मतदाताकुल पड़े मतकुल वैध मतकुल ख़ारिज/रद्द मतमतदान प्रतिशतअलीगढ़चण्डौस43-सहजपुराअनारक्षित150411सविरोध विजेता25511867175611173.19
पंचायत चुनाव 2021 में लड़ने वाले प्रत्याशियों का विवरण
Idनामपिता/ पति का नामलिंगआयुशैक्षिक योग्यताजाति/वर्गचल सम्पत्तिअचल सम्पत्तिअपराधिक इतिहासप्राप्त वैध मतप्राप्त मतों का वैध मत के सापेक्ष %प्राप्त मतों का कुल मतदाताओं के सापेक्ष %जमानत की स्थितिपरिणाम755220मोमिन खांउस्मान खांपुरुष56जूनियर हाईस्कूलअनारक्षित03200000नहीं72941.5128.58जब्त नहींविजेता753120ऋषि ओमप्रथ्वी सिंहपुरुष39प्राईमरीअनारक्षित4500004000000नहीं54330.9221.29जब्त नहींउपविजेता751982अकरममुबारक अलीपुरुष38प्राईमरीअनारक्षित65000200000नहीं24814.129.72जब्त713052महेश चन्द्र शर्माराधेश्याम शर्मापुरुष39इंटरअनारक्षित700000नहीं744.212.9जब्त753781इस्लाम खांअब्दुल रजाकपुरुष47प्राईमरीअनारक्षित40000200000नहीं472.681.84जब्त754536रहीश खांगफ्फार खांपुरुष32जूनियर हाईस्कूलअनारक्षित200001200000हाँ452.561.76जब्त715021असरत अलीअकबर अलीपुरुष59जूनियर हाईस्कूलअनारक्षित200000150000नहीं351.991.37जब्त779248नजमा बेगमआसिव खानमहिला61प्राईमरीअनारक्षित00ज्ञात नहीं211.20.82जब्त795669कुवरपाल सिंहकमल सिंहपुरुष71प्राईमरीअनारक्षित20000400000नहीं80.460.31जब्त721176नज्मे आमदूदे खानपुरुष49प्राईमरीअनारक्षित20000नहीं50.280.2जब्त787646विजेन्द्र सिंहनिरंजन सिंहपुरुष55हाईस्कूलअनारक्षित500000300000नहीं10.060.04जब्त
गाँव का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 484.56 हेक्टेयर है। सहजपुरा की कुल जनसंख्या 3,282 है, जिसमें पुरुष जनसंख्या 1,709 है जबकि महिला जनसंख्या 1,573 है। सहजपुरा गांव की साक्षरता दर 59.96% है, जिसमें से 71.74% पुरुष और 47.17% महिलाएं साक्षर हैं। सहजपुरा गांव में करीब 489 घर हैं. सहजपुरा गांव इलाके का पिनकोड 202141 है।
जब प्रशासन की बात आती है, तो सहजपुरा गांव का प्रशासन एक सरपंच द्वारा किया जाता है, जो स्थानीय चुनावों द्वारा गांव का प्रतिनिधि चुना जाता है। 2019 के आंकड़ों के अनुसार, सहजपुरा गांव खैर विधानसभा क्षेत्र और अलीगढ़ संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है। गभाना सभी प्रमुख आर्थिक गतिविधियों के लिए सहजपुरा गांव का निकटतम शहर है। साथ ही खैर मंडी यहाँ का मुख्य किसान बाजार है , गाँव की राजनीति बहुत ही दूषित है प्रधान व राशन आदि को लेकर गाँव में पार्टीबंदी रहती है गाँव के प्रधान पद आरक्षण पर काफी खीचतान रहती है , गाँव के अधिवक्ता श्री कृष्ण कुमार कन्हैया के अनुसार गाँव में कभी भी ओबीसी समुदाय से प्रधान नहीं बना है , इसको लेकर ग्राम पंचायत चुनाव 2021 के चुनावों में श्री कृष्ण कुमार कन्हैया ने इलाहबाद उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका भी दाखिल की गई जो काफी चर्चित रही व ग्राम को ओबीसी हेतु आरक्षित कर दिया गया लेकिन पूर्ववर्ती राज्य सरकार के द्वारा 2015 ग्राम पंचायत चुनाव आरक्षण को शून्य घोषित कर दिया गया इस वजह से गाँव को पुनः सामान्य कर दिया गया अधिवक्ता श्री कृष्ण कुमार कन्हैया बताते है कि "जो भी राज्य सरकारें आती हैं पंचायतों के पुनर्गठन आदि में आरक्षण को शून्य घोषित कर देती हैं। कुछ ग्राम पंचायतों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। अभी भी बहुत ऐसी ग्राम पंचायत हैं जिनमें इन वर्गों को कभी भी आरक्षण का लाभ ही नहीं मिला है। हाल यह है कि इस ग्राम पंचायत को 73वां संविधान संशोधन 24 अप्रैल 1993 के बाद अन्य पिछड़ा वर्ग ओबीसी एवं एससी महिला वर्ग के लिए निर्धारित मानक होने के उपरांत भी आरक्षित ही नहीं किया गया है। पहली पंचवर्षीय योजना प्रारम्भ हुई तो योजना की सफलता के लिए शासन द्वारा पंचायत अदालत स्तर पर विकास समितियों के सदस्य मनोनीत किए गये, लेकिन गांव के एक ही वर्ग विशेष के लोगों द्वारा तथ्यों को छिपा कर अधिकारियों को गुमराह कर इस गांव का आरक्षण तय कराते रहे हैं। जिसके लिए अपने अधिकारों से वंचित रहे वर्गों को मेरे माध्यम से उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी है ताकि आगामी चुनावों में इन वर्गों को इसका लाभ मिले और चुनाव लड़ने का मौका मिल सके।"
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ (सहजपुरा प्रधान पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल)
https://www.jagran.com/uttar-pradesh/aligarh-city-petition-filed-in-the-high-court-regarding-the-electoral-reservation-of-sahajpura-village-21411288.html