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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

पांच बावरी

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अप्रैल 2025 पाँच बावरी पाँच भाई है जिन्हें पाँच पीर नाम से भी जाना जाता है। यह सनातन धर्म में लोक देवता हैं। दिल्ली, हरियाणा, यूपी, राजस्थान एवं पंजाब के कई हिस्सों में इन्हें पूजा जाता है । लोक कथाओं एवं लोक गीतों की मानें तो इनका इतिहास ८०० से भी अधिक वर्ष पूराना है। यह राजस्थान के राजपूताना बावरी समाज से संबंध रखते थे। यह पाँच भाई हैं, जिनमें सबसे बड़े भाई हरि सिंह बावरी, सबल सिंह बावरी, केसरमल बावरी, जीतमल बावरी और नथमल बावरी है। इनके अलावा इनकी एक बहन शेढो है और नथिया व श्याम कौर इनकी धर्म बहन हैं। इसके अलावा माना जाता है कि पाँच बावरी के अतिरिक्त और भी बावरीयों को पूजा जाता है जैसे इन्हीं के भाई जाफरमल और टोडरमल हैं। एवं सिंह राज बावरी, राज सिंह बावरी, गंगा राम बावरी भी हैं जिनकी आज भारत में आस्था है। पाँच बावरी गोगाजी जाहरवीर के जोड़े में चलते हैं ‌। पाँच बावरी Jabbar bavari पाँच बावरी, पाँच पीर कपूरी, हेमराज बावरी श्याम कौर, शेढो, नथिया मूरथल हरियाणा, सफिदो जिंद हरियाणा, नीली छतरी चांदनी चौक दिल्ली,गोगामेड़ी इतिहास पाँच बावरी का जन्म राजस्थान के राजपूत बावरी समाज के राजा हेमराज के घर हुआ था। इनका जन्म खरखडी गाँव में योगी इस्माइल के वरदान से हुआ था। माना जाता है कि हेमराज बावरी और कपूरी के कोई संतान ना होने के कारण उन्होंने इस्माइल जोगी की सेवा कर उनसे दो पुत्रों का वरदान प्राप्त किया, किन्तु इस्माइल जोगी की यह शर्त थी कि दोनों में से बड़े बेटे को उन्हें उनके धूणे में सौंपना होगा। कुछ समय बाद उन्हें जब पुत्र हुए जिनमें बड़े का नाम हरिसिंह बावरी और छोटे का नाम शेर सिंह बावरी रखा गया परंतु विवशता कारण उन्होंने बड़े भाई के अतिरिक्त छोटे बेटे को धूणे में चढ़ा दिया। किंतु कपूरी का विलाप देख कर इस्माइल जोगी ने शेर सिंह को धूणे में से बाहर निकाला और कहा कि धूणे में जाने के कारण इसका रंग काला हो गया है परंतु इसके पास धूणे की अपार शक्ति आ गई है और उसका नाम सबल सिंह बावरी पड़ा । इस्माइल जोगी ने कपूरी को तीन पुत्र और एक पुत्री का वरदान और दिया जिससे केसरमल बावरी जीतमल बावरी और नथमल बावरी के साथ बहन शेढो का जन्म हुआ। सन्दर्भ श्रेणी:राजस्थान के लोक देवता