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सत्यवती देवी
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सत्यवती देवी 1904 1945 भारतीय भारत के स्वतन्त्रता संग्राम में सहभागिता के लिए
सत्यवती देवी (1904–1945) भारत की स्वतन्त्रता सेनानी एवं स्वामी श्रद्धानन्द की पौत्री थीं। वे 'भारत की ज़ोन ऑफ आर्क' के नाम से विख्यात हैं। Writeup by Jaiprakash Narain, in "Dilli Ki Joan of Arc, Behan Satyavati" souvenir published in 1977 commemorating Satyavati's 70th birth anniversary.
जीवनी
सत्यवती देवी धनी राम और वेदकुमारी की पुत्री थीं।Taneja Anup Gandhi, Women, and the National Movement, 1920–47 Har-anand Publications Pvt Ltd 9788124110768 153 2005 उन्होने दिल्ली क्लॉथ मिल के एक अधिकारी से विवाह किया था।
आन्दोलनों में सहभागिता
दिल्ली की राष्ट्रवादी स्त्रियों में सत्यवती ने अग्रणी भूमिका निभायी और उनका नेतृत्व किया। गांधीजी उन्हें प्यार से 'तूफानी बहन' कहा करते थे।Satyawati College http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-features/tp-metroplus/oasis-of-relief/article639091.ece 1 October 2015 The Hindu 25 July 2009 अक्तूबर 2026 InternetArchiveBot अरुणा आसफ अली मानती हैं कि सत्यवती की ही प्रेरणा से वे राष्ट्रीय आन्दोलन में उतरीं थी।Taneja Anup Gandhi, Women, and the National Movement, 1920–47 Har-anand Publications Pvt Ltd 9788124110768 154 2005 उन्होने ग्वालियर और दिल्ली के कपड़ा मिलों के श्रमिकों के उत्थान के लिए कार्य किया। उन्होने कांग्रेस महिला समाजCONGRESS SOCIALIST PARTY (CSP) AT A GLANCE AND SHORT PROFILES WORKS OF ITS LEADERS http://lohiatoday.com/SocialistMovement/CSPAtAGlance.pdf http://lohiatoday.com 3 November 2015 91 https://web.archive.org/web/20151123223146/http://lohiatoday.com/SocialistMovement/CSPAtAGlance.pdf 23 नवंबर 2015 live तथा कांग्रेस देशसेविका दल की स्थापना की। वे कांग्रेस सोसलिस्ट पार्टी की भी सह-संस्थापिका थीं। उन्होने सविनय अवज्ञा आन्दोलन में सक्रिया भूमिका निभयी और इस आन्दोलन में दिल्ली कांग्रेस की महिला शाखा का नेतृत्व किया। दिल्ली में ही उन्होने नमक कानून को तोड़ने के लिए अन्दोलन का आयोजन किया और स्वयंसेवकों के साथ मिलकर नमक बनाकर लोगों में बांटा। १९३२ में उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उन्हें दो वर्ष के कारावास का दण्ड दिया। जेल में ही वे फुप्फुसावरणशोथ (pleurisy) और क्षय रोग की शिकार हो गयीं। Women in Modern India, Volume 4 1999 Cambridge University Press 978-0521653770 148 https://books.google.com/books?id=hjilIrVt9hUC&pg=PA148 Geraldine Forbes
इतना होने के बावजूद उन्होने 'अच्छे व्यवहार' करने और राजनैतिक आन्दोलनों से दूर रहने के आश्वासन के बचनपत्र (बांड) पर हस्ताक्षर नहीं किया। इस तरह के बचनपत्र से उनको जेल से छुट्टी मिल सकती थी और वे अपनी चिकित्सा करा सकतीं थीं।Toofani Satyawati An Unsung Heor of Freedom Struggle http://www.manushi.in/docs/306.%20Toofani%20Satyawati.pdf http://www.manushi.in Manushi – Forum for Women's Rights & Democratic Reforms 1 October 2015 https://web.archive.org/web/20151002083800/http://www.manushi.in/docs/306.%20Toofani%20Satyawati.pdf 2 अक्तूबर 2015 dead सन १९४५ में ४१ वर्ष की अल्पायु में ही क्षयरोग के कारण उनका देहान्त हो गया।
सत्यवती देवी भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के गुमनाम नायिकाओं में से हैं। सन १९७२ में दिल्ली सरकार ने उनके नाम पर सत्यवती महाविद्यालय की स्थापना की जो दिल्ली विश्वविद्यालय से सम्बद्ध है।About Us http://satyawati.du.ac.in/ http://satyawati.du.ac.in/ 2 अप्रैल 2020 https://web.archive.org/web/20190916214009/http://satyawati.du.ac.in/ 16 सितंबर 2019 live
लेखन कार्य
जेल में बन्द महिला स्वतंत्रता सेनानी कविताएँ रचा करते और चोरीछुपे उसे बाहर निकालकर उसका प्रकाशन करा दिया जाता था। 'बहिन सत्यवती का जेल सन्देश' नामक उनकी एक कविता बहुत प्रसिद्ध हुई थी।Thapar-Björkert Suruchi Gender, nationalism and the colonial jail: a study of women activists in Uttar Pradesh Women's History Review 20 December 2006 7 4 583–615 10.1080/09612029800200182
सन्दर्भ
इन्हें भी देखें
सत्यवती देवी (जालन्धर में जन्मी)
श्रेणी:भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी
श्रेणी:1904 में जन्मे लोग
श्रेणी:१९४५ में निधन
श्रेणी:ब्रिटिश भारत के क़ैदी और बंदी
श्रेणी:भारतीय महिला क्रान्तिकारी