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जोगिन्द्र सिंह कंवल
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जोगिन्द्र सिंह कंवल 1 दिसम्बर 1927 लधाना झिक्का, पंजाब, भारत 17 जुलाई 2017 बा, फ़ीजी शिक्षाविद, साहित्यकार फ़ीजी मेरा देश मेरे लोग, सवेरा, धरती मेरी माता, करवट, सात समुद्र पार, हम लोग मेम्बर ऑफ़ दि ऑडर ऑफ़ फ़ीजी (1995), प्रवासी भारतीय परिषद सम्मान (1981), उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान पुरस्कार (1978), विश्व हिंदी सम्मान (2007)
जोगिन्द्र सिंह कंवल (1 दिसम्बर 1927 – 17 जुलाई 2020) फ़ीजी में बसे प्रमुख हिंदी साहित्यकार और शिक्षाविद थे। उन्होंने फ़ीजी में शिक्षा, साहित्य, संस्कृति तथा समाजसेवा के क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया।https://bharatdarshan.co.nz/author-profile/130/joginder-singh-kanwal-fiji-biography जोगिन्द्र सिंह कंवल जीवनी भारत दर्शन hi 4 सितम्बर 2025https://www.fijitimes.com.fj/a-tribute-to-kanwal/ A tribute to Kanwal Fiji Times 19 जुलाई 2020 4 सितम्बर 2025
जीवन परिचय
कंवल का जन्म 1 दिसम्बर 1927 को पंजाब के लधाना झिक्का गाँव में हुआ था। उनके पिता सरदार चनन सिंह 1928 में फ़ीजी चले गए थे।
उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान में स्नातक तथा अमृतसर से परास्नातक किया। 1947 के भारत विभाजन के समय उन्होंने शरणार्थी शिविरों में सामाजिक सेवा की।
1958 में वे फ़ीजी पहुँचे, जहाँ प्रारंभिक कठिनाइयों के बाद उन्होंने फ़ीजी को ही अपना स्थायी घर बना लिया।
शैक्षिक योगदान
1950 में उन्होंने फ़ीजी के डी.ए.वी. कॉलेज में अध्यापन कार्य प्रारंभ किया। बाद में वे 1960 से 1987 तक खालसा कॉलेज, बा के प्राचार्य रहे।
इसके अतिरिक्त वे फ़ीजी इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नॉलजी में 1987–1991 तक व्यापारिक संवाद के लिए अंग्रेज़ी (English for Business Communication) के प्राध्यापक रहे तथा 1993–2003 तक फ़ीजी इंडियन कल्चरल सेंटर के प्रशासक रहे।
साहित्य
जोगिन्द्र सिंह कंवल की साहित्यिक यात्रा मेरा देश मेरे लोग से प्रारंभ हुई। उनकी रचनाएँ फ़ीजी के जनजीवन, प्रवासी भारतीय समाज और वहाँ के राजनीतिक परिवर्तनों को चित्रित करती हैं।
फ़ीजी में हुए विभिन्न राजनैतिक तख़्ता-पलटों ने इस छोटे से देश, विशेषकर भारतीय समाज को अत्यधिक प्रभावित किया है। कंवल की रचनाएँ इन्हीं दर्दों को चित्रित करती हैं। भारत दर्शन
उपन्यास और कहानियाँ
मेरा देश मेरे लोग
सवेरा (1976)
धरती मेरी माता (1978)
करवट (1979)
सात समुद्र पार (1983)
हम लोग (1992, कहानी संग्रह)
कविता संग्रह
यादों की खुश्बू
कुछ पत्ते कुछ पंखुड़ियाँ
दर्द अपने अपने
फ़ीजी का हिंदी काव्य साहित्य
अंग्रेज़ी रचनाएँ
The Morning
The New Migrants
A Love Story: 1920
A Hundred Years of Hindi in Fiji
Walking
An Anthology of Hindi Short Stories from Fiji
An Anthology of Hindi Poets of Fiji
Many Rainbows of Love
सम्मान और पुरस्कार
1995 – Member of the Order of Fiji
1981 – प्रवासी भारतीय परिषद सम्मान
1978 – उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान पुरस्कार
2001 – फ़ीजी हिंदी साहित्य समिति सम्मान
2007 – विश्व हिंदी सम्मान
निधन
कंवल का निधन 17 जुलाई 20१७ को हुआ। वे अपनी पत्नी अमरजीत कौर, चार संतानें, सात पोते-पोतियाँ और एक प्रपौत्र छोड़ गए।
इन्होंने भी देखें
फ़ीजी में हिंदी साहित्य
प्रवासी भारतीय साहित्य
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
भारत दर्शन – जोगिन्द्र सिंह कंवल जीवनी
Fiji Times – A tribute to Kanwal
The Fiji Times (Pressreader)
Biography at Prabhasakshiअप्रैल 2026 InternetArchiveBot
Abhibhasha – Joginder Singh Kanwalअप्रैल 2026 InternetArchiveBot
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