411 REFERENCE · Wikipedia
रुद्रसुन्दरी
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
रुद्रसुंदरीमें पूजा कीहिंदू धर्म, शक्तिवादशाक्तवादसंबद्धतामहादेवीनिवासत्रिकूटमंत्रओम एमरीम श्रीम क्लेम, हेमपाठदेवी भागवत पुराण, स्कंद पुराणलिंगमहिलासंगी।रुद्र
रुद्रसुन्दरी, देवी महादेवी का एक रूप हैं। उन्हें मुख्य रूप से एक पीठदेवी माना जाता है यानी एक शक्तिपीठ की प्रमुख देवी। शक्तिपीठ वे पवित्र स्थान होते हैं जहाँ देवी की शक्ति सबसे अधिक मानी जाती है। उनका उल्लेख कई पुराणों में मिलता है, जहाँ उन्हें त्रिकूट पीठ (जिसे त्रिकटु भी कहते हैं) से जुड़ी शक्ति के रूप में बताया गया है।https://www.wisdomlib.org/definition/rudrasundari Rudrasundari Wisdom Library 2025-11-15https://archive.org/stream/in.ernet.dli.2015.188896/2015.188896.Studies-In--Devi-Bhagavata_djvu.txt Studies in Devi Bhagavata Internet Archive 2025-11-15https://devi.redzambala.com/devi-bhagavatam/shrimad-devi-bhagavatam-book-7-chapter-30.html Shrimad Devi Bhagavatam Book 7 Chapter 30 Red Zambala 2025-11-15https://www.manidvipa.in/shakti-peethas Shakti Peethas Manidvipa 2025-11-15
व्युत्पत्ति
रुद्रसुंदरी नाम दो शब्दों से बना एक संस्कृत यौगिक हैः
रुद्र भगवान शिव का नाम है।
सुंदरी (सुंदरी) का अर्थ है "सुंदर महिला" या "सुंदर महिला।"
संयुक्त रूप से, इस नाम का अर्थ "रुद्र से जुड़ी हुई सुन्दरी" समझा जा सकता है। मोनियर-विलियम्स संस्कृत-अंग्रेज़ी शब्दकोश (Monier–Williams Sanskrit–English Dictionary) जैसे संस्कृत शब्दकोशों में इसे केवल एक देवी के नाम के रूप में दर्ज किया गया है।
पुराणों में
देवी भागवत पुराण
शाक्त धर्म का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ, देवी भागवत पुराण, अपने सातवें स्कंध के 30वें अध्याय में 108 शक्तिपीठों की सूची प्रस्तुत करता है। इन पवित्र स्थानों का वर्णन श्लोक 53 से 102 तक किया गया है। इसी सूची में, रुद्रसुन्दरी को त्रिकूट पीठ की देवी के रूप में उल्लेखित किया गया है, जहाँ संस्कृत में "रुद्रसुन्दरी त्रिकूटे" (Rudrasundarī at Trikūṭa) लिखा गया है।https://devi.redzambala.com/devi-bhagavatam/shrimad-devi-bhagavatam-book-7-chapter-30.html Shrimad Devi Bhagavatam Book 7 Chapter 30 Red Zambala 2025-11-15"Shrimad Devi Bhagavatam Book 7 Chapter 30". Red Zambala. Retrieved 2025-11-15.https://www.wisdomlib.org/hinduism/book/devi-bhagavata-purana Devi Bhagavata Purana Wisdom Library 2025-11-15https://www.scribd.com/document/251372551/Essence-of-Devi-Bhagavata-Purana Essence of Devi Bhagavata Purana Scribd 2025-11-15
स्कंद पुराण
स्कन्द पुराण की शंकर संहिता, जिसमें शक्तिपीठों की सूची भी दी गई है, में भी इसी प्रकार का उल्लेख मिलता है। यहाँ, रुद्रसुन्दरी को "त्रिकटु" नामक स्थान से सम्बंधित बताया गया है, जो संभवतः त्रिकूट नाम का ही एक अन्य रूप है। https://archive.org/stream/in.ernet.dli.2015.188896/2015.188896.Studies-In--Devi-Bhagavata_djvu.txt Studies in Devi Bhagavata Internet Archive 2025-11-15"Studies in Devi Bhagavata". Internet Archive. Retrieved 2025-11-15.
शक्तिपीठों के साथ जुड़ाव
त्रिकूट पीठ
रुद्रसुन्दरी मुख्य रूप से त्रिकूट पीठ से सम्बंधित हैं, जहाँ उन्हें ईश्वरीय माता (Divine Mother) के स्थानीय स्वरूप के रूप में वर्णित किया गया है। कई परंपराओं में, शक्तिपीठ उन स्थानों को कहा जाता है जहाँ देवी सती के शरीर के अंग गिरे थे, जिससे उस स्थल को विशेष आध्यात्मिक शक्ति मिली। देवी भागवत पुराण और स्कन्द पुराण दोनों ही रुद्रसुन्दरी को इस पहाड़ी मंदिर (hill-shrine) की देवी के रूप में चिह्नित करते हैं। https://devi.redzambala.com/devi-bhagavatam/shrimad-devi-bhagavatam-book-7-chapter-30.html Shrimad Devi Bhagavatam Book 7 Chapter 30 Red Zambala 2025-11-15"Shrimad Devi Bhagavatam Book 7 Chapter 30". Red Zambala. Retrieved 2025-11-15.https://www.manidvipa.in/shakti-peethas Shakti Peethas Manidvipa 2025-11-15"Shakti Peethas". Manidvipa. Retrieved 2025-11-15.https://archive.org/stream/in.ernet.dli.2015.188896/2015.188896.Studies-In--Devi-Bhagavata_djvu.txt Studies in Devi Bhagavata Internet Archive 2025-11-15"Studies in Devi Bhagavata". Internet Archive. Retrieved 2025-11-15.
त्रिकूट का स्थान
त्रिकूट पीठ के सटीक ऐतिहासिक स्थान पर अभी भी विद्वानों द्वारा चर्चा की जाती है। प्राचीन ग्रंथों में अक्सर स्थानों के नाम बदलने के साथ पौराणिक कथाओं का मिश्रण किया जाता है। देवी भागवत के अध्ययन और भागवत पुराण (पुस्तक 8, श्लोक 2 और कालिदास के रघुवंश (श्लोक 4, श्लोक 51-59) के संदर्भों के अनुसार "अपरांत" नामक क्षेत्र मोटे तौर पर कोंकण तट और पश्चिमी घाट त्रिकूट से जुड़ा हुआ है। इंडोलॉजिस्ट पी. वी. केन ने सुझाव दिया कि यह महाराष्ट्र में नासिक के पास त्रिरास्मी पहाड़ी को संदर्भित कर सकता है।https://archive.org/stream/in.ernet.dli.2015.188896/2015.188896.Studies-In--Devi-Bhagavata_djvu.txt Studies in Devi Bhagavata Internet Archive 2025-11-15"Studies in Devi Bhagavata". Internet Archive. Retrieved 2025-11-15.
यह भी देखें
रुद्र
महादेवी
वैष्णो देवी
रुद्रानी
संदर्भ
श्रेणी:हिन्दू देवियाँ
श्रेणी:शाक्त सम्प्रदाय