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शार्पविले नरसंहार
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शार्पविले नरसंहार, 21 मार्च 1960 को ट्रांसवाल प्रांत (जिसे अब गाउटेंग कहा जाता है) के दक्षिण अफ्रीकी उपनगर शार्पविले के पुलिस स्टेशन में हुआ। उस प्रदर्शन के एक दिन बाद, जिसमें अश्वेत प्रदर्शनकारियों की संख्या पुलिस से कहीं ज्यादा थी, दक्षिण अफ्रीकी पुलिस ने भीड़ पर गोलियां चला दीं, जिसमें 69 लोग मारे गए। कुछ सूत्रों का कहना है कि भीड़ शांतिपूर्ण थी।मैकके, जॉन पी.; हिल, बेनेट डी.; बकलेर, जॉन, एब्रे, पेट्रीसिया बकली, बेक, रॉजर बी; क्रोस्टन, क्लेर हारू; विज़नर-हैंक्स, मेरी ई. अ हिस्ट्री ऑफ़ वर्ल्ड सोसाइटिज़: फ्रॉम 1775 टू प्रेजेंट. https://web.archive.org/web/20160629144258/https://books.google.com/books?id=ZLkOVE93dX8C&dq=0312682980&hl=en&ei=8QaRTOr-LJT2swON_62yDg&sa=X&oi=book_result&ct=result&resnum=1&ved=0CDYQ6AEwAA 29 जून 2016 आठवां संस्करण. खंड सी (C) - 1775 से वर्तमान तक. (2009). बेडफोर्ड/सेंट. मार्टिन https://web.archive.org/web/20110225074114/http://www.bedfordstmartins.com/ 25 फ़रवरी 2011: बोस्टन/न्यूयॉर्क. ISBN 978-0-312-68298-9. ISBN 0-312-68298-0. "1950 के दशक तक, अश्वेतों - और उनके अश्वेत, गोरे और एशियाई सहयोगियों ने - बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरु किए. 1960 में एक निर्णायक मोड़ आया जब शार्पविले में पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की भीड़ पर गोली चलाई और उनहत्तर अश्वेतों की हत्या कर दी"(1010). अन्य सूत्रों का कहना है कि भीड़ पुलिस पर पत्थर फेंक रही थी, जिसमें कई पुलिस अधिकारी घायल हो गए और यह भी कहा जाता है कि गोली केवल तभी चलाई गई जब भीड़ पुलिस स्टेशन के चारों तरफ बने बाड़ की तरफ बढ़ने लगी.
पूर्ववर्ती घटनाएं
1920 के दशक के बाद से ही, अश्वेत दक्षिण अफ्रीकियों के आंदोलनों को पारित कानूनों (pass laws) द्वारा प्रतिबंधित किया गया था। शार्पविले नरसंहार से पहले, हेंड्रिक वेरवोर्ड के नेतृत्व के तहत रंगभेद का समर्थन करने वाली नेशनल पार्टी की सरकार ने अधिक से अधिक पृथकतावादThe Sharpeville Massacre Time Magazine 4 अप्रैल 1960 http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,869441-1,00.html 15 दिसम्बर 2006 https://web.archive.org/web/20130724043319/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,869441-1,00.html 24 जुलाई 2013 live फैलाने के लिए इन नियमों का इस्तेमाल किया और, 1959-1960 में इसका विस्तार करते हुए महिलाओंTruth and Reconciliation Commission of South Africa Report, Volume 3, Chapter 6 28 अक्टूबर 1998 531–537 http://www.doj.gov.za/trc/report/finalreport/TRC%20VOLUME%203.pdf 15 दिसम्बर 2006 PDF https://web.archive.org/web/20061005023545/http://www.doj.gov.za/trc/report/finalreport/TRC%20VOLUME%203.pdf 5 अक्तूबर 2006 live को भी इसमें शामिल कर दिया.pp.14,528 1960 के दशक से, पारित कानून अपने राजनैतिक विरोधियों को गिरफ्तार करने और उन्हें परेशान करने के प्रमुख साधन थे। उसी के फलस्वरूप, यह उन पारित कानूनों के खिलाफ संगठित होने वाला लोकप्रिय प्रतिरोध ही था, जिसने इस अवधि के दौरान विरोध की राजनीति को जिंदा रखा.p.163
अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस (एएनसी) ने पारित कानूनों का विरोध करने के लिए अभियान शुरू करने का फैसला कर लिया। इन विरोध प्रदर्शनों को 31 मार्च 1960 को शुरू होना था, लेकिन उनकी प्रतिद्वंद्वी पैन-अफ्रीकी कांग्रेस (पीएसी) ने 21 मार्च को एएनसी के अभियान से दस दिन पहले अपना आंदेलन शुरू कर दिया, क्योंकि वे मानते थे कि एएनसी इस अभियान में जीत नहीं सकता है।Boddy-Evans Alistair Sharpeville Massacre, The Origin of South Africa's Human Rights Day about.com http://africanhistory.about.com/library/weekly/aa-SharpevilleMassacre-a.htm 15 दिसम्बर 2006 https://web.archive.org/web/20090217001547/http://africanhistory.about.com/library/weekly/aa-SharpevilleMassacre-a.htm 17 फ़रवरी 2009 dead http://www.sowetan.co.za/News/Article.aspx?id=1125732 संग्रहीत प्रति 9 मार्च 2011 https://web.archive.org/web/20100328210712/http://www.sowetan.co.za/News/Article.aspx?id=1125732 28 मार्च 2010 dead
नरसंहार
21 मार्च को, 5000 से 7000 लोगों का एक जन समूह जोहान्सबर्ग के पास शार्पविले नगर के स्थानीय पुलिस स्टेशन के पास जमा हुआ; वे लोग पासबुक न होने की बात कहकर स्वयं को गिरफ्तार कराना चाहते थे।दक्षिण अफ्रीका के इतिहास में रिमेम्बर शार्पविले https://web.archive.org/web/20150804072248/http://www.sahistory.org.za/pages/governence-projects/sharpeville/menu.htm 4 अगस्त 2015 यह पीएसी द्वारा आयोजित व्यापक अभियान का एक अंग था।
भीड़ में कई लोग विरोध का समर्थन करने आए थे, लेकिन इस बात के भी सबूत मिले हैं कि पीएसी ने विरोध के लिए भीड़ जुटाने हेतु लोगों को डराया भी था, इसमें शार्पविले में टेलीफोन लाइन काटना, लोगों को काम पर ना जाने की बात कहने वाले पर्चे बांटना और बस चालकों और यात्रियों पर दबाव डालना शामिल था।p.534
सुबह 10:00 बजे तक, एक बड़ी भीड़ जमा हो चुकी थी और माहौल शांतिपूर्ण बना हुआ था। प्रदर्शन शुरू होने के समय 20 से भी कम पुलिस अधिकारी स्टेशन में मौजूद थे। बाद में भीड़ की संख्या बढ़कर 20,000 हो गई और माहौल प्रतिशोधी हो उठा. चार सारासेन बख़्तरबंद गाड़ियों सहित 130 पुलिस वाले वहां पहुंच गए। पुलिस स्टेन सब-मशीनगन सहित आग्नेयास्त्रों से लैस थी। इस बात के कोई सबूत नहीं मिले कि भीड़ में किसी के पास पत्थरों के अलावा कोई हथियार था।The Sharpeville Massacre Time Magazine 4 अप्रैल 1960 http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,869441,00.html 9 मार्च 2011 https://web.archive.org/web/20110320144620/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,869441,00.html 20 मार्च 2011 live
सबर जेट और हार्वर्ड ट्रेनर विमान जमीन से लगभग सौ फीट की ऊंचाई पर भीड़ को तितर बितर करने के लिए उसके ऊपर उड़ान भर रहे थे। भीड़ ने प्रतिक्रियास्वरूप पत्थर फेंके जो तीन पुलिस वालों को लगे और लगभग 1:00 बजे पुलिस ने एक प्रदर्शनकारी को गिरफ्तार करने की कोशिश की. इसपर हाथापाई हो गई और भीड़ वहां लगी बाड़ की तरफ बढ़ने लगी. उसके कुछ देर बाद ही गोलीबारी शुरू हो गई।
मृतकों और घायलों की संख्या
सरकारी आकड़ों के अनुसार, 69 लोग मारे गए, जिनमें 8 महिलाएं और 10 बच्चे शामिल थे और 180 से अधिक लोग घायल हुए, इनमें से 31 महिलाएं और 19 बच्चे थे। बहुत लोग बचकर भागने के लिए मुड़े तो उनकी पीठ पर गोली लगी.
गोलीबारी के कारण
1960 की पुलिस रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि अनुभवहीन पुलिस अधिकारियों ने भयभीत होकर अचानक ही गोलीबारी शुरु कर दी, जो लगभग चालीस सेकंड तक चली. यह संभावना है कि इस घटना से दो महीने पहले हुए एक नरसंहार के कारण पुलिस घबराई हुई थी, जिसमें काटो मनोर में नौ पुलिस अधिकारियों की हत्या कर दी गई थी। शार्पविले मे पुलिस के कमांडिंग अधिकारी, लेफ्टिनेंट कर्नल पाइनार ने अपने बयान में कहा कि “जातीय स्वाभाविक मानसिकता उन्हें शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए इकट्ठा होने की अनुमति नहीं देती. उनके लिए इकट्ठा होने का मतलब हिंसा है।”Reeves Rt. Reverend Ambrose The Sharpeville Massacre - A watershed in South Africa sahistory.org.za http://www.sahistory.org.za/pages/library-resources/articles_papers/1960-sharpeville-massacre-rev-ambrose.html 15 जुलाई 2007 https://www.webcitation.org/6HwgMDvXA?url=http://www.sahistory.org.za/topic/sharpeville-massacre-watershed-south-africa-reverend-ambrose-reeves 7 जुलाई 2013 dead उन्होंने गोली चलाने के आदेश देने की बात से इनकार किया और कहा कि उन्होनें ऐसा नहीं किया।
1998 में सत्य और सुलह आयोग (Truth and Reconciliation Commission) को दिए गए अन्य सबूत बताते हैं कि “गोली चलाने का निर्णय सोच समझकर कर लिया गया”.p.537
प्रतिक्रिया
thumb|नरसंहार के पीड़ितों को दर्शाने वाला चित्र
अश्वेतों ने तुरंत ही अपना आपा खो दिया और अगले हफ्ते में पूरे देश में प्रदर्शन, विरोध मार्च, हड़ताल और दंगे हुए. 30 मार्च 1960 को, सरकार ने आपातकाल की घोषणा कर दी, जिसमें 18,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।
शार्पविले गोलीबारी के बाद अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए, इनमें कई देशों" दक्षिण अफ्रीका के बाहर कई देशों में शार्पविले को लेकर बड़े पैमाने पर प्रतिक्रिया दी गई, जिसके कारण कई मामलों ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सकारात्मक कार्यवाई की गयी".-रीव्स आरटी (Rt) रेव-ए.द शार्पविले मैसकर--अ वॉटरशेड इन साउथ अफ्रीका https://archive.today/20120719023626/http://africanhistory.about.com/gi/dynamic/offsite.htm?site=http://www.anc.org.za/ancdocs/history/misc/shareve.html 19 जुलाई 2012 जैसे, "दक्षिण अफ्रीका में शार्पविले नरसंहार के तुरंत बाद, सिडनी में रंगभेद प्रणाली के खिलाफ लगभग 1000 छात्रों ने प्रदर्शन किया".-बार्कन ए. हिस्ट्री ऑफ एजुकेशन रिव्यू, 1 जनवरी 2007 में सिडनी विश्वविद्यालय के सक्रियतावादी छात्र 1960-1967 https://web.archive.org/web/20121019075057/http://www.thefreelibrary.com/Student+activists+at+Sydney+University+1960-1967:+a+problem+of...-a0164112253 19 अक्तूबर 2012 में हुए सहानुभूति प्रदर्शन और संयुक्त राष्ट्र द्वारा इसकी निंदा किया जाना शामिल हैं। 1 अप्रैल 1960 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 134 को पारित कर दिया. दक्षिण अफ्रीका के इतिहास में शार्पविले को एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण परिवर्तनकारी घटना माना जाता है जिसके कारण इस देश ने स्वयं को अंतरराष्ट्रीय समुदाय में अकेला पाया। 1961 में दक्षिण अफ्रीका को राष्ट्रमंडल देशों से बाहर निकालने में भी इस घटना ने प्रमुख भूमिका निभाई.
शार्पविले नरसंहार के कारण पीएसी और एएनसी पर प्रतिबंध लगा दिया गया और यह घटना इन संगठनों के निष्क्रिय प्रतिरोध को सशस्त्र विरोध में बदलने का मुख्य कारक बनी. इसके कुछ दिनों बाद ही पीएसी की सैन्य शाखा पोको और एनएसी की सैन्य शाखा उमखोंटो वी सिज्वे की स्थापना की गई।
परिणाम
December 2009
1994 के बाद से, 21 मार्च को दक्षिण अफ्रीका में मानव अधिकार दिवस के रूप में मनाया जाता है।
राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला द्वारा 10 दिसम्बर 1996 को दक्षिण अफ्रीका के संविधान के कानून पर हस्ताक्षर करने के लिए स्थान के रूप में शार्पविले को चुना गया।
1998 में, सत्य और सुलह आयोग (टीआरसी) ने पाया कि पुलिस कार्रवाई “सकल मानव अधिकारों का उल्लंघन था जिसमें निहत्थे लोगों के हूजूम को रोकने के लिए अनावश्यक रूप से अत्यधिक बल का प्रयोग किया गया।”p.537
नस्लीय भेदभाव के उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस
इस नरसंहार की याद में, यूनेस्को ने 21 मार्च को नस्लीय भेदभाव के उन्मूलन के लिए वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में चिह्नित किया है।
इन्हें भी देखें
शार्पविले छह - 1984 में शार्पविले में प्रदर्शन के लिए छह लोगों को दोषी करार दिया गया जिसने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित किया
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् प्रस्ताव 610 (यूनाइटेड नेशंस सिक्युरिटी कौंसिल रिजोल्यूशन 610)
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् प्रस्ताव 615 (यूनाइटेड नेशंस सिक्युरिटी कौंसिल रिजोल्यूशन 615)
सन्दर्भ
South Africa
श्रेणी:1960 के संघर्ष
श्रेणी:1960 में दक्षिण अफ्रीका
श्रेणी:दक्षिण अफ्रीका में नरसंहार
श्रेणी:दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद का विरोध
श्रेणी:विरोध
श्रेणी:दक्षिण अफ्रीका में होने वाले विरोध
श्रेणी:शार्पविले
श्रेणी:दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद