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वीर-ज़ारा
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23 August 2026
वीर-ज़ारा Veer-Zaara.jpg वीर-ज़ारा का पोस्टर यश चोपड़ा और आदित्य चोपड़ा यश चोपड़ा आदित्य चोपड़ा शाहरुख़ ख़ान, प्रीति ज़िंटा, अमिताभ बच्चन, रानी मुखर्जी, हेमामालिनी आदित्य चोपड़ा 12 नवंबर, 2004 भारत हिन्दी यश चोपड़ा मदन मोहनसंजीव कोहली अनिल मेहता रितेश सोनी यश राज फिल्म्स यश राज फिल्म्स y 2004 11 12 196 मिनट ₹27 करोड़ ₹107 करोड़ (पुनः रिलीज़ मिलाके)
वीर-ज़ारा २००४ में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। इस फिल्म में शाहरुख़ खान, प्रीति जिंटा और रानी मुखर्जी ने मुख्य भूमिका निभाई। जबकि फिल्म का निर्देशन यश चोपड़ा ने किया। फिल्म १२ नवम्बर २००४ को प्रदर्शित हुई थी।
कहानी
पाकिस्तान सरकार पुराने भारतीय क़ैदियों पर एहसान जताने के लिए उनके मामले दोबारा खोलने का फैसला करती है। सामिया सिद्दीकी (रानी मुखर्जी), अपना पहला केस लड़ती हैं भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर वीर प्रताप सिंह (शाहरुख़ ख़ान) को भारत वापस भेजने के लिए। वीर प्रताप सिंह पिछले 22 साल से राजेश राठौड़ के नाम से कैद हैं और उन्होंने 22 सालों में किसी से भी बात नहीं करी है। सामिया उनसे उनकी कहानी पूछने जाती है, और उनके असली नाम, वीर प्रताप सिंह, से सम्बोधित करती हैं। तब वीर उन्हें अपनी कहानी बताना शुरू करते हैं।
वीर पिछले 22 सालों से वहां क़ैद हैं। 22 साल पहले वो भारतीय वायु सेना में स्क्वाड्रन लीडर थे और दुर्घटनाओ में फ़ेस लोगों की सहायता करते थे। उसी समय पाकिस्तान के एक शक्तिशाली राजनेता, जहांगीर हयात खान (बोमन इरानी), की बेटी ज़ारा हयात खान (प्रीति ज़िंटा), अपनी बेबे की अस्तिया विसर्जित करने के लिए कीरतपुर साहिब जा रही हैं। उन्होंने बेबे से वादा किया था कि उनकी अस्तियां अपने हाथों से वहां विसर्जित करेंगी। ज़ारा किसी को बताएं बिना अकेले ही लाहौर से चली जाती हैं। उसी समय ज़ारा की बस दुर्घटनाग्रस्त होती है, तब वीर ज़ारा को बचाने जाते हैं और वहां उनकी पहली मुलाक़ात होती है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ज़ारा का बैग नीचे गिर जाता है, तब वो वीर से वापस नीचे जाने को कहती हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद वीर उसे डांटता है और पूछते हैं क्या उनका बैग बाकी लोगों की जिंदगी से ज्यादा कीमती था, तब ज़ारा उन्हें सच्चाई बताती हैं। सच्चाई जानने के बाद वीर उनकी मदद करते हैं। उसके बाद बस स्टॉप पर वीर ज़ारा से उनकी जिंदगी का एक दिन मांगते हैं, जब ज़ारा हां कर देती है तब वीर उन्हें अपने गांव ले जाते हैं। वहां वो अपने बाउजी चौधरी सुमेर सिंह (अमिताभ बच्चन) और माँजी (हेमा मालिनी) से मिलवाते हैं। ज़ारा लोहड़ी के लिए वहा रुक जाती है। वीर की माँ उन्हें बताती हैं कि वो वीर के ताऊ और ताई हैं, उनकी कोई संतान नहीं थी और वीर के माता पिता की मृत्यु बचपन में हो गई थी, तबसे वो उन्हें ही अपनी माता पिता मानते हैं। अगले दिन जब वीर जारा के साथ वापस जा रहा था तब वीर के बाऊजी उसे कहते हैं अटारी स्टेशन पर जारा को विवाह का प्रस्ताव देने के लिए। वीर को भी जरा से प्रेम हो चुका था इसलिए वो मान जाता है। परंतु अटारी स्टेशन पर ज़ारा के मंगेतर रज़ा शिराज़ी (मनोज वाजपेयी) उन्हें ढूंढते हुए आ जाते हैं। जिसके बाद वीर ज़ारा को सच बता देते हैं, कि उनको ज़ारा से प्रेम हो गया था, इसके बाद वीर और ज़रा अलग हो जाते हैं।
1 महीने बाद ज़ारा की सगाई रज़ा से होती है। उसी दिन ज़ारा अपनी मां, मरियम हयात खान (किरण खेर), को सच बताती हैं। पर वो कहती है कि रजा से निकाह करना पड़ेगा। ज़ारा की सगाई के बाद, उन्हें हर जगह वीर दिखाई देने लगते हैं, उन्हें ये एहसास होता है कि वो भी वीर से प्रेम करने लगी हैं। फिर उनकी दोस्त शब्बो (दिव्या दत्ता), वीर को कॉल करके लाहौर बुलाती हैं। वीर वायु सेना के पद से इस्तीफा दे देते हैं और पाकिस्तान चले जाते हैं। वहां ज़ारा अपने पूरे परिवार के सामने एक दरगाह में वीर को गले लगाती हैं, जिसे देख के, ज़ारा के पिता को दिल का दौरा आ जाता है। इसके बाद ज़ारा की माँ वीर से अनुरोध करती है ज़ारा को छोड़ने के लिए, वरना ज़ारा के पिता मर जायेंगे। फिर वीर मान जाता है और ज़ारा को भी समझाता है। उसके बाद जब वीर भारत जा रहे थे, तब ज़ारा की माँ वीर को एक तावीज़ पहनाती है उसकी रक्षा के लिए| उसी समय पुलिस उन्हें पकड़ लेती है और उन पे भारत के रिसर्च एंड एनालिसिस विंग का एजेंट होने का आरोप लगता है। बाद में उन्हें पता चलता है कि ये रज़ा की चाल थी। रज़ा उन्हें कहता है कि अगर वो ये स्वीकार करती है कि वो राजेश राठौड़ है, तो ज़ारा खुश रहेगी, नहीं तो वो उसकी जिंदगी नर्क बना देगा। वीर प्रस्ताव स्वीकार कर लेता है। निकाह के दिन वीर जिस बस से वापस भारत लौटने वाले थे, वह बस खाई में गिर जाती है, जिस से सबको लगता है वीर की मौत हो चुकी है।
22 साल बाद सामया सिद्दीक़ी, भारत जाती हैं वीर के गाँव से सुबूत लाने। वहां उन्हें पता चलता है कि वीर के माँजी और बाऊजी की मृत्यु कई साल पहले ही हो चुकी है। फिर भी वे वीर के घर जाती हैं, वहां उन्हें कोई मिलता नहीं है, जब वो निराश होके वापस जा रही होती हैं उसी समय वाहा उन्हें ज़ारा मिलती है, जो कई साल से शब्बो के साथ वहीं रह रही होती हैं। शब्बो उन्हें बताती हैं कि वीर की मौत की खबर सुनकर ज़ारा ने अपने पिता के सहयोग से निकाह तोड़ दिया और भारत आके रहने लगी, कुछ ही साल बाद ज़ारा के माता पिता का भी निधन हो गया। तब से ज़ारा यहां वीर के अधूरे सपने को पूरा करने की कोशिश कर रही हैं। सामया ज़ारा को सच्चाई बताती हैं और वे सामया के साथ सुबूत लेकर पाकिस्तान जाती हैं। वीर केस जीत जाते हैं। जब अदालत उन्हें अपनी तरफ से कुछ कहने को बोलती है तब वीर 'मैं कैदी नंबर 786' कविता सुनाते हैं। अंत में सामिया वीर और ज़ारा को बाघा बॉर्डर पर छोड़ने जाती हैं और वीर को सिन्दूर देती हैं ज़ारा की मांग में भरने के लिए। इसके बाद वीर और ज़ारा वीर के गाँव में रहने लगते है।
मुख्य कलाकार
शाहरुख़ ख़ान - वीर प्रताप सिंह
प्रीति ज़िंटा - ज़ारा हयात ख़ान
दिव्या दत्ता - शब्बो
अमिताभ बच्चन - चौधरी सुमेर सिंह
रानी मुखर्जी - सामिया सिद्दीक़ी
हेमा मालिनी - माती
किरण खेर - मरियम हयात खान
बोमन इरानी - जहाँगीर हयात खान
ज़ोहरा सहगल - बेबे
अनुपम खेर - ज़ाकिर अहमद
टॉम आल्टर - डॉक्टर
बनवारी लाल झोल
मनोज वाजपेयी - रज़ा शिराज़ी
अनुपम खेर - समिया सिद्दीकी के विरोधी वकील
संगीत
फ़िल्म के गीतों के बोल जावेद अख्तर ने लिखे हैं और संगीत निर्देशन मदन मोहन ने किया है।
गीतों की सूची
no गायक/गायिका तेरे लिए 05:34 लता मंगेशकर, रूप कुमार राठौड़ मैं यहाँ हूँ 04:57 उदित नारायण ऐसा देश है मेरा 07:10 लता मंगेशकर, उदित नारायण, गुरदास मान ये हम आ गए हैं कहाँ 05:45 लता मंगेशकर, उदित नारायण दो पल 04:27 लता मंगेशकर, सोनू निगम क्यों हवा 06:14 लता मंगेशकर, सोनू निगम, यश चोपड़ा हम तो भई जैसे हैं 04:19 लता मंगेशकर आया तेरे दर पर 07:53 अहमद हुसैन, मोहम्मद हुसैन, मोहम्मद वकील लोहड़ी 06:55 लता मंगेशकर, गुरदास मान, उदित नारायण तुम पास आ रहें हो 05:12 लता मंगेशकर, जगजीत सिंह जाने क्यों 05:16 लता मंगेशकर
बॉक्स ऑफिस
वीर-ज़ारा सिनेमाघरों में १२ नवम्बर २००४ को आयी और विश्वभर में कुल $९४२.२ मिलियन का व्यवसाय किया। इस फिल्म ने भारत में $ ५८० की कमाई की और उस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बन गयी। अपने पहले ही हफ्ते में $१७० मिलियन का व्यवसाय कर यह फिल्म २००५ तक पहले हफ्ते में सबसे अधिक व्यवसाय करने वाली फिल्म बनी रही।
वीर-ज़ारा ने न केवल भारत और पाकिस्तान, बल्कि यू.के, जर्मनी, फ्रान्स, दक्षिण अफ्रीका और अमेरिका में भी $३५७.५ मिलियन का व्यवसाय किया और उस साल की सबसे सफल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित होने वाली बॉलिवुड फिल्म बन गयी।
बर्लिन फिल्म उत्सव में जब यह फिल्म दिखाई गयी तो दर्शकों ने इसे खूब सराहा। अप्रैल २००६ में वीर-ज़ारा का पेरिस के सबसे बड़े थिएटर, द ग्रॉड रेक्स में प्रथम प्रदर्शन हुआ। यह पहली हिंदी फिल्म है जिसे इतने विशाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखया गया है।
समीक्षाएँ
वीर-ज़ारा को समीक्षकों ने भी सराहा और उसे अधिकतर ने सकरात्मक प्रतिक्रिया दी।
नामांकन और पुरस्कार
जो पुरस्कार वीर-ज़ारा ने जीते वो सब बोल्ड हैं
फ़िल्मफ़ेयर
सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म
सर्वश्रेष्ठ निर्देशक - यश चोपड़ा
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता - शाहरुख खान
सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री - प्रीति ज़िंटा
सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता - अमिताभ बच्चन
सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री - रानी मुखर्जी
सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री - दिव्या दत्ता
सर्वश्रेष्ठ डायलॉग - आदित्य चोपड़ा
सर्वश्रेष्ठ कहानी - आदित्य चोपड़ा
सर्वश्रेष्ठ बोल - जावेद अख्तर ("तेरे लिए" गीत के लिए)
सर्वश्रेष्ठ बोल - जावेद अख्तर ("मैं यहाँ हूँ" के लिए)
सर्वश्रेष्ठ बोल - जावेद अख्तर ("ऐसा देश है मेरा" के लिए)
सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक - मदन मोहन
बेस्ट मेल प्लेबैक - सोनू निगम "दो पल" के लिए * बेस्ट मेल प्लेबैक - उदित नारायण "मैं यहाँ हूँ" के लिए
IIFA अवार्ड्स
IIFA बेस्ट पिक्चर
IIFA बेस्ट डायरेक्टर - यश चोपड़ा
IIFA बेस्ट एक्टर - शाहरुख खान
IIFA बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस - [[रानी मुखर्जी]
IIFA बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर - स्वर्गीय मदन मोहन
IIFA बेस्ट स्टोरी- आदित्य चोपड़ा
नेशनल फिल्म अवार्ड्स
बेस्ट पॉपुलर फिल्म प्रोवाइडिंग होलसम एंटरटेनमेंट
स्टारडस्ट अवार्ड्स
स्टार ऑफ़ द ईयर - फीमेल - प्रीति जिंटा
स्टारडस्ट बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस अवार्ड - किरण खेर
स्टार स्क्रीन अवार्ड्स
बेस्ट फिल्म
बेस्ट एक्टर - शाहरुख खान
बेस्ट डायलॉग - आदित्य चोपड़ा
बेस्ट स्टोरी - आदित्य चोपड़ा
जोड़ी नंबर 1 - शाहरुख खान और प्रीति जिंटा
ज़ी सिने अवार्ड्स
बेस्ट फिल्म - यश चोपड़ा और आदित्य चोपड़ा (प्रोड्यूसर)
बेस्ट डायरेक्टर - यश चोपड़ा
बेस्ट एक्टर - शाहरुख खान
बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस - दिव्या दत्ता
बॉलीवुड मूवी अवार्ड्स
बेस्ट फिल्म - यश चोपड़ा और आदित्य चोपड़ा
बेस्ट डायरेक्टर - यश चोपड़ा
बेस्ट अभिनेता - शाहरुख खान
सर्वश्रेष्ठ संगीत - स्वर्गीय मदन मोहन
सर्वश्रेष्ठ गीत - मिंटू कुमार - (तेरे लिए...)
ग्लोबल इंडियन फ़िल्म अवार्ड्स
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता - शाहरुख खान
सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री - दिव्या दत्ता
सर्वश्रेष्ठ कहानी - आदित्य चोपड़ा
यह भी देखें
प्रीति ज़िंटा
शाहरुख खान
रानी मुखर्जी
बाहरी कड़ियाँ
0420332 वीर-ज़ारा
श्रेणी:2004 में बनी हिन्दी फ़िल्म
श्रेणी:फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म पुरस्कार विजेता
श्रेणी:मदन मोहन द्वारा संगीतबद्ध फिल्में