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आईएसओ 3166-2
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सितंबर 2026आईएसओ 3166-2 (ISO 3166-2) अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (ISO) द्वारा विकसित आईएसओ 3166 मानक का दूसरा भाग है। यह विभिन्न देशों तथा क्षेत्रों के प्रमुख प्रशासनिक या समान प्रकार के उपविभागों के लिए मानकीकृत पहचान-संकेत (कोड) निर्धारित करता है। इसका उद्देश्य देशों के राज्यों, प्रांतों, क्षेत्रों, जिलों या अन्य प्रमुख उपविभागों के नामों को एक अंतरराष्ट्रीय, मशीन-पठनीय और अपेक्षाकृत संक्षिप्त रूप में निरूपित करना है।https://www.iso.org/iso-3166-country-codes.html ISO 3166 — Country Codes International Organization for Standardization 15 सितंबर 2026
ISO 3166-2
thumb|upright=1.6|ISO 3166-2 से संबंधित देशीय प्रशासनिक उपविभागों वाला विश्व मानचित्र
संरचना
ISO 3166-2 में किसी उपविभाग का कोड सामान्यतः उसके देश के ISO 3166-1 अल्फा-2 कोड, उसके बाद एक हाइफ़न और अधिकतम तीन अक्षरों या अंकों से बना होता है। उदाहरण के लिए, इंडोनेशिया के रियाउ प्रांत का कोड ID-RI और नाइजीरिया के रिवर्स राज्य का कोड NG-RI है।https://www.iso.org/glossary-for-iso-3166.html Glossary for ISO 3166 International Organization for Standardization 15 सितंबर 2026
कोड की सामान्य संरचना इस प्रकार समझी जा सकती है:
देश का अल्फा-2 कोड + हाइफ़न + उपविभाग कोड
उदाहरण:
कोड देश उपविभाग का उदाहरण ID-RI इंडोनेशिया रियाउ NG-RI नाइजीरिया रिवर्स IN-DL भारत दिल्ली
उपविभाग वाला भाग अपने आप में पूर्ण पहचानकर्ता नहीं होता; उसे संबंधित देश के ISO 3166-1 अल्फा-2 कोड के साथ प्रयोग किया जाता है।
उद्देश्य
ISO 3166-2 का मुख्य उद्देश्य किसी देश के प्रमुख प्रशासनिक उपविभागों के नामों को ऐसे कोड में व्यक्त करना है जिसे अलग-अलग भाषाओं और लेखन प्रणालियों में भी अपेक्षाकृत आसानी से समझा और संसाधित किया जा सके। ISO के अनुसार मानकीकृत कोड विभिन्न अनुप्रयोगों में नामों की अस्पष्टता कम करते हैं और सूचना के आदान-प्रदान को अधिक सुविधाजनक बनाते हैं।
इस प्रकार के कोड विशेष रूप से निम्न क्षेत्रों में उपयोगी हो सकते हैं:
प्रशासनिक और भौगोलिक डेटाबेस;
डाक और लॉजिस्टिक्स प्रणालियाँ;
अंतरराष्ट्रीय सांख्यिकीय और प्रशासनिक सूचना;
मानचित्रण तथा भौगोलिक सूचना प्रणालियाँ;
कंप्यूटर अनुप्रयोग और डेटाबेस;
अंतरराष्ट्रीय डेटा विनिमय;
इंटरनेट और अन्य डिजिटल प्रणालियाँ।
ISO 3166 मानक का उपयोग अनेक संस्थाओं द्वारा देशों तथा उनके क्षेत्रों की पहचान को अधिक स्पष्ट और एकरूप बनाने के लिए किया जाता है।
प्रशासनिक उपविभागों के प्रकार
ISO 3166-2 में सभी देशों के लिए एक ही प्रकार के प्रशासनिक विभाजन का प्रयोग नहीं किया जाता। अलग-अलग देशों में प्रचलित प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार उपविभागों की श्रेणियाँ अलग हो सकती हैं। इनमें राज्य, प्रांत, क्षेत्र, विभाग, जिले, कैंटन, प्रीफेक्चर और अन्य प्रशासनिक या समान क्षेत्रीय इकाइयाँ शामिल हो सकती हैं।https://www.iso.org/files/live/sites/isoorg/files/archive/pdf/en/database_of_iso_3166-2.pdf Database of ISO 3166-2 International Organization for Standardization 15 सितंबर 2026
ISO की आधिकारिक जानकारी के अनुसार उपविभागों के नाम और कोड सामान्यतः संबंधित देशों के आधिकारिक राष्ट्रीय स्रोतों से लिए जाते हैं।
ISO 3166 के अन्य भागों से संबंध
ISO 3166 मानक को तीन मुख्य भागों में विभाजित किया गया है:
भाग विषय ISO 3166-1 देशों, आश्रित क्षेत्रों तथा कुछ अन्य क्षेत्रों के कोड ISO 3166-2 देशों और क्षेत्रों के प्रमुख उपविभागों के कोड ISO 3166-3 ऐसे पूर्व देश-नामों के कोड जो अब वर्तमान ISO 3166-1 सूची में नहीं हैं
ISO 3166-1 में देशों के लिए अल्फा-2, अल्फा-3 और संख्यात्मक-3 जैसे कोड उपलब्ध होते हैं, जबकि ISO 3166-2 मुख्य रूप से उन देशों के उपविभागों की पहचान करता है जो ISO 3166-1 में शामिल हैं।https://www.iso.org/iso-3166-country-codes.html ISO 3166 — Country Codes International Organization for Standardization 15 सितंबर 2026
उदाहरण
ISO 3166-2 की संरचना को विभिन्न देशों के उदाहरणों से समझा जा सकता है। उदाहरण के लिए, ISO के आधिकारिक विवरण में ID-RI इंडोनेशिया के रियाउ प्रांत और NG-RI नाइजीरिया के रिवर्स राज्य को निरूपित करता है। दोनों कोडों में RI समान है, लेकिन उनके पहले के देश-कोड अलग हैं। इससे स्पष्ट होता है कि उपविभागीय भाग अकेले पर्याप्त पहचान नहीं देता।
भारत जैसे देश में भी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए ISO 3166-2 कोड निर्धारित किए जाते हैं। उदाहरण के लिए, दिल्ली के लिए IN-DL का प्रयोग किया जाता है।
thumb|upright=1.5|देशों की प्रशासनिक सीमाओं वाला विश्व मानचित्र; ISO 3166-2 जैसे उपविभागीय कोडों के भौगोलिक संदर्भ को समझने में उपयोगी
रखरखाव और अद्यतन
ISO 3166-2 का रखरखाव ISO 3166 Maintenance Agency (ISO 3166/MA) द्वारा किया जाता है। देशों की प्रशासनिक सीमाओं, नामों या उपविभागों में परिवर्तन होने पर संबंधित कोड-सूची को अद्यतन किया जा सकता है।
ISO 3166-2:2020 इसका चौथा संस्करण है और अगस्त 2020 में प्रकाशित हुआ था। ISO की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इस संस्करण की 2025 में पुनः समीक्षा और पुष्टि की गई, इसलिए यह वर्तमान संस्करण बना हुआ है।https://www.iso.org/standard/72483.html ISO 3166-2:2020 — Codes for the representation of names of countries and their subdivisions — Part 2: Country subdivision code International Organization for Standardization अगस्त 2020 15 सितंबर 2026
ISO 3166/MA को प्रशासनिक नामों और कोडों में होने वाले परिवर्तनों की सूचना विभिन्न राष्ट्रीय स्रोतों से प्राप्त होती है। मानक में परिवर्तन होने पर संबंधित सूचियाँ और रखरखाव संबंधी सूचनाएँ प्रकाशित की जाती हैं।https://www.iso.org/iso/iso_3166-2_newsletter_ii-1_corrected_2010-02-19.pdf ISO 3166-2 Newsletter International Organization for Standardization 15 सितंबर 2026
डेटाबेस और डिजिटल उपयोग
ISO 3166-2 को कंप्यूटर प्रणालियों में क्षेत्रीय पहचान के लिए उपयोग किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, भौगोलिक डेटाबेस में किसी प्रशासनिक इकाई को उसके नाम के बजाय एक मानकीकृत कोड से संबद्ध किया जा सकता है। इससे अलग-अलग भाषाओं में समान क्षेत्र की पहचान करने में सहायता मिलती है।
OpenStreetMap जैसे भौगोलिक डेटा प्लेटफ़ॉर्मों में भी ISO 3166-2 कोड का उपयोग प्रशासनिक उपविभागों की पहचान के लिए किया जाता है। OpenStreetMap में ISO3166-2 टैग का उपयोग किसी क्षेत्र के ISO 3166-2 कोड को दर्ज करने के लिए किया जा सकता है।https://wiki.openstreetmap.org/wiki/Key:ISO3166-2 Key:ISO3166-2 OpenStreetMap Wiki 15 सितंबर 2026
सीमाएँ
ISO 3166-2 का उद्देश्य देशों के प्रशासनिक उपविभागों के लिए पहचान-कोड प्रदान करना है; यह स्वयं देशों की प्रशासनिक व्यवस्था निर्धारित नहीं करता। किसी देश में प्रयुक्त प्रशासनिक श्रेणियाँ और उनकी सीमाएँ उस देश के अपने कानूनों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर निर्भर करती हैं।
इसी प्रकार ISO 3166-2 कोड किसी क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति या संप्रभुता पर स्वतंत्र निर्णय नहीं देते। ये मुख्यतः नामित भौगोलिक या प्रशासनिक इकाइयों को कोडित रूप में पहचानने के लिए बनाए गए हैं।
ISO 3166-2 और ISO 3166-1 में अंतर
विशेषता ISO 3166-1 ISO 3166-2 उद्देश्य देशों और संबंधित क्षेत्रों की पहचान देशों के उपविभागों की पहचान उदाहरण IN — भारत IN-DL — दिल्ली कोड संरचना अल्फा-2, अल्फा-3 या संख्यात्मक-3 देश का अल्फा-2 कोड + उपविभागीय भाग प्रमुख उपयोग देश-स्तरीय पहचान राज्य/प्रांत/क्षेत्र आदि की पहचान
संबंधित विषय
ISO 3166-1
अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन
देश कोड
प्रशासनिक विभाजन
भौगोलिक सूचना प्रणाली
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
ISO 3166 — Country Codes — ISO
ISO 3166-2:2020 — ISO
ISO 3166 Glossary — ISO
UN/LOCODE Country Subdivisions — UNECE