Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

लारेंस स्टर्न

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

right|thumb|300px|लारेंस स्टर्न लारेंस स्टर्न (Laurence Sterne ; १७१३-१७६८) अंग्रेजी-आयरी उपन्यासकार था। परिचय कैंब्रिज में शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात् स्टर्न ने अपना जीवन पादरी की तरह बिताया। इस पेशे में उसकी कोई विशेष रूचि नहीं थी। साहित्य की ओर वह बहुत देर से मुड़ा। १७६० में 'दि लाइफ एंड ओपिनियंस ऑव ट्रिस्ट्रैम शैडी, जैट' नामक दो खंडों में उसने एक काल्पनिक नायक ट्रिस्ट्रैम का आधार बनाकर उपन्यास प्रकाशित किए। इससे उसे एकदम प्रसिद्धि मिल गई। वह अपना गिरजाघर छोड़कर भाग गया, यद्यपि वह उसकी नाममात्र सेवा करता रहा। वह इसी उपन्यास के और खंड लिखता गया जो १७६७ में पूरे हुए। इस उपन्यास में तीसरे खंड तक नायक का जन्म नहीं होता। उसमें परिवेश के विस्तृत विवरणयुक्त वर्णन में ही उसने अपनी शक्ति खर्च की है। उसके अगले वर्ष १७६८ में यानी अपनी मृत्यु केषव उसने 'ए सेंटिमेंटल जर्नी थ्रू फ्रांस ऐंड इटैली' (फ्रांस और इटली से होते हुए एक भावपूर्ण प्रवास) प्रकाशित किया। प्रसिद्धिप्राप्ति के बाद उसने स्वयं यह प्रवास किया था, जिसको औपन्यासिक रूप इस ग्रंथ में दिया गया है। इसके साथ ही उसने कई धार्मिक प्रवचन भी लिखे, जो प्रकाशित हुए। स्टर्न की साहित्यिक विशेषताएँ हैं उसकी अत्यंत व्यक्तिगत शैली। उसमें असंगति, जान बूझकर विषयांतर, अनिश्चित पात्र, अनिर्दिष्ट घटनाएँ आदि विचित्रताएँ होती है। विसंगति जैसे उसकी रचना का मूल स्वर है। वह अपने उपन्यास में भी कोई कथानक लेकर नहीं चला है। सब कुछ यों ही चलता है। विचित्र सनकी किस्म के पात्र एक के बाद एक चले आते हैं। उनमें कोई शृंखलाबद्धता या पूर्वायोजन नहीं। उसकी भावुकता भी जान बुझकर बढ़ी चढ़ी, अतिरंजित लगती है। अट्ठारहवीं शताब्दी की अतिबौद्धिकता के विरोध में सटर्न के विद्रोह का एक लक्षण यह भावुकता है। स्टर्न ने बहुत कुछ रैबेले नामक फ्रांसीसी लेखक के अनुकरण में यह शैली अपनाई है। रैबेले में अधिक उन्मुक्तता और रूढ़ नीतिबंधनों के प्रति विद्रोह है, स्टर्न में उतनी नहीं। स्टर्न की नकल बाद के कई लेखकों ने की। पर वैसी शैली पुन: और कोई नहीं पा सका। स्टर्न का स्थान अंग्रेजी साहित्य में, उपन्यसकार के नाते या प्रवास वर्णनकार के नाते कोई बहुत बड़ा नहीं है। परंतु अंग्रेजी गद्य में एक नई विद्या, एक नई दिशा देने में स्टर्न बहुत सफल रहा। बाद के पत्रकारों ने उसकी टेकनीक को अपनाया। स्टर्न की वर्णनशक्ति अद्भुत थी; और न कुछ को भी वह बहुत रोचक बना देता था। भाषा पर प्रभुत्व, वक्तृतामयी वाग्मिता के साथ-साथ अपने परिवेश का बहुत सूक्ष्म अवलोकन स्टर्न की अपनी क्षमताएँ और विशेषताएँ हैं। श्रेणी:अंग्रेजी साहित्यकार