411 REFERENCE · Wikipedia
मौज़माबाद
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
मौज़माबाद Mauzmabad A Place where lion's born मौज़माबाद India Rajasthan 26.673 75.360 inline, title राजस्थान में स्थिति देश प्रान्त राजस्थान ज़िला दूदू ज़िला 8635 2011 भाषा प्रचलित राजस्थानी, हिन्दी भारतीय मानक समय +5:30
मौज़माबाद (Mauzmabad) भारत के राजस्थान राज्य के दूदू ज़िले में स्थित एक गाँव है। यह इसी नाम की तहसील का मुख्यालय भी है।"Lonely Planet Rajasthan, Delhi & Agra," Michael Benanav, Abigail Blasi, Lindsay Brown, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012332"Berlitz Pocket Guide Rajasthan," Insight Guides, Apa Publications (UK) Limited, 2019, ISBN 9781785731990
गांव राजा मान सिंह की जन्म स्थली भी कही जाती है
राजा मान सिंह के जन्म के समय इस गांव को मालपुरा डिग्गी के सिंघवी राज्य में माना जाता था । राजा मान सिंह के बादशाह अकबर के अधीन होने के बाद सेना पति घोषित करने के बाद इस गांव का नाम मौजमाबाद पड़ा ।
राजा मानसिंह के खजांची नन्नू मल गोधा थे जिन्होंने
मौजमाबाद में एक विशाल जैन जिनालय का पुनः निर्माण कराया
यह जिनालय 600 वर्ष प्राचीन हो सकता है परंतु प्रतिमाओं के प्राप्त अभिलेख में अष्टधातु निर्मित कई सारी प्रतिमाएं ऐसी भी है जो 600 वर्ष से अधिक प्राचीन है
इस जिनालय में आक्रमण कारी मुहम्मद गौरी ने हमला किया जिसके कारण यहां तलघर का निर्माण करा कर तलघर मैं प्रतिमाएं छिपाने का प्रयास किया बाद में औरंगजेब के जजिया कर से प्रभावित होने पर जैन समाज ने 150 वर्ष पूर्व मंदिर के प्रांगण को ढकवा दिया ।
जिनालय में वास्तु दोष बताता है के जिनालय को किसी अज्ञात हमले से छिपाने का पूर्ण प्रयास किया गया था ।
सांगानेर जैन मंदिर की तरह ही यहां भी मूलनायक बिम्ब मूलनायक के पीछे भगवान अजीतनाथ काली पद्मासन की प्रतिमा जी है।
बड़े तलघर मैं प्रवेश करते ही वहां देवी काली की बच्चों के साथ एक प्रतिमा है, हालांकि बच्चे अंबिका देवी जो नेमीनाथ भगवान की शासन देवी है के साथ दिखाए जाते है,परंतु यहां ये अंबिका देवी नही मां काली ही है जिनके सिर पर 7 फन के साथ भगवान सुपार्श्वनाथ भगवान है स्वास्तिक चिन्ह न होने से यह प्रतिमा प्रथम दृष्ट्या लोग अंबिका देवी ही या पद्मावती मान लेते है परंतु अच्छे से समझने पर यह प्रतिमा मंदिर पर पड़ने वाली बुरी नजर वाली शक्तियों को दूर करने के लिए ही स्थापित की गई ताकि बुरी शक्तियां जिनालय से दूर रहे।
बड़े तलघर से बाहर आने पर नंदीश्वर द्वीप की शाल मैं दो काली प्रतिमाएं है एक काली प्रतिमा भगवान चंदप्रभू की है दूसरी लोग आजतक पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमा मानते आए है परंतु यह प्रतिमा मैं सर्प चिन्ह नहीं वरन भक्ति को प्रदर्शित करने के लिए भगवान के चरणों में लिपटा दिखाया है जो भगवान महावीर और चंडकौशिक सर्प की कहानी को बताती है ।
भगवान पार्श्वनाथ की शाल में कई अष्टधातु की प्रतिमा है जिनमें से दो देवी प्रतिमाएं भी है
एक आदिनाथ भगवान को अपने शीश पर लिए चक्रेश्वरी माता की है ,
दूसरी भगवान पार्श्वनाथ को अपने शीश पर विराजमान किए हुए मां पद्मावती की प्रतिमा जी है मां पद्मावती को इस प्रतिमा में मोर(मयूर) पक्षी पर विराजमान दिखाया है मां पद्मावती नाग योनि में है और
दूसरे तलघर में जो छोटा तलघर के नाम से जाना जाता है वहां 3 विशाल प्रतिमा जी है जिनमें जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ,द्वितीय तीर्थंकर अजीतनाथ,तथा तृतीय तीर्थंकर संभवनाथ भगवान की प्रतिमा विराजमान है।
आदिब्रह्म आदिश प्रभु आदिनाथ कहलाते है,
अजीत और संभव संग विराजे त्रिखंडी बतलाते है।
मौजमाबाद में आकर जिसने तेरा अतिशय जान लिया,
मिला उन्हें "आशीष" प्रभू का सबका ही कल्याण किया ।।
ॐ ह्रीम अत्र मौजमाबाद स्थित आदिनाथ अजीतनाथ संभवनाथ जिनेंद्राय जलादिअर्घ्यम निर्वपामिति स्वाहा
मतलब यह हुआ के जिस समय इस जिनालय का जीर्णोद्धार नन्नू मल गोधा जी ने कराया वो समय जैन इतिहास का सबसे प्रभावशाली अतिशयपूर्ण रहा होगा के कैसे जैनों ने इस जिनालय को अपनी बुद्धिमत्ता से आक्रांताओं से बचाया होगा
यह जिनालय प्राचीन है इसमें कोई सन्देह नहीं पर अभी इसके वास्तु को पूरी तरह से सुधारने की आवश्यकता भी है और जरूरत भी पुरातत्व विभाग को इस जिनालय का संरक्षण करने करने की पहल में आगे आना चाहिए।
मौजमाबाद में कई ऐतिहासिक धरोहर मौजूद है जिनका दोहन अज्ञानता वश गांव के लोगो द्वारा हुआ है
जैसे 52 चूल्हे की हवेली, आदित्यपंचोली की हवेली ,रानी की छतरी,कई पुराने हिंदू मंदिर यह गांव अभी भी बहुत सारी प्राचीन धरोहर समेटे हुए है पुरातत्व विभाग से अनुरोध भी किया जा चुका है जल्दी ही इनके बचाब के लिए सरकार भी मदद के लिए आगे आयेगी ।
इन्हें भी देखें
जयपुर ज़िला
सन्दर्भ
श्रेणी:राजस्थान के गाँव
श्रेणी:जयपुर ज़िला
श्रेणी:जयपुर ज़िले के गाँव