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यौम-ए-आशूरा
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thumb|250px|तेहरान के इमाम होसैन स्क्वायर में आशूरा का शोक
thumb|250px|बारहबांकी (भारत) में ताजिया का जुलूस
आशूरा या यौम-ए-आशूरा: इस्लामी कैलेंडर के पहले महीने मुहर्रम की दसवीं तारिख को होता है।http://factsanddetails.com/world/cat55/sub359/item1439.html SHIITE HISTORY BELIEFS AND DIFFERENCES BETWEEN SUNNIS AND SHIITES: MUSLIM SECTS AND SUNNIS January 26, 2015 https://web.archive.org/web/20150202033052/http://factsanddetails.com/world/cat55/sub359/item1439.html 2 फ़रवरी 2015 dead इस्लाम में स्मरणोत्सव का दिन है। आशूरा के दिन हज़रत मुहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके परिवार को करबला के मैदान में शहीद कर दिया गया था।http://www.theismaili.org/cms/1125/Muharram Muharram 2010-12-08 2010-12-08 https://web.archive.org/web/20121230175607/http://www.theismaili.org/cms/1125/Muharram 30 दिसंबर 2012 dead शिया मुसलमानों के लिए आशूरा शोक का दिन है, सुन्नी इस्लाम में आशूरा को सौम (उपवास, रोज़ा )और अन्य स्वीकार्य उत्सवों के माध्यम से मनाया जाता है।
उपवास हदीस में
सुन्नी इस्लाम में, मुहर्रम की नौवीं और दसवीं तिथि स्वैच्छिक उपवास के दिन हैं, जिन्हें सुन्नी न्यायविदों द्वारा दृढ़ता से प्रोत्साहित किया जाता है। आशूरा पर उपवास करना एक यहूदी प्रथा थी जिसे इस्लामी पैगंबर मुहम्मद ने 622 ईस्वी में मदीना शहर में आने के बाद अपनाया था और हदीस साहित्य स्पष्ट रूप से इस त्योहार को योम किप्पुर ( शाब्दिक रूप से ' प्रायश्चित का दिन ' ) से व्युत्पन्न करता है। Chelkowski Peter 1985 Shia Muslim Processional Performances https://www.jstor.org/stable/1145650 The Drama Review: TDR 29 3 18–30 10.2307/1145650 0012-5962जब पैगंबर (ﷺ) मदीना पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि यहूदी लोग मुहर्रम की दस तारीख को सम्मानपूर्वक रोज़ा रखते थे। तब पैगंबर (ﷺ) ने कहा, "हमें इस दिन रोज़ा रखने का अधिक अधिकार है," और आदेश दिया कि इस दिन रोज़ा रखा जाए। — सहीह अल-बुखारी 3942
रमज़ान के बाद सबसे श्रेष्ठ रोज़े अल्लाह के महीने मुहर्रम के रोज़े हैं।https://hadeethenc.com/hi/browse/hadith/11261 हदीस: रमज़ान के बाद सबसे श्रेष्ठ रोज़े अल्लाह के महीने मुहर्रम के रोज़े हैं तथा फ़र्ज़ नमाज़ों के बाद सबसे उत्तम नमाज़ रात की नमाज़ है। अनूदित हदीस-ए-नबवी विश्वकोश hi 2026-06-17
अब्दुल्लाह बिन अब्बास से रिवायत है कि अल्लाह के नबी ने फरमायाः यदि अगले साल तक जीवित रहा, तो मुहर्रम महीने की नौवीं तारीख़ का रोज़ा रखूँगा।https://hadeethenc.com/hi/browse/hadith/6217 हदीस: यदि अगले साल तक जीवित रहा, तो मुहर्रम महीने की नौवीं तारीख़ को रोज़ा रखूँगा अनूदित हदीस-ए-नबवी विश्वकोश hi 2026-06-17
अब्दुल्लाह बिन अब्बास ( का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने आशूरा के दिन (मुहर्रम की दसवीं तारीख़ को) रोज़ा रखा और उस दिन रोज़ा रखने का आदेश भी दिया।
गैलरी
इन्हें भी देखें
मुहम्मद
मोमिन
मुहम्मद के अभियानों की सूची
उम्मुल मोमिनीन
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
श्रेणी:मुस्लिम त्यौहार