Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

गृद्धराज पर्वत

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

बिहार में इस से मिलते नाम के धार्मिक पर्वत के लिए गृद्धकूट पर्वत का लेख देखें गृद्धराज पर्वत Griddharaj Parvat 717.5 India Madhya Pradesh 325 bottom 24 18 00 N 81 15 00 E type:mountain_scale:100000 dms inline,title मध्य प्रदेश सतना ज़िला गृद्धराज पर्वत (Griddharaj Parvat) या गिद्धहा पहाड़, जिसका अर्थ गिद्धों का पर्वत है, भारत के मध्य प्रदेश के सतना ज़िले की रामनगर तहसील में स्थित एक पवित्र पर्वत है। यह धार्मिक, पुरातत्विक और पर्यावरणीय महत्व रखता है।"Inde du Nord: Madhya Pradesh et Chhattisgarh," Lonely Planet, 2016, ISBN 9782816159172"Tourism in the Economy of Madhya Pradesh," Rajiv Dube, Daya Publishing House, 1987, ISBN 9788170350293 विवरण यह सतना से ६५ किमी की दूरी पर स्थित है। इसके उत्तर में कैमूर शृंखला की पहाड़ियाँ हैं तथा दक्षिण में मैकाल पहाड़ियाँ। यह स्थान पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस पहाड़ी में चार गुफाएँ हैं जिनमें शिला चित्रण (रॉक पेंटिंग) तथा मुराल पेंटिंग देखे जा सकते हैं। हर वर्ष माघ महीने की वसन्त पंचमी के दिन यहाँ मेला लगता है। हजारों लोग मेले में आते हैं और स्थानीय गंगा (मानसी गंगा नदी) में स्नान करते हैं। गिद्धों का वास इस पर्वत पर हज़ारों गिद्धों को पाया जाता है, जो इसकी चट्टानों में अपने बसेरे स्थापित करते हैं। यहाँ गिद्धों की दो जातियाँ - भारतीय गिद्ध और बंगाल का गिद्ध - पाई जाती हैं। हिन्दू मान्यता रामायण के अनुसार गृद्धराज जटायु के भाई सम्पाती का जन्म इसी पर्वत पर हुआ था। महाकवि कालिदास ने इस पर्वत का बखान अपनी रचना "गृद्धराज महात्म्य" में करा। उन्होंने कहा कि यहाँ से उत्पन्न मानसी गंगा नदी में स्नान से शुद्धि प्राप्त होती है। पुरातात्विक विवरण अवधेश प्रताप विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग द्वारा यहां पर पुरातात्विक सर्वेक्षण किया गया । पुरातत्व विभाग के प्रमुख डॉक्टर श्रीवास्तव,सहायक प्रध्यापक गोविंद सिंह दांगी तथा रिसर्च स्कॉलर राजशेखर समदरिया द्वारा यहां पर ताम्र पाषाण कालीन रॉक पेंटिंग के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई । शैल चित्रों में ताम्र पाषाण कालीन मानव के रहन-सहन, खान पान तथा उनके जीवन के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत होती है । इन्हें भी देखें सतना ज़िला सन्दर्भ श्रेणी:सतना ज़िला श्रेणी:मध्य प्रदेश के पर्वत श्रेणी:मध्य प्रदेश की संस्कृति