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पावापुरी
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पावापुरी Pawapuri Pawapuri - 001 Temple marking Mahavira's Passing (9243092471).jpg पावापुरी में स्थित जल मंदिर पावापुरी India Bihar 25.0917 N 85.5389 E inline, title बिहार में स्थिति देश प्रान्त बिहार ज़िला नालंदा ज़िला 5830 2011 भाषा प्रचलित भाषाएँ मगही, हिन्दी
पावापुरी (Pawapuri), जिसे पावा (Pawa) भी कहा जाता है, भारत के बिहार राज्य के नालंदा ज़िले जिले में राजगीर और बोधगया के समीप स्थित एक स्थान है। यह जैन धर्म के मतावलंबियो के लिये एक अत्यंत पवित्र शहर है भगवान महावीर को यहीं मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। यहाँ के जलमंदिर की शोभा देखते ही बनती है। संपूर्ण शहर कैमूर की पहाड़ी पर बसा हुआ है।"Bihar Tourism: Retrospect and Prospect https://web.archive.org/web/20170118113423/https://books.google.com/books?id=dSZ987-0Fb8C 18 जनवरी 2017 ," Udai Prakash Sinha and Swargesh Kumar, Concept Publishing Company, 2012, ISBN 9788180697999"Revenue Administration in India: A Case Study of Bihar," G. P. Singh, Mittal Publications, 1993, ISBN 9788170993810
प्राचीन नाम
13वीं शती ई॰ में जिनप्रभसूरीजी ने अपने ग्रंथ विविध तीर्थ कल्प रूप में इसका प्राचीन नाम अपापा बताया है। पावापुरी का अभिज्ञान बिहार शरीफ रेलवे स्टेशन (बिहार) से 9 मील पर स्थित पावा नामक स्थान से किया गया है। यह स्थान राजगृह से दस मील दूर है। भगवान महावीर स्वामी के निर्वाण का सूचक एक स्तूप अभी तक यहाँ खंडहर के रूप में स्थित है। स्तूप से प्राप्त ईटें राजगृह के खंडहरों की ईंटों से मिलती-जुलती हैं। जिससे दोनों स्थानों की समकालीनता सिद्ध होती है। कनिंघम के मत में जिसका आधार शायद बुद्धचरित[2] में कुशीनगर के ठीक पूर्व की ओर पावापुरी की स्थिति का उल्लेख है, कसिया जो प्राचीन कुशीनगर के नाम से विख्यात है, से 12 मील दूर पदरौना नामक स्थान ही पावा है। जहाँ गौतम बुद्ध के समय मल्ल-क्षत्रियों की राजधानी थी।
जैन मान्यताएं
भगवान महावीर का मोक्ष 72 वर्ष की आयु में हुआ था।
बौद्ध मान्यताएं
जीवन के अंतिम समय में तथागत ने पावापुरी में ठहरकर चुंड का सूकर-माद्दव नाम का भोजन स्वीकार किया था। जिसके कारण अतिसार हो जाने से उनकी मृत्यु कुशीनगर पहुँचने पर हो गई थी।
फ़ाज़िलपुर
कनिंघम ने पावा का अभिज्ञान कसिया के दक्षिण पूर्व में 10 मील पर स्थित फ़ाज़िलपुर नामक ग्राम से किया है। जैन ग्रंथ कल्पसूत्र के अनुसार महावीर ने पावा में एक वर्ष बिताया था। यहीं उन्होंने अपना प्रथम धर्म-प्रवचन किया था, इसी कारण इस नगरी को जैन संम्प्रदाय का सारनाथ माना जाता है। महावीर स्वामी द्वारा जैन संघ की स्थापना पावापुरी में ही की गई थी।
फाजिलपुर वर्तमान में फाजिलनगर है जिसे पावा नगर भी कहते हैं। यह स्थान उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहाँ पर भगवान महावीर का एक मंदिर भी है।
पर्यटन
thumb|280px|पावापुरी में स्थित जैन मंदिर
यहाँ कमल तालाब के बीच जल मंदिर विश्व प्रसिद्ध है। समोशरण मंदिर, मोक्ष मंदिर और नया मन्दिर भी दर्शनीय हैं।
इन्हें भी देखें
बिहार
जैन मंदिर
सन्दर्भ
श्रेणी:नालंदा जिला
श्रेणी:बिहार के गाँव
श्रेणी:नालंदा ज़िले के गाँव
श्रेणी:जैन तीर्थ