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जूनागढ़ बौद्ध गुफ़ाएँ
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thumb|250px|जूनागढ़ में तीसरी-चौथी शताब्दी ईसापूर्व में निर्मित खपरा कोडिय गुफाओं का मानचित्र
thumb|250px|पहली-दूसरी शताब्दी ईसवी में निर्मित बावा प्यारा गुफाओं का मानचित्र
thumb|250px|दूसरी-तीसरी शताब्दी ईसवी में निर्मित ऊपरकोट गुफाओं का मानचित्र
thumb|250px|ऊपरकोट गुफाओं की सर्वोच्च मंज़िल
जूनागढ़ बौद्ध गुफाएँ भारत के गुजरात राज्य के जूनागढ़ ज़िले में स्थित एक पुरातत्व स्थल है। यह वास्तव में प्राकृतिक गुफ़ाएँ न होकर, शिलाओं में काटकर बनाएँ गए कक्षों के तीन समूहों का गुट है। इन कक्षों का निर्माण मौर्य राजवंश के सम्राट अशोक महान के काल से लेकर पहली से चौथी शताब्दी ईसवी तक जारी रहा और इनमें बौद्ध भिक्षु निवास करा करते थे।Ticketed Monuments - Gujarat Buddhist Cave Groups, Uperkot, Junagadh http://asi.nic.in/asi_monu_tktd_gujarat_buddhistcaves.asp Archaeological Survey of India, Government of India 25 November 2013 https://web.archive.org/web/20130926154236/http://asi.nic.in/asi_monu_tktd_gujarat_buddhistcaves.asp 26 सितंबर 2013 dead
खपरा कोडिय गुफाएँ
खपरा कोडिय गुफाएँ पूरे जूनागढ़ बौद्ध गुफा परिसर की सबसे पुरानी और सबसे साधारण दिखने वाली गुफाएँ हैं। इनकी दीवारों पर लिखाईयों और अंकित अक्षरों के आधार पर इनका निर्माण तीसरी-से-चौथी शताब्दी ईसापूर्व में सम्राट अशोक के राजकाल में हुआ था। यह गुफाएँ "खंगार महल" के नाम से भी जानी जाती हैं।Sagar Krishna Chandra Foreign influence on ancient India 1992 Northern Book Centre New Delhi 8172110286 150 https://books.google.com/books?id=0UA4rkm9MgkC&pg=PA150&lpg=PA150&dq=uparkot+caves&source=bl&ots=3bHBUPQlge&sig=oFpk-17KlH5GxSa6fDhQLM3XUXg&hl=en&sa=X&ei=DuuSUrLVD4yGrQeVxoDYAg&ved=0CDcQ6AEwAzgU#v=onepage&q=uparkot%20caves&f=false 25 November 2013 https://web.archive.org/web/20170730015147/https://books.google.com/books?id=0UA4rkm9MgkC&pg=PA150&lpg=PA150&dq=uparkot+caves&source=bl&ots=3bHBUPQlge&sig=oFpk-17KlH5GxSa6fDhQLM3XUXg&hl=en&sa=X&ei=DuuSUrLVD4yGrQeVxoDYAg&ved=0CDcQ6AEwAzgU#v=onepage&q=uparkot%20caves&f=false 30 जुलाई 2017 live खपरा कोडिय गुफाएँ प्राचीन सुदर्शन झील के किनारे और उपरकोट दुर्ग से ज़रा बाहर उत्तर दिशा में पूर्व-पश्चिम दिशा में चलने वाली चट्टाने तराश कर बनाई गई थीं। यह झील अब नहीं है। इन गुफाओं के अन्दर जगह कम है, लेकिन इनमें पश्चिम में चतुराई से बनाए गए जलशयों से पानी की अच्छी व्यवस्था देखी जा सकती है। भिक्षु इन गुफाओं का प्रयोग वर्षाऋतु में करते थे। कुछ समय बाद इनके पत्थरों में दरारे पड़ने से पानी निवास-कक्षों में चूने लगा जिस कारणवश इन्हें छोड़ दिया गया। कथाओं के अनुसार भिक्षु इस स्थान को छोड़कर महाराष्ट्र चले गए जहाँ उन्होंने इसी प्रकार के, लेकिन इस से बड़े, निर्माण करे। बाद के काल में यहाँ से पत्थर खोदकर अन्य प्रयोगों में लगाने से इन गुफाओं को बहुत हानि हुई लेकिन इनकी सबसे ऊँची मंज़िल अभी-भी अस्तित्व में है।Buddhist Caves http://www.gujarattourism.com/showpage.aspx?contentid=191&webpartid=547 Gujarat Tourism - Tourism Corporation of Gujarat Limited 25 November 2013 https://web.archive.org/web/20101212072711/http://gujarattourism.com/showpage.aspx?contentid=191&webpartid=547 12 दिसंबर 2010 dead
बावा प्यारा गुफाएँ
बावा प्यारा (या कभी-कभी "बावा प्यारे") गुफाएँ मोधीमठ के समीप ऊपरकोट दुर्ग से ज़रा बाहर दक्षिण दिशा में स्थित हैं और खपरा कोडिय गुफाओं से कहीं अच्छी हालत में हैं। इनका निर्माण सातवाहन राजकाल में पहली-से-दूसरी शताब्दी ईसवी में हुआ था। चीनी धर्मयात्री हुएन-सांग के वृतांत के अनुसार इन्हें पहली शताब्दी ईसवी में बनाया गया। इन गुफाओं के उत्तरी समूह में चार कक्ष गुफाएँ हैं जबकि दक्षिणपूर्वी समूह में चैत्य और एक बड़ा आंगन है। समूह में तीन मंज़िलों पर बने १३ कक्ष हैं जिनकी कुल मिलाकर चट्टान में तराशी गई लम्बाई ४५ मीटर (१५० फ़ुट) है। इनमें बौद्ध व जैन धर्मों की कलाकारी मिलती हैं।
ऊपरकोट गुफाएँ
यह गुफाएँ ऊपरकोट में एक ३०० फ़ुट गहरी खाई के पार स्थित हैं और आदि कदी वाव के पास हैं। इन्हें दूसरी-से-तीसरी शताब्दी ईसवी में तराशा गया और इनमें सातवाहन वास्तुकला के साथ-साथ यूनानी-स्किथी शैली का मिश्रण दिखता है। भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग के अनुसार "यह गुफा समूह तीन मंज़िलों पर बना है, जिसके भार वहन करने वाले स्तम्भ अर्ध-रूप से देखे जा सकते हैं लेकिन जिसकी केवल दो मंज़िलों पर ही ठीक से फ़र्श बने हुए हैं। सर्वोच्च मंज़िल पर एक गहरा जलाशय है जिसके तीन ओर बराम्दे और पश्चिमी व पश्चिमोत्तरी तरफ़ कक्षासन हैं। निचली मंज़िल में एक गलियारा और स्तम्भ हैं। इन स्तम्भों पर सुंदर नक्काशी करी गई है और इनके निचले, मध्यम और ऊपरी भागों पर अलग डिज़ाइन दिखते हैं। गुफाओं में सुंदर स्तम्भ व द्वार, जलाशय और घोड़े की नाल के आकार की चैत्य खिड़कियाँ हैं। ध्यान लगाने के लिए एक सभागृह और कक्ष है।Uparkot http://www.gujarattourism.com/destination/details/6/244 Gujarat Tourism - Tourism Corporation of Gujarat Limited 18 May 2016 https://web.archive.org/web/20160624083939/http://www.gujarattourism.com/destination/details/6/244 24 जून 2016 dead
इन्हें भी देखें
बौद्ध धर्म
जूनागढ़
किला
वास्तुकला
शैलकृत
सन्दर्भ
श्रेणी:बौद्ध गुफाएँ
श्रेणी:गुजरात की गुफाएँ
श्रेणी:बौद्ध तीर्थ स्थल
श्रेणी:भारत के भूतपूर्व आबाद स्थान
श्रेणी:भारतीय वास्तुशास्त्र
श्रेणी:गुजरात में पर्यटन आकर्षण
श्रेणी:जूनागढ़ ज़िला
श्रेणी:भारतीय तक्षित-शिला वास्तुकला