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411 समाचार
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नुआपड़ा

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नुआपड़ा Nuapadaନୂଆପଡ଼ା Yogeswar Temple, Patora.JPG योगेश्वर मंदिर, पतोरा नुआपड़ा India Odisha 20.8167 82.5333 inline, title ओड़िशा में स्थिति देश प्रान्त ओड़िशा ज़िला नुआपड़ा ज़िला 26239 2001 भाषा प्रचलित ओड़िया भारतीय मानक समय +5:30 नुआपड़ा भारत के ओड़ीसा प्रान्त का एक शहर है। यह नुआपड़ा जिला मुख्यालय है।"Orissa reference: glimpses of Orissa," Sambit Prakash Dash, TechnoCAD Systems, 2001"The Orissa Gazette," Orissa (India), 1964"Lonely Planet India," Abigail Blasi et al, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787011991 विवरण पश्चिमी ओड़ीशा का नुआपड़ा जिला मध्य प्रदेश के रायपुर और ओड़ीशा के बरगढ़, बलांगिर व कालाहांडी जिलों से घिरा हुआ है। 3407.05 वर्ग किलोमीटर में फैला यह जिला 1993 तक कालाहांडी का हिस्सा था, लेकिन प्रशासनिक सुविधा के लिहाज से इसे कालाहांडी से अलग एक नए जिले के रूप में गठित कर दिया गया। पतोरा जोगेश्वर मंदिर, राजीव उद्यान, पातालगंगा, योगीमठ, बूढ़ीकोमना, खरीयार, गौधस जलप्रताप आदि यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। प्रमुख आकर्षण पतोरा जोगेश्वर मंदिर यह पश्चिमी ओड़ीसा और छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय शिव पीठों में एक है। मारागुडा घाटी के मारागुडा गांव में स्थित इस मंदिर में 6 फीट ऊंचा शिवलिंग स्थापित है। इसके निकट ही राम मंदिर भी बना हुआ है। 40 फीट ऊंची हनुमान की मूर्ति यहां का मुख्य आकर्षण है। पातालगंगा हिन्दुओं का यह पवित्र तीर्थस्थान खरियार से 41 किलोमीटर और बोडेन से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। माना जाता है कि जो व्यक्ति इसके गर्म जल में स्नान करता है, उसे मुक्ति मिलती है। पातालगंगा में स्नान करने को पवित्र गंगा नदी में स्नान करने के बराबर माना जाता है। कहा जाता है कि जब भगवान राम अपने वनवास के दौरान इस क्षेत्र से गुजर रहे तो सीता को प्यास लगी है। सीता की प्यास बुझाने के लिए राम ने धरती पर बाण चलाया और पातालगंगा की उत्पत्ति हुई। योगीमठ योगीमठ लोकप्रिय प्रागैतिहासिक कालीन गुफा है। इस गुफा में पुरापाषाण काल के अनेक चित्र पत्थरों पर बने हुए हैं। यहां बनी सांड की आकृति काफी आकर्षक है। कृषि और पशुओं के चित्र आज भी उस काल के जीवन आंखों के सामने उपस्थित कर देते हैं। बूढ़ीकोमना बूढ़ीकोमना खरियार से 73 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस स्थान की लोकप्रियता यहां बने भगवान पातालेश्वर शिव के मंदिर के कारण है। त्रिरथ शैली में बने इस मंदिर के निर्माण में ईंटों का प्रयोग किया गया है। वर्तमान में यह मंदिर क्षतिग्रस्त अवस्था में है। खरियार खरियार नगर के बीचों बीच बना प्राचीन दधीबामन मंदिर बना हुआ है। इस मंदिर को स्थानीय लोग बडागुडी नाम से भी पुकारते हैं। इसके अलावा भगवान जगन्नाथ मंदिर, हनुमान मंदिर, देवी लक्ष्मी मंदिर और रक्तांबरी मंदिर यहां के अन्य लोकप्रिय आकर्षण हैं। खरियार में अमेरिकन इवेन्जलिकल मिशन की गतिविधियों होती रहती हैं। गौधस जलप्रपात नुआपड़ा से 30 किलोमीटर दूर स्थित इस जलप्रपात की कुल ऊंचाई 30 मीटर है। यह झरना गर्मियों के दिनों में सूख जाता है। इसके निकट ही भगवान शिव का मंदिर देखा जा सकता है। बैसाखी पर्व के मौके पर यहां दूर-दूर से भक्तों का आगमन होता है। सुनादेब वन्यजीव अभयारण्य सुनादेब अभयारण्य 600 वर्ग किलोमीटर में फैला यह अभयारण्य नुआपड़ा जिले में छत्तीसगढ़ की सीमा के निकट स्थित है। इसे बारहसिंहा का आदर्श स्थान माना जाता है। साथ ही टाईगर, तेंदुए, हेना, बार्किंग डीयर, चीतल, गौर, स्लोथ बीयर और पक्षियों की विविध प्रजातियां देखी जा सकती हैं। आवागमन वायु मार्ग नूआपाडा का नजदीकी एयरपोर्ट रायपुर विमानक्षेत्र में है। यह एयरपोर्ट 120 किलोमीटर की दूरी पर है और देश के अनेक बड़े शहरों से वायुमार्ग द्वारा जुड़ा है। रेल मार्ग नुआपड़ा रोड रेलवे स्टेशन यहां का करीबी रेलवे स्टेशन है, जो नुआपड़ा नगर से 3 किलोमीटर दूर है। यह रेलवे स्टेशन दक्षिण पूर्व रेलवे के विसाखा पटनम-रायपुर रेल लाइन पर स्थित है। सड़क मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग 353 और राज्य राजमार्ग 3 नुआपड़ा को अन्य शहरों से जोड़ता है। राज्य परिवहन की अनेक बसें नुआपड़ा के लिए चलती रहती हैं। इन्हें भी देखें नुआपड़ा ज़िला सन्दर्भ श्रेणी:नुआपड़ा ज़िला श्रेणी:ओड़िशा के शहर श्रेणी:नुआपड़ा ज़िले के नगर